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08-07-2019
अब दिल्ली के इन चार बड़े अस्पतालों के डॉक्टर भी हड़ताल पर

नई दिल्ली। दिल्ली के चार बड़े अस्पतालों के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल  सहित गोविंद बल्लभ पंत, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज और गुरुनानक आई सेंटर के डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया है। ये सभी मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेल के इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर के साथ मरीज के परिजनों द्वारा की गई मारपीट का विरोध कर रहे हैं।

सुबह से हड़ताल पर गए डॉक्टर अस्पतालों में सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। वहीं अस्पतालों में चरमराई स्वास्थ्य सेवाओं को देखते हुए दिल्ली सरकार स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने बैठक बुलाई थी। रेजिडेंट डॉक्टरों और स्वास्थ्य सचिव समेत कई अधिकारियों की बैठक खत्म हो चुकी है।  बताया जा रहा है कि जल्द ही अस्पतालों में मार्शलों की तैनाती की जाएगी। हालांकि इसके लिए सभी डॉक्टर्स लिखित आश्वासन या मिन्ट्स ऑफ  द मीटिंग का इंतजार कर रहे हैं। उसके बाद ही स्ट्राइक खत्म करने का फैसला किया जाएगा।

26-06-2019
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अस्पताल में सीएम बघेल की मां बिंदेश्वरी बघेल से की मुलाकात

रायपुर। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज रामकृष्ण केयर अस्पताल पहुंचकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मां बिंदेश्वरी बघेल से मुलाकात कर हाल-चाल जाना और जल्द स्वस्थ होने की कामना की। बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मां बिंदेश्वरी बघेल का पिछले एक महीने से अस्पताल में इलाज जारी है। बिंदेश्वरी बघेल को कार्डियक अरेस्ट आया है। उनमें सांस लेने में तकलीफ और किडनी में इंफेक्शन पाया गया है। दिल्ली के डाक्टरों की विशेष टीम द्वारा उन्हें बेहतर इलाज मुहैया कराई जा रही है।

19-06-2019
सड़क हादसा : एक ही परिवार के चार लोगों की मौत, कार के उड़े परखज्जे

उज्जैन। कार और बस में भिड़त होने से एक ही परिवार को 4 लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना इंदौर इच्छापुर मार्ग पर दौडवां के पास हुई। बताया जा रहा है कि बस कार को पचास फीट तक घसीटते ले गई। मिली जानकारी के अनुसार बीती रात उज्जैन का एक बोहरा परिवार बुरहानपुर से वापस आ रहा था। तभी इंदौर इच्छापुर मार्ग पर बस और कार में टक्कर हो गई। बस कार को 50 फीट तक घसीटते ले गई और कार की धज्जियां उड़ गई। इसमें सवार पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। पोते और दादी ने अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हादसे में घायल दो लोगों की स्थिति नाजुक है और उन्हें इंदौर रिफर किया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

19-06-2019
जब अस्पताल में दवा की जगह कफ़न रखे है, तो बीमार बच्चों को Air-Ambulance से दिल्ली क्यों नहीं ले जाते : राबड़ी

पटना। 'क्या डबल इंजन सरकार के दोनों जुगाड़ू इंजनों में बीमार बच्चों को इलाज के लिए पटना तक लाने का माद्दा नहीं है?' बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा कि नीतीश कुमार तब भी चुप थे, जब मुजफ्फरपुर में सत्ता के संरक्षण में बलात्कार किया गया और आज भी चुप है जब सरकार की लापरवाही से बच्चें असमय मौत के मुंह में समाते जा रहे हैं. राबड़ी देवी ने ट्वीट कर नीतीश सरकार से पूछा है कि सरकार बताए 14 वर्ष में कितने बच्चें इनकी लापरवाही, भ्रष्टाचार और कुव्यवस्था की भेंट चढ़े है? 500 करोड़ के सुशासनी विज्ञापन देने से अच्छा होता अगर दवा और बेड का इंतज़ाम करते.

