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11-07-2019
सांसद हंसराज को हाईकोर्ट का नोटिस, चुनाव आयोग को दस्तावेज नष्ट न करने का निर्देश 

नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से भाजपा के सांसद हंसराज हंस को दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। साथ ही चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि 2019 लोकसभा चुनावों से संबंधित किसी भी दस्तावेज को नष्ट न करें। हंसराज हंस पर चुनावी एफिडेविट में गलत जानकारी देने का आरोप है। चुनावों में हंसराज हंस के प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस प्रत्याशी रहे राजेश लिलोठिया ने हंस के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि हंस ने एफिडेविट में पत्नी पर 2.50 करोड़ रुपए का कर्ज होने की बात कही थी, जो सरासर गलत है। इतना ही नहीं हंस ने अपनी शिक्षा को लेकर भी गलत जानकारी दी है। बता दें कि दिल्ली की महत्वपूर्ण सीटों में से एक उत्तर पश्चिम दिल्ली संसदीय सीट इस बार अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित थी। यही वजह रही कि कांग्रेस ने यहां से राजेश लिलोठिया को उतारा, जबकि बीजेपी ने 2014 के चुनाव में जीते सांसद उदित राज का टिकट काटकर सिंगर हंसराज हंस को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद उदित राज कांग्रेस में शामिल हो गए।

 

 

10-06-2019
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ली विधानसभा सदस्य की शपथ

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधानसभा सदस्य के तौर पर शपथ ले ली है। सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति जी ने कमलनाथ को विधायक पद की शपथ दिलाई। बता दें कि कमलनाथ छिंदवाड़ा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीते हैं। इससे पहले वह छिंदवाड़ा सीट से सांसद थे, लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। कलमनाथ ने विधायक निर्वाचित होने पर विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति जी के कक्ष में विधानसभा सदस्य की शपथ ग्रहण की। इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बता दें कि हाल ही में संपन्न हुए छिंदवाड़ा उपचुनाव में कमलनाथ ने भारतीय जानता पार्टी के प्रत्याशी को कड़े मुकाबले में हराया। इस सीट पर बीजेपी ने विवेक बंटी साहू को अपना उम्मीदवार बनाया था लेकिन वो चुनाव हार गए। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक कलमनाथ को 1 लाख 12 हजार 508 वोट मिले। उन्हें 54.99 फीसदी वोट शेयर मिला। जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के विवेक बंटी साहू को 87 हजार 896 मत मिले। वहीं लोकसभा चुनावों में प्रदेश में कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत निराशाजनक रहा। पार्टी राज्य की 29 संसदीय सीटों में से सिर्फ एक सीट छिंदवाड़ा ही जीत सकी। यहां से कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ जीते हैं।

06-06-2019
अमरनाथ यात्रा में तैनात होंगी सुरक्षाबलों की 500 कंपनियां

 

 जम्मू। अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। यात्रा के लिए 500 सुरक्षाबलों की कंपनियां सुरक्षा में तैनात होंगी। एक जुलाई से पहले अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पूरी तरह से सुरक्षाबलों के हाथों में होगी। जानकारी के अनुसार इस समय रियासत में 300 कंपनियां मौजूद हैं, जबकि रियासत ने केंद्र से 200 कंपनियां और मांगी हैं। कुल मिलाकर 50 हजार से अधिक सुरक्षाबलों की मौजूदगी में अमरनाथ यात्रा होगी। वहीं इन्हीं सुरक्षाबलों के सहारे चुनाव आयोग रियासत में विधानसभा चुनाव भी करा लेगा। अमरनाथ यात्रा एक जुलाई से शुरू होकर 15 अगस्त के आसपास खत्म हो जाएगी। ऐसे में चुनाव आयोग चाहता है कि जब यात्रा खत्म हो तो उसके ठीक बाद चुनाव करा दिये जाएं। क्योंकि तब सुरक्षाबल पहले से मौजूद होंगे और चुनाव आयोग को इसके लिए अलग से व्यवस्था नहीं करनी होगी। अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए करीब 50 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती होनी है।

