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22-07-2019
विश्वविद्यालय में उच्चतम अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश की पात्रता नहीं

सूरजपुर। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय द्वारा महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए जारी सूची में उच्चतम अंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को वंचित कर दिए जाने से नाराज विद्यार्थियों ने आज कुलसचिव के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है और मेरिट लिस्ट के आधार पर सर्वोच्च अंक हासिल करने वाले वंचित विद्यार्थियों को प्रवेश देने की मांग की है। इस संबंध में विद्यार्थियों ने बताया कि सूरजपुर महाविद्यालय समेत सरगुजा के विभिन्न महाविद्यालयों में नियमित प्रवेश के लिए छात्र छात्राओं के द्वारा आवेदन किया गया था लेकिन विश्वविद्यालय द्वारा जो मेरिट सूची जारी की गई है उसने उन छात्र-छात्राओं के नाम शामिल नहीं है जिन्होंने उच्चतम अंक हासिल किए हैं। इस बात से विद्यार्थियों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कुल सचिव को पत्र लिखकर अधिकतम अंक हासिल करने वाले वंचित छात्र छात्राओं को प्रवेश देने की मांग की है।

01-07-2019
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ

रायपुर। "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ " के नारे अब प्रदेश में मात्र एक शब्द ही रह गया है इस पर अमल करना तो दूर सरकार इस ओर ध्यान तक नहीं दे रहा है। इसका कारण यह है कि प्रदेश में शराब बिक्री से राजस्व की जो आय तगड़ी होती है। लेकिन राजधानी में स्कूल से लेकर पत्रकारिता जैसे विश्वविद्यालय जाने के रास्ते मे शराब भठ्ठी वालों का आतंक मुसीबत बन गया है। इसको लेकर सोमवार को संतोषी नगर शराब दुकान के पास स्कूली छात्राओं से छींटाकशी करने के विरोध में स्कूली बच्चों और उनके परिजन ने शराब दुकान बंद कराने को लेकर कर जमकर प्रदर्शन कर रहे है। बता दें कि शराब दुकान से स्कूल मात्र 15 कदम दूर पर ही है। सरकारी स्कूल के सामने शराब दुकान को हटाने पालक सहित छात्र जमकर हंगामा कर रहे हैं। 

बेमेतरा जिला में स्कूल के सामने शराब दुकान 
बेमेतरा जिला के बेरला ब्लॉक में स्कूल के सामने शराब दुकान होने से पालक सहित अंकुर सेवा संस्थान के संचालक राहुल टिकरिया ने इसका जमकर विरोध किया था। इस पर विधायक आशीष छाबड़ा ने जल्द से जल्द शराब दुकान हटाने को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।

14-05-2019
उमर खालिद ने पूछा-मोदी साहब, हमने तो टैक्सपेयर्स का हिसाब चुकता किया! आपने? 

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में देश विरोधी नारे लगाने के मामले में देशद्रोह का आरोप झेल रहे उमर खालिद ने अपनी पीएचडी पूरी कर ली है। यह जानकारी उमर खालिद ने ट्विटर पर शेयर की। डॉक्टर बनने के बाद उमर खालिद ने प्रधानमंत्री पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि मोदी साहब, हमने तो टैक्सपेयर्स का हिसाब चुकता किया! आपने? उमर खालिद ने पीएचडी पूरी होने पर डॉक्टर संगीता सेनगुप्ता, प्रोफेसर प्रभु महापात्रा और प्रोफेसर रोहन डिसूजा को विशेष रूप से धन्यवाद कहा। साथ ही बीतों सालों में उनके साथ खड़े रहने वालों का आभार जताया। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने जेएनयू राष्ट्रद्रोह मामले में अपनी चार्जशीट में जिन 10 लोगों को मुख्य आरोपी बनाया है, उमर खालिद का नाम उसमें शामिल है। इसके अलावा कन्हैया कुमार, अनिर्बान भट्टाचार्य समेत जेएनयू, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के 7 अन्य कश्मीरी छात्र शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दाखिल अपनी चार्जशीट में वीडियो फुटेज और 100 से ज्यादा गवाहों के बायन को आधार बनाया है। गौरतलब है कि जेएनयू में साल 2016 में संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की याद में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रविरोधी नारे लगे थे। जिसमें कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बन भट्टाचार्य को गिरफ्तार भी किया गया था। लेकिन बाद में वे जमानत पर रिहा हो गए। इस घटना को लेकर देश में संसद से सड़क तक जबरदस्त राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया था।

