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15-06-2019
कहीं आप पानी के साथ प्लास्टिक तो नहीं पी रहे हैं!  

 

नई दिल्ली। पानी के बिना इंसान के जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी के जरिए आपके शरीर में हर हफ्ते एक क्रेडिट कार्ड जितना प्लास्टिक दाखिल हो रहा है। एक रिपोर्ट के दावों की मानें तो 7 दिन के भीतर आपके शरीर में करीब 5 ग्राम प्लास्टिक जाता है। इसका सबसे बड़ा स्रोत बोतलबंद और नल से आने वाला वो पानी भी है जिसमें प्लास्टिक के छोटे-छोटे कण पाए जाते हैं। वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) में प्रकाशित एक रिपोर्ट में पानी में प्लास्टिक होने का दावा किया गया है। यह रिपोर्ट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूकैसल और ऑस्ट्रेलिया समेत दुनियाभर में हुए 52 शोधों पर आधारित है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की इंटरनेशनल डायरेक्टर जनरल मार्को लैंबरटिनी ने बताया कि प्लास्टिक से न सिर्फ महासागर बल्कि हम इंसान भी दूषित हो रहे हैं।

हर साल 250 ग्राम से ज्यादा प्लास्टिक

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हमारे शरीर में हर सप्ताह प्लास्टिक के करीब 2000 छोटे कण प्रवेश करते हैं। हर महीने हम करीब 21 ग्राम प्लास्टिक निगल जाते है। जबकि एक साल में करीब 250 ग्राम से ज्यादा प्लास्टिक हमारे शरीर में दाखिल हो रही है। बता दें कि पहली बार किसी रिपोर्ट में पानी में प्लास्टिक होने की बात सामने आई है।

इन वजहों से भी निगल रहे प्लास्टिक

यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूकैसल और ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ता शरीर में प्लास्टिक जाने के पीछे कई और चीजों को भी जिम्मेदार मानते हैं। इनमें से एक वजह समुद्र में रहने वाली शैलफिश भी है, जिसे खाने की वजह से शरीर में प्लास्टिक जा रहा है। इसके अलावा बीयर और नमक में भी प्लास्टिक होने का दावा किया गया है।

अमेरिका में इतना प्लास्टिक खा रहे लोग

शोध में बताया गया है कि अमेरिका में 130 माइक्रोंस से भी छोटे करीब 45000 पार्टिकल्स हर साल इंसान के शरीर में प्रवेश करते हैं। यहां नल के पानी में बहुत ज्यादा प्लास्टिक फाइबर होता है। हालांकि यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट अंगालिया के प्रोफेसर ऐलेस्टर ग्रांट ने एजेंसी फ्रांस प्रेस से कहा, ष्पानी में प्लास्टिक होने की बात साबित हो चुकी है, लेकिन मुझे लगता है कि इससे इंसानों के स्वास्थ पर बहुत ज्यादा फर्क पड़ेगा।  

14-06-2019
पानी और प्रॉपर्टी टैक्स की मांग को लेकर भाजपा ने किया निगम का घेराव

 

रायपुर। रायपुर नगर निगम द्वारा शहर में पानी सप्लाई नहीं किए जाने पर आज भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं समेत पदाधिकारियों ने रायपुर नगर निगम का घेराव किया और महापौर के खिलाफ  नारेबाजी करते हुए निगम कार्यालय के सामने मटके फोड़े। भारतीय जनता पार्टी की यह भी मांग है कि संपत्ति कर आधा किया जाए। कार्यकर्ता और पदाधिकारी भारतीय जनता पार्टी कार्यालय एकात्म परिसर से पैदल मार्च करते हुए रायपुर नगर निगम पहुंचे। भाजपा में आक्रोश है कि निगम राजधानी रायपुर की जनता को पानी उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। बता दें कि रायपुर नगर निगम का घेराव करने  सैकड़ों महिलाएं भी पहुंची थीं।   

