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10-06-2019
तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना, मौसम विभाग से अलर्ट जारी

 

रायपुर। मानसून के दस्तक देने से पहले ही प्रदेश में मौसम विभाग ने एलर्ट जारी कर दिया है।  साथ ही राहत दल को अवगत कराया है कि सोमवार को लू के साथ गरज चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि आगामी 24 घंटे में एक दो स्थानों पर 30 से 40 किमी की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।  वही 48 घंटों में तेज लू  की जानकारी दी गई है। बता दें कि मौसम अचानक परिवर्तन होते ही राजधानी में उमस से लोग परेशान हैं।  प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश से किसानों को खेती करने में आसानी हो रही है। कुछ इलाकों में खेत की नमी हट जाने के कारण किसान परेशान हैं।

20-05-2019
वन अधिकार पट्टा दिलाने में पटवारी नहीं ले रहे रुचि

 

कोपरा। एक ओर शासन-प्रशासन द्वारा वन अधिकार अधिनियम के तहत हितग्राहियों को लाभ दिलाने के लिए सतत प्रयत्नशील है। जिले के कलेक्टर और उच्च स्तर के अधिकारी बार-बार मीटिंग लेकर ग्राम पंचायत पटवारी एवं वन समिति वन विभाग में सामंजस्य स्थापित कर हितग्राहियों को पट्टा दिलाने में सहयोग प्रदान करने की बात बार-बार कह रहे हैं लेकिन उनकी इस पहल को धुरसा ग्राम पंचायत के पटवारी पलीता लगा रहे हैं। विकासखंड फिंगेश्वर के ग्राम धुरसा के 25 से 30 हितग्राही विगत 3 माह से वन अधिकार अधिनियम के तहत सालों  से वन  काबिज भूमि में खेती करते आ रहे हैं जिसका पट्टा बनाने भूमि का स्थल सत्यापन करवाने पटवारी का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन  पटवारी हल्का नंबर 16  कोमल वर्मा जमीन का मुआयना करने मौके पर नहीं पहुंच रहे हैं। फरवरी  में ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव व हितग्राहियों ने भूमि   सत्यापन के लिए 1/03/19 तहसीलदार को आवेदन किया था। तहसील ने पटवारी को भूमि का निरीक्षण करने हितग्राहियों को वन अधिकार अधिनियम के तहत लाभ दिलाने का आदेश दिया था लेकिन पटवारी भूमि सत्यापन करने नहीं पहुंच रहे हैं। इस संबंध में जानकारी प्राप्त करने पटवारी से सम्पर्क किया तो उसका फोन बंद मिला और संपर्क नहीं हो पाया।

19-03-2019
ओम्कारेश्वर बांध विस्थापितों को खेती योग्य जमीन देने के निर्देश

भोपाल। सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में ओम्कारेश्वर बांध विस्थापितों के सम्बन्ध में नर्मदा बचाओ आन्दोलन की याचिका पर एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है कि राज्य सरकार 3 महीने के अन्दर विस्थापितों को पुनर्वास के लिए खेती योग्य जमीन उपलब्ध कराए। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि विस्थापित मुआवजा व विशेष पैकेज का विकल्प लेता है तो सरकार को मुआवजे व पैकेज पर अतिरिक्त 90 ब्याज देना होगा। नर्मदा बचाओ आन्दोलन के कार्यकर्ताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है और सरकार से मांग की है कि जमीन के साथ पुनर्वास की अन्य सभी मागों को तत्काल पूरा किया जाए। इन सभी मांगों के साथ विस्थापित सैकड़ों की संख्या में 28 मार्च को राजधानी भोपाल में प्रदर्शन करेंगे।

खंडवा में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए नर्मदा आन्दोलन के वरिष्ठ कार्यकर्ता व आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने बताया कि ओम्कारेश्वर बांध विस्थापित गत 12 साल से नर्मदा बचाओ आन्दोलन के तहत अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस लड़ाई में उन्होंने अपने अधिकारों के लिये तमाम धरने, प्रदर्शन, सत्याग्रह व जल सत्याग्रह किए और न्यायालय में भी लड़ाई लड़ी। सन 2008 में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने विस्थापितों को जमीन देने का आदेश दिया। परन्तु सरकार उसके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील में चली गई। सन 2011 में सर्वोच्च न्यायालय ने पुन: जमीन देने का आदेश दिया और इस हेतु शिकायत निवारण प्राधिकरण के समक्ष जाने को कहा। 

ओम्कारेश्वर बांध प्रभावित ग्राम घोघलगांव में सैकड़ों प्रभावितों ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे नर्मदा आन्दोलन की बड़ी जीत बताया है। साथ ही तय किया है कि जमीन के साथ पुनर्वास से जुड़े अन्य मुद्दे जैसे घर प्लाट, अनुदान आदि सभी को लेकर तत्काल सरकार से बात की जाएगी। सरकार यदि बात नहीं करती है तो 28 मार्च को राजधानी भोपाल में सैकड़ों विस्थापित प्रदर्शन करेंगे।

11-01-2019
Collector: किसानों को दलहनी व फल-फूल की खेती के लिए करें प्रोत्साहित: कलेक्टर डॉ. बसवराजु  

रायपुर। कलेक्टर डॉ. बसवराजु एस. ने जिले के किसानों को रबी में धान के स्थान पर मक्का, चना, मटर, मसूर, मूंग, उड़द, तिवड़ा आदि दलहनी फसलों के साथ ही जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश कृषि विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को बेहतर आमदनी प्राप्त हो सकेगी। कलेक्टर ने कहा कि इसी तरह जिले में फल और फूल की खेती को बढ़ावा दिया जाए।

कलेक्टर डॉ.बसवराजु एस. ने कहा कि किसानों को मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड प्रदान किया जा रहे हैं, यह काफी नहीं है बल्कि किसानों को उनके खेत की मिट्टी की सेहत के अनुरूप खाद-बीज की उपलब्धता और जानकारी मुहैया करायी जाए जिससे वो इसका लाभ उठा सकें।  मछली पालन विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि जिले में करीब 4800 तालाब है। हर गांव में एक या दो तालाब को निस्तारी के लिए  छोड़कर उन्हें मछलीपालन के लिए समिति के साथ स्व सहायता समूहों को दिया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग मछलीपालन से बेहतर आमदनी प्राप्त कर अपना जीवकोपार्जन कर सके। बैठक में कृषि, उद्यानिकी, मछलीपालन और पशुधन विकास विभाग के जिला व विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।  

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