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22-07-2019
श्मशान घाट की जमीन दे दी दीगर समाज को,  आंदोलन पर अड़ा सर्व हिंदू समाज

सूरजपुर।  हिन्दू मुक्तिधाम में ईसाई समुदाय को कब्रिस्तान के लिए भूमि आबंटन के मामले में सर्व हिन्दू समाज के बैनर तले हुई बैठक व प्रदर्शन के बाद आज कलेक्टर से सर्व हिन्दू समाज के प्रतिनिधि मण्डल ने मुलाकात कर  आबंटन निरस्त करने की मांग की। कलेक्टर ने तत्काल मामले का शीघ्र निराकरण करने का आश्वासन दिया। कलेक्टर के आश्वासन पर नगर बंद सहित अन्य आन्दोलन सर्व हिन्दू समाज ने स्थगित कर दिया है। जानकारी के अनुसार नगर से लगे ग्राम नमदगिरी में हिन्दू मुक्ति धाम के लिए लगभग 11 एकड़ भूमि शासन द्वारा आबंटित की गई थी। उसी भूमि में से ही शासन द्वारा गोपनीय तरीके से 2 एकड़ भूमि ईसाई समुदाय के लिए आबंटित कर दी गई और इसके बाद शासन ने ईसाई समुदाय के कब्रिस्तान के लिए 20 लाख रुपए स्वीकृत कर चारदीवारी निर्माण का कार्य ग्राम पंचायत नमदगिरी को दिया। चारदीवारी निर्माण का हिन्दू समाज को पता चला तो विरोध प्रारम्भ हो गया। गत दो दिनों से पुन: निर्माण प्रारम्भ होने से सर्व हिन्दू समाजने उग्र प्रदर्शन किया व एक बैठक आयोजित कर प्रशासन से बातचीत करने के बाद सकारात्मक परिणाम नहीं मिलने पर चरणबद्ध तरीके से आन्दोलन करने रणनीति बनाई गई। आज सर्व हिन्दू समाज के प्रतिनिधिमण्डल ने कलेक्टर दीपक सोनी से मुलाकात की। कलेक्टर ने तत्काल उच्चाधिकारियों के नेतृत्व में टीम गठित कर शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया। प्रशासनिक कार्यवाही तत्काल व सकारात्मक नहीं होने पर पुन: चरणबद्ध आन्दोलन  करने की बात कही गई है।

 

