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16-07-2019
डीजीपी को महानिदेशक एसआईबी और नक्सल ऑपरेशन का अतिरिक्त प्रभार

रायपुर। गृह विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के डीजीपी डीएम अवस्थी को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक महानिदेशक एसआईबी, नक्सल ऑपरेशन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। 
गृह विभाग द्वारा मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार विनय कुमार सिंह महानिदेशक ईओ डब्ल्यू, एसीबी छत्तीसगढ़ को तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक महानिदेशक नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा छत्तीसगढ़ के पद पर पदस्थ करते हुए उनको महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं छत्तीसगढ़ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। भारतीय पुलिस सेवा के 1987 बैच के विनय कुमार सिंह द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन भारतीय पुलिस सेवा (वेतन) नियम 2007 के नियम 11 के तहत महानिदेशक नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा छत्तीसगढ़ के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में भारतीय पुलिस सेवा के विशेष महानिदेशक के पद के समकक्ष घोषित किया गया है। 

16-07-2019
छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों का साढ़े छः करोड़ बकाया, बाहरी कलाकारों को दे दिया पूरा भुगतान 

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं मरवाही विधायक अजीत जोगी के प्रश्न के लिखित जवाब में संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने मंगलवार को विधानसभा में बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा जनवरी 2016 से मई 2019 तक छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों के 5981 सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करवाए गए, जिसके लिए उन्हें 47 करोड़ 48 लाख का भुगतान किया जाना था लेकिन उन्हें अभी तक केवल 41 करोड़ 01 लाख का भुगतान किया गया है। अर्थात छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों को लगभग 6 करोड़ 47 लाख अभी भी

दिया जाना बाकी है। इसमें वित्तीय वर्ष 2016- 2017 की बकाया राशि भी शामिल है। मंत्री के जवाब से एक बात और स्पष्ट है कि लोक कलाकारों को साल दो साल तक भी अपना भुगतान मिलने का इंतज़ार करना पड़ रहा है। 
वहीँ मंत्री अमरजीत भगत ने एक चौंकाने वाली जानकारी देते हुए बताया कि उक्त अवधि में छत्तीसगढ़ के बाहर के 101 कलाकारों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए बुलाया गया था और उन्हें 3 करोड़ 61 लाख 81 हज़ार का पूरा भुगतान कर दिया गया है।
मंत्री के जवाब पर पत्रकारों को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अजीत जोगी ने कहा कि एक ओर सरकार बाहरी कलाकारों पर मेहरबान है वहीँ छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों को उनका हक़ नहीं देकर उनकी घोर उपेक्षा कर रही है।

 

