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Share Market : रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंचा सेंसेक्स 38,050 और निफ्टी 11,493 पर

आर पी सिंह  | 09 Aug , 2018 11:12 AM
Share Market : रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंचा सेंसेक्स 38,050 और निफ्टी 11,493 पर

नई दिल्ली। गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार उछाल देखने को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का इंडेक्स सेंसेक्स ने 38050 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी ने 11493 के रिकॉर्ड को छुआ है। सेंसेक्स ने इससे पहले 26 जुलाई, 2018 को 37000 का अहम स्तर पार किया था। वहीं, 23 जनवरी, 29 जनवरी (आर्थिक सर्वेक्षण) और एक फरवरी (आम बजट) के दिन सेंसेक्स ने 36000 के जादुई आकड़े को पार किया था।

32 वर्ष के सफर में सेंसेक्स ने इस साल जनवरी में 36000 का स्तर पार कर लिया था। सेंसेक्स का संबंध जिस बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) से है, प्रेमचंद रॉयचंद ने 1875 में उसकी स्थापना की थी और फिर 1957 में इसे भारत सरकार की मान्यता मिली थी। इसके बाद 1 जनवरी 1986 को यह आधिकारिक तौर पर बीएसई इंडेक्स (सेंसेक्स) बना था।

देश की अर्थव्यवस्था, राजनीति और बड़ी-बड़ी घटनाओं दुर्घटनाओं से प्रभावित होने वाला यह संवेदनशील सूचकांक शेयर बाजार के दिल की धड़कन की तरह है। इसकी तेजी-मंदी सभी शेयर कारोबारियों के सुख-दुख पर असर डालती है।

1000 से 30,000 तक का सुहाना सफर :

25 जुलाई 1990 को सेंसेक्स पहली बार चार अंकों में पहुंचा और 1,001 पर बंद हुआ था।

11 अक्टूबर 1999 को शेयर बाजार ने 5,000 का स्तर छुआ।

6 फरवरी 2006 को पहली बार शेयर बाजार 10,000 तक पहुंचा।

6 जुलाई 2007 को 15,000 अंक के स्तर पर बंद हुआ था बीएसई।

11 दिसंबर 2007 को 20,000 पर पहुंच गया था सेंसेक्स।

16 मई 2014 को सेंसेक्स पहली बार 25,000 के स्तर पर पहुंचा।

मार्च 2015 में पहली बार 30,000 के स्तर को छूआ। अब दूसरी बार यहां तक उछाल नजर आया था।

सेंसेक्स का अब तक का सफर बहुत रोमांचक रहा है। कपिल देव की टीम विश्वकप जीतकर लाई तो पूरे देश के साथ शेयर बाजार ने भी खूब जश्न मनाया, वहीं कोई त्रासदी हुई तो दलाल स्ट्रीट में भी मातम मना।

एक नजर शेयर बाजार के इसी सफर पर -

1981 झ्र इरए सेंसेक्स 173 के स्तर पर था।

1983 - टीम इंडिया ने विश्वकप जीता तो सेंसेक्स ने भी 212 का स्तर छूते हुए जश्न मनाया।

1984- देश को इंदिरा गांधी की हत्या और भोपाल गैस त्रासदी का झटका लगा तो शेयर बाजार भी गिरकर 245 अंक पर आ गया।

1989 - आम चुनावों के बाद कांग्रेस ने बाहरी समर्थन से सरकार बनाई, तो 714 अंक पर पहुंच गया।

1991- राजीव गांधी की हत्या के समय शेयर बाजार 1168 अंक पर था।

1992 - डॉ. मनमोहन सिंह का ड्रीम बजट रास आया और हर्षद मेहता कांड के बावजूद बाजार में 4285 के स्तर पर खरीदी-बिक्री हुई।

1993 - मुंबई बम धमाकों के दौरान बीएसई बिल्डिंग को भी निशाना बनाया गया। इसके बाद भड़के दंगों से सेंसेक्स सहम गया और 2281 अंक के स्तर पर जा पहुंचा।

1996 -ठरए के नए ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के साथ स्टॉक मार्केट डिजिटल हुआ तो सेंसेक्स 3367 पर पहुंच गया।

1999 - ठऊअ की सरकार सत्ता में आई और अटलबिहारी पीएम बने तो बाजार 3740 के स्तर पर जा पहुंचा।

2000 -देश में टेक्नोलॉजी बूम आया और पहली बार शेयर बाजार 5000 पार हो गया।

2001 -गुजरात में आए भीषण भूकंप के शेयर बाजार भी थर्रा गया और भारी गिरावट के साथ 3640 पर आ गया।

2004 -वामदलों के समर्थन से यूपीए सरकार का सत्ता में आना बाजार को रास आया और यह 5591 पर पहुंच गया।

2006 -शेयर बाजार में बढ़त के सिलसिला जारी। पहली बार 10,000 पार।

2007-सालभर के अंदर ही 20,000 पार।

2008 - 21,200 के रिकॉर्ड स्तर को छूआ। कच्चा तेल भी 147 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा।

2010 -घोटालों की मार का असर। सत्यम स्कैम, कॉमनवेल्थ घोटाला और टेलिकॉम घोटालों से शेयर बाजार 17,590 तक गिरा।

2013 - रघुराम राजन फइक गवर्नर बनाए गए। बाजार 18,835 के स्तर पर पहुंचा।

2014 - मोदी लहर पर सवार भाजपा ने आम चुनावों में 283 सीटें हासिल की। कुल 330 सीटों के साथ ठऊअ सत्ता में आई तो शेयर बाजार 25,000 के स्तर पर पहुंच गया।

2015- शेयर बाजार ने पहली बार 30 हजार का स्तर छुआ।

2016- उतार-चढ़ाव जारी। शेयर बाजार में 28,000 के स्तर पर बिजनेस हुआ।

2017- 5 अप्रैल को शेयर बाजार ने एक बार फिर 30 हजार का मुकाम हासिल किया।

2017- 26 मई को शेयर बाजार ने 31000 के आंकड़ें को पार कर लिया है।

2017- 13 जुलाई को शेयर बाजार ने 32000 के आंकड़ें को पार कर लिया है।

2017- 25 अक्टूबर को शेयर बाजार ने 33000 का आंकड़ा पार कर लिया है।

2017- 26 दिसंबर को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स ने पहली बार 34000 का आंकड़ा पार कर 34005 का उच्चतम स्तर छुआ था।

2018- 17 जनवरी को बजट 2018 रैली के चलते शेयर बाजार नए शिखर पर पहुंचा। सेंसेक्स ने पहली बार 35000 के आंकड़ें को पार किया।

2018- 23 जनवरी को बजट रैली के चलते सेंसेक्स ने 36000 का आंकड़ा पार किया था। इसके बाद देश के आर्थिक सर्वेक्षण के दिन यानी 29 जनवरी को इसने दूसरी बार और आम बजट के दिन (एक फरवरी) को तीसरी बार यह स्तर छुआ था। 10 जुलाई के सत्र में चौथी बार 36000 का आंकड़ा पार किया गया है।

2018- 26 जुलाई को पहली सेंसेक्स ने 37000 का आंकड़ा पार किया। इसके बाद से ही बाजार में उतार चढ़ाव देखने को मिले।

2018- 9 अगस्त को सेंसेक्स 38000 का आंकड़ा पार कर 38050 और निफ्टी ने 11493 का हाई रिकॉर्ड छुआ।