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20-07-2019
विफलता छिपाने के लिए लिया जा रहा है धारा 144 का सहारा : मायावती

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने कानून व्यवस्था को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोलते हुये कहा कि राज्य सरकार अपनी विफलता छिपाने के लिये धारा 144 का सहारा लेकर सोनभद्र नही जाने दे रही है।
सुश्री मायावती ने शनिवार को ट्वीट कर कहा यूपी सरकार जान-माल की सुरक्षा व जनहित के मामलें में अपनी विफलता को छिपाने के लिए धारा 144 का सहारा लेकर किसी को सोनभद्र जाने नहीं दे रही है। फिर भी उचित समय पर वहाँ जाकर पीड़ितों की यथासंभव मदद कराने का बीएसपी विधानमण्डल दल को निर्देश। सरकारी लापरवाही इस नरसंहार का मुख्य कारण। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि देश में आये दिन आदिवासी समाज पर हो रहे अत्याचार के लिए केन्द्र में रही कांग्रेस व अब भाजपा सरकार बराबर की जिम्मेदार हैं। जो भी पार्टी सत्ता से बाहर रहती है वह इनका शोषण होने पर घड़ियाली आंसू बहाती है।

उन्होंने बसपा अध्यक्ष ने एक अन्य ट्वीट में कहा यूपी के सोनभद्र में आदिवासी समाज का उत्पीड़न व शोषण, उनकी जमीन से बेदखली व अब नरसंहार स्टेट बीजेपी सरकार की कानून-व्यवस्था के मामले में फेल होने का पक्का प्रमाण। यूपी ही नहीं देश की जनता भी इन सबसे अति-चिन्तित जबकि बीएसपी की सरकार में एसटी तबके के हितों का भी खास ख्याल रखा गया।

19-07-2019
खुद को हरिश्चन्द्र बताने वाले अपनी गिरेबान में झांक कर देखें : मायावती

लखनऊ। भाई आनंद कुमार के खिलाफ आयकर विभाग की कार्रवाई से बौखलायी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोग और रिश्तेदार रातों-रात धन्ना सेठ बन जाते है और यदि वंचित वर्ग अपने कारोबार को आगे बढ़ता है तो उन्हे तकलीफ होती है। सुश्री मायावती ने शुक्रवार को यहां जारी बयान में कहा भाजपा के लोग एवं इनके रिश्तेनाते रातों-रात धन्नासेठ बन जाते हैं तो वे उसे जायज ठहराते हैं और यदि हमारे इन वंचित वर्गों में से कुछ लोग अपने खुद के कारोबार करने के मामले में थोड़ा भी आगे बढ़ते है तो तब फिर इन्हें काफी ज्यादा तकलीफ होती है और फिर वे सत्ता व सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके अपना इनसे जातिवादी द्वेष निकालते हैं। 

उन्होने कहा कि जातिवादी मानसिकता वाले भाजपा के लोगों को चाहिये कि वे इस मामले में कुछ भी उंगुली उठाने से पहले खुद भी अपने गिरेबान में झांककर देखे तो यह ज्यादा बेहतर होगा और फिर भी यदि वे अपने आपको ‘हरिश्चन्द्र’ मानकर चलते हैं तो फिर वे एक बार यहां सभी की यह जरूर जांच करवा लें कि राजनीति में आने के पहले उनके तथा उनके परिवार वालों के पास कितनी सम्पत्ति थी और अब कितनी है ताकि देश के सामने दूध का दूध व पानी का पानी साफ हो जाये। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव के दौरान लगभग दो हजार करोड़ से ज्यादा धन भाजपा के बैंक खाते में आया है, उसका भी खुलासा देश के सामने करने की जरूरत है। क्या यह बीजेपी की बेनामी सम्पत्ति नहीं है। बीजेपी ने ईवीएम के साथ-साथ इसी धन के प्रभाव से गरीबों व मजलूमों आदि का वोट खरीद कर चुनाव जीता, जो कोई लुकी-छिपी बात नहीं है बल्कि जग-जाहिर सत्य है।

19-07-2019
भाई पर कार्रवाई के अगले दिन मायावती का हमला, 'गरीबों के वोट खरीद बीजेपी सत्ता में बैठी'

