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यूको बैंक ने किया यशोवर्धन बिड़ला को डिफाल्टर घोषित

यूको बैंक ने किया यशोवर्धन बिड़ला को डिफाल्टर घोषित

मुंबई। यूको बैंक ने यशोवर्धन बिड़ला को विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर दिया है। उनकी कंपनी बिड़ला सूर्या लिमिटेड पर बैंक के 67.55 करोड़ रुपये बकाया है। न्यूज एजेंसी ने सोमवार को यह जानकारी दी। एसबीआई, पीएनबी और बैंक आॅफ इंडिया के कंसोर्शियम के साथ यूको बैंक ने बिड़ला सूर्या को लोन दिया था। बिड़ला सूर्या लिमिटेड में यशोवर्धन बिड़ला डायरेक्टर हैं। वे यश बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन भी हैं।

यूको बैंक ने किया यशोवर्धन बिड़ला को डिफाल्टर घोषित

यूको बैंक की ओर से जारी सार्वजनिक नोटिस के मुताबिक बैंक की मुंबई स्थित नरीमन प्वाइंट कॉरर्पोरेट ब्रांच से बिड़ला सूर्या को 100 करोड़ रुपये की क्रेडिट लिमिट दी गई थी। इसमें से 67 करोड़ रुपये और उसका ब्याज नहीं चुकाने की वजह से बैंक ने 3 जून 2013 को कर्ज एनपीए घोषित कर दिया था। बैंक के कई नोटिस मिलने के बावजूद कंपनी ने कर्ज नहीं चुकाया। बैंक ने अब कंपनी के डायरेक्टर, प्रमोटर और गारंटरों को विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर दिया है। आरबीआई के निर्देशों के मुताबिक विलफुल डिफॉल्टर को बैंकों या वित्तीय संस्थानों की ओर से कोई कर्ज नहीं दिया जाता। कंपनी पर 5 साल तक नए उद्यम लाने पर रोक लग जाती है। कंपनी और डायरेक्टर्स के खिलाफ कर्जदाता आपराधिक कार्रवाई भी शुरू कर सकता है।

यशोवर्धन के परदादा ने यूको बैंक की स्थापना की थी

घनश्याम दास बिड़ला यूको बैंक के फाउंडर थे। उन्होंने 1943 में कोलकाता में बैंक की स्थापना की थी। वे यशोवर्धन बिड़ला के परदादा रामेश्वर दास बिड़ला के भाई थे। 1969 में सरकार ने यूको बैंक का अधिग्रहण कर लिया था। यूको बैंक ने 665 विलफुल डिफॉल्टर्स की लिस्ट जारी की है। इनमें जूम डेवलपर्स (309.50 करोड़ रुपए), फर्स्ट लीजिंग कंपनी आॅफ इंडिया (142.94 करोड़ रुपए), मोजर बेयर इंडिया (122.15 करोड़ रुपए) और सूर्या विनायक इंडस्ट्रीज (107.81 करोड़ रुपए) शामिल हैं।

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