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महीनों से फरार ठग बाबू चढ़ा पुलिस के हत्थे, सरकारी विभागों में नौकरी लगाने के नाम पर लिए थे पैसे

हर्ष अग्रवाल  | 02 Jan , 2020 01:02 PM
महीनों से फरार ठग बाबू चढ़ा पुलिस के हत्थे, सरकारी विभागों में नौकरी लगाने के नाम पर लिए थे पैसे

रायगढ़। लगभग 3 महीने से भी अधिक समय से फरार चल रहे रायगढ़ कलेक्ट्रेट का ठगबाबू आखिरकार रायगढ़ पुलिस की गिरफ्त में आ ही गया। अलग अलग सरकारी विभागों में नौकरी लगाने के नाम से कलेक्ट्रेट रायगढ़ में पदस्थ सहायक ग्रेड 3 संदीप श्रृंगी ने 6 लोगों से 31लाख रु की ठगी की थी। इतना ही नही ठगबाज़ संदीप शृंगी ने सभी को फर्जी नियुक्तिपत्र भी दिया था, जब रायगढ़ के युवक अपना नियुक्ति पत्र लेकर विभिन्न विभागों में जोइनिंग के लिए पहुंचे तो उनके पांव के नीचे से जमीन खिसक गई। जब उन्हें पता लगा कि उनके हाथ मे जो नियुक्ति पत्र है वह पूर्णतः फर्जी है। खुद को ठगे जाने का एहसास होते ही आधा दर्जन युवकों ने पुलिस की शरण ली। पद्मनारायन पटेल, दीपक गिरी गोस्वामी, विकास सिंह ठाकुर, सौरव पटेल, पंकज यादव व प्रकाश पटेल सभी 6 युवकों की शिकायत के बाद सरकारी नौकरी में पदस्थ ठगबाज़ संदीप शृंगी को कलेक्टर यशवंत कुमार ने तत्काल निलम्बित कर दिया था। शिकायत पर पुलिस अधिक्षक की मॉनिटरिंग के साथ लम्बी जांच चली, जांच के बाद ठगी का आरोप सही पाया गया और कोतवाली थाने में ठगबाज़ संदीप के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया। कोतवाली में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही धोखाधड़ी का आरोपी फरार था।

पुलिस ने स्पेशल टीम बनाकर उसपर नज़र बनाए रखी थी। अत्यंत शातिर ठगबाज़ संदीप भेष बदल कर छिपा हुआ था। आरोपी को भिलाई से गिरफ्तार किया गया है। संदीप की गिरफ्तारी में पुलिस ने मुखबीर की मदद के साथ ही अन्य हाईटेक तरीको का इस्तेमाल किया है। अपना भेष व फोन नम्बर लगातार बदलकर फरार चल रहा ठगबाज़ यह नही जानता था कि रायगढ़ पुलिस की पैनी निगाहों से वो बच नही पाएगा। उसकी सारी योजनाओ पर पानी फेरते हुए रायगढ़ पुलिस ने उसे भिलाई में धर दबोचा। बताना चाहेंगे कि पुलिस आधीक्षक सन्तोष कुमार के दिशानिर्देश पर नए साल के पहले ही दिन पुलिस ने रायगढ़ शहर के बेहद चर्चित धोखेबाज़ी के मामले में हाई प्रोफाइल लाइफ स्टाइल वाले ठग संदीप शृंगी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। आरोपी को पुलिस जेल भेजने की तैयारी कर रही है।

 

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