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14-04-2019
महाअष्टमी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, भक्तों को किया गया प्रसाद का वितरण

राजिम। नवापारा-रायपुर मेन रोड पर स्थित मौली माता मंदिर में नवरात्रि पर हवन पूजन किया गया। इस अवसर पर नौ कन्याओं को भोज कराने के बाद राहगीरों को प्रसादी वितरण किया गया। प्रसादी वितरण में प्रदेश राईस मिल एसोसिएशन के देवराज सांखला, मंडल अध्यक्ष परदेशीराम साहू, किशन सांखला, पार्षद भूपेन्द्र सोनी, संजय बंगानी, नागेन्द्र वर्मा, मुकुंद मेश्राम, गुलाब राव, ओमप्रकाश जैन, दिनेश यादव, साधना सौरज, ओमकुमारी साहू के अलावा मंदिर समिति के सदस्यों ने सहयोग किया। उल्लेखनीय है कि यहां पर पिछले एक दशक से बहुत ही धूमधाम के साथ पूजा-अर्चना की जाती है तथा प्रसादी का वितरण बहुत ही श्रद्धाभक्ति और आत्मीयता के साथ कराया जाता है।

वहीं मौली माता के अलावा नगर के सभी देवी मंदिरों व जंवारा घरों में हवन-पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने हवन कुण्ड में सांखला डालकर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूणार्हूति दी। शहर के सुप्रसिद्ध काली माता मंदिर, शीतला, दुर्गा दरबार, शीतमा माता मंदिर, संतोषी माता मंदिर, परमेश्वरी मंदिर, माता कर्मा मंदिर सहित अनेकों मंदिर में हवन पूजन किया गया।

 

08-04-2019
भवानी मंदिर में सुंदरकांड व हनुमान चालीसा पाठ कल

कोरबा। नवरात्रि पर दर्री के भवानी मंदिर में सुंदरकांड व हनुमान चालीसा पाठ कल मंगलवार को आयोजित होगी। सप्तमी के दिन संध्याकालीन आरती के बाद महासप्तमी दान होगा। भवानी मंदिर में प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना, श्री गणपति पूजन, वेद परायण के बाद ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए। इसी दिन कलश स्थापना के बाद श्री महाशतचंडी यज्ञ भी प्रारंभ हुआ। 19 अप्रैल को हनुमान जयंती पर विशेष पूजा होगी। मां भवानी गो सेवाश्रम ने श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने आग्रह किया है।

08-04-2019
इस नवरात्रि पर बनाएं स्पेशल साबूदाना कटलेट्स, देखें पूरी खबर...

रायपुर। इस नवरात्रि में सिंपल साबुदाना रेसिपी से अगर आप बोर हो चुके हैं तो साबुदाना कटलेट्स रेसिपी बना सकते हैं। यह बहुत स्वादिष्ट और यमी रेसिपी है। यह रेसिपी नॉर्मल साबूदाना खिचड़ी से अलग तरीके से बनाई जाती है। आइए जानते हैं इस रेसिपी को बनाने की विधि:

सामग्री :-

साबू दाना : 1 छोटा कप
आलू : 4
भुनी हुई मूँगफली कापाउडर : 50 ग्राम
सिंघाड़े का आटा : 2 स्पून
सेंधा नमक : स्वादअनुसार
हरी मिर्च : 4
1 नींबू : 1 
जीरा पाउडर : दो चुटकी
तेल या घी : एक कटोरी
 काली मिर्च : दो चुटकी
हरी धनिया की पत्ती  : 50 ग्राम 
दही : 100 ग्राम

इन बातों का रखें ध्यान : 

यदि आप व्रत में जीरा पाउडर खाना पसंद नहीं करते हैं तो उसे ना डालें।
तवे पर बनाते समय एक बात का ध्यान रखें कि तवा नॉन स्टिकी होना चाहिए।
सिंघाड़े का आटा ना भी मिलाएं तो भी ये तैयार हो जायेंगी।
आकार देते समय हाथ में पानी या घी या हल्का सा तेल लगा लें।

