GLIBS
15-07-2019
क्या हिंदी के कारण गिर रहा है संसद में बहस का स्तर....?

नई दिल्ली। मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके) के महासचिव और राज्यसभा सांसद वायको ने फिर से हिंदी बनाम अन्य भारतीय भाषाओं का विवाद छेड़ दिया। 23 साल बाद राज्यसभा पहुंचे वायको ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत ज्यादातर सदस्यों के हिंदी में संबोधन पर आपत्ति प्रकट की। वायको यहीं नहीं रुके, उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी के कारण भी संसद में बहस का स्तर नीचे चला गया है। उनके विचार में प्रधानमंत्री का सिर्फ हिंदी में संबोधन के पीछे 'हिंदी, हिंदू, हिंदू राष्ट्र' की प्रेरणा है। वायको ने कहा कि आज हिंदी की वजह से संसद में बहस का स्तर गिर गया है। वे सिर्फ हिंदी में चिल्लाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिंदी में ही संसद को संबोधित करते हैं। उन्होंने पीएम मोदी पर कड़े प्रहार के लिए उनकी तुलना प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से की और कहा कि नेहरू संसद के हर सत्र में भाग लेते थे जबकि मोदी सदन में मौजूद होते हैं। 

वायको ने आगे कहा कि वाजपेयी अंग्रेजी बोला करते थे। मोरारजी देसाई भी संसद में इंग्लिश बोलते थे। आप यह नहीं कह सकते कि वे हिंदी के मुरीद नहीं थे। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, पीवी नरिसिम्हा राव और मनमोहन सिंह भी सदन को अंग्रेजी में संबोधित करते थे। उन्होंने कहा कि सिर्फ मोदी ही बार-बार हिंदी के प्रति प्यार जताते रहते हैं। उनकी नजर में हिंदी बोलने के पीछे प्रधानमंत्री की भावना 'हिंदी, हिंदू, हिंदू राष्ट्र' की है। एमडीएमके महासचिव ने कहा कि जब तक संसद में संविधान की मान्यता प्राप्त सभी 28 भाषाओं में बातचीत शुरू नहीं हो जाती, तब तक सिर्फ अंग्रेजी में ही बातचीत होनी चाहिए।

 

 

10-07-2019
वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स : दुती चंद ने 100 मीटर रेस के ग्लोबल इवेंट में जीता गोल्ड, रचा इतिहास

नई दिल्ली। भारत की शीर्ष महिला धाविका दुती चंद ने इटली में चल रहे वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में गोल्ड मेडल जीत इतिहास रच दिया है। दुती ने 30वें समर यूनिवर्सिटी गेम्स में 100 मीटर कॉम्पिटिशन का गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। दुती चंद ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 11.32 सेकंड का समय निकाला। स्विट्जरलैंड की डेल पोंट (11.33 सेकंड) दूसरे और जर्मनी की क्वायाई (11.39 सेकंड) तीसरे स्थान पर रहीं। दुती ने 30वें समर यूनिवर्सिटी गेम्स में 100 मीटर कॉम्पिटिशन का गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।

11.24 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड रखने वाली दुती किसी वैश्विक इवेंट की 100 मीटर रेस में गोल्ड जीतने वाली पहली महिला बन गईं। उनकी इस उपलब्धि पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें जीत की बधाई दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर दुती को इस जीत पर शुभकामनाएं दी है। खेल मंत्री किरन रिजिजू ने भी दुती को बधाई दी। रिजिजू ने रेस का एक वीडियो भी अपने हैंडल से शेयर किया। 