24-05-2019
ऐसी पहल करें कि नदी-नालों में रहे सालभर पानी: संभागायुक्त चुरेन्द्र 

रायपुर। रायपुर संभाग के संभागायुक्त जीआर चुरेन्द्र ने सालभर नदी-नालों से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके इसके लिए संभाग के सभी जिला कलेक्टरों, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा जल संसाधन विभाग के संभागीय व जिला अधिकारियों को आवश्यक पहल कर कार्य करने के निर्देश जारी किए हैं। संभागायुक्त ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार की मंशानुरूप नरवा प्रोजेक्ट के तहत धमतरी जिले के रविशंकर जलाशय गंगरेल बांध एवं बालोद जिले के तांदुल, गोंदली और खरखरा जलाशयों का जल लिफ्ट कर जिले के नदी व नालों के प्रवाह को सालभर बनाया जा सकता है।     संभागायुक्त चुरेन्द्र ने बताया कि अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष  जीआर राना ने अपने पुराने अनुभव के आधार पर एक परिकल्पना प्रस्तुत की है जिस पर आवश्यक पहल कर इस दिशा में कारगर कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि रविशंकर गंगरेल बांध के पानी को राजाराव पठार के आसपास(ओनाकोना ग्राम) से लिफ्ट कर पाइप लाइन के माध्यम से कंकालीन (बड़भूम गांव) जो खारून नदी का उद्गम स्थल है वहां तक लाकर खारून नदी को एक नया जीवन दिया जा सकता है। खारून नदी में लगभग 12 स्थानों पर स्टापडैम बनाकर खारून नदी में नरवा प्रोजेक्ट को सफल करने के साथ उस क्षेत्र के गांवों को समृद्ध बनाया जा सकता है। इसी तरह तादुंला जलाशय के जल का उपयोग बालोद जिले के बड़भूम, सियादेही के क्षेत्र के गांव गुरूर ब्लाक के अरकार गांव तक जल का उपयोग किया जा सकता है। इससे महानदी, गंगरेल और खारून व तादुंला को आपस में जोड़ा जा सकता है। 

24-05-2019
बेलर में की गई पानी टंकी की सफाई

कोपरा। समीपस्थ ग्राम बेलर में पानी टंकी का सफाई की गई। ग्राम पंचायत बेलर की सरपंच अनीता साहू ने बताया कि पंचायत की ओर से यह सफाई कराई गई। यह सफाई ज्ञानी राम साहू, लक्ष्मण साहू, दुष्यंत साहू और उनके साथी ने मिलकर की है। सरपंच ने बताया कि नियम अनुसार टंकी की सफाई 1 से 2 माह में एक बार जरूर करते हैं। इस तरह शुद्ध पेयजल ग्रामीणों को मिलता है और पानी में कोई गंदगी नहीं होती है। डेंगू-मलेरिया फैलने का भी कोई खतरा नहीं होता है।

20-05-2019
धान काट रहे हार्वेस्टर में अचानक लगी आग, ड्राइवर की जान बची 

नवापारा राजिम। ग्राम खुडिय़ाडीह और बिजली के बीच खार के खेतों में  धान की कटाई कर रहे हार्वेस्टर में तेज गर्मी के कारण अचानक आग लग गई। आग लगते ही हार्वेस्टर चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई। आग लगने के बाद तत्काल टैंकर से पानी लाकर बुझाया गया। इसके चलते आग फैलने के पहले उस पर काबू पा लिया गया, जिससे आसपास में और लगी फसल को बचा लिया गया। हार्वेस्टर ग्राम सिरीर्खुर्द के खोमन साहू का बताया जा रहा हैं। 

16-05-2019
संक्रामक बीमारियों के रोकथाम के लिए नगर निगम गंभीर

रायपुर। ग्रीष्म ऋतु और बारिश पूर्व जलजनित व संक्रामक बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नगर निगम, जिला स्वास्थ्य व चिकित्सा, मलेरिया व महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक की गई। बैठक में बीमारियों से बचाव के लिए सार्थक प्रबंध करने सभी विभागों ने अपनी भूमिका पर चर्चा की। आयुक्त शिव अनंत तायल के निर्देश पर इस बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में नगर निगम के अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. केआर सोनवानी, नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बीके मिश्रा सहित जिला मलेरिया विभाग के अधिकारी, सभी  जोन कमिश्नर, जोन स्वास्थ्य अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन भी शामिल थेे। निगम मुख्यालय में आयोजित इस बैठक में जल जनित बीमारियों की रोकथाम हेतु उठाए जाने वाले कदम पर सभी ने मिलकर चर्चा की। सभी विभाग पीलिया, डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए हर स्तर पर आम नागरिकों को जागरूक करने मिलकर प्रयास करेंगे। प्रदूषित खाद्य व पेय पदार्थों, अखाद्य बर्फ  के विनिष्टीकरण के लिए नगर निगम खाद्य विभाग के साथ मिलकर अपनी सतत कार्रवाई आगे भी जारी रखेगा। इसी तरह पानी में क्लोरीन की मात्रा की जांच नियमित रुप से नगर निगम द्वारा आगे भी की जाएगी। विभिन्न कार्यों के संचालन व त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग तथा नगर निगम  नियंत्रण कक्ष स्थापित करेगा ।  चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।

