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टाइगर श्राफ की गर्लफ्रेंड नहीं बनना चाहती थी ऐक्ट्रेस, वाइल्ड लाइफ में रखती थी इंटरेस्ट

टाइगर श्राफ की गर्लफ्रेंड नहीं बनना चाहती थी ऐक्ट्रेस, वाइल्ड लाइफ में रखती थी इंटरेस्ट

मुंबई। दिशा पटानी जल्दी ही फिल्म बागी -2 में नजर आने वाली है । इस फिल्म में वो अपने ब्वायफ्रेंड टाइगर श्राफ के साथ  नजर आऐगी । दिशा पटानी भले ही अब लोगों को बोल्ड और बिंदास नजर आती हो लेकिन कभी वो बहुत शर्मीली थी । उन्होने कभी नही सोचा था कि वो ऐक्ट्रेस बनेगी बल्कि वो वाइल्ड लाइफ में रुचि रखती थी ।  वो ऐक्ट्रेस बनने की बजाय साइटिस्ट बनना चाहती थी । उनके परिवार के किसी भी सदस्य का दूर तक बालीवुड से कोई वास्ता नही था ।  उनके पिता जगदीश पटानी ने ग्लिब्स टीम को बताया कि ये सिर्फ संयोग था कि दिशा साइटिस्ट की बजाय एक्ट्रेस बन गई ।

 

गई थी पढने और बन गई मॉडल

उन्होने बताया कि दिशा पढाई के लिए लखनउ गई थी। पर्सनालिटी अच्छी थी। दिशा का कम्युनिकेशन स्किल शुरु से ही बहुत अच्छा था। जिसका उसे फायदा मिला। वो पहले साल ही कालेज में मिस फ्रेशर्स चुनी गई। इसके बाद लखनउ में ही एक मॉडलिग कंपटीशन था। उसके कुछ दोस्त ने उसे बताया कि वो लोग कंपटीशन में पार्टिसिपेट करने जा रहे है। अगर तुम भी चलना चाहो तो चलो । पहले तो दिशा नही मानी लेकिन बाद में प्रेशर देने पर मान गई। जब कंपटीशन में पार्टीसिपेट किया तो दूसरे दोस्तो का सेलेक्सशन नही हुआ और उसका हो गया। तब उसके दोस्तो ने उससे कहा कि  तुम्हे इसी फील्ड में कुछ करना चाहिए। तुम इसी फील्ड के लिए बनी हो। दिशा का भी कान्फिडेंट बढा और उसे भी लगा कि वो मॉडलिग फील्ड में अच्छा कर रही है तो क्यू न इसी फील्ड को ट्राई किया जाए ।

शुरु से पढने में थी होशियार

दिशा के पिता  जगदीश पटानी ने बताया कि दिशा पढने में अच्छी थी और स्वभाव से शर्मीली। वो टीवी में फिल्म और सीरियल देखने के बजाय डिस्कवरी चैनल ज्यादा देखती थी। वाइल्ड लाइफ के कार्यक्रम उसे खूब पसंद थे। इसलिए वो वाइल्ड लाइफ में अपना कैरियर बनाना चाहती थी। वो जानवरों के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानना चाहती थी। इसलिए वो जानवरों पर रिसर्च करना चाहती थी। वो वाइल्ड लाइफ साइंटिस्ट बनना चाहती थी। घर का माहौल पढाई वाला था। जबकि मैं खुद पुलिस में था। बडी बेटी आर्मी में था।

पहले मै थोड़ा हिचकिचाया बाद में किया सपोर्ट

उसने जब मुझे पहली बार बताया तो मैं पहले हिचकिचाया कि कहां जाऐगी कोई इस फील्ड में परिवार से नहीं है। थोडा समझाया भी। इस पर  उसने कहा कि पापा ट्राई करने में क्या जाता है। इस पर मुझे भी लगा कि जब बेटी यही करना चाहती है तो ठीक है कर लेने दो फिर वो इस फील्ड में अच्छा कर भी रही है। इसके बाद मैने उसका फुल सपोर्ट किया।

पहली बार बाहर कंपटीशन में जाने पर किया था मना

दिशा के पिता जगदीश पटानी ने बताया कि तभी पेंटालून के लिए माडिलंग के लिए कंपटीशन था। इसमें दिशा का सेलेक्ट हो गई। इसके बाद बाद इंदौर में फेमिना मिस इंडिया का कंपटीशन का आयोजन होना था। उसने मुझसे वहां पर जाने की परमीशन मांगी। तब उसकी मम्मी को डर लगा। उसने मम्मी से कहा कि वो कहां इंदौर मुंबई अकेले जाएगी। जबकि मैं जॉब करता था। बाद में  समझाने पर वो मान गई और वो इंदौर गई और वहां पर वो रनरअप रही।

कैडबरी के विज्ञापन से बनाई पहचान

इसके बाद दिशा को मॉडलिग के ऑफर आने शुरु हो गए। इसके बाद वो अकेले ही मुंबई और दूसरे शहरो जाने लगी। बाद में उसे कैडबरी का विज्ञापन मिला। इस विज्ञापन को  काफी पसंद किया गया। जिसके बाद दिशा को पहचान मिली।

ग्रुप बनाकर रोजाना करते है चैटिंग

हम लोगों ने एक परिवार का चैटिंग ग्रुप बना रखा है। जिसमें उसकी बडी बहन उसका भाई मैं और पत्नी ऐड है।जिसमें हम लोग खूब चैटिंग करते है। उन्होने बताया कि मेरी दो बेटियां है जिसमें बडी बेटी आर्मी में कैप्टन है दूसरे नंबर की दिशा है। जबकि दिशा से दस साल छोटा मेरा बेटा है। वहीं मैं पुलिस में जॉब करता हूं।

 

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