15-04-2019
इलाहाबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय में चली गोली, छात्र की मौत

इलाहाबाद। इलाहाबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय के पीसीबी हॉस्टल में सोमवार को  एक पूर्व छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। गोली मारने वाला युवक विश्वविद्यालय का ही छात्र है जो गोली मारने के बाद अपने साथी के साथ फरार हैं। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार आरोपी छात्र ने तीन दिन पहले ही यूनिवर्सिटी प्रशासन से मृतक पूर्व छात्र रोहित शुक्ला के खिलाफ परेशान करने व धमकी दिए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। संदेह जताया जा रहा है कि यही विवाद छात्र की मौत का कारण रहा होगा। इलाहाबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय से एमए की पढ़ाई कर रहे पीसीबी हॉस्टल के छात्र आदर्श त्रिपाठी ने तीन दिन पहले चीफ प्रॉक्टर से रोहित शुक्ला के खिलाफ शिकायत की थी। रोहित शुक्ला विश्वविद्यालय का पूर्व छात्र था और पिछले सत्र में यहां से एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था। देर रात रोहित शुक्ला पीसीबी हॉस्टल पहुंचा था। रात करीब तीन बजे हुई फायरिंग में रोहित को गोली लगी और कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि इस मामले की पड़ताल की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें कई जगहों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने मृत युवक के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

 

14-04-2019
जामिया मिलिया इस्लामिया विवि की पहली महिला कुलपति बनीं नजमा अख्तर

नई दिल्ली। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय का वाइस चांसलर  नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन (न्यूपा) की प्रमुख डॉ. नजमा अख्तर को बनाया गया है। केंद्रीय विश्वविद्यालयों के विजिटर की हैसियत से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय से मिले प्रस्ताव के बाद  नजमा अख्तर को वाइस चांसलर की जिम्मेदारी सौंपने पर अपनी मंजूरी की मोहर लगा दी। बता दें कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में गोल्ड मेडल के साथ पढ़ाई करने वाली प्रोफेसर नजमा अख्तर ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट हैं। वे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ाती भी रही हैं और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से भी जुड़ी रही हैं। वे ब्रिटेन के वारविक विश्वविद्यालय और नाटिंघम विश्वविद्यालय के अलावा आईआईईपी पेरिस यूनेस्को से भी शिक्षा प्राप्त कर चुकी हैं। देश में शैक्षिक प्रशासक तैयार करने के लिए इलाहाबाद में प्रदेश स्तर के पहले प्रबंधन संस्थान एसआईईएमईटी को स्थापित और सफलतापूर्वक विकसित करने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है।  वह दिल्ली स्थित किसी भी केंद्रीय विश्वविद्यालय की पहली महिला कुलपति भी हैं। इसे शैक्षणिक नेतृत्व के इतिहास में एक प्रगतिवादी निर्णय माना जा रहा है। पूरे जामिया समुदाय ने इस नियुक्ति के निर्णय का स्वागत किया और उनके अनुभव के आधार पर विभिन्न विषयों और ज्ञान तथा अध्ययन के क्षेत्र में सकारात्मक प्रगति की उम्मीद जताई। 

09-01-2019
Makhanlal Chaturvedi University : माखनलाल चतुर्वेदी विवि में कार्यवाहक कुलपति पी. नरहरि ने संभाला कार्यभार

भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति  पी. नरहरि ने  कार्यभार संभाल लिया है। इस अवसर पर निवर्तमान कुलपति  जगदीश उपासने ने उनका स्वागत किया और शुभकामनाएं दीं। कार्यवाहक कुलपति पी. नरहरि ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अध्यक्षों एवं अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया।

 

18-10-2018
ND Tiwari: यूपी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे एनडी तिवारी का निधन, जिस दिन पैदा हुए, उसी दिन कह गए अलविदा

