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Crime : नकली नोट मामले में पकड़ाए दंपत्ति रसूखदार परिवार से है जुड़े

रोहित बंछौर  | 07 Dec , 2018 04:02 PM
Crime : नकली नोट मामले में पकड़ाए दंपत्ति रसूखदार परिवार से है जुड़े

रायपुर। 5 करोड़ के नकली नोट मामले में पकड़ाए दंपत्ति रसूखदार परिवार से जुड़े है। गिरफ्तार दंपत्ति से पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे सामने आए है।

बता दें कि मामले में पकड़े गए आरोपी निखिल सिंह (29) व उसकी पत्नी पूनम अग्रवाल (30) से पुलिस ने पूछताछ किया, वहीं अमलीडीह स्थित रजत कॉम्पलेक्स के फ्लैट नंबर 708 से पुलिस ने कई सारे फर्जी दस्तावेज बरामद किए है। इनमें से आरोपियों के नाम के 10 एनजीओं में से एक भी एनजीओ रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटीम में रजिस्टर्ड नहीं है। धमतरी के कुछ एनजीओ रजिस्टर्ड है और उन एनजीओ को भी करोड़ों की रकम दिलाने का झांसा देकर उनके दस्तावेज आरोपियों ने लिए है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सबसे पहले 100 नोट ट्रायल के लिए छापे थे। जिसमें छपाई सफाई आई तो फिर प्रिंटर से 25 हजार नोट छापकर तैयार कर लिए। लेकिन साधारण पेपर होने से छूने पर नकली होने का अहसास हुआ। इसलिए हम लोग नोट के बंडल बनाकर वीडियो बनाया फिर लोगों को अपने झांसे में लेना शुरू कर दिए।

आरोपी दंपत्ति जुड़े है रसूखदार परिवार से-

नकली नोट बनाने के आरोप में पकड़े गए निखिल सिंह और पूनम अग्रवाल का संबंध रसूखदार परिवार से है। निखिल और पूनम एक साल पहले ही कोर्ट मैरिज किए है। निखिल के पिता पटना में एक बड़े कांट्रेक्टर है और उनका वहां सड़क निर्माण का कारोबार है। वहीं पूनम के पिता का ग्राम बिल्हा में दो पेट्रोल पंप और एक राईस मिल है। आरोपी निखिल दिल्ली में यूपीएससी की परीक्षा में असफल होने के बाद रायपुर आ गया, जिसके बाद वह रायगढ़ पहुंच गया वहां उसकी मुलाकाम पूनम अग्रवाल से हुई। दोनों वहां एक मीडिया हाऊस में काम करने लगे। इस दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गया। जिसके बाद दोनों रायपुर आ गए और प्रेम विवाह कर लिए। दोनों ने अपने परिवार से ज्यादा पैसा कमाने के लालच में फिर नकली नोट बनाने और उसे मार्केट में खपाने की योजना बनाने लगे। लेकिन इसके पहले ही दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

असली नोट को स्केन कर बनाए नकली-

पुलिस के मुताबिक आरोपी निखिल ने पहले 2 हजार के असली नोट को स्केनर मशीन से स्केन किया फिर लेपटाप में इमेज सेव कर कलर प्रिंटर में ए-4 साईज के पेपर में प्रिंट निकाला। इस तरह से वे नकली नोट तैयार करने लगे और लोगों को अपने झांसे में लेने लगे। पूछताछ में आरोपियों ने यह बताया कि जो भी 2 हजार के नोट उनके हाथ आते थे, तो सबसे पहले उसका स्केन करके लेपटाप पर सेव कर लेते थे। उसके बाद उस नोट को खर्च करते थे। 

पूनम अग्रवाल है मास्टर माईंड-

इस पूरे मामले का मास्टर माईंड पूनम अग्रवाल है। पूनम ने इससे पहले भी अलग-अलग तरीकों से लोगों से ठगी कर चुकी है। फेसबुक में पूनम ने अपनी आईडी खुशी अग्रवाल के नाम से बना रखी थी और फेसबुक के माध्यम से अपने एक दोस्त से ठगी की थी। 

वर्जन-
डीएसपी क्राईम अभिषेक माहेश्वरी ने बताया कि मामले में अब भी गिरफ्तार दंपत्ति से पूछताछ चल रही है। जिससे कई और मामले सामने आ सकते है।