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18-06-2019
बीजापुर इंन्दिरावती टाईगर रिजर्व मामले में शासन को नोटिस जारी कर 3 सप्ताह में जवाब तलब करने निर्देश

बिलासपुर। बीजापुर इंद्रावती टाईगर रिजर्व के बफर जोन एरिया कम किए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजे रामचंद्र मेनन व जस्टिस गौतम भादुड़ी की युगलपीठ राज य शासन को नोटिस जारी कर 3 सप्ताह में जवाब तलब किया है।

सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने एडिशनल एजी फौजिया मिर्जा से पूछा कि आखिर किस आधार पर राज्य शासन ने बफर एरिया कम किए जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा । इस मामले शासन से जानकारी लेकर तीन सप्ताह में जवाब पेश करें।

बस्तर के बीजापुर इंद्रावती टाईगर रिजर्व के बफर जोन को कम किए जाने का प्रस्ताव राज्य शासन ने केंद्र को भेजा है । इसके खिलाफ लक्ष्मी चौहान व अशोक मिश्रा ने अधिवक्ता सुदीप अग्रवाल माध्यम से जनहित याचिका लगाई है । याचिका में राज्य शासन आरोप लगाते हुए कहा गया है कि शासन द्वारा जंगल के पर्यावरण के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है । एनटीसीए की अनुमति के बगैर टाईगर रिजर्व के बफर जोन एरिया को कम नहीं किया जा सकता सरकार ने इस मामले में विशेषज्ञों की टीम बनाई और उसकी रिपोर्ट को केंद्र शासन के पास अनुशंसा के लिए भेज दिया है । बफर एरिया कम किए जाने के प्रस्ताव पर अविलंब रोक लगाई जाए । मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद युगलपीठ ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

17-06-2019
असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति मामले में हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला, हटाई रोक 

जबलपुर। मध्यप्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर्स की ज्वाइनिंग को लेकर लगाई रोक को हाईकोर्ट ने हटा ली है। अब ढाई हजार से अधिक प्रोफेसर्स की ज्वाइनिंग का रास्ता साफ हो गया है। उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने यह जानकारी ट्वीट के माध्यम से दी है। बता दें कि वर्ष 2018 में 2536 पदों पर हुई नियुक्ति प्रक्रिया न्यायिक दांवपेंच मे फंसी थी। अगस्त 2018 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने पीएससी के जरिए भर्ती प्रक्रिया करवाकर 2536 असिस्टेंट प्रोफेसरों को चुना था। चयन प्रक्रिया के लिए पिछली सरकार के कार्यकाल में बार-बार नियमों में बदलाव लाए गए। आरक्षण और आयुसीमा में भी बदलाव हुए, जिससे पात्र उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर निशक्त आरक्षण के कोटे के नियम और अनुपात को चुनौती दे दी थी। इसके बाद से ही ये मामला कोर्ट में अटका हुआ था। सुनवाई के दौरान सरकार ने अदालत मे नियुक्ति प्रक्रिया मे गड़बड़ी की बात को स्वीकारा है। सोमवार को मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने पीएससी को नई मैरिट लिस्ट नियम के अनुसार जारी करने के आदेश दिए है।
उच्च शिक्षामंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि "मुख्यमंत्री कमलनाथ के सकारात्मक प्रयासों से महाविद्यालयो में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती और नियुक्ति का रास्ता उच्च न्यायालय ने साफ कर दिया है। 

12-06-2019
भरी कचहरी में यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष को मार दी गोली  

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दो दिन पहले ही दरवेश यादव को इस पद पर चुना गया था। हत्या की इस वारदात को उस वक्त अंजाम दिया गया, जब दीवानी कचहरी में उनका स्वागत समारोह चल रहा था। इस दौरान एक दूसरा अधिवक्ता भी गोली लगने से घायल हो गया। आगरा की दीवानी कचहरी में स्वागत समारोह के दौरान हुए इस गोली कांड से अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि अधिवक्ता मनीष ने समारोह के दौरान अचानक पिस्तौल निकाली और यूपी बार काउंसिल की नवनिर्वाचित अध्यक्ष दरवेश यादव पर गोली चला दी। उसने दरवेश को तीन गोली मारी और इसके बाद खुद को भी गोली मार ली। आरोपी दरवेश यादव का पूर्व सहयोगी बताया जा रहा है। घटना के बाद फौरन मनीष शर्मा को सिकंदरा हाइवे स्थित रेनबो अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। जबकि दरवेश को पुष्पांजलि अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद अस्पताल में वकीलों की भीड़ जमा हो गई है। पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। वारदात थाना न्यू आगरा इलाके के न्यायालय परिसर में हुई है। अभी तक इस घटना के पीछे की वजह साफ नहीं है। पुलिस ने मामले की छानबीन कर शुरू कर दी है। आगरा जोन के एडीजी अजय आनंद समेत अन्य आला अफसर और वरिष्ठ अधिवक्ता मौके पर जा पहुंचे। मामले की तफ्तीश की जा रही है।

