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चार साल पहले अपहृत बच्ची का कोई सुराग नहीं, मां को अब पुलिस से नहीं भगवान से है उम्मीद

अमित कुमार  | 11 Sep , 2019 08:17 PM
चार साल पहले अपहृत बच्ची का कोई सुराग नहीं, मां को अब पुलिस से नहीं भगवान से है उम्मीद

बैकुंठपुर। चार साल पहले अपहृत बच्ची आशिया का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। समय के साथ-साथ पुलिस ने भले ही इस मामले को भुला दिया हो, लेकिन जिसके कलेजे का टुकड़ा चार साल पहले अचानक उससे जुदा हो गया हो, वह भला उसे कैसे भुला सकती है। आज भी अपनी मासूम बच्ची के लिए उसकी मां का दिल धड़कता है और पसीजता है कि न जाने किस हाल में होगी मेरी बच्ची? विदित हो कि चार साल पहले 20 अगस्त 2015 को  शाम के करीब 7 बजे कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ थानान्तर्गत मौहारपारा इलाके में सनाउल्लाह की 6 वर्षीया पुत्री आशिया बानो अपने घर के पास खेल रही थी, तभी अचानक दो व्यक्ति बाइक पर आए और उसे उठाकर अपने साथ ले गए। सूचना मिलने पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक बीएस ध्रुव रात्रि में ही घटना स्थल पहुंचे और पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। दूसरे दिन भी पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस द्वारा बच्ची की बरामदगी के लिए आरोपियों की सरगर्मी से तलाश शुरू की गई। बच्ची की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीम द्वारा छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में सर्चिंग की गई, लेकिन अपहृत बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल सका। इस बीच आशिया की मां कई बार अपनी बच्ची के विषय में जानकारी लेने पुलिस थाने का चक्कर काट चुकी है, लेकिन उसे हर बार निराशा ही हाथ लगी है। आज भी वह बच्ची की कुशलता और उसकी बरामदगी के लिए जहां दुआएं मांगती है वहीं वह हर नामुमकिन को मुमकिन बना देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। आशिया के लिए उसकी मां आज भी इसी आस से जी रही है कि एक न एक दिन उसकी बच्ची उसे अवश्य मिलकर रहेगी। इसके लिए उसने सोशल मीडिया से भी मदद की गुहार लगाई है।

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