13-07-2019
 बीज बुआई महापर्व में दो लाख लोगों ने लिया हिस्सा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जंगलों में आयोजित बीज बुआई महापर्व में लगभग 2 लाख लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें प्रदेश के सभी 34 वन मंडलों के अंतर्गत 11 हजार 185 ग्रामों में गठित 7 हजार 887 वन प्रबंधन समितियों के सदस्य, वन अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। वन विभाग के इस अभियान को सारे लोगों ने एक ही दिन एक साथ मिलकर मूर्त रूप दिया। पूरे प्रदेश में 52 हजार 900 किलोग्राम फलदार एवं सब्जी बीज का छिड़काव किया गया, जिसमें 46 हजार 500 किलोग्राम फलदार वृक्ष के बीज,6 हजार 400 किलोग्राम सब्जी बीज और 19 लाख 35 हजार 500 नग सीड बॉल का छिड़काव किया गया। इसे बीज बुआई महापर्व का नाम दिया गया और वन विभाग द्वारा प्रतिवर्ष इसी दिन ऐसा आयोजन करने का निर्णय लिया गया। 
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा वन्यप्राधियों के लिए वन में आसानी से भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वन क्षेत्रों में फलदार वृक्ष प्रजातियों के बीजों के छिड़काव के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत वनमंत्री मो. अकबर के मार्गदर्शन में इस महाअभियान की शुरूआत की गई है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि इसका उद्देश्य वन क्षेत्रों में वन्य प्राणियों के लिए भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है ताकि वन्य प्राणियों के प्राकृतिक रहवास से उनका पलायन रोका जा सके। इसके अलावा वन क्षेत्रों में फलदार वृक्षों को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने बताया कि इस अभियान से वन प्रबंधन समिति को वनेत्तर क्षेत्रों में फलदार एवं सब्जी के वृक्षारोपण के माध्यम से अतिरिक्त आय भी अर्जित होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में फलों की उपलब्धता होगी, जिससे ग्रामीणों को उचित पोषण भी मिलेगा। साथ ही खुले वन क्षेत्र में फलदार प्रजातियों के रोपण द्वारा खुली वन भूमि का सदुपयोग भी होगा। 
इस अभियान के लिए फलदार वृक्षों के बीजों के छिड़काव के लिए खुला वन क्षेत्र जहां मिट्टी अच्छी हो, पुराने वृक्षारोपण क्षेत्र तथा वर्तमान में प्रस्तावित रोपण क्षेत्र, सीपीटी के मेड, जल मृदा संरक्षण के लिए निर्मित संरचनाओं जैसे- कन्टुर ट्रेन्च, तालाब, स्टॉप डैम तथा नदी नालों एवं अन्य छोटे जल स्त्रोत एवं अतिक्रमण हेतु संवेदनशील वन क्षेत्र एवं बेदखल अतिक्रमित क्षेत्रों का और सब्जी प्रजातियों के लिए वन क्षेत्र से बाहर सब्जी उत्पादन के लिए उपयुक्त भूमि का यचन किया गया है। चयनित भूमि में फलदार एवं सब्जी बीजों की बुआई के उपरांत उसकी सुरक्षा एवं रख-रखाव का दायित्व संबंधित वन प्रबंधन समिति सदस्यों को सौपा गया है। इन बीजों में फलदार प्रजातियों जैसे आम, कटहल, जामून, बेर, बेल, करौंदा वन क्षेत्रों में तथा लौकी, बरबटटी, भिण्डी, बैगन जैसे सब्जी प्रजातियों शामिल है।
बीजों की बुआई के लिए सामान्य बीज के साथ-साथ सीडबॉल का प्रयोग भी किया जा रहा है ताकि कम लागत एवं देख-भाल में स्वस्थ पौधे तैयार हो सके। राज्य के समस्त वनमण्डलों में विभिन्न प्रजातियों के 19 लाख 35 हजार 500 सीडबॉल तैयार कर बुआई की गई है। 
वन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार रायपुर वृत्त में 14775 कि.ग्रा. फलदार वृक्ष, 2757 कि.ग्रा. सब्जी बीज और 366734 नग सीड बॉल, दुर्ग वृत्त में 423 कि.ग्रा. फलदार वृक्ष, 278 कि.ग्रा. सब्जी बीज और 159766 नग सीड बॉल, सरगुजा वृत्त में 15406 कि.ग्रा. फलदार वृक्ष, 1058 कि.ग्रा. सब्जी बीज और 196200 नग सीड बॉल, बिलासपुर वृत्त में 3144 कि.ग्रा. फलदार वृक्ष, 324 कि.ग्रा. सब्जी बीज और 971230 नग सीड बॉल, जगदलपुर वृत्त में 4203 कि.ग्रा. फलदार वृक्ष, 402 कि.ग्रा. सब्जी बीज और 209798 नग सीड बॉल तथा कांकेर वृत्त में 8575 कि.ग्रा. फलदार वृक्ष, 1637 कि.ग्रा. सब्जी बीज और 31774 नग सीड बॉल का छिड़काव किया गया।

09-07-2019
छत्तीसगढ़ भवन में लगी हैंडलूम प्रदर्शनी में खरीदारों को भा रही शान्तिरानी साड़ी