10-06-2019
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जरदारी को इस जुर्म के लिए किया गया गिरफ्तार 

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ  अली जरदारी को एनएबी ने फेक बैंक अकाउंट केस में गिरफ्तार किया है। नेशनल एकाउंटिबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) की 15 सदस्यीय टीम ने पुलिस कर्मियों के साथ पीपीपी के सह-अध्यक्ष आसिफ  अली जरदारी को सोमवार को इस्लामाबाद में उनके आवास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के कुछ घंटे पहले ही इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी खातों के मामले में जरदारी और उसकी बहन फरयाल तालपुर की गिरफ्तारी की अवधि बढ़ाने की मांग की अर्जी को खारिज कर दिया था। कोर्ट के फैसले के बाद महिला अधिकारी सहित पुलिस कर्मी पूर्व राष्ट्रपति के घर में घुसे। इससे पहले पुलिस ने उनके आवास की तरफ  जाने वाली सभी सड़कों को ब्लॉक कर लिया। दो सदस्यी बैंच, जिसने याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था, ने मौखिक रूप से ये आदेश दिया। फैसला सुनाए जाने से पहले जरदारी और उनकी बहन कोर्ट से चले गए थे। जरदारी के खिलाफ  रविवार को वारंट जारी किए गए थे।

20-05-2019
फिल्म अभिनेता जितेंद्र को राहत, यौन उत्पीडऩ मामले की याचिका रद्द 

शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता रवि कपूर उर्फ  जितेंद्र के खिलाफ  दर्ज यौन उत्पीडऩ के मामले को लेकर प्राथमिकी को रद्द कर दिया है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने अभिनेता जितेंद्र की ओर से दायर याचिका के तथ्यों व इस मामले से जुड़े रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद यह फैसला सुनाया। याचिका में दिए गए तथ्यों के अनुसार गत 16 फरवरी को महिला पुलिस थाना शिमला के समक्ष भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत प्रार्थी अभिनेता के खिलाफ  प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एफआईआर में प्रार्थी अभिनेता की चचेरी बहन ने 47 साल पहले घटी घटना को लेकर यौन उत्पीडऩ के आरोप लगाए थे। प्रार्थी ने हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर कर इस प्राथमिकी को रद्द करने की गुहार लगाई  थी। प्रार्थी की ओर से यह दलील दी गई थी कि यह प्राथमिकी उसे ब्लैकमेल करने के इरादे से दर्ज की गई है। कथित घटना के 47 वर्ष बाद दर्ज इस प्राथमिकी में देरी के कारणों का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। प्रार्थी ने कहा था कि एफआईआर में न तो शिमला में की गई फिल्म की शूटिंग के नाम का व होटल का उल्लेख किया गया है। दो सह अभिनेताओं के नाम भी प्राथमिकी में नहीं लिखे गए हैं। प्रार्थी के अनुसार उसके खिलाफ  झूठे आरोप लगाए गए हैं। इस कारण प्रार्थी ने यह एफआईआर रद्द करने की गुहार लगाई थी। न्यायालय ने प्रार्थी की दलीलों को कानूनन न्यायसंगत पाते हुए उपरोक्त फैसला सुनाया।

