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कंगना रनौत ने जया बच्चन से पूछा सवाल,कहा-सुशांत की जगह अगर आपका बेटा होता तब भी क्या आप यही कहतीं

ग्लिब्स टीम  | 15 Sep , 2020 04:28 PM
कंगना रनौत ने जया बच्चन से पूछा सवाल,कहा-सुशांत की जगह अगर आपका बेटा होता तब भी क्या आप यही कहतीं

नई दिल्ली। बॉलीवुड ड्रग्स मामले को लेकर संसद में भोजपुरी अभिनेता और भाजपा सांसद रवि किशन ने भाषण दिया तो जया बच्चन ने रवि किशन के भाषण पर निशाना साधा। जया बच्चन ने इसे बॉलीवुड को बदनाम करने की साजिश बताया। वहीं अब इस मामले पर कंगना रनौत ने जया बच्चन पर वार किया है। कंगना ने जया बच्चन से सवाल पूछा कि क्या सुशांत की जगह आपका बेटा  होते तब भी आप यही कहतीं। कंगना रनौत ने जया बच्चन पर निशाना साधते हुए कहा ‘जया जी, आप तब भी वही बात कहेंगी, अगर मेरी जगह आपकी बेटी को टीनएज में पीटा जाता, ड्रग दिया जाता और छेड़छाड़ की जाती। क्या आप तब भी ये ही कहती अगर आपके बेटे लगातार बुलिंग और उत्पीड़न की शिकायत करता और एक दिन फांसी पर लटका मिले? हमारे लिए भी करुणा से हाथ जोड़कर दिखाएं।’ वहीं कंगना ने इसके साथ ही दूसरे ट्वीट में लिखा ‘ये सोच कि गरीब को रोटी मिली तो ये ही काफी है, इसे बदलने की जरूरत है। गरीब को रोटी के साथ सम्मान और प्यार भी चाहिए। मेरे पास रिफॉर्म की पूरी लिस्ट है,जिसमें मैं केंद्र सरकार से वर्कर्स और जूनियर आर्टिस्ट के लिए चाहती हूं।

एक दिन जब कभी मैं प्रधानमंत्री से मिलूंगी तो इसके बारे में बातचीत करूंगी।’ सोमवार को बीजेपी गोरखपुर सांसद और भोजपुरी अभिनेता रवि किशन ने लोकसभा में देश और बॉलीवुड में बढ़ते ड्रग के मामले पर चिंता जताई थी। इसी के साथ ही सरकार से तस्करी और इसका इस्तेमाल करने वालों पर सख्ती से रोक लगाने की बात कही। उन्होंने एनसीबी के काम की तारीफ की है। जया बच्चन ने संसद में रवि किशन को जवाब देते हुए कहा “जिन लोगों ने फिल्म इंडस्ट्री में अपना नाम बनाया है उन्होंने इसे गटर बुलाया, मैं पूरी तरह इससे असहमत हूं। मैं उम्मीद करती हूं कि सरकार इन लोगों को बताए जिन्होंने इससे अपना नाम और प्रसिद्धि कमाई कि ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना बंद करें।” इतना ही नहीं जया बच्चन ने आगे कहा “मैं बहुत शर्मिंदा थी कि कल हमारे एक सांसद ने लोकसभा में फिल्म इंडस्ट्री के खिलाफ बोला, जो खुद इंडस्ट्री से हैं। ये शर्म की बात है,‘जिस थाली में खाते हैं उसमें छेद करते हैं।’ गलत बात है, इंडस्ट्री को सरकार का समर्थन चाहिए।”

 

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