नई दिल्ली। आयकर विभाग की मायावती के भाई और भाई के नोएडा स्थित 400 करोड़ रुपये के प्लॉट को लेकर की गई कार्रवाई के अगले दिन बसपा सुप्रीमो ने बीजेपी पर हमला बोला। मायावती ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान दो हजार करोड़ रुपये की संपत्ति बीजेपी वालों के खातों में गई है। उसी पैसे से उन्होंने गरीबों के वोट खरीदकर सत्ता में बैठे हैं। मायावती ने कहा कि बीजेपी ने ईवीएम पर भी धांधली की है। मायावती ने कहा, 'मैं पूछना चाहती हूं कि जब से बीजेपी सत्ता में आई है तब से पूरे देश में अरबों रुपये की संपत्ति पार्टी दफ्तर के लिए खरीदी है। यह पैसे कहां से आया है। क्या यह बेनामी संपत्ति नहीं है। इसका भी खुलासा होना चाहिए। मायावती ने कहा कि दलित, आदिवासी आदि को इनसे घबराना नहीं चाहिए। अगर किसी के साथ भी ज्यादती होगी तो हमारी पार्टी पीछे नहीं हटेगी और उन्हें इंसाफ दिलाएगी।

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बीजेपी सरकार ने साफ किया है कि रेलवे और अन्य विभागों को निजी हाथों में देंगे। इससे साफ जाहिर होता है कि बीजेपी आरक्षण को खत्म करने में लगी है। मायावती ने कहा कि चुनाव के दौरान जो पैसे आए, उसका खुलासा नहीं किया गया है। इससे पहले मायावती ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह विपक्षी पार्टियों को निशाना बना रही है। मायावती ने गुरुवार रात एक ट्वीट में कहा था कि बीजेपी केन्द्र की सत्ता का अब भी दुरुपयोग कर अपने विपक्षियों को षड्यंत्र के तहत जबरन फर्जी मामलों में फंसाकर उन्हें प्रताड़ित कर रही है। इसी क्रम में अब मेरे भाई-बहनों आदि को भी जबर्दस्ती परेशान किया जा रहा है, जो अति-निन्दनीय है, लेकिन इससे बसपा डरने और झुकने वाली नहीं है। उन्होंने दूसरे ट्वीट में कहा,''ऐसी ही घिनौनी हरकत इसी पार्टी की सरकार ने सन् 2003 में भी आयकर और सीबीआई आदि के जरिए हमारे विरूद्ध की थी, जो सर्वविदित है, जिसमें फिर हमें अन्त में काफी संघर्ष के बाद उच्चतम न्यायलय में न्याय मिला।

18-07-2019
मायावती के भाई पर आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 400 करोड़ का बेनामी प्लॉट जब्त

नई दिल्ली। आयकर विभाग ने बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के भाई और पार्टी उपाध्यक्ष आनंद कुमार और उनकी पत्नी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आयकर विभाग ने 400 करोड़ रुपये के एक बेनामी प्लॉट को जब्त किया है। यह प्लॉट दिल्ली से सटे नोएडा में है। दरअसल, मायावती के भाई आनंद कुमार की संपत्ति की जांच आयकर विभाग कर रहा था। आयकर विभाग को इस जांच में पता चला कि आनंद कुमार के पास नोएडा में 28328 स्क्वायर मीटर का एक बेनामी प्लॉट है। सात एकड़ में फैले इस प्लॉट की कीमत करीब 400 करोड़ रुपये है।

आनंद कुमार और उनकी पत्नी विचित्र लता के इस बेनामी प्लॉट को जब्त करने का आदेश 16 जुलाई को विभाग की दिल्ली स्थित बेनामी निषेध इकाई (बीपीयू) ने जारी किया था। इसके बाद आज यानी 18 जुलाई को आयकर विभाग ने प्लॉट को जब्त कर लिया है। आयकर विभाग के सूत्रों का दावा है कि आनंद कुमार की कुछ और बेनामी संपत्तियों की जानकारी उनके पास है, जिसे भविष्य में जब्त किया जा सकता है। आनंद कुमार के खिलाफ हुई इस कार्रवाई की आंच मायावती तक पहुंच सकती है। इस मामले की जांच आयकर विभाग के अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कर रही है।

आनंद कुमार की संपत्ति में 18 हजार फीसदी का इजाफा
आयकर विभाग के मुताबिक, मायावती के भाई आनंद कुमार की 1,300 करोड़ रुपये की संपत्ति की जांच चल रही है। आयकर विभाग ने अपनी जांच में आरोप लगाया कि आनंद कुमार की संपत्ति में 2007 से 2014 तक 18,000 फीसदी की वृद्धि हुई है। उनकी संपत्ति 7.1 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,300 करोड़ रुपये हो गई। 12 कंपनियां आयकर विभाग की जांच के दायरे में है, जिसमें आनंद कुमार निदेशक हैं।

13-07-2019
मॉब लिंचिंग पर मायावती ने मोदी सरकार को घेरा, कहा- अब पुलिस भी हो रही शिकार