10-06-2019
बैलाडीला पहाड़ उत्खनन में कांग्रेस सरकार की चुप्पी दोहरी राजनीति का परिचायक : भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने दंतेवाड़ा के बैलाडीला की पहाडिय़ों पर प्रदर्शनरत आदिवासियों की भावनाओं का पार्टी की ओर से समर्थन किया है। उसेंडी ने इस मामले में राज्य सरकार पर दोहरा मापदंड अपनाकर आदिवासियों व प्रदेश को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष उसेंडी ने कहा कि जल, जंगल और जमीन का मुद्दा आदिवासी भाई-बहनों के लिए उनकी अस्मिता और आत्मा से जुड़ा मुद्दा है और भाजपा उनकी इस भावना का पूरा सम्मान व समर्थन करती है। उसेंडी ने राज्य सरकार से प्रकृतिजीवी आदिवासी समाज से तत्काल सम्पर्क और संवाद करके इस समस्या के समाधान की पहल करने की मांग की ताकि नापाक इरादे रखने वाली ताकतें इस मौके का गलत फायदा उठाकर मसले को गलत दिशा में न मोड़ सकें। सरकार को समस्या के सभी पहलुओं पर खुले मन से चर्चा करके समाधान की सर्वसम्मत राह निकालनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि बात-बात पर प्रतिक्रिया देने वाली प्रदेश सरकार और उसके सिपहसालारों की मंडली ने इस प्रकरण पर चुप्पी साध रखी है जो उनकी अकर्मण्यता व गैर-जिम्मेदाराना रवैये को रेखांकित कर रही है।
भाजपा अध्यक्ष उसेंडी ने कहा कि बैलाडीला आयरन ओर खदान के संबंध में पिछले कुछ दिनों से मीडिया में तरह तरह की बातें सामने आ रही हैं। बैलाडीला आयरन ओर का आवंटन केन्द्र सरकार द्वारा एनएमडीसी और सीएमडीसी के संयुक्त उपक्रम को किया गया है। अडानी कंपनी को एनएमडीसी और सीएमडीसी के संयुक्त उपक्रम द्वारा खुली निविदा के माध्यम से खनन हेतु ठेकेदार के रूप में काम प्रदान किया गया है। कांग्रेस का यह दोहरा मापदंड है कि एक तरफ  वह खदान का विरोध करवाती है और दूसरी तरफ  खदान खनन की अनुमति में सहयोग करती है। कांग्रेस की सरकार अपनी मंशा स्पष्ट करे कि वह किसके पक्ष में है? उसेंडी ने कहा कि एक तरफ  भूपेश बघेल राज्य की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हैं कि अडानी को खदान का आवंटन भाजपा सरकार के समय हुआ और दूसरी तरफ  गिदौरी-पितौरी कोयला खदान (जिसका आवंटन राज्य सरकार के सीएसईबी को हुआ है) के खनन का कार्य अडानी कंपनी को लोकसभा चुनाव के एक महीने पहले 848 रुपए प्रति टन के दर पर दे दिया जाता है। तो यहां यह सवाल उठता है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार इस मामले में नौटंकी के अलावा और कुछ नहीं कर रही है। मुख्यमंत्री बघेल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इतनी उच्च दर पर कोयला खदान का आवंटन अडानी कंपनी को क्यों किया गया, जबकि इससे मिलती-जुलती गारे पलमा कोयला खदान भाजपा सरकार द्वारा लगभग 550 रुपए प्रति टन की दर से खनन हेतु दी गई। सरकार यह भी स्पष्ट करे कि दोनों कोयला खदानों की दरों में इतना अंतर क्यों है?

21-05-2019
 शिव सेना ने लिखा सीएम को पत्र, किसानों की जमीन का जल्द दर्ज हो ऑनलाईन रिकॉर्ड   

सूरजपुर। किसानों की मांग को लेकर शिव सेना की ओर से आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी गई है और किसानों को शासकीय योजनाओं से वंचित रखने की साजिश रचने वाले पर ठोस से ठोस कार्यवाही की माँग की है। महिला सेना की जिला सचिव रिंकू विश्वकर्मा  ने कहा कि शासन द्वारा यह निर्देश जारी कर दिया गया कि जिन किसानों का जमीन ऑनलाईन हैं, उन्हीं किसानों को लाभ दिया जायेगा। शिव सेना ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा और कहा कि प्रदेश के अधिकांश किसानों का जमीन का रिकॉर्ड हल्का के पटवारी ने अब तक ऑनलाईन दर्ज नहीं किया है, जिसके कारण प्रदेश के अन्नदाता किसानों को शासकीय सेवा सहकारी समिति से खाद/बीज/नगद कर्ज नहीं मिल पा रहा है। सेवा सहकारी समिति के प्रबंधन द्वारा बी वन जमीन का नकल कापी मांग की जा रही। 15 जून से फसल बोनी कार्य शुरू हो जाती। किसान मई माह मे ही शासकीय सोसाइटी से खाद बीज का उठाव कर लेता है ताकि खाद बीच के लिए दर दर न भटकना पड़े।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि तत्काल कलेक्टर को आदेश दे की वे तहसीलदार/नायब तहसीलदार को निर्देश दे की हल्का के पटवारी तत्काल अपने मुख्यालय मे रहकर उन तमाम किसानों जमीन का रिकॉर्ड ऑनलाईन दर्ज करें ताकि प्रदेश के हर किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके। 
महिला सेना के रिंकू विश्वकर्मा ने कहा कि किसान हित की मांग को देखते हुए तत्काल यह मांग को पूरा किया जाए ताकि किसानों को सोसायटी बैंक व पटवारी का चक्कर न काटना पड़े।