नई दिल्ली: यूपी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी का निधन हो गया है। पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब थी। पिछले दिनों उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती भी किया गया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारायण दत्त तिवारी के निधन पर शोक जताया। आज ही उनका जन्मदिन भी है।

नारायण दत्त तिवारी का जन्म 1925 में नैनीताल जिले के बलूती गांव में हुआ था। तब न उत्तर प्रदेश का गठन भी नहीं हुआ था। भारत का ये हिस्सा 1937 के बाद से यूनाइटेड प्रोविंस के तौर पर जाना गया और आजादी के बाद संविधान लागू होने पर इसे उत्तर प्रदेश का नाम मिला। 

तिवारी के पिता पूर्णानंद तिवारी वन विभाग में अधिकारी थे। जाहिर है तब उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी रही होगी। महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन के आह्वान पर पूर्णानंद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। नारायण दत्त तिवारी शुरुआती शिक्षा हल्द्वानी, बरेली और नैनीताल में हुई। अपने पिता के तबादले की वजह से उन्हें एक से दूसरे शहर में रहते हुए अपनी पढ़ाई पूरी की। अपने पिता की तरह ही वे भी आजादी की लड़ाई में शामिल हुए।

1947 में चुने गए छात्र यूनियन के अध्यक्ष 

1947 में आजादी के साल ही वह इस विश्वविद्यालय में छात्र यूनियन के अध्यक्ष चुने गए। यह उनके सियासी जीवन की पहली सीढ़ी थी। आजादी के बाद 1950 में उत्तर प्रदेश के गठन और 1951-52 में प्रदेश के पहले विधानसभा चुनाव में तिवारी ने नैनीताल (उत्तर) सीट से सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर हिस्सा लिया। 

साल 1963 से शुरू हुआ कांग्रेस के साथ तिवारी का रिश्ता

कांग्रेस की सियासत करने वाले तिवारी की शुरुआत सोशलिस्ट पार्टी से हुई। 431 सदस्यीय विधानसभा में तब सोशलिस्ट पार्टी के 20 लोग चुनकर आए थे। कांग्रेस के साथ तिवारी का रिश्ता 1963 से शुरू हुआ। 

1965 में वह कांग्रेस के टिकट पर काशीपुर विधानसभा क्षेत्र से चुने गए और पहली बार मंत्रिपरिषद में उन्हें जगह मिली। कांग्रेस के साथ उनकी पारी कई साल चली। 1968 में जवाहरलाल नेहरू युवा केंद्र की स्थापना के पीछे उनका बड़ा योगदान था। 

1976 में बने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री

1969 से 1971 तक वे कांग्रेस की युवा संगठन के अध्यक्ष रहे। एक जनवरी 1976 को वह पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। यह कार्यकाल बेहद संक्षिप्त था। 1977 के जयप्रकाश आंदोलन की वजह से 30 अप्रैल को उनकी सरकार को इस्तीफा देना पड़ा। तिवारी तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।

वह अकेले राजनेता हैं जो दो राज्यों के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उत्तर प्रदेश के विभाजन के बाद वे उत्तरांचल के भी मुख्यमंत्री बने। केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उन्हें याद किया जाता है। 1990 में एक वक्त ऐसा भी था जब राजीव गांधी की हत्या के बाद प्रधानमंत्री के तौर पर उनकी दावेदारी की चर्चा भी हुई। आखिरकार कांग्रेस के भीतर पीवी नरसिंह राव के नाम पर मुहर लग गई। बाद में तिवारी आंध्रप्रदेश के राज्यपाल बनाए गए लेकिन यहां उनका कार्यकाल बेहद विवादास्पद रहा।

15-10-2018
Medicinal Science : नगरी के जंगलों में खोजे गए 50 से अधिक प्रजाति के औषधीय पौधे 