रायपुर। देश और विदेश में छत्तीसगढ़ की समृद्ध कारीगरी का उदाहरण बनी शान्तिरानी साड़ी नई दिल्ली के साड़ी प्रेेमियों के आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। नई दिल्ली के छत्तीसगढ़ भवन में लगी हैंडलूम प्रदर्शनी में अब तक सैकड़ों खरीदारों ने छत्तीसगढ़ी बुनकरों से उनके उत्पाद खरीदे हैं। कोसा साडिय़ों की कारीगरी के लिए प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ के बुनकरों ने एक विलुप्त हो चुकी साड़ी को पुनर्जीवन प्रदान किया है। शान्तिरानी के नाम से प्रसिद्ध यह विशिष्ट कारीगरी वाली साड़ी 1980 के पूर्व काफी चलन में थी और छत्तीसगढ़ तथा बाहर के प्रदेशों के लोग भी इसे काफी पसंद करते थे। परन्तु अपनी दुरूह शैली और अत्यधिक परिश्रम के चलते इसे कारीगरों ने बनाना बंद कर दिया था। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के बुनकरों ने पुराने संदर्भ को जुटाकर परिश्रम से इसे पुन: नया जीवन प्रदान कर दिया है। यह साड़ी अब पुन: देश और विदेश में छत्तीसगढ़ की समृद्ध कारीगरी का उदाहरण बन गई है। इस विशिष्ट शैली को पुनर्जीवित करने वाले छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के बुनकर कन्हैया देवांगन ने बताया कि इस साड़ी की खासियत यह है कि इसमें सूक्ष्म और महीन कार्य होता है तो बिन्दुओं को इस प्रकार मिलाना होता है कि वह एक निश्चित आकार ले सके। इसमें धागों को पहले विभिन्न रंगों में रंगा जाता है और फिर सावधानीपूर्वक ताना-बाना में सेट किया जाता है। इसके लिए काफी परिश्रम और पूर्णता से कार्य करना होता है और काफी अनुभवी कारीगर ही इसे अंजाम दे सकता है। उन्होंने बताया कि इस साड़ी में 7,  8 और 9 लाइनें होती हैं और वे जब आपस में मिलती हंै तो नियत आकार के चैक्स का रूप ले लेती हैं। उन्होंने बताया कि शान्तिरानी साड़ी छत्तीसगढ़ से विदेशों को भी निर्यात की जा रही है।

09-07-2019
कृषि विभाग ने किसानों को दी खरीफ फसलों और सब्जियों के लिए सामयिक सलाह

रायपुर। छत्तीसगढ़ के अधिकांश भागों में मानसून वर्षा प्रारंभ हो चुकी है। कृषि विभाग द्वारा खरीफ मौसम में किसानों के लिए जारी की गई सामयिक सलाह में खेतों की जुताई कर खरीफ फसलों की बोआई करने की सलाह दी गई है। किसानों को बोआई के पूर्व बीजों को उपचारित करने भी कहा गया है। सामयिक सलाह में खरपतवार नियंत्रण के लिए रोपा धान में सकरी पत्ती वाली एवं चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार के नियंत्रण हेतु बुवाई के 3 से 7 दिन के अंदर ब्युटाक्लोर 3 लीटर दवा 500 लीटर पानी प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करने कहा गया है। धान की रोपाई वाले कुल क्षेत्रफल के दसवें भाग में नर्सरी तैयार करें इसके लिए मोटे धान वाली किस्मों की मात्रा 50 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर या पतला धान की किस्मों की मात्रा 40 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से बीज डालने की सलाह दी गई है। उकठा ग्रसित क्षेत्रों में अरहर के साथ ज्वार की मिलवा खेती करने से अरहर में उकठा (विल्ट) रोग कम लगता है। मूंगफली, सोयाबीन एवं अरहर हेतु जल निकास की व्यवस्था कर बुवाई करनी चाहिए। सोयाबीन एवं अन्य दलहनी फसलों के बीजों की राइजोबियम कल्चर 5 ग्राम एवं पीएसबी 10 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचार करने और सोयाबीन में खरपतवार नियंत्रण के लिए अंकुरण पूर्व क्यूजोलाफाप-पी-एथिल, इमेजाथाइपर या पेन्डीमेथिलिन या मैट्रीबुजिन का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। वर्षाकालीन सब्जियों के लिए दी गई सलाह में कद्दूवर्गीय, लौकी, करेला इत्यादि बेल वाली फसलों को बाड़ी में लगाने इसी प्रकार टमाटर, बैगन, मिर्च, भिन्डी एवं अन्य सब्जी वाली फसल में निंदाई, गुड़ाई करने कहा गया है। सामयिक सलाह में केले के पौधे की रोपाई का कार्य आरंभ करने और अन्य फलदार पौधों को लगाने का कार्य भी आरंभ करने कहा गया है।

