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10-07-2019
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में इन कार्यों के लिए है बजट का प्रावधान 

रायपुर। केंद्र सरकार ने 2019-20 का बजट वित्तमंत्री, भारत सरकार निर्मला सीतारमण द्वारा 5 जुलाई को संसद में पेश किया गया था। इसी परिप्रेक्ष्य में रेलवे में चल रही विभिन्न परियोजनाओं, नई परियोजनाओं, कार्यों एवं मदों के लिए बजट का प्रावधान किया गया। इसमें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के लिए विभिन्न मदों के लिए बजट प्रावधान की जानकारी इस प्रकार है-

 

10-07-2019
बजट में दिया गया हर आंकड़ा सही है : सीतारमण

नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2019-20 के लिए संसद में पिछले सप्ताह पेश बजट के आँकड़ों पर विपक्ष द्वारा उठाये गये सवालों को खारिज करते हुये वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण में बुधवार को कहा कि बजट में दिया गया हर आंकड़ा विश्वसनीय है और उन्हें लेकर किसी प्रकार की कयासबाजी की जरूरत नहीं है। लोकसभा में बजट पर तीन दिन में करीब 16 घंटे चली चर्चा का जवाब जवाब देते हुये सीतारमण ने कहा बजट में उल्लिखित आंकड़ों को लेकर कयासबाजी की आवश्यकता नहीं है। हर आंकड़ा विश्वसनीय है। सरकार परिवर्तनकारी बदलावों में विश्वास रखती है। बजट में हर क्षेत्र को महत्त्व दिया गया है।

कांग्रेस, तृणमूल तथा अन्य विपक्षी दलों की टोकाटाकी, हंगामा, नारेबाजी और बाद में बहिर्गमन के बीच करीब डेढ़ घंटे के अपने जवाब में वित्त मंत्री ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), मनरेगा, अनुसूचित जाति/जनजाति, महिलाओं, बच्चों, पूर्वोत्तर के राज्यों तथा सब्सिडी के लिए बजट में किये गये प्रावधानों का बचाव किया तथा बताया कि इनके लिए आवंटन बढ़ाये गये हैं; हालाँकि उन्होंने अधिकतर मामले में 2018-19 के बजट के मूल प्रावधान से 2019-20 के मूल प्रावधान की तुलना की तथा कुछ ही मामलों में 2018-19 के संशोधित अनुमान से तुलना की। उन्होंने बजट भाषण में कृषि क्षेत्र का उल्लेख नहीं होने के विपक्षी सदस्यों के आरोपों को गलत बताते हुये कहा कि उनके भाषण में यदि किसी एक क्षेत्र का सबसे ज्यादा उल्लेख हुआ है तो वह कृषि क्षेत्र है।

06-07-2019
अर्थव्यवस्था 2025 तक पांच ट्रिलीयन डालर तक ले जाने का सपना दिखाकर आम आदमी को भ्रमित करने का प्रयास : रमेश वर्ल्यानी

रायपुर। केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को पेश किए गए बजट को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री व प्रवक्ता एवं आर्थिक विशेषज्ञ रमेश वल्यार्नी ने कहा कि मोदी सरकार के आर्थिक-सर्वेक्षण रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया था कि मोदी सरकार देश की अर्थ-व्यवस्था की बदहाल स्थिति की अनदेखी करते हुए, अपने बजट में केवल आंकड़ो की बाजीगरी प्रदर्शित करेगी।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वे ‘बजट’ नहीं, ‘बही खाता’ पेश करेंगी। इसके पहले वित्त मंत्री ब्रीफकेस में बजट लेकर आते रहे हैं, लेकिन वर्तमान वित्तमंत्री उद्योगपतियों की तर्ज पर लाल कपड़े में बही खाता बांधकर संसद भवन पहुंची। बजट में सरकार की कार्ययोजनाओं का विजन होता है और बही खातों में आय व्यय का हिसाब-किताब होता है। बजट ने देश की जमीनी हालत की अनदेखी कर केवल कार्पोरेट घरानों का ध्यान रखा गया है। किसानों की आमदनी दोगुनी करने की कोई दिशा नहीं है। 2 करोड़ नौजवानों को रोजगार देने पर बजट मौन है। विदेशों से कालाधन लाने पर बजट में कोई चर्चा नही है। नोटबंदी और जीएसटी से बेपटरी हुई अर्थव्यवस्था को उबारने के लिये सरकार ने कोई उपाय नहीं किये है। निर्माण क्षेत्र में भारी मंदी है। यूपीए सरकार में निवेश जीडीपी का 40 प्रतिशत था जो घटकर 30 प्रतिशत रह गया है। कृषि क्षेत्र में लगातार गिरावट जारी है।