15-04-2019
चीन ने बनाई पानी और जमीन पर चलने वाली ड्रोन बोट

पेइचिंग। विश्व की महाशक्तियों में शुमार किए जाने वाले चीन ने एक बार फिर अपनी सैन्य शक्ति में इजाफा करते हुए पानी और जमीन पर चलने वाली विश्व की पहली सशस्त्र ड्रोन नौका का सफल परीक्षण कर लिया है। इस उपलब्धि पर चीनी सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यह जमीन पर वार करने के अभियानों के लिए उपयोगी है और हवाई ड्रोनों एवं अन्य ड्रोन पोतों के साथ मिलकर यह युद्ध में त्रिकोण बना सकने में सक्षम है। चीन के सरकारी समाचार पत्र 'ग्लोबल टाइम्स' ने आज सोमवार को खबर दी कि चीन शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन  के तहत आने वाले वुचांग शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री ग्रुप द्वारा निर्मित 'मरीन लिजर्ड' नामक इस ड्रोन नौका ने डिलिवरी जांच सफलतापूर्वक पार की और वुहान में 8 अप्रैल को फैक्ट्री से बाहर आई। चीन के रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया है कि 1200 किलोमीटर की अधिकतम अभियान रेंज वाली 'मरीन लिजर्ड' को उपग्रहों के माध्यम से रिमोट कंट्रोल किया जा सकता है। 

पोत के रूप में विकसित 12 मीटर लंबी मरीन लिजर्ड तीन समांतर भागों वाली एक नाव है जो डीजल से चलने वाले हाइड्रोजेट की मदद से आगे बढ़ती है और रडार से बच निकलते हुए अधिकतम 50 नॉट की गति तक पहुंच सकती है। जमीन पर पहुंचने के करीब यह उभयचर ड्रोन नौका अपने अंदर छिपी चार ट्रैक इकाइयों को बाहर निकाल सकती है और जमीन पर प्रति घंटे 20 किलोमीटर की रफ्तार से चल सकती है। 

 

 

18-01-2019
Farmers : जमीन की खरीद फरोख्त पर से हटा प्रतिबंध, 82 गांवों के किसानों में खुशी की लहर

रायपुर। कबीरधाम जिले की तहसील कवर्धा व पंडरिया के 82 गांवों को लोगों के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी राहत भरा फैसला लिया है। इन गांवों में 12 साल पहले पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने  निजी जमीनों की खरीद बिक्री तथा पंजीयन पर रोक लगा रखी थी। कवर्धा के विधायक मोहम्मद अकबर ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आग्रह किया था कि इस नियम व विधि विपरीत रोक से लोगों को राहत दिलाई जाए। मुख्यमंत्री के आदेश पर पिछली भाजपा सरकार के आदेश पर रोक लगा दी गई है।
ये है मामला
कलेक्टर जिला कबीरधाम के आदेश पर मई 2007 में कवर्धा तथा पंडरिया के 82 ग्रामों में निजी स्वामित्व की भूमि की खरीद-बिक्री पंजीयन पर रोक लगा दी गई थी। पूर्व भाजपा सरकार के इस फैसले के कारण जिले के आदिवासी लोग अपने ही समुदाय के लोगों तक को जमीन नहीं बेच पा रहे थे न खरीद पा रहे थे। इसके अलावा अन्य वर्गों के लोग भी 12 साल से सरकार के इस नियम विरूद्ध आदेश की पीड़ा भुगत रहे थे। नई सरकार के समक्ष मो.अकबर ने जब ये मामला लाया तो जांच पड़ताल के बाद ये तथ्य सामने आया कि इस प्रकार लगाई गई रोक छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165(6) के प्रावधान के विपरीत है। इसी वजह से 2007 में जारी आदेश निरस्त किया गया है।
ये वजह थी रोक लगाने की
पिछली सरकार ने जिस कारण का हवाला देकर ये रोक लगाई थी उसके पीछे वजह बताई गई थी कि संबंधित 82 गांवों में भविष्य में बाक्साईट खदान के लिए सर्वे किए जाने की संभावना है। यानी केवल संभावित सर्वे के नाम पर 12 साल तक जमीन की खरीद फरोख्त रोकी गई थी। बहरहाल अब इन 82 गांवों ही नहीं आसपास के अन्य गांवों के लोगों में खुशी का माहाैल है। 
अब हो सकेगी खरीदी बिक्री
सरकार ने 12 साल पुराने आदेश को निरस्त करने के साथ ही कहा है कि अब संबंधित क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति संवर्ग के व्यक्ति यदि अपने स्वामित्व की भूमि को गैर अनुसूचित जनजाति संवर्ग के व्यक्ति को खरीद-बिक्री या पंजीयन कराना चाहते हैं तो भू-राजस्व संहिता के नियम व प्रावधान के मुताबिक कलेक्टर से अनुज्ञा प्राप्त करना आवश्यक होगा।
 