धमतरी। छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के तत्वाधान में नगरी के जंगलों और पहाड़ों पर औषधीय पौधे की खोज यात्रा के दौरान  50 से अधिक प्रजाति के औषधि पौधों की पहचान की जाकर उन के उपयोग तथा संरक्षण पर विचार विमर्श हुआ । छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में लाइफ साइंसेज विभाग के पूर्व अध्यक्ष और मध्य भारत के प्रसिद्ध वनस्पति वैज्ञानिक प्रोफेसर एम एल नायक के नेतृत्व में विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैद्यों, विज्ञान कार्यकर्ताओं तथा वनस्पति वैज्ञानिकों द्वारा औषधीय पौधों की खोज के दौरान कई प्रकार के दुर्लभ जड़ीबूटियों की पहचान की गई । यात्रा में शामिल वैद्यों द्वारा प्रत्येक जड़ीबूटी के बारे में अपने अनुभवों को सांझा किया गया। इनमें से कई औषधीय पौधे विलुप्ति के कगार पर है तथा उन्हें आईयूसीएल की इनडेंजर्ड प्लांट लिस्ट में जगह मिली है।

सभी प्रतिभागियों ने इन औषधीय पौधों को बचाने का संकल्प लिया। नगरी में खोजे गए पौधों में भूईनीम, सतावर, अतिबला, मेसवाक, दहिमन, बज्रदंती, मैदा, मालकांगनी, भूलनजड़ी, हिरणखुरी, इन्द्रायण, इन्द्रजौ, कलिहारी, डोटोकांदा (सिस्सस पेलाईडा ) , काली और सफेद मूसली , अनंतमूल, गुड़मार , मालाकंद ( जियोडोरम डेंसीफोरा ),गुंजा , सुदर्शन , विदारी कंद, डांगकांदा, सोमवंडी, वनहिरुवा, गोरखमुंडी, भोजराज, जलजमनी आदि पौधे शामिल हैं।
इस अवसर पर वैद्य प्रकाश गौर, के एस श्रीमाली तथा प्रोफेसर एम एल नायक का सम्मान किया गया जबकि सभी प्रतिभागियों को औषधीय पौधों के संरक्षण संवर्द्धन के लिए प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
इस 2 दिवसीय खोजयात्रा में  छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के राज्य केंद्र से प्रोफेसर एम एल नायक के साथ साथ विश्वास मेश्राम, लोकेंद्र सिंह और रतन गोंडाने ने भागीदारी की । छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा, नगरी इकाई के संयोजक वरुण किरण ने बाहर से आए वनस्पति विशेषज्ञों और खोजयात्रा में शामिल हुए वैद्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार जताया।आगामी दिनों में विज्ञान सभा द्वारा स्कूलों और कालेजों में विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक चेतना विकसित करने के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

06-09-2018
Seventh Pay : शिक्षकों ने बांधी काली पट्टी, सातवें वेतन आयोग को लागू करने की मांग

रायपुर। सातवें वेतनमान की मांग लेकर विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के शिक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है। आज प्रदेश के सभी कॉलेजों में शिक्षकों ने आंख में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करते हुए अध्यापन कार्य किया। इस दौरान छत्तीसगढ़ महाविद्यालयीन एवं विश्वविद्यालयीन शिक्षक महासंघ के महासचिव डॉ अजय शर्मा ने बताया की आज रायपुर सहित अन्य 27 जिलों में भी शिक्षकों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि

छत्तीसगढ़ के अनुदान प्राप्त एवं शासकीय विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के लगभग 3000 हजार शिक्षकों ने विरोध व्यक्त कर रहें है। साथ ही उन्होंने कहा की अगर जब तक राज्य प्रशासन आयोग के अनुरुप सातवां वेतन नही देंगा, तब तक तरीके से आन्दोलन जारी रहेगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि 10 एवं 11 सितम्बर को काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते हुए जनप्रतिनिधि से भेंट किया जाएगा। 12 सितम्बर को शिक्षण गण कलमबंद हडताल पर रहेंगे। 14 सितम्बर को आजाद चौक में रामधुर का आयोजन कर विरोध व्यक्त किया जाएगा। 15 सितम्बर को विशाल मौन रैली सुबह 11बजे से सप्रे शाला से मुख्यमंत्री निवास तक निकाली जाएगी।

 
 
 
 
 
 
 
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