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कैट ने प्रदेश के 6 लाख व्यापारियों को डिजिटल से जोड़ने शुरू किया राष्ट्रीय अभियान

हर्षित शर्मा  | 09 Aug , 2019 04:45 PM
कैट ने प्रदेश के 6 लाख व्यापारियों को डिजिटल से जोड़ने शुरू किया राष्ट्रीय अभियान

रायपुर। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान को आगे बढ़ाते हुए देश भर के व्यापारियों के बीच डिजिटल भुगतान को अपनाने और उनके ई-कॉमर्स शोरूम बनाकर ई-कॉमर्स पोर्टल से जोड़ने का एक राष्ट्रीय अभियान दिल्ली में शुरू किया। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी ने उक्ताशय की जानकारी दी। परवानी ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत कैट छत्तीसगढ़ के 6 लाख और देश के 7 करोड़ व्यापारियों को डिजिटल तकनीक से जोड़ेगा। कैट के इस अभियान में जिसे डिजी व्यापारी-सफल व्यापारी का नाम दिया गया है में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के कॉमन सर्विस सेंटर, एचडीएफसी बैंक, मास्टरकार्ड, और ग्लोबल लिंकर्स ने साझेदारी की है। यह अपनी तरह की पहली जमीनी पहल है, जो ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था को बदल देगी और छोटे व्यापारियों और व्यापारियों को पूरे देश के स्थानों में भी लाभान्वित करेगी।

उन्होंने बताया कि भारत में 5 लाख से अधिक सीएससी का एक नेटवर्क है, जिसमें कम से कम एक-दो ग्राम-स्तरीय उद्यमी हैं और लगभग 12 लाख लोगों को रोजगार देते हैं, जो नागरिकों को डिजिटल रूप से कई सेवाएं दे रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सीएससी फ्रेंचाइजी चलाने वाले ग्रामीण स्तर के उद्यमी (वीएलई) स्थानीय समुदायों से जुडऩे की शक्ति रखते हैं। वे अब दूरस्थ स्थानों में डिजिटल वित्तीय साक्षरता और गोद लेने के कार्यक्रमों को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, अन्यथा औपचारिक बैंकिंग तक उनकी पहुंच नहीं होगी। कैट से संबद्ध 40 हजार देश भर के 40 हजार से ज्यादा व्यापारी संगठन इसके लाभ उठाने के लिए व्यापारियों और सीएससी को एक साथ लाने में उत्प्रेरक की भूमिका निभाएंगे।

अमर पारवानी ने कहा कि ई कॉमर्स भविष्य का एक महत्वपूर्ण व्यापार है, यह महसूस करते हुए कि कैट ग्लोबल लिंकर्स के सहयोग से प्रत्येक व्यापारी का ई कॉमर्स पोर्टल पर एक लाइव  शोरूम बनाएगा, जिसमें डिजिटल भुगतान, लॉजिस्टिक्स और लाइव चैट की एकीकृत सुविधाएं होंगी। यह पोर्टल जहाँ व्यापारियों के बीच व्यापार की संभावनाएं विकसित करेगा वहीँ दूसरी ओर व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच भी सामान खरीदने की सुविधा प्रदान करेगा। इस पोर्टल को सिंगापुर सरकार के बिजनेस सेन्स बॉर्डर प्रोग्राम से जोड़ा जाएगा, जो भारतीय व्यापारियों को विदेशी बाजार भी प्रदान करेगा। उन्होंने आगे कहा कि यह देश में पहली बार शुरू की जा रही एक अनूठी पहल है, जो देश में डिजिटल भुगतानों की गहरी पैठ हासिल करने के लिए सीएससी की पहुंच और प्रभाव का उपयोग करेगी। मास्टरकार्ड और एचडीएफसी के सहयोग से भौतिक और डिजिटल बुनियादी ढाँचे के सही संतुलन के साथ व्यापारियों के डिजिटलीकरण के लिए और अधिक जोर दिया जाएगा।

 

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