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार के रवैए पर सवाल उठाया है। मायावती ने उन्मादी भीड़ की हिंसा को न रोक पाने पर केंद्र सरकार को उदासीन बताया। मायावती ने शनिवार को ट्वीट किया, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्र को गंभीर होकर मॉब लिंचिंग पर अलग से देशव्यापी कानून अब तक जरूर बना लेना चाहिए था। लेकिन लोकपाल की तरह मॉब लिंचिंग के मामले में भी केंद्र उदासीन है और कमजोर इच्छाशक्ति वाली सरकार साबित हो रही है। ऐसे में यूपी विधि आयोग की पहल स्वागतोग्य है। मायावती ने कहा कि मॉब लिंचिंग एक भयानक बीमारी के रूप में देशभर में उभरने के पीछे वास्तव में खासकर बीजेपी सरकारों की कानून का राज स्थापित नहीं करने की नीयत व नीति की ही देन है। इससे अब केवल दलित, आदिवासी और धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोग ही नहीं बल्कि सर्वसमाज के लोग व पुलिस भी शिकार बन रही है।

11-07-2019
दलबदल कानून की सख्त जरूरत : मायावती

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सत्ता के दुरूपयोग का आरोप लगाते हुये बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने गुरूवार को कहा कि देश में दलबदल करने वालों की सदस्यता समाप्त करने का कानून बनाने की सख्त जरूरत है।
सुश्री मायावती ने एक के बाद एक ट्वीट में कहा बीजेपी ईवीएम में गड़बड़ी व धनबल आदि से केन्द्र की सत्ता में दोबारा आ गई लेकिन सन् 2018 व 2019 में देश में अबतक हुए सभी विधानसभा आमचुनाव में अपनी हार की खीज अब वह किसी भी प्रकार से गैर-बीजेपी सरकारों को गिराने के अभियान में लग गई है जिसकी बीएसपी कड़े शब्दों में निन्दा करती है। 

उन्होने एक अन्य ट्वीट में कहा बीजेपी एक बार फिर कर्नाटक व गोवा आदि में जिस प्रकार से अपने धनबल व सत्ता का घोर दुरुपयोग करके विधायकों को तोड़ने आदि का काम कर रही है वह देश के लोकतंत्र को कलंकित करने वाला है। वैसे अब समय आ गया है जब दलबदल करने वालों की सदस्यता समाप्त हो जाने वाला सख्त कानून देश में बने।

10-07-2019
रायपुर, दिल्ली, मध्य प्रदेश समेत 19 राज्यों के 110 जगहों पर सीबीआई का छापा

नई दिल्ली। सीबीआई ने रायपुर, मुंबई, चंडीगढ़, जम्मू, श्रीनगर, पुणे, जयपुर, हैदराबाद, मदुरै, कानपुर, लखनऊ, राउरकेला, रांची, बोकारो में छापा मारा। मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और बिहार में कुछ ठिकानों पर भी जांच-पड़ताल हुई। भ्रष्टाचार, हथियारों की तस्करी और अन्य आपराधिक मामलों में सीबीआई ने देशव्यापी छापेमारी की। इस कार्रवाई में छत्तीसगढ़ समेत 19 राज्यों में 110 ठिकानों पर 500 अधिकारियों ने जांच-पड़ताल की। यूपी की पूर्व सीएम मायावती के शासन में हुए चीनी मिल सौदे से जुड़े मामले में लखनऊ, सहारनपुर और एनसीआर में 14 जगह छापे पड़े। जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई विभिन्न मामलों में 30 एफआईआर के आधार पर की है।

सीबीआई के मुताबिक भ्रष्टाचार के कई मामले लंबे समय से लटके थे। कई मामलों में कोर्ट ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं। सीबीआई ने नाभा सेवा पोर्ट टर्मिलन पर तैनात तीन कस्टम अधिकारियों कुणाल अनुज (आईआरएस), शरद रंजन और कमलेश्वर के खिलाफ भी केस दर्ज किया। इनके खिलाफ निर्यातकों द्वारा जमा कराई राशि गलत तरीके से निकलवाने का आरोप है। तीनों के महाराष्ट्र स्थित 28 ठिकानों की जांच की गई।
 
जम्मू में बंदूक की दुकानों पर छापे

हरिद्वार में तीन करोड़ के बैंक धोखाधड़ी केस में छापा पड़ा। मामला शिवालिक नगर स्टेट बैंक ब्रांच से 13 लोन देने का है। आरोप है कि लोन देने से पहले तकनीकी कार्रवाई पूरी नहीं की गई। वहीं, श्रीनगर, जम्मू और उधमपुर में 11 जगहों पर बंदूक के फर्जी लाइसेंस और खरीद-फरोख्त को लेकर छापे पड़े। जबलपुर में 980 एकड़ जमीन के फर्जी सौदे मामले में कार्रवाई हुई। इसमें फर्जी स्टांप पेपर और सरकारी मुहर का इस्तेमाल किया गया था।