बेरोजगारी दर पिछले चार दशकों की तुलना में उच्चत्तम स्तर पर पहुंच गई है। व्यापार संतुलन में 15.4 अरब डालर का घाटा दर्ज हुआ। राजकोषीय धारा 3.8 प्रतिशत रखने की चुनौती बनी हुई है, लेकिन इन सबकी अनदेखी करते हुए वित्तमंत्री ने बजट में मोदी सरकारी की सारी पुरानी योजनाओं को दोहराने का काम किया है। बजट में देश की अर्थव्यवस्था को 2025 तक पांच ट्रिलीयन डालर तक ले जाने का सपना दिखाकर आम आदमी को भ्रमित करने का प्रयास किया गया है। प्रवक्ता रमेश वल्यार्नी ने बताया कि 400 करोड़ टर्नओवर वाली बड़ी कंपनियों पर कार्पोरेट टैक्स 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया। वहीं 10 लाख रुपये से अधिक सालाना आमदनी वाले मध्यम वर्ग के लोगों को जिसमें व्यापारी, प्रोफेशनल्स एवं कर्मचारी वर्ग आता है पर 30 प्रतिशत के आय की दर यथावत रखी गई है।

05-07-2019
नवीन भारत को वैश्विक ताकत बनाने में मददगार साबित होगा बजट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पेश किये गये बजट प्रस्तावों का स्वागत करते हुये कहा कि बजट के प्रावधानों से नवीन भारत को वैश्विक ताकत बनाने में तेजी आयेगी। योगी ने कहा हम बेहतरीन बजट प्रस्तावों के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। बजट में समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री ने जनआकांक्षाओं को पूरा किया है। लोकसभा चुनाव में देश की जनता ने उन पर जो भरोसा किया था, उस पर वह खरे उतरे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा यह बजट देश को वैश्विक ताकत बनाने में मददगार साबित होगा। तीन ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था के करीब पहुंचा देश निकट भविष्य में पांच ट्रिलियन डालर के लक्ष्य को हासिल करेगा। उन्होने कहा कि सरकार हर किसी को घर,शौचालय, बिजली और गैस कनेक्शन देने के वादे को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। वर्ष 2024 तक ‘हर घर जल’ की बड़ी योजना का वादा हर हाल में पूरा किया जायेगा। सरकार को गरीबों की चिंता है और बजट में इस वर्ग के उत्थान के लिये प्रभावी इंतजाम किये गये है। इसके अलावा देश के विकास के लिये जरूरी मूलभूत ढांचे,उद्योग और स्टार्ट अप और मेक इन इंडिया के बारे में बजट में पर्याप्त प्रावधान किये गये हैं।

05-07-2019
महिला स्वयं सहायता समूह को ऋण और ओवरड्राफ्ट

नई दिल्ली। सरकार, देश की विकास प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए जन-धन बैंक खाते वाली स्वयं सहायता समूह की प्रत्येक महिला सदस्य को 5,000 रुपये के ओवर ड्राफ्ट की सुविधा देने तथा मुद्रा योजना के तहत प्रत्येक स्वयं सहायता समूह की एक महिला सदस्य को एक लाख रुपये तक का कर्ज देने की घोषणा की है । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में वर्ष 2019..20 का बजट पेश करते हुए कहा कि जन-धन बैंक खाताधारी प्रत्येक महिला स्वयं सहायता समूह के प्रत्येक सदस्य को 5,000 रुपये के ओवरड्राफ्ट की अनुमति देने का प्रस्ताव किया गया है । महिला स्व-सहायता समूहों के लिए ब्याज सब्सिडी कार्यक्रम का विस्तार सभी जिलों में करने का भी प्रस्ताव किया गया है।

