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27-06-2019
छह दिन में दो हजार से अधिक भवनों पर लगा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

कोरबा। कोरबा जिले में मानसून के पहले बरसात का पानी सहेजने के लिए शुरू किये गये 'छानी के पानी घर म' अभियान के पिछले छह दिनों में दो हजार 73 भवनों-इकाइयों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का काम पूरा हो गया है। जिला कलेक्टर किरण कौशल की पहल पर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पहली बार एक साथ बारिश के पानी को बेकार बह जाने से रोकते हुए वापस जमीन में पहुंचाने के लिए एक साथ सरकारी और निजी भवनों-इकाइयों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का अभियान चलाया जा रहा है। 20 जून से शुरू हुए 'छानी के पानी घर म' अभियान के तहत 30 जून तक एक साथ लगभग साढ़े चार हजार से अधिक भवनों-इकाइयों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापना का काम तेजी से प्रगति पर है। कलेक्टर किरण कौशल ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों पर अमल करते हुए यह अभियान 20 जून से शुरू किया गया था।  'छानी के पानी घर म' अभियान के तहत पहले छह दिनों में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बने सरकारी भवनों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों के भवनों, शालाओं, अस्पताल भवनों सहित निजी व्यवसायिक भवनों एवं बड़े आवासीय भवनों पर एक साथ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का काम शुरू हुआ और छह दिनों में ही दो हजार 73 इकाइयों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा दिया गया है। कलेक्टर कौशल ने बताया कि इस अभियान के लिए जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तथा शहरी क्षेत्रों में विशेष जन जागरुकता कार्यक्रम भी चलाया गया था और लोगों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग की जरूरतों तथा उसके तकनीकी पहलुओं की भी जानकारी दी गई थी। नगर निगम कोरबा में अब तक 447, नगर पालिका क्षेत्र दीपका में 19, नगर पालिका क्षेत्र कटघोरा में 30, नगर पंचायत क्षेत्र पाली में 11 और नगर पंचायत छुरी में छह इकाइयों पर अभियान के तहत काम पूरा हो गया है। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायत कोरबा में 427, करतला में 201, कटघोरा में 315, पाली में 240 और पोंड़ीउपरोड़ा में 377 भवनों-इकाईयों पर बारिश का पानी बचाने वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का काम पूरा किया जा चुका है। कलेक्टर ने आगे बताया कि कोरबा नगर निगम के सभी आठ जोनों में शासकीय कार्यालयों के भवनों, स्कूल भवनों, माहाविद्यालय, शासकीय एवं निजी अस्पतालों, बड़े व्यावसायिक एवं आवासीय भवनों को मिलाकर कुल आठ सौ भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में हर एक ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत भवन, शाला भवन, अस्पताल, बड़े आवासीय भवनों को मिलाकर 12-12 भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित करने का लक्ष्य है। 

 

15-04-2019
एक लाख से अधिक संदिग्ध लेन-देन पर चुनाव आयोग की नजर

रायपुर। लोकसभा चुनाव में मतदाताओं को धनबल से रिझाने को लेकर चुनाव आयोग निगरानी रख रहा है। इसके लिए एक लाख रुपए से अधिक हर संदिग्ध लेन-देन की जानकारी आयोग ने सभी बैंकों से मांगी है। भारत निर्वाचन आयोग के व्यय प्रेक्षकों ने इस संबंध में सोमवार को जिला कलेक्टोरेट स्थित रेडक्रास भवन में जिले के 66 बैंकों के अधिकारियों की बैठक ली।

    व्यय प्रेक्षकद्वय कुमार अजीत और जाधवर विवेकानंद राजेंद्र ने बैंक अधिकारियों से कहा कि वे दो तरह से मानीटरिंग करें। पहला एक लाख से 10 लाख रुपए और दूसरा 10 लाख रुपए से अधिक रकम के लेन-देन का रिकार्ड चेक करें, यदि इन दोनों तरह के लेन-देन में किसी तरह का संदेह होता है तो तत्काल जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक 0771-2435444 पर सूचित करें। इसमें नगद लेन-देन के साथ मनी ट्रांसफर, आरटीजीएस, अकाउंट ट्रांसफर सहित सभी तरह के रिकार्ड की निगरानी की जानी है। व्यय प्रेक्षक कुमार अजीत ने बैंक अधिकारियों से कहा कि चुनाव आचार संहिता लगने के बाद से किसी बैंक ने एक भी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी नहीं पकड़ी है, सभी अपनी रिपोर्ट निरंक भेज रहे हैं। ऐसा संभव नहीं है कि एक लाख से अधिक लेन-देन नहीं हो रहे हों। इसकी जानकारी प्रतिदिन सुबह भेजी जानी है। यदि बैंक को इसमें कुछ संदिग्ध लगता है तो उसकी तत्काल सूचना देनी है। उन्होंने कहा कि 14 मार्च से आज तक हुए लेन देन की जानकारी शाम तक उपलब्ध कराई जाए तथा मंगलवार सुबह से 24 अप्रैल में तक रिपोर्ट रोजाना सुबह आयोग को भेजा जाना सुनिश्चित करें। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव पाण्डेय, एलबीएम प्रवेश चौहान सहित 66 बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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