07-05-2019
टुल्लूपंप पर निगम की कार्रवाई बंद, जनता को नहीं मिल रहा पानी

रायपुर। रायपुर नगर निगम ने इस साल टुल्लूपंप लगाने वालों के खिलाफ  कार्रवाई बंद कर दी है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।  शहर में टुल्लूपंप से पानी खींचना अवैध है, बावजूद इसके निगम के अफसर  कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है। ग्लिब्स टीम ने शहर की पड़ताल की तो लोगों ने बताया कि सुबह-शाम नल खुलते ही कई लोग टुल्लूपंप लगाकर पानी खींच लेते हैं। इसी वजह से नलों में पानी सप्लाई नहीं होती है। लोगों ने बताया कि  होटल संचालकों, मकान किराए में देने वालों समेत अन्य रसूखदार हाई वोल्टेज  टुल्लूपंप लगाकर पानी खींच लेते हैं। इससे पूरे मोहल्ले में पानी सप्लाई बंद हो जाती है। इससे आम जनता को पानी के लिए परेशानी होती है। टीम ने पड़ताल के दौरान गुढिय़ारी, फाफाडीह, शास्त्री मार्केट, सिविल लाइन, सदर बाजार, शंकर नगर समेत अन्य क्षेत्रों की पड़ताल की। लोगों ने यह भी कहा कि वार्ड पार्षद को पानी की समस्या को लेकर कई दफे बोल चुके हैं, लेकिन पार्षद ध्यान नहीं देते हैं। इसी वजह से परेशानी हो रही है। 

 टैक्स देने के बाद भी जनता परेशान 

शहरवासियों ने कहा कि रायपुर नगर निगम पानी के नाम पर टैक्स तो पूरा ले रहा है, लेकिन गर्मी में पानी की पूर्ति नहीं कर रहा है। जनता को पीने के पानी के लिए परेशानी हो रही है। लोग पानी खरीदकर पी रहे हैं।

टुल्लूपंप लगाने वालों पर होगी कार्रवाई 

इस संबंध में रायपुर नगर निगम आयुक्त शिव अनंत तायल ने कहा कि निगम क्षेत्र में गर्मी के दिनों में पानी की काफी समस्या होती है। इसके निदान के लिए टैंकर और पाइप लाइन बिछाकर पानी सप्लाई की जा रही है। टुल्लूपंप से पानी खींचने वालों के खिलाफ जोन अधिकारियों के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी  ताकि शहर की जनता को पानी पर्याप्त मात्रा में मिल सके। उन्होंने कहा कि टुल्लू पंप लगाना अवैध है। इस पर मुहिम चलाकर कार्रवाई की जाएगी।

 

03-05-2019
जान जोखिम में डाल पानी के लिए दौड़ लगाई यात्रियों ने 

रायपुर। इन दिनों भीषण गर्मी के कारण पानी के लिए हर जगह मारामारी मची हुई है। खासकर बस-ट्रेन में सफर करने वाले यात्री पानी के लिए ज्यादा मशक्कत कर रहे हैं। पानी के लिए कैसी होड़ मची हुई है इसका नजारा आज देखने को मिला जब डोंगरगढ़ के आगे बोरतलाव स्टेशन के पास ट्रेन रुकते ही यात्रियों ने पानी के लिए ट्रेन से नीचे उतरकर दौड़ लगा दी। यहां आउटर पर ट्रेन लगभग दो घंटे तक रुकी रही। ट्रेन में पानी नहीं होने से यात्री परेशान थे। शुभम भाटिया नामक एक व्यक्ति ने जब एक यात्री को पानी देना चाहा तो ट्रेन में सवार बाकी लोग भी नीचे आकर पानी लेने के लिए दौड़ लगा दी। देखते ही देखते पानी लेने के लिए कई लोग नीचे उतर आए। इस तरह आउटर पर घंटों ट्रेनों को रोककर रखना और उस पर ट्रेन में पानी का न होना यात्रियों की मौत का कारण भी बन सकता है।

