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16-03-2019
पाक पहले दाऊद इब्राहिम को सौंप दे तभी होगी बातचीत

नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि यदि वह सचमुच आतंकवाद के खिलाफ  लडऩा चाहते हैं और भारत का सहयोग करना चाहते हैं तो उसे सबसे पहले भारत के भगोड़े मोस्ट वांटेड आतंकवादी दाऊद इब्राहिम और सैयद सलाहुद्दीन को भारत के हवाले कर देना चाहिए। तभी पाकिस्तान के बातचीत के प्रस्तावों पर विचार किया जा सकता है। भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कहा है कि यदि आतंकवाद के खिलाफ  वह कार्रवाई नहीं करता है तो  बातचीत करना मुश्किल होगा। बता दें कि इन दिनों आतंकी दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में रह रहा है। हालांकि पाकिस्तान इस बात से हमेशा इंकार करता रहा है। भारत सरकार ने पाक से  इन दोनों के अलावा उन आतंकियों को भी सौंपने की मांग की है, जो भारतीय हैं लेकिन पाकिस्तान में रह रहे हैं। शनिवार को भारत के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत ने पाक से कहा है कि   पुलवामा आतंकी हमले में जैश-ए-मोहम्मद की संलिप्तता के बाद भी पाकिस्तान ने उसके या फिर अन्य किसी दहशतगर्द संगठन के खिलाफ  कोई कार्रवाई नहीं की है।  यदि पाकिस्तान वास्तव में आतंकवाद के खिलाफ  संदेश देना चाहता है तो उसे दाऊद इब्राहिम और सैयद सलाहुद्दीन समेत अन्य भारतीय आतंकियों को सौंपना देना चाहिए। भारत ने पाकिस्तान की ओर से कुछ आतंकियों को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई को कॉस्मेटिक ऐक्शन करार दिया है। भारत ने स्पष्ट कहा है कि इस तरह की दिखावे की कार्रवाई से भारत को प्रभावित नहीं किया जा सकता और न ही सहानुभूति प्राप्त कर सकता है। 

15-03-2019
बिना ठोस सबूत मसूद को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा : पाकिस्तान

इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा आत्मघाती हमले में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर की कथित संलिप्तता को लेकर उसे बिना किसी ठोस सबूत गिरफ्तार अथवा हिरासत में नहीं लिया जाएगा। मसूद को गिरफ्तार करने के प्रश्न पर एक महत्वपूर्ण सरकारी अधिकारी ने कहा, बिना किसी ठोस सबूत अथवा किसी अपराध के हमें मौलाना मसूद अजहर को गिरफ्तार क्यों करना चाहिए? आधिकारिक सूत्रों के दावा किया है कि मसूद अजहर की पुलवामा हमले में संलिप्तता के सबूत के तौर पर भारत की ओर से पेश दो पृष्ठों के डोजियर की गृह मंत्रालय ने कानून प्रवर्तन और अन्य हितधारकों के साथ गहरायी से समीक्षा की लेकिन उसमें ऐसा नहीं मिला जो मसूद के खिलाफ ठोस सबूत बनता है। सूत्रों के अनुसार डोजियर में निष्क्रिय संगठन के 22 सदस्यों की पुलवामा हमले में शामिल होने की आशंका व्यक्त की गयी है। डोजियर का मसौदा अपने आप में प्रमाण है कि भारत के पास इस हमले में पाकिस्तान की संलिप्पता का कोई सबूत नहीं है। डोजियर में मसूद के अलावा उसके भाई मुफ्ती अब्दुर रउफ और उसके बेटे हामिद अजहर के नाम भी हैं। सूत्रों के अनुसार सरकार ने आतंकवाद निरोधक कानून,1997 की चौथी अनुसूची के तहत आने वाले लोगों को ही गिरफ्तार करने का निर्णय लिया है। भारत ने डोजियर में जिन लोगों के नाम शामिल किये हैं उनमें से समूद अजहर के भाई और बेटे के खिलाफ आतंकवादी निरोधी कानून के तहत पहले की कार्रवाई की जा चुकी है। उन्हें एक माह के लिए हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि मसूद अजहर का नाम ना तो आतंकवाद विरोधी कानून की चौथी अनुसूची में है और ना ही किसी आपराधिक घटना में ही शामिल है। सूत्रों ने बताया कि भारत ने 27 फरवरी को पाकिस्तानी उच्चायुक्त को डोजियर सौंपा था जिसमें 14 फरवरी को पुलवामा में हुए हमले के लिए जैश-ए-मोहम्मद के समूद समेत संगठन के 22 सदस्यों पर साजिश रचने का आरोप लगाया गया है।

