GLIBS
26-05-2019
चुनाव आयोग ने हटाई देशभर में लागू आचार संहिता 

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव और चार राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम जारी हो चुके हैं। भाजपा ने बहुमत से केंद्र में सरकार बना ली है। इसी के साथ चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। लोकसभा चुनाव और आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडि़शा और सिक्किम में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद चुनाव आयोग ने यह फैसला लिया है।

22-05-2019
चुनाव आयोग के फैसले पर कांग्रेस का पलटवार, जानिए क्या कहा...

नई दिल्ली। चुनाव आयोग की ओर से वीवीपैट के इस्तेमाल को लेकर विपक्षी पार्टियों की मांग खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने बुधवार को एक पत्रकारवार्ता ली। अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि वीवीपैट पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या ऐसा इसलिए है क्योंकि चुनाव आचार संहिता, मोदी प्रचार संहिता बन गई है? क्या आप ईवीएम की विश्वसनीयता के लिए कुछ नहीं करेंगे? अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि क्या आप भाजपा के लिए ईवीएम इलेक्ट्रॉनिक विजय मशीनें बनाएंगे? क्या ऐसा इसलिए है क्योंकि चुनाव आयोग का मतलब इनफिब्लेड, इरीटेटेड, एलिमिनेटेड विश्वसनीयता है। इसके अलावा अभिषेक मनु सिंघवी ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि कुछ स्थितियों में वीवीपैट पर्ची का अनिवार्य सत्यापन नहीं किया जा सकता है।

22-05-2019
मतगणना स्थल में 3 लेयर पर होगी सुरक्षा व्यवस्था : सीईओ सुब्रत साहू 

रायपुर। कल लोकसभा चुनाव के मतगणना के लिए पुलिस विभाग ने पूरी तरह से तैयारियां कर ली है। वहीं आज मतगणना स्थल में एसपी सभी अधिकारी व पुलिसकर्मियों को दे दिशा निर्देश देकर मॉकड्रील करवाए। बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद कल परिणाम आने वाली है। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निर्वाचन आयोग पूरी तरह से तैयार है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने बताया कि मतगणना कर्मचारियों की प्रशिक्षण पूरी हो चुकी है। सुरक्षा की दृष्टिकोण से ईवीएम मशीन पर कड़ी सुरक्षा रखी गई है ताकि मतगणना के दौरान कोई बाधा न आए। उन्होंने बताया कि सुबह 8 बजे मतगणना शुरू होगी। रायपुर लोकसभा अंतर्गंत 9 विधानसभा क्षेत्रों के मतों की गणना होगी। दो विधानसभा के मतों की गणना बलौदाबाजार जिले में होगी। जिसके बाद दोनों जगह के आंकड़े को मिलाकर अंतिम परिणाम की घोषणा की जाएगी।

विधानसभावार लगेंगे 14 टेबल

शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में रायपुर जिले की सात विधानसभाओं के मतों की गिनती की जाएगी। प्रत्येक विधानसभा के मतगणना कक्ष में 14 टेबल लगाए जाएंगे। प्रत्येक राउंड में सभी 14 टेबलों पर मतदान केंद्र क्रमांक 1 से शुरू करते हुए मशीनें लाई जाएंगी। एक राउंड की गणना पूरी हो जाने के बाद ही दूसरे राउंड की मशीनें लाई जाएंगी। सहायक मतदान केंद्रों को स्वतंत्र मतदान केंद्र मानते हुए अलग टेबल आबंटित किया जाएगा।

मतगणना स्थल पर तीन लेयर में होगी सुरक्षा

लोकसभा चुनाव मतगणना के मद्देनजर पुलिस की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लगाई गई है। सेजबहार इलाके में स्थित शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में होने वाली मतगणना के दौरान सीआरपीएफ सहित अर्धसैनिक बल और राज्य पुलिस के करीब एक हजार अधिकारी और जवान को तैनात किये गये है। इस दौरान मेन गेट से लेकर सभाकक्ष और मतगणना स्थल से स्ट्रांग रूम तक पुलिस और अर्धसैनिक जवानो को तैनात किया गया है, साथ ही मेनगेट से मतगणना स्थल और सभागार तक जारी कार्डधारियो को ही प्रवेश दिया जायेगा। 