13-01-2019
crime: जमीन बेचने पर दो भाइयों के परिवारों में मारपीट

भिलाईनगर। छावनी थाना अंतर्गत रविवार की शाम कब्जे की कीमती जमीन को बेच दिए जाने के मामले में दो भाइयों के परिवारवालों में जमकर मारपीट हो गई। दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। छावनी थाना प्रभारी भावेश साव ने बताया कि कैम्प-2 में एक सामुदायिक जमीन को भरत गौर व मुकेश गौर के पिता ने कब्जा किया था। कीमती जमीन पर दोनों भाइयों की निगाह थी, लेकिन छोटे भाई मुकेश ने अपने बड़े भाई भरत को बिना बताए किसी और को बेच दिया। जब उसे खबर मिली तो उसने विरोध किया तो जमीन खरीदार व मुकेश के परिवार वालों ने डंडे से हमला बोल दिया। इससे एक महिला घायल हो गई।

02-01-2019
Housing Minister : आवास मंत्री मोहम्मद अकबर ने मांगी वेदांता कैंसर अस्पताल को आवंटित जमीन की रिपोर्ट 

रायपुर। प्रदेश के आवास व पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने बुधवार को अपने विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों की जमकर क्लास ली। जमीनों की बंदरबांट की शिकायतों पर कड़े तेवर दिखाते हुए उन्होंने नया रायपुर में वेदांता कैंसर अस्पताल को आवंटित जमीन की रिपोर्ट मांग ली। मंत्री मोहम्मद अकबर के इस तेवर से अधिकारी भी हड़बड़ा उठे। मोहम्मद अकबर इतने में ही नहीं रुके, उन्होंने अफसरों से यह भी कहा कि कमल विहार योजना एवं राजधानी के सिटी सेंटर माल की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मंत्री अकबर ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि पूर्ववर्ती सरकार की तरह अब कार्यों में हीला-हवाला या टालमटोल नहीं चलेगा, और न हीं गोलमोल जवाब बर्दाश्त किया जाएगा। 

29-12-2018
Chief Minister Bhupesh Baghel: पांच डिसमिल से कम रकबे की भूमि का पंजीयन अब आसान

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर छोटे भू-खण्डधारकों को जमीन की खरीदी-बिक्री के पंजीयन में बड़ी राहत मिली है। बघेल ने छोटे भू-खण्डधारकों को रजिस्ट्री में आ रही दिक्कतों को देखते हुए राजस्व विभाग को इसका तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए गए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा पूर्व में जारी आदेशों को स्थगित करते हुए आज नया आदेश जारी किया गया है, जिसके अंतर्गत पांच डिसमिल से कम रकबे की खरीदी-बिक्री पर रोक हटा दी गई है। अब पांच डिसमिल से कम रकबे की भूमि का अब नामांतरण और पंजीयन आसान होगा।

17-12-2018
Saraypalali: पिता की मृत्यु के बाद जमीन अपने नाम कराने पुत्र लगा रहे चक्कर
तहसीलदार के निर्देश के बावजूद समिति में नहीं ले रहे धान 
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