 

14-03-2019
चीन पर भड़के व्यापारी, चीनी माल की 19 मार्च को जलाएंगे होली

नई दिल्ली। चीन द्वारा बार-बार पाकिस्तान का पक्ष लेने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसे शरण देने से देश के व्यापारी बहुत नाराज हैं। ताजा घटनाक्रम में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने पर चीन ने वीटो लगाकर एक बार फिर पाकिस्तान की मदद की है। भारत के व्यापारियों ने इसे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ एक बड़ा खतरा माना है।  कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने पूरे देश के व्यापारियों से चीनी सामानों के बहिष्कार का आह्वान किया है। कैट ने ऐलान किया है कि 19 मार्च को देशभर में हजारों स्थानों पर व्यापारी चीनी सामानों की होली जलाएंगे। कैट की ओर से बताया गया है कि अब चीन को पाकिस्तान का साथ देने और हर तरह से उसकी मदद करने की कीमत चुकानी पड़ेगी। कैट के अनुसार चीनी माल के लिए भारत बहुत बड़ा बाजार है। यदि भारत के बाजार से चीन का बहिष्कार कर दिया जाए तो इससे चीन की अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका झेलना होगा। कैट ने व्यापारियों से निवेदन किया है चीनी वस्तुएं न खरीदें और न ही बेचें, चीनी सामानों का पूरी तरह का बहिष्कार कर दें। 

05-03-2019
अगली बार हमला हुआ तो सारे विकल्प खुले 

नई दिल्ली। पुलवामा आतंकी हमले  के बाद भारत-पाक  में जारी तनाव के बीच सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से अगर फिर से कोई हमला हुआ तो सारे विकल्प खुले हुए हैं।  सूत्रों ने कहा कि 'बालाकोट पर किया गया हवाई हमला सीमा पार से हो रहे आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने की शक्ति और इरादा दशार्ने के लिए ही था।  दरअसल पुलवामा में सीआरपीएएफ काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के कैंपों पर हमला कर 300 से अधिक आतंकियों को मार गिराया था।  सूत्रों ने बताया कि आतंकी ढांचे को नेस्तनाबूद करने में पाकिस्तान के ठोस कदम उठाने पर भारत जोर देगा।

अमेरिका कर रहा मामले की जांच:

सूत्रों ने कहा, 'हमें भरोसा है कि अमेरिका भारत के खिलाफ पाकिस्तान की ओर से एफ-16 लड़ाकू विमान का इस्तेमाल किए जाने की जांच कर रहा है।  सूत्रों ने बताया कि बालाकोट हमले के बाद से भारत आतंकवाद के मुद्दे को लेकर पाकिस्तान पर ज्यादा से ज्यादा दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। जवाबी कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान की ओर से एफ-16 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल करने के सबूत भारत ने अमेरिका से साझा किए हैं। तो वहीं पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पाकिस्तान की अवाम ने भारतीय समझ कर अपने ही एफ -16 के पॉयलट को पीट-पीटकर मार डाला।

 

05-03-2019
पाकिस्तान के कश्मीर में 16 आतंकी अड्डे, अब दुनिया को सुबूत देगा भारत 

 

नई दिल्ली। पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक करने के बाद भी अभी पाक अधिकृत कश्मीर में 16 आतंकी ठिकाने चल रहे हैं। भारत इसकी जानकारी अब पूरी दुनिया को देगा।

पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने कहा है कि आगे भी पाक प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।  इसके बाद भारतीय खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठानों के पास स्थित आतंकी अड्डों के बारे में जानकारी जुटाई है।

अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर करेंगे साझा:

सूत्रों के मुताबिक, अब भारत इन जानकारियों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साझा करने की तैयारी कर रहा है ताकि दुनिया को यह पता चले कि किस तरह से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद भारत सहित पूरी दुनिया के लिए खतरा है।

भारतीय खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान और पीओके में सक्रिय 16 अन्य आतंकी अड्डों की पहचान की है।  इन अड्डों में आतंकियों को स्नाइपिंग, वॉटर कॉम्बैक्ट, विस्फोटक डिवाइस बनाने, ड्रोन के इस्तेमाल आदि की ट्रेनिंग दी जाती है।

कहां हैं ये आतंकी ढांचे:

खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, 'सभी आतंकी ढांचे पाकिस्तानी सेना के शिविरों के पास ही हैं। ' रिपोर्ट में महत्वपूर्ण बात यह है कि इन अड्डों में आतंकियों को सेना जैसा वॉटर कॉम्बैक्ट (जल युद्ध) की ट्रेनिंग दी जा रही है।  इससे भारत पर समुद्री रास्ते आतंकी हमले का खतरा बढ़ गया है।  नेवी चीफ एडमिरल सुनील लाम्बा ने मंगलवार को इसके बारे में बताया, 'हमारे पास ऐसी रिपोर्ट भी है कि आतंकियों को समुद्री रास्ते और अन्य कई तरीकों से आतंकी हमलों की ट्रेनिंग दी जा रही है। '

कहां-कितने आतंकी अड्डे:

सूत्रों के अनुसार इन अड्डों की उपग्रह तस्वीरों और अन्य साक्ष्य की जानकारी दोस्त देशों से साझा की जाएगी ताकि पाकिस्तान को दुनिया भर में शर्मिंदा किया जा सके।  रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के उक्त आतंकी अड्डों में कम्युनिकेशन और कंट्रोल स्टेशन तथा विभिन्न आतंकी अड्डों के दफ्तर भी हैं।  बालाकोट के अलावा ऐसे पांच अड्डे पाकिस्तान के अंदर हैं।  इनमें से तीन अड्डे मानसेरा और दो अड्डे पंजाब में स्थित हैं।  इसी तरह, 11 आतंकी अड्डे अब भी पाक अधिकृत कश्मीर में संचालित हो रहे हैं, जिनमें से पांच-पांच मुजफ्फराबाद और कोटली में और एक बरनाला में है।

इनके अलावा पाकिस्तान में छह अन्य प्रशिक्षण केंद्र या लॉन्च पैड भी हैं, जहां आतंकियों को भारत में घुसपैठ या कमांडो जैसे हमले करने के लिए तैयार किया जाता है।  गौरतलब है कि भारत के लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान स्थित बालाकोट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर पर बम गिराया था। इस कार्रवाई में काफी संख्या में जैश के आतंकवादी, प्रशिक्षक, टॉप कमांडर और संगठन के जिहादियों के सफाए की संभावना है।  वहीं, पाकिस्तान ने इसे छडउ का उल्लंघन बताया है।  साथ ही उन्होंने दावा किया है कि भारतीय वायुसेना के जेट को पाकिस्तान एयरफोर्स ने जवाब देते हुए वहां से वापस लौटने मजबूर कर दिया था। आतंकवादियों की इस लड़ाई में भारत और पाकिस्तान दोनों ने अपने-अपने एक-एक लड़ाकू विमान खोए।

01-03-2019
विंग कमांडर अभिनंदन लौटे भारत 

नई दिल्ली। पाकिस्तान की जमीन पर लगभग 54 घंटे गुजारने के बाद भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन शुक्रवार शाम स्वदेश लौटे। 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद शुक्रवार को एक मार्च तक की अवधि में भारत पाकिस्तान के रिश्तों में बेहद तल्खी रही और कूटनीतिक उठा-पठक देखा गया था।

