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Physical Torture : संवेदनहीनता की पराकाष्ठा: मूक बधिर बच्चों से दुष्कर्म, अप्राकृतिक कृत्य

राजू यदु  | 14 Sep , 2018 06:23 PM
Physical Torture : संवेदनहीनता की पराकाष्ठा: मूक बधिर बच्चों से दुष्कर्म, अप्राकृतिक कृत्य

भोपाल। होशंगाबाद और बैरागढ़ के सार्इं विकलांग अनाथ आश्रम में मूक-बधिर बच्चों से दुष्कर्म और अप्राकृतिक कृत्य का दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आश्रम के 6 मूक-बधिर बच्चों ने आश्रम संचालक पर ये आरोप लगाया है। वे सामाजिक न्याय विभाग के दफ्तर में पहुंचकर धरने पर बैठे हैं। 

जानकारी के मुताबिक सार्इं विकलांग अनाथ आश्रम की 2 मूक-बधिर लड़कियां और 4 लड़के सामाजिक न्याय विभाग पहुंचे और उन्होंने आश्रम संचालक पर लम्बे समय से दुष्कर्म और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।  युवतियों ने आश्रम संचालक एमपी अवस्थी पर जहां दुष्कर्म के आरोप लगाए वहीं लड़कों ने लंबे समय से शारीरिक प्रताड़ना और अप्राकृतिक कृत्य के आरोप लगाए। ये बच्चे एक सामाजिक कार्यकर्ता श्रद्धा शर्मा के साथ यहां पहुंचे हैं। आश्रम संचालक लम्बे समय से इनका शोषण कर रहा है। इस मामले की साल 2017 में होशंगाबाद में रिपोर्ट भी हो चुकी है, लेकिन संचालक के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करते हुए पुलिस ने उस समय इस आश्रम को देखने वाली कविता मीणा को हिरासत में लिया था।

 कांग्रेस नेत्री शोभा ओझा ने बताया कि यह शिकायत बेहद गंभीर है। रोंगटे खड़ा कर देने वाली घटना है। दुष्कर्म और अप्राकृतिक कृत्य की गई है। बच्चे शिकायत करने आए हैं। बैरागढ़ में चल रहे आश्रम यह कुकृत्य किया जा रह है। बच्चों को डराने के लिए मारपीट किया जाता है। पहली से छठवीं तक के बच्चे रहते हैं।