बनाने की विधि : 

- साबुदाना को 6 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें। इसके बाद साबुदाना को एक बड़े से काँच के बाउल में निकाल लें।
- फिर उसमें उबले हुए चार आलू डाल दें और साथ में पिसा हुआ जीरा का पाउडर, कटी हुई बारीक धनिया की पत्ती, स्वादानुसार सेंधा नमक डालें।
- अब इसमें 2 टी स्पून सिंघाड़े का आटा भी मिला दें और साथ में भुनी हुई मूँगफली को पीसकर डाल दें। इसमें आधा कटा हुआ नींबू का रस, चार कटी हुई हरी मिर्च, थोड़ी काली मिर्च मिला लें।
- इस मिश्रण को अच्छे से हाथों की सहायता से मिला लें। इसके बाद इनको गोल आकार में शेप दें।
- अब इन्हें तेल या घी में एक साथ दो-दो के ग्रुप में तलना शुरू करें। आप चाहे तो इन्हें तवे पर हल्के तेल में भी तल सकते हैं। सुनहरा होने पर इन्हें निकाल लें।
- गर्मा-गरम साबुदाना के कटलेट्स को दही या हरी धनिया पत्ती की चटनी के साथ सर्व करें।

06-04-2019
नवरात्रि में सोलह श्रृंगार का विशेष महत्व

रायपुर। आज चैत्र नवरात्री का पहली व्रत है। नवरात्री में मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा की जाती है। मां दुर्गा की पूजा के साथ-साथ नवरात्री में सोलह श्रृंगार का भी विशेष बहुत महत्व है और महिलाओं के लिए यह बहुत जरूरी भी समझा जाता है। मगर क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे की वजह क्या है। चलिए आपको बताते हैं कि आखिर नवरात्री में 16 श्रृंगार करना क्यों जरूरी है।

क्या है 16 श्रृंगार?

इस पर्व पर महिलाएं मां भगवती को खुश करने के लिए ये श्रृंगार करती हैं। ऋग्वेद में कहा गया है कि महिलाओं का सोलह श्रृंगार करना सिर्फ खूबसूरती ही नहीं, भाग्य को भी बढ़ाता है। साथ ही इससे घर में सुख-समृद्धि भी बनी रहती है। ऐसे में जरूरी है कि इस दौरान महिलाएं सोलह श्रृंगार करें।

16 श्रृंगार में होती हैं ये चीजें :-

लाल रंग का जोड़ा : माता रानी को लाल रंग बहुत प्रिय है इसलिए कोशिश करें की आप नवरात्री व्रत के दौरान लाल रंग के कपड़ें ही पहनें।

मंगल सूत्र : जहां मंगलसूत्र सुहाग की पवित्र निशानी माना जाता है, वहीं इसके काले मोती महिलाओं को बुरी नजर से भी बचाते हैं। सुहागन औरतों को इसे कभी अपने गले से नहीं निकालना चाहिए, खासकर नवरात्री के मौके पर।

बिंदी : महिलाओं की सुंदरता में चार चांद लगाने का काम करती है। साथ ही इसे परिवार की समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। नवरात्री के दौरान आप अपने माथे पर कुमकुम या सिंदूर की बिंदी लगाएं। हालांकि आप चाहे तो स्टीकर वाली बिंदी भी लगा सकती हैं।

सिंदूर : सिंदूर को सुहाग की निशानी माना जाता है। जहां मां दुर्गा की पूजा में सिंदूर इस्तेमाल किया जाता है। वहीं इसे लगाने से पति की उम्र भी लंबी होती है।

काजल : काजल ना सिर्फ महिलाओं की खूबसूरती बढ़ाता है बल्कि यह बुरी नजर से बचाने का भी काम करता है। ऐसे में नवरात्री में काजल लगाना ना भूलें।