यूपी में बैंक फ्रॉड मामले में कार्रवाई
गाजियाबाद और बुलंदशहर में पांच जगहों पर छापेमारी हुई। मामला पीएनबी की मेरठ रोड ब्रांच में कान्हा सेल्स कॉरपोरेशन के केवाईसी नियमों का उल्लंघन कर खाता खोलने से जुड़ा है। आरोप है कि नोटबंदी के दौरान कंपनी के खाते में 500-1000 के 58.5 लाख रुपये के नोट जमा किए गए। कानपुर की ब्रिटिश इंडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड के तत्कालीन सीएमडी वीके दुग्गल, कंपनी सचिव केवी वाजपेयी के खिलाफ कंपनी की संपत्तियों की बिक्री के दौरान गड़बड़ी के मामले में सीबीआई ने छापेमारी की।

04-07-2019
भाजपा सिर्फ लोगों को हसीन सपने दिखाती है : मायावती 

नई दिल्ली। आर्थिक सर्वेक्षण पर मायावती ने भाजपा पर निशाना साधा है। मायावती ने ट्वीट करके कहा कि लोगों को हसीन सपने दिखाना परन्तु उस हिसाब से काम नहीं करना व भावनाएं भड़काकर राजनीतिक रोटी सेंकना भाजपा की विशेषता रही है। उन्होंने कहा कि पेश आर्थिक सर्वेक्षण भी प्रमाणित करता है कि गरीबी, बेरोजगारी, किसान आत्महत्या आदि की गंभीर समस्याओं के मामले में यह सरकार उदासीन व लापरवाह रही है। विकास दर की बडे़-बड़े दावों से देश के 130 करोड़ गरीबों, मजदूरों, किसानों, बेरोजगारों आदि का अबतक सही भला नहीं हो पाया है बल्कि इनकी दिन-प्रतिदिन की समस्याएं अनवरत गंभीर होती जा रही हैं जो अति-दुःखद व दुर्भाग्यपूर्ण है। बता दें कि आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक, वित्त वर्ष 2019-20 में यदि इकोनॉमिक ग्रोथ सुस्त रहती है तो राजस्व संग्रह को झटका लग सकता है। आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक 2018 के मध्य से रूरल वेज ग्रोथ बढ़ने लगी है।

 

03-07-2019
मायावती बोलीं- बीजेपी नेतृत्व की फटकार का असर न दिख रहा, न दिखेगा

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सख्त टिप्पणी पर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मायावती ने बुधवार को ट्वीट करके लिखा, 'सत्ताधारी पार्टी के लोग कानून को खुलेआम हाथ में लेकर अराजकता फैला रहे हैं, बीजेपी नेतृत्व की फटकार का असर नहीं दिख रहा है।' मायावती ने लिखा, 'देश भर में हर स्तर पर सत्ताधारी पार्टी के लोगों द्वारा जिस प्रकार से कानून को खुलेआम हाथ में लेकर हर प्रकार की अराजकता फैलाई जा रही है।

वह लगातार गंभीर चिन्ता का विषय बना हुआ है, लेकिन बीजेपी नेतृत्व की यदाकदा फटकार से अबतक स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है और न आगे कोई गारंटी है।' बता दें, मंगलवार को पीएम मोदी ने बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय के मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि किसी का भी बेटा हो, उसकी ये हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन लोगों ने स्वागत किया है, उन्हें पार्टी में रहने का हक नहीं है। सभी को पार्टी से निकाल देना चाहिए।'

27-06-2019
डबल इंजन की सरकार में जनजीवन नारकीय : मायावती

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुये गुरूवार को कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में अति पिछड़े राज्यों की श्रेणी में आये उत्तर प्रदेश में डबल इंजन वाली सरकार पूरी तरह विफल साबित हुयी है।

मायावती ने ट्वीट किया नीति आयोग की रिपोर्ट सरकार को लज्जित करने वाली है कि जनस्वास्थ्य के मामले में यूपी देश का सबसे पिछड़ा राज्य है। तो फिर केन्द्र व यूपी में बीजेपी की सरकार होने पर ऐसी डबल इंजन वाली सरकार का क्या लाभ। ऐसा विकास करोड़ों जनता के किस काम का जिसमें उसका जीवन पूरी तरह से नरक बना हुआ है।

