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ईएमआई भुगतान पर तीन महीने की अतिरिक्त मोहलत, मोरेटोरियम को 31 अगस्त तक बढ़ाया

ग्लिब्स टीम  | 22 May , 2020 12:30 PM
ईएमआई भुगतान पर तीन महीने की अतिरिक्त मोहलत, मोरेटोरियम को 31 अगस्त तक बढ़ाया

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और ग्राहकों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया। होम लोन, पर्सनल लोन, वाहन कर्ज की ईएमआई चुका रहे लोगों के लिए आरबीआई ने फिर राहत दी है। केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में कटौती कर दी है, जिससे आपके लोन की ब्याज दरें कम हो जाएंगी। साथ ही टर्म लोन मोरेटोरियम 31 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया गया है। यानी अगर आप अगले 3 महीने तक अपने लोन की ईएमआई नहीं देते हैं तो बैंक दबाव नहीं डालेगा। शक्तिकांत दास ने रेपो रेट कटौती का ऐलान किया है। इस कटौती के बाद आरबीआई की रेपो रेट 4.40 फीसदी से घटकर 4 फीसदी हो गई है। इसके साथ ही लोन की किस्‍त देने पर 3 महीने की अतिरिक्‍त छूट दी गई है। आरबीआई ने कहा ईएमआई देने पर राहत 1 जून से 31 अगस्त तक के लिए बढ़ाई जा रही है। दरअसल आरबीआई को यह निर्णय इसलिए करना पड़ा कि लॉक डाउन के जारी रहने से लोगों की आय का फ्लो फिर से सुचारू नहीं हो पाया है। लोग ईएमआई मॉरेटोरियम की मौजूदा 31 मई तक की अवधि के खत्म होने के बाद मौजूदा परिस्थिति में अपना कर्ज चुकाने में सक्षम नहीं होंगे। इसलिए मॉरेटोरियम को और तीन माह तक बढ़ाना पड़ा। यह कर्ज लेने वालों और बैंकों दोनों के लिए इस मुश्किल वक्त में मददगार रहेगा।

रेपो रेट में 0.40 फीसदी की कटौती :

आरबीआई गवर्नर ने बताया कि पिछले तीन दिन में एमपीसी ने घरेलू और ग्लोबल माहौल की समीक्षा की। इसके बाद रेपो रेट में 0.40 फीसदी की कटौती का फैसला लिया गया है। लॉक डाउन में यह दूसरी बार है जब आरबीआई ने रेपो रेट पर कैंची चलाई है। इससे पहले 27 मार्च को आरबीआई गवर्नर ने 0.75 फीसदी कटौती का ऐलान किया था। इसके बार बैंकों ने लोन पर ब्‍याज दर कम कर दिया था। जाहिर सी बात है कि इससे आपकी ईएमआई भी पहले के मुकाबले कम हो गई है।

ईएमआई पर तीन महीने की अतिरिक्‍त छूट :

आरबीआई ने लॉक डाउन के शुरुआती दिनों में प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर बैंकों से 3 महीने के लिए लोन और ईएमआई पर छूट देने को कहा था। इसके बाद अधिकतर बैंकों ने इसे 3 महीने के लिए लागू कर दिया था। अब आरबीआई के नए 3 महीनों के लिए मोहलत के ऐलान के बाद ग्राहकों को कुल 6 महीने की छूट मिल जाएगी। मतलब ये कि आप कुल 6 महीने तक लोन की ईएमआई नहीं देना चाहते हैं तो बैंकों की ओर से कोई दबाव नहीं पड़ेगा। वहीं, आपका क्रेडिट स्‍कोर भी दुरुस्‍त रहेगा। यानी बैंक की नजर में आप डिफॉल्‍टर नहीं होंगे। हालांकि, इसके लिए आपको अतिरिक्‍त ब्‍याज देनी पड़ेगी।

27 मार्च को घोषित किया था विकल्प :

भारतीय रिजर्व बैंक ने 27 मार्च को बैंकों व वित्तीय संस्थानों को 1 मार्च 2020 तक बकाया सभी टर्म लोन्स लेने वालों को ईएमआई के भुगतान पर 3 माह का मोरेटोरियम उपलब्ध कराने को कहा था। इस विकल्प में ग्राहक मार्च, अप्रैल और मई माह की अपनी ईएमआई चाहें तो होल्ड कर सकते हैं। हालांकि ईएमआई स्थगन के इन तीन महीनों की अवधि के दौरान ब्याज लगता रहेगा, जो बाद में एक्स्ट्रा ईएमआई के तौर पर देना होगा। जो ग्राहक अपनी ईएमआई होल्ड नहीं करना चाहते, उन्हें कुछ भी करने की जरूरत नहीं है। उनकी ईएमआई वैसे ही कटती रहेगी, जैसे कट रही थी।

आरबीआई गवर्नर की बड़ी बातें :

- पहली छमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 2020-21 में निगेटिव रहेगी. हालांकि साल के दूसरे हिस्से में ग्रोथ में कुछ तेजी दिख सकती है।

- रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

- लॉक डाउन से आर्थिक गतिविधियों में भारी गिरावट, छह बड़े औद्योगिक राज्यों में ज्यादातर रेड जोन रहे।

- मार्च में कैपिटल गुड्स के उत्पादन में 36 फीसदी की गिरावट।

-कंज्यूमर ड्यूरेबल के उत्पादन में 33 फीसदी की गिरावट।

-औद्योगिक उत्पादन में मार्च में 17 फीसदी की गिरावट।

- मैन्युफैक्चरिंग में 21 फीसदी की गिरावट. कोर इंडस्ट्रीज के आउटपुट में 6.5 फीसदी की कमी।

-खरीफ की बुवाई में 44 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

-खाद्य महंगाई फिर अप्रैल में बढ़कर 8.6 फीसदी हो गई।

-दालों की महंगाई अगले महीनों में खासकर चिंता की बात रहेगी।

- इस छमाही में महंगाई उंचाई पर बनी रहेगी, लेकिन अगली छमाही में इसमें नरमी आ सकती है।

- 2020-21 में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार 9.2 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अभी 487 बिलियन डॉलर का है।

-15,000 करोड़ रुपये का क्रेडिट लाइन एग्जिम बैंक को दिया जाएगा।

-सिडबी को दी गई रकम का इस्तेमाल आगे और 90 दिन तक करने की इजाजत।

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