07-07-2019
छत्तीसगढ़ में तीजा-पोला पर्व पर अवकाश छत्तीसगढिय़ा महलाओं का सम्मान

रायपुर।  छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा व संस्कृति का पर्व हरेली, तीजा-पोला, कर्मा जयंती जैसे पर्वों से लोगों की गहरी आस्था जुड़ी है। सामाजिक कार्यकर्ता सीमा साहू, भारती साहू, मोहनी डहरिया ने कहा कि उत्तर भारत में करवा चौथ का महत्व है , वैसे ही छत्तीसगढ़ में तीज का हरितालिका तीज जिसे छत्तीसगढ़ में सुहागिनें पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। इस तिथि पर शासकीय अवकाश घोषित करना महिलाओं का सम्मान है क्योंकि महिला निर्जला व्रत रखती है छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीजा के दिन शासकीय अवकाश घोषित करके महिलाओं का सम्मान किया है। सेरीखेड़ी की महिलाओं ने आज मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर भूपेश बघेल का आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री निवास में  मोहनी डहरिया, सीमा साहू, भारती साहू, धनेश्वरी साहू, नर्मदा साहू, यशोदा साहू, खेदीया पाल, जेठीया, रेवती धीवर, उर्मिला पाल, जमुना पाल, रामेश्वरी बंजारे, विनीता साहू, तारणी साहू, मनीषा साहू, रूखमणी पाल, उषा पाल, एगेश्वरी धीवर, हीरा धीवर, आशा धीवर, नंदनी धीवर, राजकुमारी सोनवानी सहित बहुत बड़ी संख्या में महिलाओं  ने मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया।

 

06-07-2019
8 जुलाई से 30 अगस्त तक होगा राशन कार्डों का नवीनीकरण 

कोरबा। छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के खण्ड 4 के उपखण्ड (6) के प्रावधान अनुसार 5 वर्ष से अधिक समय व्यतीत हो चुके वैध राशनकार्डो का नवीनीकरण 8 जुलाई से 30 जुलाई  तक किया जायेगा। कोरबा जिले में प्रचलित राशनकार्डो की नवीनीकरण हेतु आयुक्त, नगर पालिक निगम कोरबा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत (सर्व) एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सर्व) के द्वारा प्रत्येक ग्राम पचायत, शहरी वार्ड में नवीनीकरण हेतु आवेदन सह घोषणापत्र वितरीत एवं प्राप्त करने हेतु आवेदन प्राप्ति स्थल का चयन करने एव ंदल गठन करने की कार्यवाही की जा रही है। राशनकार्ड नवीनीकरण के आवेदन प्राप्ति हेतु चयनित स्थलों में 15 जुलाई 2019 से 29 जुलाई 2019 तक आवेदन प्राप्ति शिविरों का आयोजन किया जायेगा। राशनकार्ड नवीनीकरण  हेतु आवेदन पत्र के साथ राशनकार्डधारी मुखिया एवं परिवार के समस्त सदस्यों के आधार कार्ड की छायाप्रति, आधार कार्ड उपलब्ध नही होने की स्थिति में आधार पंजीयन पावती की छायाप्रति तथा संचालक खाद्य द्वारा अनुमोदित कोई एक फोटोयुक्त परिचय पत्र की छायाप्रति, राशनकार्डधारी मुखिया के बैंक खाते के प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति, राशनकार्ड के प्रथम एवं अंतिम पृष्ठ की छायाप्रति, राशनकार्डधारी मुखियाध् आवेदक के 02 नवीनतम पासपोर्ट साईज फोटो संलग्न करना होगा। खाद्य अधिकारी ने बताया कि नवीनीकरण हेतु ऐसे समस्त राशनकार्ड जिनमें आधार सीडिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है, उनके आवेदन में प्राप्त जानकारी के आधार पर डेटा एंट्री कराते हुए इनका नवीनीकरण किया जायेगा। ऐसे राशनकार्ड जो संदिग्ध हो, जिनके अपात्र होने के संबंध में शिकायत प्राप्त हो अथवा जिनके अब तक किसी भी सदस्य का आधार क्रमांक प्राप्त न हो ऐसे परिवार का भौतिक रूप से सत्यापन दल द्वारा जांच करने के उपरांत राशनकार्ड का नवीनीकरण किया जायेगा। विभाग द्वारा जिसके नाम से राशनकार्ड जारी किया गया है, नवीनीकरण के लिए उसी व्यक्ति को सत्यापन केन्द्र में उपस्थित होना अनिवार्य होगा। परिवार के किसी सदस्यध्व्यक्ति द्वारा किसी अन्य राशनकार्डधारी के राशनकार्ड के नवीनीकरण के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत नही किया जाएगा। गठित दल द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय से विगत 5 वर्षो में मृतक व्यक्तियों की सूची प्राप्त कर नवीनीकरण हेतु प्राप्त राशनकार्डो में शामिल सदस्यों से मिलान कर मृत व्यक्तियों के नाम राशनकार्ड से हटाए जायेगें। जनपद पचायंत कार्यालयध्नगरीय निकाय कार्यालय में राशनकार्ड साफ्टवेयर में नवीनीकरण हेतु पात्र पाए गए राशनकार्डधारियों की डेटाएंट्री की जायेेगी साथ ही प्रत्येक आवेदन पत्र को स्केन कर उसकी साफ्ट कापी कार्यालय में संधारित करेंगे तथा मूल आवेदन पत्र संबंधित ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय कार्यालय में सुरक्षित रखा जायेगा। जिले के प्रत्येक शासकीय उचित मूल्य दुकानों में नवीनीकरण की समयावधि, सत्यापन केन्द्र का स्थल, नवीनीकरण हेतु आवश्यक अभिलेख आदि की जानकारी का बैनर प्रदर्शित किया गया है।