मेहंदी : मेहंदी के बिना हर सुहागन का श्रृंगार अधूरा माना जाता है। किसी भी त्यौहार या फंक्शन में महिलाएं मेहंदी जरूर लगाती हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि मेहंदी का रंग पति-पत्नी के प्यार को जाहिर करता है। इसका रंग जितना गाढ़ा होगा पति अपनी पत्नी से उतना ही प्यार करेगा।

गजरा : वैसे तो आजकल कम महिलाएं ही गजरा पहनना पसंद करती हैं लेकिन नवरात्री में जरूर पहनें क्योंकि यह 16 श्रृंगार का खास हिस्सा है। मां दुर्गा को मोगरे के फूल प्रिय होते हैं। ऐसे में आप जूड़ा बनाकर इसमें इस फूलों से बना गजरा लगा सकती हैं। यह ना सिर्फ आपको खूबसूरत दिखाएंगा बल्कि इससे आप महक भी उठेंगी।

मांग टीका : ऐसा माना जाता है कि शादी के दौरान महिलाओं को मांग टीका इसलिए पहनाया जाता है, ताकि वह सीधे रास्ते पर चले। माथे पर पहना जाने वाला यह आभूषण सिंदूर के साथ मिलकर हर महिला की सुंदरता में चार चांद लगा देता है।

नथ : वैसे तो आजकल कुवांरी महिलाएं भी नोज रिंग डालना पसंद करती हैं लेकिन सुहागिन महिलाओं के लिए नाक में नथ पहनना जरूरी माना जाता है। हालांकि आजकल औरतें नोजपिन पहनती हैं, जिसे लौंग भी कहते हैं।

कानों में झुमके : झुमके, ईयरिंग्स या फिर बालियां ना सिर्फ पर्सनैलिटी को बढ़ाने का काम करती हैं बल्कि इससे चेहरे भी खिल उठता है। इसे भी 16 श्रृंगार का खास हिस्सा माना जाता है।

चूड़ियां : चूड़ियां सुहाग का प्रतीक मानी जाती हैं। नवरात्रि में हर महिला की कलाई लाल चूड़ियों से भरी होनी चाहिए। वहीं अगर आप कुंवारी है तो हरी-लाल चूड़ियां पहन सकती हैं। लाल रंग की चूड़ियां इस बात का प्रतीक होती हैं कि विवाह के बाद वह पूरी तरह खुश और संतुष्ट है। हरा रंग शादी के बाद उसके परिवार के समृद्धि का प्रतीक है।

अंगूठी : अंगूठी को ना सिर्फ सोलह श्रृंगार का हिस्सा बल्कि इसे पति-पत्नी के प्यार और विश्वास का प्रतीक भी माना जाता है।

28-03-2019
शत्रुघ्न सिन्हा नवरात्रि में कांग्रेस में करेंगे प्रवेश

नई दिल्ली। अभिनेता और पटना साहिब के मौजूदा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का गुरुवार को कांग्रेस में प्रवेश होना था। सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि अब वे अप्रैल में नवरात्रि पर कांग्रेस की सदस्यता लेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि नवरात्रि में शुभ मुहूर्त होता है, इसलिए वह अच्छे काम की शुरुआत पहले नवरात्रि को 6 अप्रैल से करेंगे। राहुल से मिलकर आए शत्रुघ्न ने एक बार फिर से दोहराया है कि वह पटना साहिब लोकसभा सीट से ही चुनावी समर में उतरेंगे।  कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने बताया है कि शत्रुघ्न सिन्हा ने कांग्रेस में शामिल होने का फैसला लिया है। वह हमारे स्टार नेता और स्टार प्रचारक के तौर पर काम करेंगे। लेकिन शत्रुघ्न सिन्हा की पटना साहिब सीट से चुनाव में उतरने को लेकर उन्होंने कुछ नहीं कहा। 

 शत्रुघ्न सिन्हा बिहार के पटना साहिब से भाजपा के सांसद हैं। लोकसभा 2019 के चुनाव में पार्टी ने इस सीट से केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को उतार दिया है। 

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