20-05-2019
वाहन अनियंत्रित होकर पलटा, 1 की मौत 2 सहित 7 घायल

नवापारा राजिम। शादी समारोह में शामिल होकर घट लौट रहा साहू परिवार हादसे का शिकार हो गया। ग्राम देवरी के पास उसकी ईको गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में  14 साल के एक बच्चे की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। बताया जाता हैं कि हादसा रात्रि में करीब 2.30 बजे के आसपास हुआ। ग्राम कुरूद थाना पांडुका का साहू परिवार अपने रिश्तेदार के यहां महासमुंद से शादी कार्यक्रम से ईको वाहन क्रमांक सीजी 23-2883 से घर वापस लौट रहा था कि ग्राम देवरी के पास अचानक वाहन चालक द्वारा लापरवाही पूपर्वक वाहन चलाने से गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गया जिस पर एक ही परिवार के 7 लोग सवार थे, जिसमें से 14 साल के लड़का मोहित राम साहू पिता खिलावन साहू की मौत हो गई और वाहन में सवार अन्य व्यक्तियों को सामान्य चोटें आई हैं। उसमें 2 महिलाएं भी सवार थीं। रिपोर्ट पर थाना राजिम में मर्ग कायम कर मामले की जांच में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र राजिम में घायलों को लाया गया व मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया। वाहन चालक के विरूद्ध 279, 337, 304ए का अपराध पंजीबद्ध किया गया हैं। 

20-05-2019
काला हिरण शिकार मामले में सैफ, तब्बू, सोनाली, नीलम को फिर जारी हुआ नोटिस

नई दिल्ली। काले हिरण शिकार मामले में सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे, नीलम की मुसीबतें फिर बढ़ गई हैं। इस केस में इन सबको राजस्थान हाईकोर्ट की तरफ से नए नोटिस जारी किए हैं। मार्च में नोटिस भेजने के बाद हाल ही में राजस्थान हाई कोर्ट ने इन सब को फिर से नए नोटिस जारी किए है। ये नोटिस 1998 के काले हिरण के शिकार मामले में सीजेएम द्वारा उनके बरी होने के खिलाफ सरकार द्वारा दायर याचिका पर जारी किए गए हैं। इससे एक्टर्स को एक बार फिर कोर्ट में सुनवाई का सामना करना पड़ेगा।
रिपोर्टस के मुताबिक इस केस में 8 हफ्ते बाद सुनवाई शुरू होगी। दरअसल सीजेएम ग्रामीण कोर्ट ने हिरण शिकार केस में सह अभियुक्त सैफ, नीलम, सोनाली, तब्बू और अन्य आरोपी दुष्यंत सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। इसके बाद राज्य सरकार द्वारा राजस्थान हाई कोर्ट में इसके खिलाफ अपील की गई। हाल ही में इस पर जस्टिस मनोज गर्ग की कोर्ट में सुनवाई की गई।
बता दें कि ये घटना 1998 में फिल्म हम साथ साथ है की शूटिंग के दौरान की है। उस वक्त आरोप लगा था कि काकानी गांव के पास आधी रात को दो काले हिरण का शिकार किया गया। इस पर करीब 20 साल से मुकदमा चल रहा है। इसी केस में सलमान को छोड़कर सबूतों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए सैफ, तब्बू, नीलम, सोनाली, दुष्यंत को बरी किया गया था। लेकिन अब उनके खिलाफ फिर से नोटिस जारी हुए है।

16-05-2019
कर्ज के मामले में जेल भेजे गए किसानों को मिली जमानत

रायपुर। कर्ज के मामले में जेल भेजे गए किसान तुलाराम मौर्य और सुखदास को गुरुवार को जमानत मिल गई। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश जेएम भगत ने अधिवक्ता डी वर्मा और  वीरेन्द्र बहोते द्वारा की गई अर्जी पर सुनवाई करने के बाद जमानत की मंजूरी दे दी है। बता दें कि भारतीय स्टेट बैंक की कृषि विकास शाखा द्वारा चेक बाउंस के मामले में दायर किए गए परिवाद के आधार पर प्रथम श्रेणी मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी न्यायालय द्वारा भाटपाल निवासी  तुलाराम मौर्य और बस्तर निवासी सुखदास को नेगोशियेबल, इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट 1881 की धारा 138 के तहत न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था। इस मामले के संज्ञान में आते ही कलेक्टर डॉ. अय्याज तम्बोली ने अनुविभागीय दण्डाधिकारी के माध्यम से जांच के आदेश देने के साथ ही किसानों को राहत पहुंचाने के लिए नि:शुल्क विधिक सहायता भी उपलब्ध कराई थी। अनुविभागीय दण्डाधिकारी जीआर मरकाम ने बताया कि किसानों को जमानत की राहत मिलने के बाद अब जांच प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी और किसानों के साथ हुए धोखाधड़ी के मामले में दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। 