05-07-2019
जनहितैषी व समृद्ध भारत निर्माण का बजट : बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं रायपुर दक्षिण विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट को जनहितैषी व समृद्ध भारत निर्माण का बजट बताया है। बृजमोहन ने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए 100 लाख करोड़ रुपए निवेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बजट में उल्लेखित महिलाओं को जनधन खाते से 5000 ओवरड्राप्ट की  सुविधा प्रदान करने की योजना नारी सशक्तीकरण की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। साथ ही कहा कि देश के लगभग 3 करोड़ छोटे दुकानदारों को पेंशन दिए जाने तथा दुकानदारों को 59 मिनट में लोन प्रदान करने की शुरू की जा रही योजना  व्यापार और छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा होगी। हाउसिंग लोन के ब्याज में साढ़े 3 लाख रुपए की छूट तथा 45 लाख की घर खरीदी पर डेढ़ लाख रुपए की छूट का प्रावधान सरकार का एक अच्छा कदम है। सन 2022 तक हर परिवार को घर और 2024 तक हर घर में स्वच्छ जल के लिए नल की सुविधा का लक्ष्य समृद्ध भारत निर्माण की दिशा में मोदी सरकार का बड़ा कदम है। बृजमोहन ने कहा कि किसी राष्ट्र की समृद्धि में वहां दी जाने वाली शिक्षा दीक्षा का महत्वपूर्ण योगदान रहता है कहीं न कहीं भारत देश की शिक्षा नीति को लेकर सवाल उठते रहे हैं केंद्र की मोदी सरकार ने अब नई शिक्षा नीति लाने और राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान बनाने का का जो निर्णय लिया है वह स्वागतेय है। सरकार का लक्ष्य देश में रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफार्म का है। आने वाले कल में हमारा यह भारत सफलता के शिखर में होगा और विश्व का सिरमौर बनेगा।

03-07-2019
वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा होंगे कांग्रेस के अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा को कांग्रेस का अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। राज्यसभा सांसद मोतीलाल वोरा फिलहाल कांग्रेस पार्टी के महासचिव (प्रशासन) के पद पर हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक नए अध्यक्ष की नियुक्ति तक वोरा यह पदभार संभालेंगे।  मोतीलाल वोरा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश के गवर्नर भी रहे हैं। उन्हें यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी का करीबी माना जाता है। वह पार्टी के सभी बड़े फैसलों में शामिल रहे हैं। इससे पहले राहुल गांधी ने बुधवार दोपहर बाद 4 पन्ने की चिट्ठी ट्वीट कर कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफे की आधिकारिक घोषणा की। 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी की करारी हार की जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने ट्विटर पर अपना प्रोफाइल भी अपडेट कर दिया, जिसमें उन्होंने खुद को अब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का सदस्य और सांसद बताया है।

