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हाईवा रोककर रंगदारी वसूलने वाले अज्ञात आरोपियों की हुई पहचान, 2 आरोपी गिरफ्तार,2 की तलाश जारी

वैभव चौधरी  | 21 Nov , 2020 07:44 PM
हाईवा रोककर रंगदारी वसूलने वाले अज्ञात आरोपियों की हुई पहचान, 2 आरोपी गिरफ्तार,2 की तलाश जारी

धमतरी। रात में हाईवा रोककर रंगदारी वसूलने वाले अज्ञात आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 9 नवंबर को हाईवा परिचालक प्रार्थी महेश यादव उम्र 25 वर्ष ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 9 नवंबर को चालक दुष्यंत मंडावी के साथ हाइवा क्रमांक सीजी 24 एम 9993 में अरौद धमतरी रेत खदान से रेत लोडिंग कर वापस लोहारा जा रहे थे कि रात करीबन 1 बजे ब्रह्म चौक धमतरी के पास पहुंचने पर अज्ञात चार व्यक्ति हाईवा वाहन को रोककर चालक दुष्यंत मंडावी से रुपए मांगे। दुष्यंत मंडावी द्वारा रुपए देने से मना करने पर चारों अज्ञात व्यक्ति गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देते हुए चाकू मारकर चोट पहुंचाएं। ईट से हाईवा के सामने के कांच को तोड़कर भाग गए। रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में 4 अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध धारा 341, 294, 323, 506, 427, 34 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

विवेचना क्रम में मुखबिर सूचना पर संदेही आरोपियों के संबंध में पुख्ता जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी कोतवाली नवनीत पाटिल ने सहायक उपनिरीक्षक राजेंद्र सोरी व पेट्रोलिंग स्टाफ के साथ आरोपियों के ठिकानों में दबिश दी। इसमें संदेही उमेश यादव एवं शीतल कुमार हलबा के मिलने पर अभिरक्षा में लिया गया। अन्य दो संदेही नहीं मिले जिनकी पतासाजी की जा रही है। अभिरक्षा में लिए गए संदेही आरोपियों से कड़ाई से पृथक-पृथक पूछताछ की गई। इस पर दोनों संदेही अपने 2 साथियों के साथ मिलकर रात्रि में हाईवा वाहन को रोककर रुपयों की मांग करना तथा हाईवा चालक द्वारा रुपए देने से इंकार करने पर गाली गुप्तार कर मारपीट करना व उसके एक साथी द्वारा चाकू से चोट पहुंचाना तथा ईंट से हाईवा वाहन के कांच को मारकर तोड़ना स्वीकार किए।विवेचना क्रम में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में संदेही आरोपियों की शिनाख्तगी कार्यवाही भी कराई गई। मामले में प्रार्थी के द्वारा की गई शिनाख्त, उपलब्ध साक्ष्य, आरोपियों के मेमोरेंडम कथन व अपराध स्वीकारोक्ति के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही की गई। अन्य दो आरोपी फरार हैं,जिनकी पतासाजी की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

 

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