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पाकिस्तान से निकला अंतर्राष्ट्रीय ठग गिरोह का कनेक्शन, 5 गिरफ्तार

राहुल चौबे  | 20 Oct , 2020 10:11 AM
पाकिस्तान से निकला अंतर्राष्ट्रीय ठग गिरोह का कनेक्शन, 5 गिरफ्तार

रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की बिलासपुर जिला पुलिस ने ऑपरेशन-65 के जरिए अंतर्राष्ट्रीय ठग गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके तार पाकिस्तान से भी जुड़े हुए है। आरोपियों ने देश के कई शहरों में रहने वालों लोगों को इनाम, लॉटरी, गिफ्ट का झांसा देकर उनसे लाखों रुपयों की ठगी किया करते थे। आरोपियों से पुलिस ने 42 लाख रुपयों के अलावा 3 लेपटॉप, 13 मोबाइल, एटीएम कार्ड, पासबुक बरामद किया है। बिलासपुर आईजी दीपांशु काबरा और एसपी प्रशांत अग्रवाल के निर्देश पर इस ठग गिरोह के खिलाफ करीब 9 महीनों से तफ्तीश चल रही थी, जिसके बाद अब पुलिस ने शातिरों के इस गैंग को पकड़कर बड़ी सफलता हासिल करते हुए इसका खुलासा किया। गिरफ्तार आरोपियों में विराट सिंग 21 वर्ष निवासी सिरमोर जिला रीवा, शिवम ठाकुर 20 वर्ष इटामा जिला देवास, संजू चौहान 20 वर्ष इटावा जिला देवास, राजेश जायसवाल 55 वर्ष निवासी मुंबई, सीताराम गौड़ा 35 वर्ष निवासी गंजाम ओड़िशा शामिल है। इसके अलावा पुलिस ने इस गिरोह के कई सदस्यों की पहचान की गई जो पश्चिम बंगाल, गोपालगंज बिहार, पश्चिम गाजियाबाद, उत्तराखंड व उत्तरप्रदेश सहित अन्य राज्यों के शहरों में निवास करते हैं। पुलिस अधिकारियों ने सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की बात कहीं है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जनवरी 2020 में इसकी पहली शिकायत मिली थी। यह शिकायत बिलासपुर के जनकराम पटेल ने की थी। आरोपियों ने जनकराम को जनवरी-फरवरी के दौरान पाकिस्तानी नंबर से कॉल और व्हाट्सएप चैट के माध्यम से मुकेश अंबानी बनकर 25 लाख की लॉटरी जीतने का झांसा दिया था। वहीं केबीसी के भाग्यशाली विजेता के नाम पर 2 करोड़ रुपए जीतने की खबर दी गई। इन शातिरों ने प्रार्थी के खाते से फरवरी से लेकर अगस्त 2020 के बीच करीब 65 लाख रुपए जमा कराए। ये रकम अलग-अलग बैंकों में मंगाए जाते थे। ठगी का अहसास होने पर पार्थी ने इस मामले में बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद साइबर मितान कार्यक्रम के जरिए इसकी जांच पड़ताल शुरू की गई। जांच के दौरान ये बातें सामने आई कि ठग सिर्फ व्हाट्सएप के माध्यम से विडियो/ऑडियो काल तथा चैटिंग के माध्यम से बातचीत करते थे एवं अलग-अलग, खाता नंबर जो अलग-अलग ब्रान्चों के होते थे, में जीते हुए लॉटरी की रकम प्राप्त करने के लिए विभिन्न विभागीय प्रकिया के नाम पर अलग-अलग समय में अलग अलग खातों में रकम जमा करावाया जाता था। प्रार्थी को विभिन्न पाकिस्तानी नंबर एवं भारतीय नंबर सेकण्ड लाइन नम्बर जिनकी लोकेशन पाकिस्तान में पाई जाती थी, उसी नंबर से ऑडियो/विडियो काल आते थे, जिसमें प्रार्थी को उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, कोलकाता आदि का लगभग 12 विभिन्न खातों में रकम जमा करवाया था।

