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22-06-2019
बाल हितैषी पुलिस थाना विकसित किए जाने के संबंध जारी की जाएगी एसओपी :एडीजीपी जुनेजा

रायपुर। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय द्वारा यूनीसेफ के सहयोग से बाल हितैषी पुलिस थाना विकसित किए जाने के लिए प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रदेश भर से आए पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस के समक्ष वैसे तो बहुत सी चुनौतियां हैं, परन्तु हमारा फोकस मुख्य रूप से बच्चों और महिलाओं के विरूद्ध होने वाले अपराधों को रोकने पर होना चाहिए। बाल अपराध राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की समस्या है। इस पर नियंत्रण हेतु समय-समय पर कानून में संशोधन किए गए हैं और उच्चतम न्यायालय द्वारा बाल अपराध संबंधी मामलों में सीधे निगरानी की जाती है। पुलिस अधिकारियों को उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए। बाल अपराध रोकने के लिए शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल अधिकार संरक्षण आयोग, बाल कल्याण समिति और जिला प्रशासन सहित कई विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए। पुलिस विभाग के विशेषकर महिला पुलिस अधिकारियों को अपने क्षेत्र के स्कूलों से भी निरंतर संपर्क बनाए रखना चाहिए और बच्चों के मामले में विशेष सावधानी बरतते हुए कार्यवाही करना चाहिए। 
श्री जुनेजा ने कहा कि पुलिस मुख्यालय की ओर से बाल हितैषी पुलिस थाना बनाए जाने के संबंध में शीघ्र ही दिशा-निर्देश (एसओपी) समस्त पुलिस अधीक्षकों को जारी की जाएगी। उन्होंने यूनीसेफ के अधिकारियों को इस प्रकार के प्रशिक्षण आयोजन के लिए प्रशंसा व्यक्त करते हुए कहा कि इसप्रकार के प्रशिक्षण राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी आयोजित किए जाएं। श्री जुनेजा ने आशा व्यक्त किया कि यहां से प्रशिक्षित होकर पुलिस अधिकारी अपने जिले में अन्य पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित करेंगे। श्री जुनेजा ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को बाल हितैषी पुलिस थाना विकसित करने के लिए आवश्यक सामग्रियों का किट बैग भी वितरित किया। कार्यक्रम में उप-पुलिस महानिरीक्षक नेहा चंपावत, सहायक पुलिस महानिरीक्षक पूजा अग्रवाल सहित पुलिस मुख्यालय और यूनीसेफ के अधिकारी उपस्थित थे। कार्यशाला में आभार प्रदर्शन यूनीसेफ के अधिकारी  चेतना देसाई ने किया।

14-06-2019
लेखा समाधान के संबंध में बैठक 18 जून को

रायपुर। लोकसभा निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण और लेखा समाधान के संबंध में आगामी 18 जून को शाम 4 बजे कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रास सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई है। बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए नियुक्त व्यय प्रेक्षक, सभी अभ्यर्थी और उनके अभिकर्ता उपस्थित रहेंगे। निर्वाचन परिणाम की घोषणा के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा आयोजित इस बैठक में अभ्यार्थियों को निर्वाचन व्यय के समाधान के लिए और एक मौका दिया जाएगा ताकि निर्वाचन के लेखे में निर्वाचन व्यय की विवादित मदो का लेखा-समाधान कर सकें। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र क्र. 08 रायपुर के समस्त अभ्यर्थियों को लेखा समाधान बैठक में उपस्थित होने का आग्रह किया गया है।    

 

15-04-2019
शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाना माना जाएगा बलात्कार

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ की एक महिला की शिकायत पर देश की शीर्ष अदालत उच्चतम न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा है कि शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाना बलात्कार है। ऐसी हरकतें महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाती हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला नजीर बन गया है। न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव और एमआर शाह की बेंच ने कहा है कि कई बार ऐसा होता है कि पीडि़ता और रेपिस्ट दोनों अपने-अपने जीवन में आगे निकल जाते हैं। वे अपने-अपने परिवारों का ख्याल रखते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसने कोई अपराध नहीं किया है। उसकी हरकतों को हमेशा अपराध माना जाएगा। अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसी घटनाएं आधुनिक समाज में बढ़ रही हैं। न्यायालयीन सूत्रों के अनुसार मामला छत्तीसगढ़ का है। कोनी  बिलासपुर  की महिला ने एक डॉक्टर पर 2013 में उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया था। महिला ने कोर्ट को बताया था कि वह 2009 से डॉक्टर से परिचित थी। इन दोनों के बीच प्रेम सम्बंध था। आरोपी ने महिला को शादी करने का झांसा दिया था। दोनों पक्षों के परिवार भी यह अच्छी तरह जानते थे। आरोपी ने बाद में एक दूसरी महिला के साथ सगाई कर ली, लेकिन उसने पीडि़ता के साथ प्रेम संबंध खत्म नहीं किया। उसने बाद में अपना वादा तोड़ दिया और किसी दूसरी महिला के साथ शादी कर ली।

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