प्रत्येक महिला स्वयं सहायता समूह में एक महिला सदस्य को मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने मुद्रा, स्टैंड अप इंडिया और स्व-सहायता समूह (एसएचजी) के माध्यम से महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने इस संदर्भ में स्वामी रामकृष्ण परमहंस को स्वामी विवेकानंद द्वारा लिखे गये पत्र का उल्लेख करते हुए कहा, नारी की स्थिति सुधारे बिना संसार का कल्याण नहीं हो सकता। किसी पक्षी के लिए एक पंख से उड़ना संभव नहीं है। यह सरकार मानती है कि महिलाओं की और अधिक भागीदारी से ही प्रगति कर सकते हैं।

05-07-2019
जल, थल, वायु संपर्क बढ़ाना प्राथमिकता : निर्मला

नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि देश में भारतमाला, सागरमाला तथा उड़ान परियोजनाओं के जरिए कनेक्टिविटी बढाने की परियोजनाओं को महत्व दिया जा रहा है और गांव तथा शहरों के बीच दूरी कम करने के लिए सभी मौसम में सुलभ सड़कें उपलब्ध कराई जा रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश करते हुए कहा कि परिवहन क्षेत्र में ढांचागत विकास सरकार की पहली प्राथमिकता है और इसके लिए जल, थल और वायु परिहवन को बढावा दिया जा रहा है।

भारतमाला योजना के तहत देश में सडकों का जाल बिछाया जा रहा है और सागरमाला के तहत बंदगाहों को सडक नेटवर्क से जोडा जा रहा है जबकि उडान योजना के तहत सभी क्षेत्रों को वायु मार्ग से जोडा जा रहा है। सागरमाला से बंदरगाहों की कनेक्टिविटी बढेगी और भारतमाला के तहत सडक नेटवर्क बढाया जाएगा उन्होंने कहा कि देश का कोई हिस्सा सडक परिवहन से वंचित नहीं रहे इसके लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक योजना के तहत तीसरे चरण में एक लाख 25 हजार किलोमीटर सडकों का सुधार किया जाएगा और इसके लिए 80250 करोड रुपए की व्यवस्था की गयी है। अगले पांच साल में केंद्र सरकार की इस योजना से देश के ग्रमीण इलाकों में बडा बदलाव आएगा और ग्रामीण क्षेत्र बडे बाजार के रूप में उभरेंगे।

भारत माला, सागरमाला तथा उडान योजना देश के गरीब तथा शहरी क्षेत्रों को जोड़ने का काम कर रही हैं। इस योजना से देश में परिवहन की व्यवस्था में सुधार हो रहा है और इस प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्गों के पुनर्निर्माण और कनेक्टिविटी को प्राथमिकता के साथ बढावा दिया जाएगा और इन तीनों योजनाओं के तहत इसके लक्ष्य को हासिल किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में 657 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क संचालित किया जा रहा है तथा सरकारी और निजी भागीदारी के तहत रेल परिवहन को विकसित किया जा रहा हे। जल परिवहन को बढावा देने पर विशेष बल दिया जा रहा है ताकि देश के हर हिस्से तक नदियों के माध्यम से कनेक्टिविटी स्थापित की जा सके। उन्होंने कहा कि ढांचागत विकास मजबूत किया जाएगा और इसके लिए देशी और विदेशी निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही ऐसी सडकों का निर्माण किया जा रहा है जो हर मौसम के अनुकूल हो और अब तक करीब 97 प्रतिशत बस्तियों की पहुंच इस तरह की सडकों तक हो चुकी है ओर इसमें तेजी लायी जा रही है।

05-07-2019
आईटीआर के लिए मोदी सरकार ने किया बड़ा ऐलान : आधार कार्ड से जमा कर सकेंगे अपना इनकम टैक्स

नई दिल्ली। संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहल बजट पेश कर रही है। इस दौरान उन्होंने कहा कि आईटीआर के लिए मोदी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। वित्त मंत्री अब आधार कार्ड से भी लोग अपना इनकम टैक्स भर पाएंगे। यानी अब पैन कार्ड होना जरूरी नहीं है, पैन और आधार कार्ड से काम हो जाएगा। 300 किमी. नए मेट्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी, देश के अंदर ही जल मार्ग शुरू करना व इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को बढ़ाना देना हमारा लक्ष्य।