07-05-2019
पुलिस कस्टडी में युवक की आत्महत्या मामले में टीआई सहित 5 पुलिसकर्मी निलंबित 

रायपुर। गरियाबंद जिले के पांडुका थाने में कस्टडी के दौरान मंगलवार को एक युवक के आत्महत्या मामले में पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी सहित पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया। 

बता दें कि ठगी के आरोपी सुनील श्रीवास को पुलिस ने रायपुर के चंगोराभाठा से गिरफ्तार किया था। वह जयका ऑटोमोबाइल अभनपुर में सेल्समैन के रूप में कार्य करता था। वही परिजन पुलिस पर मारपीट कर उसकी हत्या का आरोप लगा रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार आरोपी सुनील श्रीवास ने पुलिसकर्मियों ने शौचालय जाने की बात कही थी। एक पुलिसकर्मी उसे थाने के पास बने शौचालय तक लेकर गया और उसके बाहर आने का इंतजार करने लगा जब बाहर नहीं निकला तो पुलिसकर्मियों दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया। बाथरूम की छत से अंदर जाने के लिए ऊपर चढ़े तब तक आरोपी अपनी शर्ट से फांसी लगा चुका था। इस मामले में उच्च अधिकारी थाने पहुंचे और जांच के बाद टीआई सहित 5 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। 

 

06-05-2019
यौन शोषण मामले में बेदाग साबित हुए चीफ  जस्टिस रंजन गोगोई 

नई दिल्ली। यौन शोषण के आरोपों में घिरे सुप्रीम कोर्ट के चीफ  जस्टिस रंजन गोगोई को क्लीन चीट मिल गई है। मामले की जांच कर रही तीन सदस्यीय कमेटी ने सोमवार को कहा है कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर आरोप निराधार है। उनके खिलाफ  कोई सबूत नहीं मिले हैं। जस्टिस एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली तीन जजों की कमेटी ने यौन उत्पीडऩ की शिकायत को खारिज कर दिया। जस्टिस बोबड़े के अलावा सुप्रीम कोर्ट की इन हाउस कमेटी में जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी दो अन्य सदस्य थे। इधर वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने कमेटी की रिपोर्ट को जनहित में सार्वजनिक करने की मांग की है। इससे पहले यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाने वाली महिला इस मामले की सुनवाई कर रही जजों की समिति पर सवाल खड़े कर चुकी है। महिला ने समिति पर यौन उत्पीडऩ अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप था कि समिति द्वारा मुझसे बार-बार पूछा गया कि यौन उत्पीडऩ की शिकायत मैंने क्यों देर से की? बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के खिलाफ  यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाया था। महिला कर्मचारी ने शपथ पत्र देकर सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों को आरोप लगाने वाला यह पत्र भेजा था।  पूरे मामले की सुनवाई के लिए इन हाउस कमेटी का गठन किया गया था।

29-04-2019
मुफ्त किताब देने के मामले में स्कूल शिक्षा विभाग पिछड़ा, नहीं हो पा रही है छपाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग का पहली से 12वीं तक के बच्चों को मुफ्त किताबें देने का प्रस्ताव अटक गया है। प्रस्ताव के मुताबिक शिक्षा विभाग ने 12वीं तक बच्चों को मुफ्त किताबें देने की योजना बनाई थी। लेकिन किताबो की छपाई को लेकर कई समस्या आने की वजह से छपाई नहीं हो पा रही है। इससे निगम को 15 करोड़ का अतिरिक्त प्रभाव भी पड़ सकता है। ज्ञात हो कि 11वीं और 12वीं के लिए छपाई में कुछ नए विषय भी समाहित करने की बात कही जा रही है।

 

25-04-2019
डीकेएस घोटाला मामले में डॉ. पुनीत गुप्ता को हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

बिलासपुर। डीकेएस घोटाले में हाईकोर्ट ने पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता को अग्रिम जमानत दे दी है। 

डॉ. गुप्ता की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई बुधवार को हुई थी। जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल की एकल पीठ ने आदेश सुरक्षित रखा था।

डॉ. पुनीत गुप्ता घोटाले के बाद से फरार हैं और उनकी तलाश के लिए पुलिस ने कई जगह छापेमारी भी की थी। इसी बीच अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। इस पर सुनवाई हुई थी। हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है। हाईकोर्ट ने डॉ. पुनीत गुप्ता को जांच में सहयोग करने का आदेश दिया है। 

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