मतगणना स्थल के आसपास भारी वाहन प्रतिबंधित

इसके अलावा मतगणना दिवस पर पुराना धमतरी रोड पर भारी और मध्यम वाहनो का प्रवेश पुरी तरह से बंद किया गया है। ...इसके अलावा यातायात पुलिस ने एक एडवायजरी जारी करते हुए मतगणना में शामिल अधिकारी, कर्मचारियो समेत विभिन्न पार्टियो के अभिकर्ताओ और प्रेस के वाहनो की अलग-अलग व्यवस्था की गई है। वहीं प्रत्याशियो के विजय जुलुस को लेकर भी यातायात पुलिस ने पुरे शहर में करीब तीन सौ से ज्यादा जवान तैनात किये है। जिससे आज दोपहर करीब 3 बजे पुलिस के आलाधिकारी पुरी व्यवस्था की एक रिहर्सल भी किए और मॉकड्रील निकाले। 

मतगणना कार्य में लगे कर्मचारी सुबह 6 बजे पहुंचेंगे

मतगणना कार्य में लगे अधिकारी एवं कर्मचारियों को सुबह 6 बजे अपना परिचय पत्र लेकर मतगणना स्थल शासकीय इंजीनियरिंग कालेज सेजबहार में पहुंचना है। सभी को सुबह 7 बजे तक मतगणना टेबल में उपस्थित हो जाना है। मतगणना स्थल में मोबाईल फोन सहित कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, कैलकुलेटर, पेन ड्रॉईव, पेन अथवा पेंसिल ले जाना मना है। मतगणना अधिकारियों और कर्मचारियों को किस टेबल में उपस्थित होकर मतगणना करनी है, यह सुबह 5 बजे सामान्य प्रेक्षकों की उपस्थिति में तीसरे रैण्डमाईजेशन के बाद ही निर्धारित होगा।

मान्यता प्राप्त दलों के एजेंट की बैठने की व्यवस्था 

मतगणना कक्ष में बैठक व्यवस्था के अंतर्गत सबसे पहले मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के एजेंट बैठेंगे। इसके बाद राज्यों के मान्यता प्राप्त दलों के प्रत्याशियों के एजेंट जिन्हें आरक्षित प्रतीक के उपयोग की अनुमति प्राप्त हो, इसके बाद पंजीकृत अमान्यता प्राप्त दलों के प्रत्याशियो के एजेंट तथा सबसे बाद में निर्दलीय प्रत्याशियों के एजेंटों के बैठने की व्यवस्था होगी।

21-05-2019
विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग को सौंपा ज्ञापन,कहा गिनती से पहले किया जाए वीवीपीएटी पर्चियां का सत्यापन

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के नतीजे 23 मई को आएंगे, लेकिन उससे पहले ईवीएम पर घमासान जारी है। विपक्ष के 22 दलों ने चुनाव आयोग के समक्ष एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें अनुरोध किया गया है कि वोटों की गिनती शुरू करने से पहले वीवीपीएटी पर्चियों का सत्यापन किया जाना चाहिए। ज्ञापन में, विपक्षी नेताओं ने यह भी मांग की है कि अगर वीवीपीएटी सत्यापन के दौरान कहीं भी कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो पूरे संसदीय क्षेत्र की पर्चियां गिनी जाएं।
ईवीएम और वीवीपैट के मुद्दे पर कांग्रेस, सपा, बसपा, टीएमसी सहित सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं ने मंगलवार को एक बैठक की और फिर चुनाव आयोग पहुंचे। चुनाव आयोग से विपक्ष की बैठक के बाद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, 'हम पिछले 1.5 महीनों से इन्हीं मुद्दों को उठाया है। हमने चुनाव आयोग से पूछा कि उन्होंने जवाब क्यों नहीं दिया है। अजीब बात है, चुनाव आयोग ने हमें लगभग एक घंटे तक सुना और उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि वे कल सुबह फिर से मिलेंगे ताकि मुख्य रूप से इन 2 मुद्दों पर विचार किया जा सके।
बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा, उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर ईवीएम से जुड़ी गड़बड़ियां हुई हैं। हम केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग करते हैं।
इससे पहले चुनाव आयोग ने मतदान के बाद ईवीएम को मतगणना स्थलों तक पहुंचाने में गड़बड़ी और दुरुपयोग को लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार सहित विभिन्न राज्यों से मिली शिकायतों को शुरुआती जांच के आधार पर गलत बताते हुए खारिज कर दिया। जांच में पाया गया कि जिन मशीनों की शिकायत की गयी है वे रिजर्व मशीनें थीं। इनका मतदान में इस्तेमाल नहीं किया गया था। मतदान के दौरान ईवीएम में तकनीकी खराबी होने पर रिजर्व मशीनों से बदला जाता है।