04-07-2019
पीएम मोदी ने किनसे कहा कि राष्ट्रसेवा के लिए स्वस्थ शरीर जरूरी है

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी के एससी-एसटी सांसदों को फिट रहने की नसीहत दी है। उन्होंने 40 साल से ज्यादा उम्र के सांसदों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने कहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बीजेपी के एसटी और एससी के सांसदों की बैठक में सांसदों को ये नसीहत दी। बैठक में 44 एससी-एसटी सांसद मौजूद थे। पीएम मोदी ने बैठक में ये भी कहा कि राष्ट्र सेवा के लिए स्वस्थ शरीर जरूरी है। कई साथी असमय ही छोड़ गए। प्रधानमंत्री ने बैठक में सांसदों से उनके क्षेत्रों में कराए सामाजिक कार्य की जानकारी मांगी। इससे पहले पीएम मोदी बुधवार को पार्टी के ओबीसी सांसदों से मिले थे। अगले हफ्ते पीएम मोदी महिला, युवा और नए सांसदों से मुलाकात करेंगे। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सांसदों को अलग-अलग वर्गों में बांटकर, उनके साथ बैठक कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लगातार हो रही बैठकों में राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों के सांसदों सांसद शामिल हैं। सभी सांसदों से संसदीय मामलों के संबंध में भी बातचीत की जा रही है।

03-07-2019
हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति में ‘परिवारवाद व जातिवाद’ हाबी : इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज रंगनाथ पांडे

नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक जज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखकर हाईकोर्टों तथा सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति में 'परिवारवाद और जातिवाद' का आरोप लगाया है। यह खत इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज रंगनाथ पांडे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि न्यायपालिका (उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय) दुर्भाग्यवश वंशवाद और जातिवाद से बुरी तरह ग्रस्त हैं और जजों के परिवार से होना ही अगला न्यायधीश होना सुनिश्चित करता है। जस्टिस रंगनाथ पांडे ने पीएम मोदी को लोकसभा चुनाव में जीत पर बधाई देते हुए खत में लिखा है, 'भारतीय संविधान भारत को एक लोकतांत्रिक राष्ट्र घोषित करता है तथा इसमें सबसे अहम न्यायपालिका (उच्च न्यायालय तथा सर्वोच्च न्यायालय) दुर्भाग्यवश वंशवाद और जातिवाद से बुरी तरह ग्रस्त हैं। यहां न्यायधीशों के परिवार का सदस्य होना ही अगला न्यायधीश होना सुनिश्चित करता है।'

साथ ही उन्होंने लिखा है, 'राजनीतिक-कार्यकर्ता का मूल्यांकन अपने कार्य के आधार पर ही चुनाव में जनता द्वारा किया जाता है। प्रशासनिक अधिकारी को सेवा में आने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की कसौटी पर उतरना होता है। अधीनस्थ न्यायालय के न्यायाधीशों को भी प्रतियोगी परीक्षाओं में योग्यता सिद्ध करके ही चयनित होने का अवसर मिलता है। लेकिन उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में जजों की नियुक्ति के लिए हमारे पास कोई निश्चित मापदंड नहीं है। प्रचलित कसौटी है तो केवल परिवारवाद और जातिवाद।'

बता दें, पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने स्वतंत्रता को न्यायपालिका की आत्मा बताते हुए कहा है कि उसे लोकलुभावन ताकतों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए और संवैधानिक मूल्यों का अनादर किये जाने से इसकी रक्षा की जानी चाहिए। न्यायमूर्ति गोगोई ने रूस के सोची में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के मुख्य न्यायाधीशों के एक सम्मेलन में कहा कि न्यायपालिका को संस्थान की स्वतंत्रता पर लोकलुभावन ताकतों का मुकाबला करने के लिए खुद को तैयार करना होगा और मजबूत करना होगा। 
साथ ही उन्होंने कहा कि किसी देश के सफर के कुछ चरणों में जब विधायी और कार्यकारी इकाइयां लोकलुभावनवाद के प्रभाव में संविधान के तहत अपने कर्तव्यों एवं लक्ष्यों से दूर हो जाती हैं तो न्यायपालिका को इन लोकलुभावन ताकतों के खिलाफ खड़े होना चाहिए और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए। कुछ आलोचकों के लिए यह स्थिति आलोचना का एक मौका दे सकती है कि चुने हुए प्रतिनिधियों के फैसले को कैसे न्यायाधीश पलट सकते हैं जबकि वे जनता द्वारा निर्वाचित नहीं हैं।