28-02-2019
पाक के F-16 लड़ाकू विमान मार गिराने के भारतीय सेना ने दिए सबूत

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच उपजे विवादों के बीच गुरुवार को देश की तीनों सेनाओं ने साझा प्रेस कान्फ्रेंस की। एयर वाइस मार्शल रवि कपूर ने कहा कि, 27 फरवरी को पाकिस्तान के जेट को बड़ी मात्रा में आते देखा। जिसके बाद हमारे सुखोई, मिग मिराज ने उनका पीछा किया और उनका हमला नाकाम किया। वे भारत में सेना के प्रतिष्ठानों को निशाना बना चाहते थे। हमने पाकिस्तान के एफ-16 को मार गिराया, हालांकि पाकिस्तान की तरफ से गलत बयान दिए जा रहे हैं।


 

27-02-2019
विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत ने पाकिस्तान के विमान को मार गिराया, वायुसेना का 1 पायलट लापता

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति है। इसके कारण वायुसेना को हर हालात से निपटने के लिए तैयार रहने का आदेश दिया गया है। विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके हालत की जानकारी दी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रवीश कुमार और वायुसेना ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि पाकिस्तान के एक लड़ाकू विमान को मार गिराया गया है। उन्होंने आगे बताया की भारत का मिग विमान क्रैश हुआ है। इसमें सवार एक पायलट लापता है।

पाकिस्तान की ओर से वायुसेना का पायलट के पकड़े जाने पर रविश कुमार ने कहा कि हम पाकिस्तान के दावे की जांच कर रहे है। इससे पहले पाकिस्तानी सेना ने दो भारतीय सैन्य विमानों को पाकिस्तानी वायुसीमा में मार गिराये जाने और दो पायलटों को गिरफ्तार किये जाने का दावा किया है।

भारत ने बुधवार को जम्मू एवं कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के करीब आए पाकिस्तान एयर फोर्स (पीएएफ) के एफ-16 को मार गिराया। विमान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के भीतर 3 किलोमीटर दूर गिरा। जैसे ही पीएएफ जेट विमान नियंत्रण रेखा के करीब आए भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों और साथ ही जमीन से की गई जवाबी कार्रवाई के कारण एफ-16 विमानों को लौटने पर मजबूर होना पड़ा लेकिन इससे पहले एफ-16 को मार गिराया गया।

27-02-2019
स्कूली छात्राओं ने 200 मीटर का तिरंगा लेकर निकाली रैली

रायपुर। पाकिस्तान के आतंकी कैंपों पर भारतीय विमानों के स्ट्राइक का जोश राजधानी में देखने को मिल रहा है। इसी के चलते आज बंजारी स्थित गुरूकुल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने झांकी व जवानों के वेशभूषा में रैली निकाली और कोतवाली क्षेत्र स्थित गांधी मैदान में रैली की समापन की।

गुरूकुल स्कूल के संचालक हरिराम भाई जोशी ने बताया 40 जवानों की शहादत का बदला हमारे वायुसेना के जवानों ने एयर स्ट्राइक से लिया है। पॉकिस्तान हमें कमजोर न समझे। एयर स्ट्राइक की खुशी में हमारे स्कूल के छात्र-छात्राओं ने विशेष झांकी व जवानों का वेशभूषा धारण कर रैली निकाली। वहीं रैली में 200 मीटर का तिरंगा को हाथ में लिए बच्चे पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ते रहे और कोतवाली क्षेत्र के गांधी मैदान में जाकर रैली का समापन किए और एयरफोर्स के जवानों को नमन किया। इस दौरान स्कूल संचालक हरिराम भाई जोशी ने कहा कि हमे गर्व है कि हम भारतीय हैं, हमारे देश के जवान पाकिस्तान को मिटा कर रख देंगे।