20-05-2019
मतगणना की निष्पक्षता के लिए विशेष इंतजाम करे चुनाव आयोग : भाजपा

नई दिल्ली। चुनाव पश्चात सर्वेक्षणों में स्पष्ट बहुमत मिलने के अनुमानों से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को विपक्षी दलों के शासन वाले राज्यों में मतगणना में हेरफेर की आशंका सताने लगी है। पार्टी ने सोमवार को चुनाव आयोग से आग्रह किया कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की सुरक्षा कड़ी की जाए और वोटों की गिनती का काम केन्द्रीय चुनाव आयोग की निगरानी में पारदर्शी एवं सुरक्षित ढंग से सुनिश्चित किया जाए। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल ने निर्वाचन सदन में मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य आयुक्तों से मिलने के बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल में सातों चरणों में हुई हिंसा के स्थानों का विवरण दिया है और वहां दोबारा मतदान कराने की मांग की है।

श्री गोयल ने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल के अनुभव के आधार पर आयोग से अनुरोध किया है कि इस राज्य के साथ-साथ ओडिशा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा केन्द्रीय बलों के अधीन की जाये, हर मतगणना केन्द्र की सुरक्षा केन्द्रीय बलों के हाथ में हो और वहां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में गिनती करायी जाये, अनधिकृत व्यक्ति को कतई नहीं आने दिया जाये और इसकी निगरानी उच्चाधिकारी करें। मतगणना की प्रक्रिया की निष्पक्षता और ईवीएम की सुरक्षा के लिए विशेष पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाए। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि पांचों राज्यों में मतगणना में कोई अप्रिय घटना न घटे और मतों की गिनती निष्पक्षता, पारदर्शिता से मतगणना कराने के लिए चुनाव आयोग सख्ती से काम करेगा।

18-05-2019
आचार संहिता के उल्लंघन पर सनी देओल को चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस

नई दिल्ली। पंजाब के गुरुदासपुर संसदीय सीट पर भाजपा के प्रत्याशी और बॉलीवुड अभिनेता सन्नी देओल को चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता के कथित तौर पर उल्लंघन के मामले में नोटिस जारी किया है। फिल्म अभिनेता सनी देओल पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव प्रचार बंद होने के बाद शुक्रवार रात को पठानकोट में जनसभा की थी।
चुनाव आयोग को शिकायत मिली थी कि उन्होंने जनसभा में एक लाउड स्पीकर का इस्तेमाल किया गया जहां करीब 200 लोग मौजूद रहे। चुनाव आयोग के नोटिस में कहा गया है कि प्रचार बंद होने के दौरान जनसभा करके सनी देओल ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। वोटिंग शुरू होने से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार अभियान पूरी तरह प्रतिबंधित है। पंजाब में सभी 13 लोकसभा सीटों पर 19 मई को वोटिंग होगी। 

18-05-2019
चुनाव आयोग की क्लीन चिट पर आयोग में ही मतभेद, आयुक्त लवासा और सीईसी आमने-सामने

 