इससे पहले 18 जून को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने ट्वीट कर नीतीश सरकार और प्रधानमंत्री से सवाल किया था कि क्या 14 वर्ष से राज कर रहे मुख्यमंत्री की हज़ारों बच्चों की मौत पर कोई जवाबदेही नहीं? कहां है ग़रीबों के लिए 5 लाख तक के मुफ़्त इलाज की प्रधानमंत्री की आयुष्मान योजना? राबड़ी देवी का कहना है कि वह इस नाज़ुक समय में राजनीति नहीं करना चाहती लेकिन ग़रीब बच्चों का समुचित इलाज करना सरकार का धर्म और दायित्व है.
मुजफ्फरपुर से 70 किलोमीटर की दूरी पर राज्य की राजधानी पटना से बिहार के मुख्यमंत्री को आने में 17 दिन लग गए. इस बीच बच्चों की मौत होती रही लेकिन मुख्यमंत्री या किसी भी मंत्री की ओर से कोई बयान नहीं आया. यहां तक कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के बाद नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज का दौरा किया लेकिन प्रेस से बात करना मुनासिब नहीं समझा. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा, ''मुख्यमंत्री जी सदा की तरह मौन है. मुज़फ़्फ़रपुर में 40 बच्चियों के साथ सत्ता संरक्षण में जनबलात्कार किया गया तब भी मौन थे. मुज़फ़्फ़रपुर में ही भाजपाई नेता द्वारा 30 मासूमों को कार से कुचला तब भी मौन और हर वर्ष की भांति फिर हज़ारों बच्चों की चमकी बुखार से मौत पर भी चुप.''
राबड़ी देवी बिहार के स्वास्थ्य मंत्री पर तंज कसने से भी नहीं चूकिं. अपने ट्वीट में राबड़ी देवी ने लिखा कि... केंद्र और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री कुतर्क गढ़ रहे है. एक कहता है मैं मंत्री हूं, डॉक्टर नहीं. मरते बच्चे क़िस्मत का खेल है. और फिर उसी क़िस्मत को लात मार बिस्कुट खाते बेशर्मी से मैच का स्कोर पूछता है. एक प्रेस मीटिंग में ही सो रहे है. लीची को दोषी बताते है. भगवान की आपदा बताते है.
बिहार में बीजेपी के साथ गठबंधन की सरकार है और केंद्र में बीजेपी की सरकार है. चुनावी सभा में पीएम मोदी ने भी कहा था कि डबल इंजन की सरकार होती तो राज्य की जनता को डबल फायदे होंगे. इसी पर तंज कसते हुए राबड़ी देवी ने कहा, ''बिहार में डबल इंजन की सरकार है. इतनी मौतों के बाद अब केंद्र और प्रदेश के मंत्री क्या नृत्य करने चार्टर फ़्लाइट्स से मुज़फ़्फ़रपुर जा रहे है? जब अस्पताल के दवाखानों में दवा की जगह कफ़न रखे है, डॉक्टर नहीं है तो क्यों नहीं बीमार बच्चों को Air-Ambulance से दिल्ली ले जाते? पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने ट्वीटर पेज पर लिखा है कि... 14 बरस से ई लोग बिहार में राज कर रहा है. हर साल बीमारी से हज़ारों बच्चे मरते है लेकिन बताते सैंकड़ों है. फिर भी रोकथाम का कोई उपाय नहीं, समुचित टीकाकरण नहीं. दवा और इलाज का सारा बजट ईमानदार सुशासनी घोटालों की भेंट चढ़ जाता है. बिहार का बीमार स्वास्थ्य विभाग ख़ुद ICU में है.