02-07-2019
छत्तीसगढ़ के कई न्यायाधीशों का विभिन्न जगहों पर तबादला,  देखें पूरी लिस्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रदेश के कई न्यायाधीशों का तबादला कर दिया गया है। सिविल जजों को अलग-अलग स्थानों में भेजा गया है। आदेश के तहत उच्च न्यायिक सेवा समेत 40 जजों का तबादला कर दिया गया है। उच्च न्यायिक सेवा के 21 जजों का ट्रांसफर किया गया है वहीं सिविल जज द्वितीय श्रेणी के 8 जजों का तबादला किया गया है। इसके अलावा सिविल जज प्रथम श्रेणी के 2 जज और सीनियर सिविल के 9 जजों को इधर से उधर किया गया है। देखें स्थानांतरित जजों की सूची-

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट
सीजेएम राधिका सैनी को बैकुंठपुर रेवेन्यू कोर्ट से सीजेएम बैकुंठपुर , सीजेएम शैलेंद्र चौहान से कोंडागांव से कांकेर, सीजेएम उमेश कुमार को रायपुर से दंतेवाड़ा, सीजेएम ज्योति अग्रवाल को सूरजपुर से मुंगेली, सीजेम अच्छेलाल कच्छी को कुरूद से जगदलपुर, सीजेएम उदय लक्ष्मी परमार को दंतेवाड़ा से जांजगीर,  सीजेएम किरण त्रिपाठी को पेंड्रा रोड से महासमुंद, सीजेम स्मृता रत्नावत को बालोद से दुर्ग, सीजेएम अमित राठौर को रायगढ़ से खैरागढ़

उच्च न्यायिक सेवा के 21 डीजे, एडीजी का ट्रांसफर
- एडीजी अनीता डहरिया को राजनांदगांव कोर्ट से अंबिकापुर कोर्ट, एडीजी धानेश्वरी सिदार को दंतेवाड़ा से खैरागढ़, एडीजी बृजेंद्र कुमार शास्त्री को बालौदाबाजार से रायगढ़, एडीजी छमेश्वर लाल पटेल को बेमेतरा से धमतरी, एडीजी गिरिजा देवी मेरावी को दुर्ग से सूरजपुर, एडीजी संतोष कुमार आदित्य को सूरजपुर से जांजगीर, एडीजी सरोज नंद दास को खैरागढ़ से रायगढ़, एडीजी देवेंद्र नाथ भगत को धमतरी से जगदलपुर, एडीजी को खिलावन राम रिगरी को रामानुजगंज से बिलासपुर, एडीजी रामजीवन देवांगन को बालौदा बाजार से दुर्ग, एडीजी प्रफुल्ल सोनवानी को अंबिकापुर से बलौदाबाजार, एडीजी ऋषि कुमार बर्मन को दुर्ग से रामानुजगंज,  एडीजी लीलाधर सारथी को बिलासपुर से रायपुर, एडीजी गीता नेवारे को बिलासपुर से रायगढ़, एडीजी संघपुष्प भतपहरी को दुर्ग से सूरजपुर, एडीजी हरीश कुमार अवस्थी को सूरजपुर से दुर्ग, एडीजी श्रृद्धा शुक्ला को रायपुर से दुर्ग, एडीजी गरिमा शर्मा को रायगढ़ से दुर्ग, एडीजी पंकज शर्मा को दुर्ग से बिलासपुर, एडीजी ममता पटेल को महासमुंद से बेमेतरा, एडीजी सिद्धार्थ अग्रवाल को नई दिल्ली से बिलासपुर

सिविल जज की स्थानांतरण सूची
सीजे विवेक नेताम को रायपुर से राजिम, सीजे दिलीप सिंह बघेल बिलासपुर से नवागढ़, सीजे कंचन लता अचला को रायपुर से तिल्दा, सीजे मृणालिनी कटूलकर को जगदलपुर से मुंगेली, सीजे गिरीश पाल सिंह को रायगढ़ से डोंगरगढ़, सीजे रमेश कुमार चौहान को कोरबा से राजनांदगांव, सीजे दीपा सुचिता तिर्के को बिलासपुर से तखतपुर, सीजे सुमन धु्रव को बेमेतरा से छुईखदान

सीजे प्रथम श्रेणी
सीजेसीएफ राकेश कुमार सोम को खैरागढ़ से बीजापुर, सीजेसीएफ आनंद प्रकाश दीक्षित को दुर्ग से रायपुर

 

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