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इन कंपनियों में जा सकती है लाखों कर्मचारियों की नौकरी! यह है वजह...

ग्लिब्स टीम  | 05 Nov , 2019 05:02 PM
इन कंपनियों में जा सकती है लाखों कर्मचारियों की नौकरी! यह है वजह...

नई दिल्ली। बीएसएनएल और इन्‍फोस‍िस कर्मचार‍ियों को हटाने का प्‍लान बना रही है। इन्‍फोस‍िस में छंटनी की खबर है। कंपनी जेएल6 (इंटरनल जॉब कोड) लेवल के 2200 इग्‍जेक्‍युट‍िव्‍स को हटाएगी। ये सभी मध्‍य और उच्‍च स्‍तर पर काम करने वाले इग्‍जेक्‍युट‍िव्‍स हैं। कंपनी में जेएल 6,7 और 8 बैंड में 30,092 लोग काम करते हैं। खबर के मुताब‍िक जेएल 1 से 5 लेवल तक के भी 2-5 फीसदी कर्मचार‍ियों को हटाने का प्‍लान बना रही है। यह संख्‍या 4 से 10 हजार के बीच होगी। इन्‍फोस‍िस में एसोस‍िएट्स बैंड के तहत 86,558 कर्मचारी काम करते हैं, जबक‍ि म‍िड्ल बैंड में 1.1 लाख लोग हैं। एवीपी, वीपी, एसवीपी और ईवीपी लेवल के 2-5 प्रत‍िशत अध‍िकारी भी हटाए जाएंगे। इस लेवल पर 971 अध‍िकारी काम करते हैं। इनमें से 50 तक की छुट्टी की जा सकती है। कंपनी का कहना है क‍ि यह बड़े पैमाने पर की जाने वाली छंटनी नहीं, बल्‍क‍ि सामान्‍य प्रक्र‍िया का ह‍िस्‍सा है।

खस्‍ताहाल बीएसएनएल के बकाये के चलते एक लाख लोगों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। यह बकाया 20 हजार करोड़ रुपए का है। बीएसएनएल अपने दम पर इसे चुकाने की हालत में नहीं है और सरकार इस द‍िशा में उदासीन बनी हुई है। यह बकाया बीएसएनएल को सपोर्ट सर्व‍िस या सामान मुहैया कराने वाली छोटी-बड़ी कंपन‍ियों का है। इन कंपन‍ियों से दो लाख लोगों का रोजगार जुड़ा है। बकाया नहीं म‍िलने की सूरत में कंपन‍ियां कामगार कम करने पर व‍िवश हैं। पीएचडी चैम्‍बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्‍ट्री में दूरसंचार सम‍ित‍ि के अध्‍यक्ष संदीप अग्रवाल के हवाले से बताया है क‍ि अगले कुछ हफ्तों में देसी कंपन‍ियों में काम करने वाले एक लाख से ज्‍यादा लोग बेरोजगार हो जाएंगे। अग्रवाल के मुताब‍िक 20 हजार करोड़ रुपए का बकाया नरेंद्र मोदी सरकार में ऊंचे ओहदेदारों के दखल द‍िए जाने के बावजूद भुगतान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कंपन‍ियां उन कर्मचार‍ियों को ढोने के मूड में नहीं हैं, ज‍िनके ब‍िना उनका काम चल सकता है।

 

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