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आज से आम लोगों के लिए खुलेगा व्यापार मेला, जानिए पूरी जानकारी

ग्लिब्स टीम  | 19 Nov , 2019 02:00 PM
आज से आम लोगों के लिए खुलेगा व्यापार मेला, जानिए पूरी जानकारी

नई दिल्ली। प्रगति मैदान में चल रहे 39वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मंगलवार से आम लोग भी प्रवेश कर सकेंगे। गुरुवार से शुरू मेला सोमवार तक व्यापारी वर्ग के लिए खुला था। 19 से 27 नवंबर तक यह आम लोगों के लिए होगा। प्रगति मैदान में निर्माण कार्य के चलते जगह कम है, इसलिए मेले में समय से जाने में ही फायदा है। यह सुबह 9:30 से शाम 7:30 तक खुला रहेगा। प्रवेश प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन के नजदीक गेट नंबर-10 और भैरो मंदिर के समीप गेट नंबर-1 से मिलेगा। मेले को देखते हुए आसपास में वाहन पार्किंग के दाम बढ़ा दिए गए हैं, इसलिए मेट्रो या डीटीसी बस का इस्तेमाल फायदेमंद रहेगा। मेले में गेट नंबर-10 से प्रवेश करते हैं तो सबसे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से लगाया गया स्वास्थ्य शिविर मिलेगा। यहां चिकित्सीय जांच और डॉक्टर की सलाह निशुल्क है। इसके बाद विभिन्न राज्यों के पवेलियन हैं। उत्तर प्रदेश के पवेलियन में लखनवी कढ़ाई, भदोही के कारपेट, बरेली के डिजाइनदार कपड़े, अलीगढ़ के ताले आदि मिलेंगे। इसके बाद गुजरात, राजस्थान, गोवा आदि के पवेलियन हैं। हॉल नंबर 7 से 12 में तमाम तरह के सामान उपलब्ध हैं।

प्रवेश शुल्क : शनिवार और रविवार को छोड़कर प्रति व्यक्ति 60 और प्रति बच्चा 40 रुपये प्रवेश शुल्क है। शनिवार और रविवार को यह दोगुना होगा। प्रवेश टिकट मेट्रो स्टेशन पर या ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।

वाहन पार्किंग : मेले में जाने के लिए गेट नंबर-10 के पास प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन और गेट नंबर-1 की पार्किंग भैरो मंदिर के पास रखी गई है। मेट्रो स्टेशन की पार्किंग में दोपहिया वाहन का पूरे दिन के लिए 90 रुपये शुल्क है। भैरो मंदिर की पार्किंग में 50 रुपये प्रति घंटा पार्किंग है।

साथ में थैला जरूर ले जाएं : मेले को प्लास्टिकमुक्त रखा गया है। इसलिए जाते वक्त साथ में थैला जरूर लेकर जाएं। अन्यथा इसे मेले से ही खरीदना होगा।

डिजिटल पेमेंट की सुविधा : मेले में कई दुकानों पर पेमेंट डिजिटल वॉलेट और क्रेडिट व डेबिट कार्ड से लिया जा रहा है। कुछ जगहों पर एटीएम भी लगाए गए हैं। हालांकि कैश साथ में रखना खरीदारी को ज्यादा आसान बना सकता है।

सीमित है प्रवेश : मेले में लगभग 20 हजार आगंतुकों को ही रहने की इजाजत है। इसलिए आईटीपीओ प्रबंधन की ओर से पहले आओ की अपील की जा रही है।

 

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