जांच के दौरान यह भी पता चला कि सर्वाधिक रकम लगभग 50 लाख रुपए मध्यप्रदेश के रीवा जिले के विराट सिंह के एसबीआई, पीएनबी, आईसीआई बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया आदि के खातों में जमा कराए गए। इसे विराट सिंग द्वारा यूपीआई पेमेन्ट(फोन पे,पेटीएम) के माध्यम से वर्ली मुबंई निवासी राजेश सुखाउ जायसवाल एवं हर्ष राजेश जायसवाल के खातों ,डिजीटल पेमेंट सलूशन ओड़िशा एवं अन्य को ऑनलाइन रुपए ट्रॉन्सफर किया था। इस मामले में सबूतों के आधार पुलिस ने विराट को गिरफ्तार किया। इस दौरान गठित टीम में से एक टीम रीवा (म.प्र.)में कैंप कर आरोपी विराट सिंग को घेराबंदी कर पकड़ा आरोपी विराट ने बताया कि पाकिस्तान के छोटे मामू उर्फ असरफ, तथा बड़े मामूउर्फ असगर एवं सलीम के लिए काम करता है जो कि पाकिस्तान से है, जो विराट सिंग से व्हाट्सएप ऑडियो/विडियो कॉल एवं मैसेज के माध्यम से बातचीत होती है पाकिस्तानी ठगों द्वारा लोगों को लॉटरी की लालच देकर ठगी करने के दौरान विराट सिंग द्वारा उपलब्ध कराए गए, विभिन्न बैंकों के विभिन्न खातों में रकम जमा कराए जाता था जिसकी सूचना विराट को व्हाट्सएप चैट के माध्यम से दिया जाता था, जिसके पश्चात विराट सिंग द्वारा अपना कमीशन काट कर पाकिस्तानी ठग छोटे मामू उर्फ असरफ तथा बडे मामू उर्फ असगर एवं सलीम के द्वारा विराट सिंग को उपलब्ध कराए अन्य खातों में पेटीएम के माध्यम से रकम स्थानांतरित करने कहां जाता था, आरोपी विराट द्वारा अपने खाते के अतिरिक्त अन्य खातों की भी जानकारी एकत्रीत कर उन्हे जमा रकम की 3 प्रतिशत की लालच देकर अपने झांसे में लिया जाता था जिसमें से ज्यादातर मध्यप्रदेश के रीवा एवं देवास के खाता धारक हुआ करते थे। आरोपी विराट द्वारा उसके खाते में आए रकम को देशभर के अलग-अलग प्रांतों के तथा हैदराबाद, कर्नाटका, बेंगलोर, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, उडि़सा, उत्तर-प्रदेश, उत्तरा-खण्ड,आसाम,दिल्ली के खातो में ट्रान्सफर किया जाता था।

आरोपी विराट के खाते में प्रार्थी जनकराम पटेल द्वारा सर्वाधीक रकम लगभग 50 लाख रुपए फरवरी से सितम्बर तक जमा किया था जिसमें से अधिकांश रकम मुंबई वर्ली में ऑनलाइन ट्रान्सफर किया गया था। आरोपी विराट सिंग के निशादेही पर खाता धारक शिवम ठाकुर एवं संजू चैहान को मध्य प्रदेश के देवास से गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस ने ऑपरेशन मुंबई का रूख किया। क्योंकि विराट सिंग द्वारा पाकिस्तानी छोटे मामू एवं बड़े मामू के द्वारा राजेश एवं हर्ष जायसवाल के खाते में अधिकांश रकम लगभग 45 लाख रुपए ट्रान्सफर किया था। लिहाजा एक टीम मुबंई जाकर राजेश अग्रवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ किया। पूछताछ के दौरान राजेश जायसवाल के खातों का संचालन स्वयं करता है तथा इसके खाते में आए रकम को डिजिटल करेंशी बीट क्वाइन (बीटीएस ) तब्दील कर उपर भेजता है, जिसके संबंध में विस्तृत जानकारी हासिल की जा रही है तथा भारत के विभिन्न प्रांतों से इनके संबंधों के बारे में अनुसंधान जारी है। इसके बाद एक टीम उड़ीसा के लिए रवाना हुई। उड़ीसा से जाकर डिजिटल पेमेंट सालूशन के संचालक सीता राम गौडा को हिरासत में लिया जिसके निजी एवं डिजिटल पेमेंट सालुशन के नाम पर खोले गए खाते में जिसमें लगभग 15 लाख रुपए से उपर रकम जमा कराया था जिसे फ्रिज करा दिया है।

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