 

18-06-2019
17 दिन बाद मुजफ्फरपुर पहुंचे सीएम नीतीश कुमार, लिया अस्पताल में स्थिति का जायजा

नई दिल्ली। मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से मरने वालों का आंकड़ा 108 हो चुका है। 17 दिन बाद मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर पहुंचे। यहां वो हालात का जायजा ले रहे हैं। इससे पहले पटना में नीतीश कुमार से मीडियाकर्मियों ने सवालों को पूछने की कोशिश की। लेकिन वो जवाब देने से बचते हुए नजर आए। इस विषय में लगातार आरोप लग रहे हैं कि एसकेएमसीएच अस्पताल में सुविधाओं की घोर कमी है। ये बात अलग है कि शासन-प्रशासन का कहना है कि इलाज के समुचित प्रबंध किए गए हैं।
बता दें कि सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन से दिल्ली में जब इस मुद्दे पर सवाल किए गए तो उन्होंने कहा था कि एक ही बात वो रोज रोज नहीं बोल सकते हैं। लेकिन कुछ देर के बाद उन्होंने कहा कि सरकार की नजर चमकी बुखार पर केंद्रित है। डॉ. हर्षवर्धन ने रविवार को मुजफ्फरपुर में अस्पताल का दौरा किया था और इंतजामों की समीक्षा की थी।  89 बच्चों की मौत एसकेएमसीएच में हुई है जबकि 19 बच्चों की मौत केजरीवाल अस्पताल में हुई है। 

 

16-06-2019
सीएम ममता बनर्जी से बात करने हड़ताली डॉक्टर्स राजी, रखी ये शर्त....

 

कोलकाता। प. बंगाल में डॉक्टरों और सरकार के बीच जारी गतिरोध के दूर होने के आसार अब नजर आ रहे हैं। कोलकाता के एक अस्पताल में डॉक्टरों से मारपीट की घटना के खिलाफ हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल के खत्म होने के आसार नजर आ रहे हैं। डॉक्टरों ने कहा कि वे प्रदर्शन खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत को तैयार हैं लेकिन मुलाकात की जगह वे बाद में तय करेंगे। 
हड़ताल कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि वे प्रदर्शन खत्म करने और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत को तैयार हैं लेकिन मुलाकात की जगह वे बाद में तय करेंगे। बता दें कि शनिवार देर रात जूनियर डॉक्टरों के संयुक्त फोरम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी।
इससे पहले शाम में उन्होंने राज्य सचिवालय में बनर्जी के साथ बैठक के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था और इसकी बजाए उनसे गतिरोध सुलझाने को लेकर खुली चर्चा के लिए एनआरएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल आने को कहा था।

11-06-2019
109घंटे बाद बोरवेल से निकला मासूम फतेहवीर, हार गया जिंदगी की जंग

नई दिल्ली। पंजाब के संगरूर में पिछले पांच दिन से 150 फीट गहरे बोरवेल में गिरे दो साल के फतहवीर की मौत हो गई है। फतहवीर को मंगलवार सुबह करीब 5 बजे कड़ी मशक्कत के बाद बोरवेल से बाहर निकाला गया था। इसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। 
बोरवेल के अंदर ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति प्रदान की गई थी और बच्चे पर नजर रखने के लिए एक कैमरा भी लगाया गया था।  सूत्रों के मुताबिक 5 दिन तक उसे कुछ खाने के लिए नहीं दिया गया था। बच्चे का मुंह मिट्टी में धसा हुआ था। बच्चे का पूरा नाम फतेहवीर सिंह है जो कल ही दो साल का हुआ है। फतेहवीर संगरूर जिले के भगवानपुरा गांव में अपने घर के पास सूखे पड़े बोरवेल में 6 जून शाम करीब चार बजे खेलते खेलते गिर गया था।
फतेहवीर  संगरूर जिले के भगवानपुरा गांव में अपने घर के पास सूखे पड़े बोरवेल में 6 जून शाम करीब चार बजे खेलते खेलते गिर गया था। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और भारतीय सेना और जिला प्रशासन के कर्मचारियों को मिलाकर कुल 26 सदस्य सुनाम प्रखंड के भगवानपुरा में बचाव अभियान में जुटे थे। फतेहवीर के निधन से हर कोई गम में है, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी इस पर दुख व्यक्त किया है । इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य में सभी बोरवेल की जांच के भी आदेश दे दिए हैं।