मिडिल क्लास के लिए मोदी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। अब 45 लाख रुपये का घर खरीदने पर अतिरिक्त 1.5 लाख रुपये की छूट दी जाएगी। हाउसिंग लोन के ब्याज पर मिलने वाली कुल छूट अब 2 लाख से बढ़कर 3.5 लाख हो गई है। इसके अलावा 2.5 लाख रुपये तक का इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने पर भी छूट दी जाएगी। अगर कोई भी व्यक्ति बैंक से एक साल में एक करोड़ से अधिक की राशि निकालता है तो उसपर 2% का टीडीएस लगाया जाएगा। यानी सालाना 1 करोड़ रुपये से अधिक निकालने पर 2 लाख रुपये टैक्स में ही कट जाएंगे।

05-07-2019
इसी वर्ष 30 खरब डॉलर की होगी भारतीय अर्थव्यवस्था : सीतामरण

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में शुक्रवार को वर्ष 2019-20 का आम बजट पेश करते हुये कहा कि गांव, गरीब और किसान मोदी सरकार के केन्द्र बिन्दु हैं और देश की अर्थव्यवस्था इसी वर्ष 30 खरब डॉलर की हो जायेगी। सीतारमण ने 49 वर्षों के बाद एक महिला वित्त मंत्री के रूप में अपना पहला आम बजट पेश करते हुये कहा कि वर्ष 2014 में देश की अर्थव्यवस्था 1़5़ 8 खरब डॉलर की थी जो वर्ष 2019 में बढ़कर 2़7 खरब डॉलर की हो गयी है और इसी वर्ष यह 30 खरब डॉलर की हो जायेगी। अगले कुछ वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था के 50 खरब डॉलर के बनने की उम्मीद जताते हुये उन्होंने कहा कि 55 वर्षों में यह 10 खरब डॉलर पर पहुंची थी। पिछले कुछ वर्षों में अर्थव्यवस्था के विकास में जबरदस्त तेजी आयी है।

उन्होंने कहा कि 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुंचने का लक्ष्य, बुनियादी ढ़ांचे में भारी निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन ,नागरिकों की आशाओं, विश्वास और आकांक्षाओं से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गांव , गरीब और किसान इस सरकार की सभी योजनाओं के केन्द्र बिन्दु हैं और उन्हें ध्यान में रखते हुये की कार्ययोजनायें बनायी जा रही है। उन्होंने हर तरह की कनेक्टिविटी को अपनाये जाने का हवाला देते हुये कहा कि 80,250 करोड़ रुपये की लागत से 1.25 लाख किलोमीटर सड़क को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तीसरे चरण में उन्नत किया जायेगा। 97 प्रतिशत गाँवों को बारह-मासी सड़क से जोड़ा गया है, शेष गाँवों को इसी साल जोड़ने का लक्ष्य है। उन्होंने महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर अंत्योदय को सरकार का लक्ष्य बताते हुये कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 1.5 करोड़ मकान बने, 2019-20 से 2021-22 के बीच 1.95 करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

05-07-2019
यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट लेकर भी चिराग जलता है : निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश कर रही है। बजट पेश करते हुए शायराना अंदाज में कहा कि यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट लेकर भी चिराग जलता है।
-भौतिक और सामाजिक अवसरंचना निर्माण, डिजिटल इंडिया, हरित भारत, चिकित्सा उपकरणों पर जोर, मेक इन इंडिया पर हमारा फोकस होगा।

इस दौरान उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया के तहत जल, जल प्रबंधन, स्वच्छ नदियां, ब्लू इकॉनोमी, अतंरिक्ष कार्यक्रम, गगनयान, चंद्रयान और सेटेलाइट कार्यक्रमों पर खासतौर पर ध्यान दिया गया।

रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए वर्ष 2018 से 2030 के दौरान 50 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की जरूरत है।

वहीं स्वस्थ समाज की परिकल्पना के तहत आयुष्मान भारत, सुपोषित महिलाएं और बच्चे और नागरिकों की सुरक्षा को अहम स्थान दिया गया।