26-02-2019
अजीत डोभाल ने ली तीनों सेनाओं के अधिकारियों की बैठक 
काउंटर अटैक की रणनीति पर हुआ विमर्श, देश तैयार
18-02-2019
Kulbhushan Jadhav: कुलभूषण जाधव के खिलाफ जासूसी के विश्वसनीय सबूत नहीं दे पाया पाकिस्तान : भारत

हेग। पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर जैश-ए-मोहम्मद के हमले के चार दिन बाद भारत और पाकिस्तान कुलभूषण जाधव के मामले में आमने-सामने हुए। पूर्व भारतीय नेवी अफसर जाधव को सुनाई मौत की सजा को लेकर इंटरनेशनल कोर्ट आॅफ जस्टिस (आईसीजे) में सोमवार से सुनवाई शुरू हो गई। यह सुनवाई चार दिन चलेगी। सोमवार को भारतीय वकील हरीश साल्वे ने दलील पेश की। उन्होंंने कहा कि पाकिस्तान आईसीजे के मंच का गलत इस्तेमाल कर रहा है। पाकिस्तान जाधव के खिलाफ जासूसी के विश्वसनीय सबूत नहीं दे पाया। मंगलवार को पाकिस्तानी वकील खावर कुरैशी दलीलें पेश करेंगे। इसके बाद भारत 20 फरवरी को इस पर जवाब देगा, जबकि इस्लामाबाद 21 फरवरी को अपनी आखिरी दलीलें पेश करेगा। इस साल इस मामले में फैसला आने की उम्मीद है।
साल्वे ने कहा- पाकिस्तान बिना देरी जाधव को काउंसलर उपलब्ध कराने के लिए बाध्य है। बिना काउंसलर एक्सेस के जाधव को कस्टडी में रखे जाने को गैरकानूनी करार दिया जाना चाहिए। इसमें कोई शक नहीं है कि पाकिस्तान जाधव मामले का इस्तेमाल प्रोपागैंडा के लिए कर रहा है। साल्वे ने कहा- 30 मार्च 2016 को भारत ने पाकिस्तान को याद दिलाया था कि जाधव को कॉन्स्युलर उपलब्ध कराया जाना है। हमें इस पर कोई जवाब नहीं मिला। अलग-अलग तारीखों में पाकिस्तान को 13 रिमाइंडर भेजे गए थे। भारतीय वकील ने कहा, "पाकिस्तान बिना देरी जाधव को कॉन्स्युलर उपबल्ध कराने के लिए बाध्य है। बिना काउंसलर एक्सेस के जाधव को कस्टडी में रखे जाने को गैरकानूनी करार दिया जाना चाहिए। इसमें कोई शक नहीं है कि पाकिस्तान जाधव मामले का इस्तेमाल प्रोपोगैंडा के लिए कर रहा है।'     पाकिस्तान ने जाधव को उनके परिवार से मिलने का प्रस्ताव दिया। यह मुलाकात 25 दिसंबर 2017 को हुई। भारत इस मुलाकात के रवैये और जाधव के परिवार के साथ किए गए बर्ताव से निराश था। पाकिस्तान को विस्तारपूर्वक यह बताना चाहिए कि आखिर कॉन्स्युलर एक्सेस देने में 3 महीने का समय क्यों लग गया।
साल्वे ने कहा- मैं इस कोर्ट से कहना चाहूंगा कि वह यह ध्यान में रखते हुए जाधव को राहत दे कि उसका ट्रायल मिलिट्री कोर्ट में हुआ था। अगर इस तरह के सभी मामलों में कॉन्स्युलर दिया जाता है, तो इसकी मांग करना अधिकारों का दुरूपयोग नहीं है।

01-12-2018
देश की सीमा को सुरक्षित रखने आज ही के दिन हुई बीएसएफ की स्थापना, पढ़े पूरी खबर 