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के खत्म होते-होते चुनाव आयोग में भी मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। आयोग के आचार संहिता तोड़ने संबंधी कई फैसलों पर असहमति जताने वाले चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को पत्र लिखकर मांग की है कि आयोग के फैसलों में आयुक्तों के बीच मतभेद को भी आधिकारिक रिकॉर्ड पर शामिल किया जाए। अशोक लवासा देश के अगले मुख्य चुनाव आयुक्त बनने की कतार में हैं और सूत्रों के मुताबिक लवासा आचार संहिता उल्लंघन की शिकायतों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को सीधे-सीधे लगातार क्लीन चिट और विरोधी दलों के नेताओं को नोटिस थमाए जाने के खिलाफ रहे हैं। चुनाव आयोग में फैसले को लेकर हो रहे विवाद और लवासा की ओर से पत्र लिखे जाने को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा, 'चुनाव आयोग में 3 सदस्य होते हैं और तीनों एक-दूसरे के क्लोन नहीं हो सकते। मैं किसी भी तरह के बहस से नहीं भागता। हर चीज का वक्त होता है।'

चुनाव आयोग मोदी का पिट्ठू : कांग्रेस

दूसरी ओर, इस विवाद पर कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग मोदी का पिट्ठू बना चुना है, अशोक लवासा की चिट्ठी से साफ है कि सीईसी और उनके सहयोगी लवासा के बीच नरेंद्र मोदी और अमित शाह को लेकर जो अलग मत है, उसे रिकॉर्ड करने को तैयार नहीं हैं। इससे पहले सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग की बैठक में अपने अलग मत की वजह से सुर्खियों में रहे अशोक लवासा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखी चिट्ठी में कहा है कि 3 सदस्यीय आयोग में एक सदस्य का भी विचार भिन्न हो तो उसे आदेश में बाकायदा लिखा जाए। लवासा चुनाव आयोग में सुप्रीम कोर्ट जैसी व्यवस्था चाहते हैं। जिस तरह से कोर्ट की खंडपीठ या विशेष पीठ में किसी केस की सुनवाई के बाद फैसला सुनाते वक्त अगर किसी जज का फैसला सहमति से लिए गए फैसले के उलट रहता है तो भी उसका फैसला रिकॉर्ड किया जाता है।

17-05-2019
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग पर लगाया पक्षपात का आरोप

नई दिल्ली।  लोकसभा चुनाव के प्रचार के आखिरी दिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझसे डिबेट क्यों नहीं की। पीएम मोदी राफेल पर क्यों डर गए? राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग ने पीएम मोदी की सहूलियत के हिसाब से लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम तय किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी हिस्सा लिया। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि यह अप्रत्याशित है कि पीएम मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी और बीजेपी के पास असीमित पैसा है। उनके पास कांग्रेस से कहीं ज्यादा पैसा है। वह अपनी मार्केटिंग भी जबर्दश्त तरीके से कर सकते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि यह अनुपात 1: 20 का है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनके पास सिर्फ  सच है और सच की ही जीत होगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने 'न्यायÓ का भी उल्लेख किया।  कांग्रेस अध्यक्ष ने बसपा प्रमुख मायावती को लेकर पूछे गए सवालों पर कहा कि मायावती अपने तरीके से राजनीति करेंगी। मैं उन पर टिप्पणी नहीं कर सकता। मुझे इस बात को लेकर भी कोई आपत्ति नहीं है कि पीएम मोदी उनके बारे में क्या कहते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि वैचारिक तौर पर कांग्रेस, मायावती और अखिलेश एक हैं। राहुल गांधी ने विपक्षी एकता पर कहा कि 23 मई को स्पष्ट हो जाएगा। बता दें कि 23 मई को लोकसभा चुनाव के परिणाम आएंगे।

06-05-2019
रमजान में मतदान का समय नहीं बदलेगा : चुनाव आयोग

 