30-04-2019
वन्यप्राणियों के लिए पानी की व्यवस्था करने के निर्देश 

रायपुर। वन क्षेत्रों, जंगल सफारी और अभयारण्यों में गर्मी के मौसम  को देखते हुए वन्यजीवों को उनके रहवासों के नजदीक पानी उपलब्ध कराया जाएगा। वन विभाग के अपर मुख्य सचिव सीके खेतान ने अधिकारियों से कहा है कि वन्यजीवों को गर्मी के मौसम में पानी की दिक्कत न हो इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा इसके लिए 12 करोड़ रुपए की राशि बजट में भी प्रावधानित है। इसका उपयोग जल संरक्षण के कार्यों के कार्य किए जाए। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि वन्यजीवों के लिए उपलब्ध वाटर बाडी का भौतिक सत्यापन कर लिया जाए। जहां आवश्यक हो वहां मिट्टी मुरम के जरिए रपटा सह स्टापडैम बनाए जाएं। मौजूदा जलस्रोतों को बेहतर बनाने के लिए सोलर ट्यूबवेल लगाने का कार्य किया जाए। जिन जल स्रोतों में पानी बहुत कम है उनमें गाद निकालकर उनकी उपयोगिता भी बढ़ाई जा सकती है। जल स्रोतों की पहचान कर इसकी उपयोगिता बढ़ाने के लिए टोपोग्राफी के अनुसार आवश्यक उपचार करें। खेतान ने गर्मी के मौसम में वन्यप्राणियों को उपचार सुविधा के लिए पशु चिकित्सा विभाग के सहयोग से सभी वन्यप्राणी संरक्षित क्षेत्रों में वन्यप्राणी रेस्क्यू सेन्टर बनाने और सभी बीटों में वन्यप्राणी के प्रबंधन के लिए दवाइयां, ट्रेक्यूलाइजर गन एवं प्राथमिक उपचार किट रखने  कहा है।

 

15-04-2019
चीन ने बनाई पानी और जमीन पर चलने वाली ड्रोन बोट

पेइचिंग। विश्व की महाशक्तियों में शुमार किए जाने वाले चीन ने एक बार फिर अपनी सैन्य शक्ति में इजाफा करते हुए पानी और जमीन पर चलने वाली विश्व की पहली सशस्त्र ड्रोन नौका का सफल परीक्षण कर लिया है। इस उपलब्धि पर चीनी सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यह जमीन पर वार करने के अभियानों के लिए उपयोगी है और हवाई ड्रोनों एवं अन्य ड्रोन पोतों के साथ मिलकर यह युद्ध में त्रिकोण बना सकने में सक्षम है। चीन के सरकारी समाचार पत्र 'ग्लोबल टाइम्स' ने आज सोमवार को खबर दी कि चीन शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन  के तहत आने वाले वुचांग शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री ग्रुप द्वारा निर्मित 'मरीन लिजर्ड' नामक इस ड्रोन नौका ने डिलिवरी जांच सफलतापूर्वक पार की और वुहान में 8 अप्रैल को फैक्ट्री से बाहर आई। चीन के रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया है कि 1200 किलोमीटर की अधिकतम अभियान रेंज वाली 'मरीन लिजर्ड' को उपग्रहों के माध्यम से रिमोट कंट्रोल किया जा सकता है। 

पोत के रूप में विकसित 12 मीटर लंबी मरीन लिजर्ड तीन समांतर भागों वाली एक नाव है जो डीजल से चलने वाले हाइड्रोजेट की मदद से आगे बढ़ती है और रडार से बच निकलते हुए अधिकतम 50 नॉट की गति तक पहुंच सकती है। जमीन पर पहुंचने के करीब यह उभयचर ड्रोन नौका अपने अंदर छिपी चार ट्रैक इकाइयों को बाहर निकाल सकती है और जमीन पर प्रति घंटे 20 किलोमीटर की रफ्तार से चल सकती है। 

 

 

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