03-07-2019
मायावती बोलीं- बीजेपी नेतृत्व की फटकार का असर न दिख रहा, न दिखेगा

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सख्त टिप्पणी पर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मायावती ने बुधवार को ट्वीट करके लिखा, 'सत्ताधारी पार्टी के लोग कानून को खुलेआम हाथ में लेकर अराजकता फैला रहे हैं, बीजेपी नेतृत्व की फटकार का असर नहीं दिख रहा है।' मायावती ने लिखा, 'देश भर में हर स्तर पर सत्ताधारी पार्टी के लोगों द्वारा जिस प्रकार से कानून को खुलेआम हाथ में लेकर हर प्रकार की अराजकता फैलाई जा रही है।

वह लगातार गंभीर चिन्ता का विषय बना हुआ है, लेकिन बीजेपी नेतृत्व की यदाकदा फटकार से अबतक स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है और न आगे कोई गारंटी है।' बता दें, मंगलवार को पीएम मोदी ने बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय के मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि किसी का भी बेटा हो, उसकी ये हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन लोगों ने स्वागत किया है, उन्हें पार्टी में रहने का हक नहीं है। सभी को पार्टी से निकाल देना चाहिए।'

03-07-2019
शाह नहीं होने देंगे अपने मित्र के बेटे का नुकसान : दिग्विजय

भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी विधायक आकाश विजयवर्गीय के बहाने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहने के बाद भी उन्हें नहीं लगता कि शाह अपने मित्र कैलाश विजयवर्गीय के बेटे का कोई नुकसान होने देंगे। सिंह ने आज ट्वीट करते हुए कहा - मोदी ने कल भाजपा संसदीय दल की बैठक में आकाश के इस बयान के खिलाफ नाराजगी प्रकट की और आकाश के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिये। यही नहीं उन भाजपा के कार्यकतार्ओं के खिलाफ भी कार्यवाही करने के निर्देश दिये जिन्होंने जेल से छूटने के बाद उसका स्वागत किया और हर्ष फायरिंग की। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो मोदी को बधाई दी जानी चाहिए, लेकिन यदि नहीं होता तो साबित होगा कि प्रधानमंत्री की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें नहीं लगता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष शाह अपने प्रिय मित्र कैलाश विजयवर्गीय के बेटे का कोई नुकसान होने देंगे।

03-07-2019
जल शक्ति अभियान की शुरूआत ग्राम मानिकचौरी से

अभनपुर/रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रेडियो वार्ता मन की बात कार्यक्रम में देशवासियों से किए गए आह्वान के तहत जल संरक्षण एवं जल संस्कृति की रक्षा के लिए 2 जुलाई को रायपुर जिला अंतर्गत अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मानिकचौरी एवं दादरझोरी में पौधारोपण व ग्राम मानिकचौरी में ग्राम पंचायत द्वारा जल शक्ति अभियान कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हम सबको एकजुट होकर जल संवर्धन एवं संरक्षण के लिए प्रयास करना होगा। जल संस्कृति की रक्षा करते हुए भविष्य में होने वाले जल संकट से बचने का उपाय ढूंढना होगा। इस अवसर पर उपस्थित महिला शक्ति द्वारा जल पूजन किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने पूर्व मंत्री चंद्रशेखर साहू को उनके जन्मदिन की बधाई भी दिया।

30-06-2019
पीएम मोदी ने कहा, जलसंकट से निपटने के लिए हो आंदोलन शुरू

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने कार्यक्रम मन की बात में लोगों को संबोधित किया। बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 24 फरवरी को मन की बात की थी। उसके बाद चुनावों में व्‍यस्‍तता का हवाला देते हुए उन्‍होंने कहा था, अगले दो महीने हम सभी चुनाव की गहमागहमी में व्‍यस्‍त रहेंगे। मैं स्‍वयं चुनाव में प्रत्‍याशी रहूंगा इसलिए अगली मन की बात मई महीने के अंतिम हफ्ते में होगी। हालांकि अब यह जून के अंतिम रविवार को होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस समय विश्‍वास दिलाया था कि मैं चुनाव के बाद एक नए विश्‍वास के बाद मन की बात फिर से करता रहूंगा और वर्षों तक करूंगा।