10-06-2019
पुलिस महकमे में उस वक्त मच गया हड़कंप जब पांच युवकों ने खा लिया जहर 

 

लखनऊ। पुलिस भर्ती 2013 में अब तक नियुक्ति न दिए जाने को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों में से पांच ने प्रदर्शन के दौरान जहर खा लिया, जिससे हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। अभ्यर्थी प्रदीप यादव भदोही का रहने वाला है। वह सिविल अस्पताल में भर्ती है। वहीं चार अभ्यर्थियों को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां उनका इलाज जारी है। दरअसल पुलिस भर्ती 2013 में नियुक्ति  न दिए जाने से नाराज अभ्यर्थी सोमवार को हुसैनगंज स्थित भर्ती बोर्ड मुख्यालय घेरने जा रहे थे जिस पर उन्हें रोकने की कोशिश में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। अचानक हुए लाठीचार्ज से भगदड़ मच गई। इसमें कई युवकों के सिर पर चोटें लगी हैं। बर्लिंगटन चौराहे के पास हुए लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शनकारियों को बसों में भरकर ईको गार्डेन ले जाया गया।

09-06-2019
अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवती सहित तीन की मौत, एक घायल

रायपुर। धरसींवा थाना क्षेत्र के चरौदा बायपास रोड में रविवार तड़के अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार एक युवती सहित तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल एक युवती को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। धरसींवा थाना से मिली जानकारी के अनुसार मृतक अखिलेश यादव उर्फ राजा (21) निवासी चरौदा, पुणेन्द्र निर्मलकर (20) निवासी चरौदा, कुमारी मोना मानिकपुरी (20) निवासी कपसदा है। वहीं घायल युवती का नाम कुमारी नंदा मानिकपुरी (18) निवासी कपसदा है।

इन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है, उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। मोना और नंदा सगी बहनें है। बताया जा रहा है कि ये चारों एक ही बाइक क्रमांक सीजी 04एमएम 7579 में सवार होकर ग्राम कपसदा से चरौदा आ रहे थे तभी बायपास रोड में अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इससे अखिलेश व मोना की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पुणेन्द्र की अस्पताल ले जाते हुए रास्ते में मौत हो गई। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

30-05-2019
सिने अभिनेत्री तनुजा की हुई सर्जरी, सप्ताहभर रहेंगी अस्पताल में

मुंबई।  बीते जमाने की मशहूर अभिनेत्री तनुजा को 29 मई को पेट दर्द की शिकायत के बाद मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया र्हैं। तनूजा को पेट से संबंधित बीमारी है। यहां उनका ऑपरेशन किया गया। मुंबई के लीलावती अस्पताल के अधिकारी ने बताया है कि सर्जरी के बाद तनुजा की हालत बेहतर है। उम्मीद की जा रही है कि उन्हें 1 हफ्ते के लिए अस्पताल में ही रहना होगा। अस्पताल के अधिकारी के इनुसार तनुजा को इंफेक्शन हो गया है। डायवर्टीक्यूलिटिस पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारी है। बता दें कि तनूजा ने 50 से 70 के दशक में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया है। उनमें एक बार मुस्कुरा दो, प्रेम रोग, पैसा या प्यार, हाथी मेरे साथी, बहारें फिर भी आएंगी, हमारी बेटी जैसी फिल्में शामिल हैं। तनूजा फिल्म अभिनेत्री काजोल की मां और अभिनेता अजय देवगन की सास हैं।

14-05-2019
कलेक्टर खुद जरुरतमंद महिला को ब्लड देने पहुंची अस्पताल

राजगढ़। जिला कलेक्टर निधि निवेदिता ने एक जरुरतमंद महिला को रक्तदान किया। कलेक्टर को सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि  जिला अस्पताल में कोई महिला बीमार है, जिसे ब्लड की अत्यंत आवश्यकता है। ब्लड ग्रुप समान होने के चलते कलेक्टर खुद अस्पताल पहुंच गई और महिला को ब्लड दिया। रक्तदान कर कलेक्टर ने आमजन से भी रक्तदान करने की अपील की है।

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