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने रमजान के दौरान वोटिंग का समय बदलने से इनकार कर दिया है। उसका कहना है कि मतदान अधिकारी पहले से ही बढ़े हुए घंटों में काम कर रहे हैं। हर राज्य में सूर्योदय का समय अलग-अलग होता है। अगर मतदान सूर्योदय से पहले शुरू होगा तो अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक बदलाव करने होंगे। ऐसे में अब इसमें फेरबदल मुमकिन नहीं है। आयोग ने यह भी कहा कि स्टाफ के लिए चुनाव प्रक्रिया काफी थकाऊ होती है। ऐसे में वोटिंग का वक्त बढ़ाए जाने की बात को व्यावहारिक नहीं कहा जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को चुनाव आयोग से एक याचिका पर विचार करने के लिए कहा था।

याचिका में रमजान और गर्मी के चलते लोकसभा चुनाव के बाकी चरणों में वोटिंग का वक्त सुबह 7 से 5 बजे करने की गुजारिश की गई थी। 7 मई से रमजान शुरू हो रहा है। दो वकीलों मोहम्मद निजामुद्दीन पाशा और असद हयात की तरफ से याचिका दायर की गई थी। याचिकाकतार्ओं ने चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुआई वाली बेंच से जल्द सुनवाई करने की अपील की थी। बेंच ने चुनाव आयोग से इस मामले में फैसला लेने को कहा था। याचिका पर विचार करने के लिए चुनाव आयोग ने अधिकारियों की एक कमेटी बनाई थी। पांचवें चरण में सोमवार को वोटिंग जारी है। छठें चरण में 12 मई और सातवें चरण में 19 मई को मतदान होगा।

02-05-2019
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा, क्या सुबह 5 बजे से शुरू हो सकता है मतदान

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से कहा कि प्रचंड गर्मी और रमजान को ध्यान में रखते हुए लोकसभा के शेष चरणों का मतदान शुरू होने का समय सुबह 5 बजे करने के बारे में निर्णय ले। सुप्रीम कोर्ट ने इस बाबत चुनाव आयोग से पूछा है। 

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ के समक्ष अधिवक्ता मो. निजामुद्दीन पाशा और असद हयात की याचिकाओं पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया गया। पीठ ने निर्वाचन आयोग के लिए पेश अधिवक्ता से कहा कि इस मसले पर निर्णय लिया जाए।

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि इस संबंध में निर्वाचन आयोग को सोमवार को ज्ञापन दिया गया था परंतु उसने अभी तक इसका कोई जवाब नहीं दिया है। याचिकाकर्ताओं ने देश के कई हिस्सों में प्रचंड गर्मी और इसी बीच रमजान के त्यौहार के मद्देनजर लोकसभा के चुनाव के पांचवे, छठे और सातवें चरण के लिये छह मई, 12 मई और 19 मई को होने वाले मतदान का समय (सुबह सात बजे की बजाए) सुबह साढ़े चार या पांच बजे करने का निर्देश निर्वाचन आयोग को देने का अनुरोध अपनी याचिका में किया था।

01-05-2019
ओडिशा में चुनाव आयोग ने हटाई आचार संहिता

नई दिल्ली। ओडिशा में तूफान फेनी के खतरे को देखते हुए चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। चुनाव आयोग ने ओडिशा के 11 जिलों में आचार संहिता को हटाने की मंजूरी दी है। इससे राहत एवं बचाव कार्यक्रम तेजी से किया जा सके। चुनाव अधिकारी ने जारी आदेश में कहा कि इससे पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, बालासोर, मयूरभंज, गजपति, गंजम, खोरधा, कटक और जाजपुर में ऐहतियाती कदम उठाने में तेजी आएगी। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के आग्रह पर चुनाव आयोग ने मंगलवार शाम यह निर्णय लिया। सीएम नवीन पटनायक चुनाव आयोग से तटीय जिलों से आदर्श आचार संहिता हटाने का आग्रह करने के लिए मंगलवार को दिल्ली प्रवास पर थे। इससे वहां तूफान फेनी के आने से पहले ही आपदा प्रबंधन कार्यवाही की जा सके। तूफान फेनी के ओडिशा तट पर शुक्रवार तक आने की संभावना है।

Advertise, Call Now - +91 76111 07804