पीएम मोदी ने कहा कि मेरे प्‍यारे देशवासियों, यह यात्रा आज आरंभ हो रही है। मैं आपके सुझावों और विचारों की प्रतीक्षा करता रहूंगा। पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी से अनुरोध है कि जल संरक्षण की दिशा में महत्‍वपूर्ण योगदान देने वालों की जानकारी आप शेयर करें ताकि एक बहुत ही समृद्ध डेटाबेस बनाया जा सके। हम जलसंरक्षण से जुड़े उपायों की सूची बनाकर शेयर करें। देशवािसयों से मेरा दूसरा अनुरोध है कि देशवासियों ने स्‍वच्‍छता को आंदोलन का रूप दे दिया, उसी तरह जल संकट से निपटने के लिए भी आंदोलन शुरू किया जाए। पूरे देश में जलसंकट से निपटने का कोई एक फॉर्मूला नहीं हो सकता, अलग-अलग प्रयास करके इसे दुरुस्‍त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जल की महत्‍ता को सर्वोपरि रखते हुए देश में नया जलशक्‍ति मंत्रालय बनाया गया है। मैंने देश भर के सरपंचों-ग्राम प्रधानों को पत्र लिखकर कहा, बारिश का पानी बचाने के लिए ग्राम सभा की बैठक कर वे विचार विमर्श करें। जल ही जीवनदायिनी शक्‍ति ऊर्जा का स्रोत है। पानी की कमी से देश के कई हिस्‍से हर साल प्रभावित होते हैं। आपको आश्‍चर्य होगा कि बारिश से जो पानी हमें मिलता है कि उसका सिर्फ 8 प्रतिशत ही बचाया जाता है, जरूरत है इसे बढ़ाया जाए।

28-06-2019
130 करोड़ भारतीयों ने देश में बनाई मजबूत सरकार : मोदी

नई दिल्ली। जी-20 सम्मेलन में भाग लेने जापान पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां कोबे में लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मैं सात महीने बाद फिर यहां आकर भाग्यशाली हूं। यह संयोग है कि जब पिछली बार मैं यहां आया था और आपने मेरे मित्र शिंजो आबे में अपना विश्वास दिखाया था। आज जब मैं यहां हूं, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र ने इस प्रधान सेवक पर और भरोसा दिखाया है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 130 करोड़ भारतीयों ने पहले से मजबूत सरकार बनाई है। यह बड़ी है। तीन दशक के बाद, पहली बार, पूर्ण बहुमत के साथ लगातार दूसरी बार सरकार बनी है। उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास और उसमें लोगों ने अमृत मिलाया सबका विश्वास। हम इस मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं। भारत मजबूत बनेगा। पीएम मोदी ने कहा कि जब दुनिया के साथ भारत के संबंधों की बात होती है तो जापान इसमें महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ये संबंध आज के नहीं है बल्कि सदियों से बने हुए हैं। इन संबंधों में एक-दूसरे की संस्कृति को लेकर सम्मान और सामंजस्यता है।

24-06-2019
सीजेआई ने की इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज को हटाने की सिफारिश, प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

नई दिल्ली। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक जज को हटाने के लिए महाभियोग प्रक्रिया शुरू करने की सिफारिश की है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने यह सिफारिश तीन जजों की आंतरिक समिति की उस जांच रिपोर्ट के कई महीने बाद की है, जिसमें  हाईकोर्ट के जस्टिस एसएन शुक्ला को कदाचार का दोषी माना गया था। चीफ जस्टिस गोगोई ने अब प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि जस्टिस शुक्ला के खिलाफ लगे आरोपों को समिति ने इतना गंभीर माना है कि उन्हें हटाने की कार्रवाई शुरू करने के लिए किसी भी हाईकोर्ट में न्यायिक कार्य शुरू करने तक की इजाजत नहीं दी गई, इन हालात में आपसे आग्रह है कि आगे की प्रक्रिया शुरू करने पर विचार करें।

जस्टिस शुक्ला के खिलाफ जनवरी, 2018 में मद्रास हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस इंदिरा बनर्जी, सिक्किम हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एसके अग्निहोत्री और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पीके जायसवाल की आंतरिक समिति गठित की गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में माना था कि जस्टिस शुक्ला के खिलाफ शिकायत में लगाए गए आरोपों के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं और उनका कदाचार महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने के लिए पर्याप्त है। समिति की रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि जस्टिस शुक्ला ने न्यायिक जीवन के मूल्यों का अपमान किया, अदालत की महिमा, गरिमा और विश्वसनीयता को नीचा दिखाया और अपने पद की गोपनीयता की शपथ को भंग करने का काम किया है।

