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आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी विकास अनुमान सात प्रशित से घटाकर 6.9 प्रतिशत किया

आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी विकास अनुमान सात प्रशित से घटाकर 6.9 प्रतिशत किया

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के नतीजों का ऐलान हो गया है। इस बैठक में आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए रेपो रेट में 35 बेसिस प्वाइंट कटौती का फैसला लिया गया है। केंद्रीय बैंक के इस फैसले के बाद बैंकों पर ब्याज दर कम करने का दबाव बढ़ेगा।

आरबीआई का ऐतिहासिक फैसला
आरबीआई की पिछली तीन मौद्रिक समीक्षा बैठकों में रेपो रेट में क्रमश: 0.25  फीसदी की कटौती की चुकी है। यानी अगस्त में लगातार चौथी बार केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट घटाई है। वहीं रिजर्व बैंक के इतिहास में पहली बार है जब गवर्नर की नियुक्ति के बाद से लगातार चार बार रेपो रेट में कमी आई है। बता दें कि साल 2018 के दिसंबर महीने में उर्जित पटेल के इस्तीफे के बाद शक्तिकांत दास बतौर गवर्नर नियुक्त हुए थे। इसके बाद से अब तक 4 बार आरबीआई की मीटिंग हो चुकी है।

क्या होगा आप पर असर
आरबीआई के इस फैसले का फायदा उन लोगों को मिलेगा जिनकी होम या आॅटो लोन की ईएमआई चल रही है। दरअसल, आरबीआई के रेपो रेट कटौती के बाद बैंकों पर ब्याज दर कम करने का दबाव बनेगा। बता दें कि आरबीआई के लगातार रेपो रेट घटाने के बाद भी बैंकों ने उम्मीद के मुताबिक ग्राहकों तक फायदा नहीं पहुंचाया है। यही वजह है कि हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों से रेपो दर में कटौती का लाभ कर्जदारों को देने को कहा था।

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