नई दिल्ली। आज का दिन देश की सीमा सुरक्षा को लेकर ऐतिहासिक दिन है। जी हां आज ही के दिन 1 दिसंबर, 1965 को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की स्थापना हुई थी। इस अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सीमा सुरक्षा बल के जवानों पर गर्व जताते हुए बधाई दी है।  उन्होंने कहा कि वे सीमाओं के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों में हमारी रक्षा करते हैं। 


आपको बाता दे कि बीएसएफ अर्धसैनिक बल की श्रेणी में आता है, जो भारत की सीमाओं की रक्षा करता है। इन जवानों के साहस और पराक्रम की जितनी सराहना की जाए उतनी कम है।  बीएसएफ विश्व का सबसे बड़ा सीमा रक्षक बल है। जिसकी जिम्मेदारी है कि शांति के समय भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर निरंतर निगरानी रखना और भारत भूमि सीमा की रक्षा करते हुए अंतर्राष्ट्रीय अपराध को रोकना है। मौजूदा समय में बीएसएफ की 188 बटालियन है और यह 6,385.36 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करती है जो कि पवित्र, दुर्गम रेगिस्तानों, नदी-घाटियों और हिमाच्छादित प्रदेशों तक फैली है। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को देश की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी भी बीएसएफ की होती है। इसके साथ ही सीमा पर होने वाले अपराध (तस्करी-घुसपैठ) को रोकने के साथ-साथ अन्य किसी तरह की अवैध गतिविधियों को रोकने की भी जवाबदेही बीएसएफ की होती है।

स्थापना का इतिहास

1965 का साल था और अप्रैल का महीना। एक तो अप्रैल का महीना और दूसरा पाकिस्तान की ओर से होने वाली नापाक हरकत। दोनों ने कुल मिलाकर गुजरात के भुज शहर से करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कच्छ के रण का तापमान बढ़ा दिया था। 9 अप्रैल, 1965 तड़के 3 बजे सुबह में पाकिस्तान ने कच्छ के रण स्थित भारत की दो चौकियों पर हमला कर दिया। उस समय सीमा की रक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ और गुजरात की राज्य पुलिस के हाथों में थी। करीब 15 घंटे चले युद्ध में सीआरपीएफ और गुजरात पुलिस के जवानों ने डटकर दुश्मन के सैनिकों का मुकाबला किया और उनको खदेड़ दिया। पाकिस्तान के 34 सैनिक मारे गए और 4 सैनिक युद्ध बंदी बनाए गए। नुकसान तो भारत का भी हुआ लेकिन बहुत कम। इसके बाद सीमाओं की रक्षा के लिए एक समर्पित सैन्य बल की जरूरत महसूस की गई और 1 दिसंबर को सीमा सुरक्षा बल की स्थापना की गई। के.एफ.रुस्तमजी सीमा सुरक्षा बल के पहले महानिदेशक थे। 

वाघा बॉर्डर

वाघा बॉर्डर भारत और पाकिस्तान के बीच एक अहम स्थान है। वाघा भारत और पाकिस्तान की सीमा पर स्थित एक गांव है। यह अमृतसर (भारत) और लाहौर (पाकिस्तान) के बीच गैंड ट्रंक रोड पर है। वाघा बॉर्डर लाहौर से 29 किलोमीटर और अमृतसर से 27 किलोमीटर की दूरी पर है। बाघा बार्डर को नियमित रूप से पर्यटकों के लिए खोला जाता है। 

वाघा बॉर्डर समारोह

वाघा बॉर्डर समारोह की शुरूआत 1959 में हुई थी। वाघा बॉर्डर समारोह का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और सौहार्द का माहौल बनाना है। यह बीटिंग रिट्रीट समारोह के नाम से मशहूर है। इस समारोह के दौरान औपचारिक रूप से सीमा को बंद किया जाता है और दोनों देश के झंडे को सम्मानपूर्वक उतारा जाता है। यह समारोह हर रोज शाम में सूर्यास्त से पहले आयोजित होता है। यह एक मनोरंजन समारोह है जिसमें हर रोज देशभक्ति का प्रदर्शन भी किया जाता है। 

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