05-07-2019
निर्मला सीतारमण संसद में कर रही बजट पेश

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश कर रही हैं।  मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट है। इससे पहले एक फरवरी को पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट पेश किया था। बजट से आम से लेकर खास को काफी उम्मीदें हैं। बताया जा रहा है कि बजट में राजकोषीय घाटे को काबू में रखने के साथ ही आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को गति देने पर सरकार का जोर रह सकता है।

05-07-2019
वित्तमंत्री सीतारमण लाल फोल्डर में बजट लेकर पहुंचीं संसद, राष्ट्रपति कोविंद से की मुलाकात

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करेंगी। सीतारमण ने बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। इससे पहले सीतारमण परंपरा तोड़ते हुए ब्रीफकेस की जगह एक फोल्डर में बजट लेकर निकलीं। अब तक वित्त मंत्री एक ब्रीफकेस में ही बजट लेकर संसद पहुंचते थे। मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमणियन ने फोल्डर में बजट ले जाने पर कहा कि यह भारतीय परंपरा है। यह पश्चिमी मानसिकता की गुलामी से बाहर आने का प्रतीक है। इसे आप बजट नहीं बल्कि बही खाता कह सकते हैं। 

फरवरी में पेश किए गए अंतरिम बजट को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि यह सिर्फ ट्रेलर है। इसलिए, पूर्ण बजट से जनता को कई उम्मीदें हैं। अलग-अलग रिपोर्ट्स के मुताबिक इनकम टैक्स में राहत देने समेत आम आदमी से जुड़ी कई अहम घोषणाएं की जा सकती हैं। निर्मला सीतारमण का यह पहला बजट होगा। वहीं, 49 साल बाद कोई महिला वित्त मंत्री बजट पेश करेंगी। निर्मला से पहले 1970 में इंदिरा गांधी ने बजट पेश किया था।

04-07-2019
चालू वित्त वर्ष में विकास दर सात प्रतिशत रहने का अनुमान : आर्थिक सर्वेक्षण

नई दिल्ली। मोदी सरकार 2.0 का पहला बजट शुक्रवार को पेश होना है। बजट से पहले गुरुवार को सरकार ने संसद में आर्थिक सर्वे पेश किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने चुनौतियां हैं कि वह आम आदमी की उम्मीदों पर खरा उतर सकें। राज्यसभा में आर्थिक सर्वे पेश कर दिया गया है। मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने सर्वे पेश किया है। सर्वे के अनुसार, 2019-2020 में देश की जीडीपी 7 फीसदी तक रह सकती है। इससे आगामी वित्त वर्ष के लिए नीतिगत फैसलों के संकेत भी मिले हैं।

इसके अलावा देश का वित्तीय घाटा 5.8 फीसदी तक जा सकता है. जबकि पिछले साल ये आंकड़ा 6.4 फीसदी पर था। आर्थिक सर्वे के अनुसार अगर भारत को 2025 तक 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाना है तो लगातार 8 फीसदी की रफ्तार बरकरार रखनी होगी। इसके अलावा इस बार निवेश के जरिए देश की जीडीपी रफ्तार पकड़ सकती है। हालांकि, जो भी कुछ कमी आंकड़ों में दिख रही है उसका असर महंगाई की वजह से ही दिख रहा है। हालांकि, सर्वे कुछ चुनौतियां भी सामने रखता है। जैसे कि वित्तीय घाटे के मोर्च पर 2019-20 में कुछ चुनौतियां हो सकती हैं। जिस तरह का प्रचंड बहुमत सरकार को देश की जनता ने दिया है, उसकी वजह से अर्थव्यवस्था को बढ़ाने की कई चुनौतियां हैं।

सर्वे में बताया गया है कि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में जो रिफॉर्म किए हैं, वह लगातार आगे बढ़ते रहेंगे। सरकार की ओर से कहा गया है कि जनवरी से लेकर मार्च में जो भी जीडीपी में कमी दिखी, उसकी वजह चुनाव था। साथ ही ये भी कहा गया है कि हालांकि, पिछले पांच साल में जीडीपी का औसत आंकड़ा 7.5% रहा है। सर्वे में सरकार की ओर से बताया गया है कि अगले वित्तीय वर्ष में पेट्रोल-डीजल के दाम में कमी देखने को मिल सकती है। साथ ही साथ अब लगातार ठढअ में कमी आ रही है, जिसका फायदा जीडीपी को मिलेगा।

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