एक अन्य ट्वीट में बसपा प्रमुख ने कहा बीजेपी सरकारें ऐसे जातिवादी व धार्मिक उन्मादी जघन्य अपराध अपने राज्यों में लगातार क्यों होने देती हैं जिससे पूरा राज्य व वहाँ की सरकार ही नहीं बल्कि देश की भी बदनामी होती है और पीएम को भी शर्मिन्दा होना पड़ता है। वैसे अब तो पुलिस व सरकारी कर्मचारी भी इस नई आफत के शिकार हैं।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में सपा और रालोद के साथ हुये गठबंधन के बूते उत्तर प्रदेश में दस सीटों पर जीत हासिल करने वाली बसपा ने अकेले दम पर होने वाले राज्य विधानसभा के उपचुनाव में उतरने का फैसला किया है। बसपा सुप्रीमो द्वारा भाजपा और हाल ही में सपा पर किये गये हमले उपचुनाव की रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।

25-06-2019
सीबीआई के फंदे में फंस सकती है मायावती, तीन मामलों की हो सकती है सुनवाई

नई दिल्ली। केंद्र में नई सरकार के गठन के बाद अब बसपा प्रमुख मायावती की मुश्किलें बढ़ सकती है। बसपा प्रमुख सीबीआई के फंदे में फंस सकती है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मायावती के शासनकाल में 21 सरकारी चीनी मिलों की बिक्री में कथित अनियमतता के मामले में तीन मामलों की नियमित रूप से सुनवाई कर सकती है। अभी तक इन मामलों की प्रारंभिक जांच चल रही थी।

साल 2011-12 के दौरान हुई इन सरकारी चीनों की बिक्री से सरकारी खजाने को कथित रूप से 1179 करोड़ रुपये के नुकसान होने की बात कही गई थी। डेक्कन क्रोनिकल की खबर के अनुसार सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर सीबीआई इन तीन प्रारंभिक जांच को नियमित केस के रूप में बदल सकती है।

सीबीआई इस मामले की जांच के तहत यूपी सरकार के कम से कम दो पूर्व वरिष्ठ नौकरशाहों से स्पष्टीकरण मांग सकती है। इसमें बताया गया कि साल 2011-12 के दौरान मायावती के शासन काल के दौरान हुई इन सरकारी चीनी मिलों की बिक्री से सरकारी खजाने को कथित रूप से 1179 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। एजेंसी ने इस मामले में कथित अनियमतता के मामले में एक एफआईआर और छह प्रारंभिक जांच रजिस्टर्ड की थी।

हालांकि, बसपा सुप्रीमो मायावती ने इन आरोपों से इनकार करते हुए केंद्र पर चुनाव के दौरान सीबीआई के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि उनके शासन काल के दौरान हुई इन 21 चीनी मिलों की बिक्री को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। इससे पहले पिछले साल 12 अप्रैल को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच की अनुशंसा की थी।

04-06-2019
यूपी राजनीतिक हलचल: अब अखिलेश यादव ने कहा, सभी सीटों पर अकेले लड़ेंगे उपचुनाव

नई दिल्ली। सपा-बसपा गठबंधन पर मंगलवार को मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी चुप्पी तोड़ी है। अखिलेश यादव ने कहा है कि अगर  उपचुनाव में गठबंधन साथ नहीं होता है तो फिर समाजवादी पार्टी भी चुनाव के लिए तैयारी करेगी। अखिलेश यादव ने कहा कि सपा भी उपचुनाव की सभी 11 सीटों पर चुनाव अकेले लड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन टूटा है और जो बातें कही गई हैं। मैं उन पर बहुत सोच समझकर विचार करूंगा। सपा अध्यक्ष ने कहा कि अगर रास्ते अलग-अलग हैं तो उसका भी स्वागत है।
इससे पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश में विधानसभा की कुछ सीटों के लिये संभावित उपचुनाव अपने बलबूते लड़ने की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि इससे सपा के साथ गठबंधन के भविष्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा, गठबंधन बरकरार रहेगा। मायावती ने मंगलवार को अपने बयान में कहा कि उनकी पार्टी अपने बलबूते उपचुनाव लड़ेगी, लेकिन सपा से गठबंधन बरकरार रहेगा। 
उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव से उनके रिश्ते कभी खत्म नहीं होने वाले हैं। सपा के साथ यादव वोट भी नहीं टिका रहा। अगर सपा प्रमुख अपने राजनीतिक कार्यों के साथ अपने लोगों को मिशनरी बनाने में सफल रहे तो साथ चलने की सोचेंगे। फिलहाल हमने उपचुनावों में अकेले लड़ने का फैसला किया है।

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