21-06-2019
मोदी बहुत अच्छे मीडिया मैनेजर : दिग्विजय

भोपाल। कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर योग दिवस के बहाने निशाना साधते हुए आज कहा कि वे बहुत अच्छे इवेंट मैनेजर के साथ मीडिया मैनेजर भी हैं। सिंह ने अपने लगातार एक के बाद एक ट्वीट में कहा कि श्री मोदी योग को प्रचारित कर रहे हैं। ये अच्छा है, लेकिन योग, ध्यान, प्राणायम अनेक प्रकार के होते हैं और हर व्यक्ति के शरीर की बनावट पर यह निर्भर करता है कि कौन सा उसके शरीर के लिये उपयुक्त होगा।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से प्रधानमंत्री इसे मीडिया इवेंट बना रहे हैं, वो अनुचित है। हर व्यक्ति को उसके शरीर की बनावट के आधार पर किसी अच्छे वैद्य के मार्ग दर्शन में ही योग आसन करना चाहिये अन्यथा हर कोई आसन उसका नुक्सान भी कर सकता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का भी संदर्भ बीच में लाते हुए कहा कि उन्होंने मोदी को अच्छा इवेंट मैनेजर बताया था। उन्होंने कहा कि वे इसमें ये भी जोड़ना चाहते हैं कि मोदी बहुत अच्छे मीडिया मैनेजर भी हैं।

17-06-2019
लोकतंत्र में विपक्ष का सशक्त होना जरूरी, विपक्षी दल नंबर की चिंता छोड़ दें : पीएम मोदी

 

नई दिल्ली। 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में सोमवार को सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह ने हिंदी में शपथ ली। प्रोटेम स्पीकर वीरेंद्र कुमार मंगलवार को भी नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाएंगे। इससे पहले मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का सशक्त होना जरूरी है। उनका हर शब्द मूल्यवान है, वे लोकसभा में अपने नंबरों की चिंता छोड़ दें। उम्मीद है कि सभी दल सदन में उत्तम चर्चा करेंगे। इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वीरेंद्र कुमार को प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ दिलाई। कुमार मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ से सांसद हैं।

अब 19 जून को लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा। 20 जून को राष्ट्रपति लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे। इसी दिन राज्यसभा के सत्र की शुरूआत होगी। संसद का यह सत्र 26 जुलाई तक चलेगा। 5 जुलाई को पहली बार महिला वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी।

हमारे लिए विपक्ष की हर भावना मूल्यवान : मोदी

मोदी ने कहा, ''इस चुनाव में पहले की तुलना में अधिक मात्रा में महिलाओं का वोट करना खास रहा। कई दशकों के बाद एक सरकार को दोबारा पूर्ण बहुमत के साथ और पहले से अधिक सीटों के साथ जनता ने सेवा करने का अवसर दिया। जब पांच वर्ष का हमारा अनुभव है। जब सदन चला है, तंदरुस्त वातावरण में चला है तब देशहित के निर्णय भी अच्छे हुए हैं। आशा करता हूं कि सभी दल उत्तम प्रकार की चर्चा, जनहित के फैसले और जनआकांक्षाओं की पूर्ति की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं इसका विश्वास।''

''लोकतंत्र में विपक्ष का सशक्त होना अनिवार्य शर्त है। प्रतिपक्ष के लोग नंबर की चिंता छोड़ दें। देश की जनता ने उन्हें जो नंबर दिया दिया। लेकिन हमारे लिए उनकी हर भावना मूल्यवान है। जब सदन में हम उस चेयर पर एमपी के रूप में बैठते हैं तो पक्ष विपक्ष से ज्यादा निष्पक्ष का ज्यादा महत्व होता है। मैं उम्मीद करता हूं कि पक्ष विपक्ष से ज्यादा निष्पक्ष होकर हम इस सदन की गरिमा उठाने का प्रयास करेंगे।''

Advertise, Call Now - +91 76111 07804