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कैदी को बरी कराने फर्जी पुलिसकर्मी ने लिए 80 हजार, अपराध दर्ज

हर्षित शर्मा  | 22 Sep , 2019 07:24 PM
कैदी को बरी कराने फर्जी पुलिसकर्मी ने लिए 80 हजार, अपराध दर्ज

रायपुर। राजधानी के उरला थाने में एक अनोखा मामला सामने आया है। पेशी के दौरान कोर्ट आने वाले कैदी को फर्जी पुलिसकर्मी ने केस से बरी कराने का झांसा दिया। आरोपी ने इसके लिए 80 हजार रुपए भी ले लिए, लेकिन कैदी बरी न हो सका। शिकायत पर पुलिस ने अपराध कायम किया है। आगे कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार गांधी नगर निवासी जितेन्द्र देवांगन ने मामले में शिकायत की है। जितेन्द्र ने पुलिस को बताया कि फरवरी 2019 को उसके भाई के आपराधिक मामले में उसे भी जेल भेज दिया गया था। इस मामले में वह जेल से जब भी पेशी में जाता उसे संदीप वर्मा नामक व्यक्ति मिलता। संदीप ने खुद जितेन्द्र से संपर्क किया और बताया कि वह खैरागढ़ में सिविल लाइन थाना में पदस्थ है। केस से सभी को बरी कराने 5 लाख रुपए लगेंगे वहीं सिर्फ जितेन्द्र को बरी कराने 1 लाख रुपए की मांग की। आरोपी ने मामले में जितेन्द्र के परिजनों से भी संपर्क किया। बात 80 हजार रुपए में तय की गई। जितेन्द्र ने एक बार आरोपी के खाते में और दो बार नगद रुपए देकर 80 हजार रुपए दे दिए। इसके बाद न आरोपी मिला और न ही बरी कराने के संबंध में बात की। धोखाधड़ी का पता चलने पर जितेन्द्र ने उरला थाने में शिकायत की। पुलिस ने मामले में धारा 170, 419, 420 के तहत अपराध कायम किया है।

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