सूत्रों का कहना है कि यात्रा के बाद इनको चुनाव के लिए होल्ड पर रख लिया जाएगा। अभी हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में भी ऐसा ही देखने को मिला है। चुनाव ड्यूटी के लिए बुलाई गई सीआरपीएफ सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों की 300 से अधिक कंपनियों को रोक लिया गया है, जिनको अमरनाथ की सुरक्षा में लगाया जाएगा। सुरक्षाबलों की 200 नई कंपनियां कुछ ही दिन में और आ जाएंगी। इसी तरह जो अमरनाथ यात्रा में तैनात होंगे, उनको विधानसभा चुनाव के लिए रोक लिया जाएगा। दरअसल, इनको भेजने के बाद दोबारा बुलाने पर अधिक खर्च होगा। इसलिए चुनाव आयोग की कोशिश है कि मौजूद सुरक्षाबलों की मदद से ही चुनाव करा लिया जाए। 

25-05-2019
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से आज शाम पीएम मोदी करेंगे भेंट, सरकार बनाने का दावा करेंगे पेश 

 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 मई को शाम 7 बजे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेंगे। इसमें पीएम मोदी ने सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। शुक्रवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति से मुलाकात की थी और मंत्रिमंडल का इस्तीफा सौंपा था। लोकसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा की अगुवाई में चुनाव आयोग की तीन सदस्यों की कमेटी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की।

चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव के बाद नए चुने गए सांसदों की लिस्ट राष्ट्रपति को सौंपी। 16वीं लोकसभा का कार्यकाल 3 जून को समाप्त हो रहा है, ऐसे में इससे पहले नई सरकार का गठन होना है। माना जा रहा है कि आज राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद नई सरकार के शपथ ग्रहण का तारीख तय होगी। चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा के अनुसार भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

22-05-2019
नॉर्थ कोलकाता और अमृतसर में हो रहा दोबारा मतदान 

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए प. बंगाल और पंजाब के एक पोलिंग बूथ पर बुधवार  को दोबारा मतदान कराया जा रहा है। दोनों पोलिंग बूथ पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प. बंगाल के नॉर्थ कोलकाता के पोलिंग नंबर 200 पर दोबारा मतदान कराया जा रहा है। यहां 19 मई को वोटिंग हुई थी। लेकिन, चुनाव आयोग ने इसे निरस्त कर दिया था। यहां सुबह सात बजे वोटिंग शुरू हुई और शाम छह बजे तक चलेगी। अमृतसर लोकसभा सीट के बूथ नंबर 123 पर भी दोबारा वोटिंग हो रही है। यहां 19 मई को मतदान करवाया गया था। इस दौरान चुनाव आयोग ने मतदान के समय आई गड़बड़ी को देखते हुए चुनाव रद्द कर दिया था और दोबारा वोटिंग करवाने के आदेश दिए थे।

बताया गया था कि इस पोलिंग स्टेशन पर लगाए गए वेब कास्ट कैमरे से पता चला था कि चुनावी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। इस लापरवाही के चलते चुनाव आयोग ने यहां मतदान को निरस्त कर दिया था। बता दें की 23 मई को मतगणना होगी और इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है।

 

22-05-2019
चुनाव आयोग ने खारिज की विपक्ष की मांग, वीवीपैट मिलान में नहीं होगा कोई बदलाव

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों की ओर से लोकसभा चुनाव की मतगणना में पहले वीवीपीएटी की पर्चियों के ईवीएम से मिलान की मांग को खारिज कर दिया है। ईवीएम-वीवीपीएटी के मुद्दे पर चुनाव आयोग ने अपनी बड़ी बैठकर कर इस संबंध में फैसला लिया। चुनाव आयोग ने कहा है कि वीवीपैट पर्चियों की गिनती में कोई बदलाव नहीं होगा। जिस हिसाब से गिनती होनी थी, उसी हिसाब से होगी। बता दें कि 22 विपक्षी दलों ने ईवीएम और वीवीपैट के मिलान के संबंध में मंगलवार को चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपा था। इसमें चुनाव आयोग से मांग की थी कि वीवीपैट की पचास फीसदी पर्चियों का मिलान हो। विपक्षी की इस मांग को चुनाव आयोग ने ठुकरा दिया है।

21-05-2019
चुनाव आयोग ने कहा- ईवीएम और वीवीपैट मशीनें पूरी तरह से सुरक्षित 

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद  ईवीएम और वीवीपैट के मुद्दे पर 22 विपक्षी दलों के नेताओं ने बैठक की और चुनाव आयोग को ज्ञापन देकर काउंटिंग से पहले सभी वीवीपैट पर्चियों की गिनती की मांग की है। उधर चुनाव आयोग ने मतदान के बाद ईवीएम को मतगणना स्थलों तक पहुंचाने में गड़बड़ी और उनके दुरुपयोग को लेकर विभिन्न इलाकों से मिली शिकायतों को शुरुआती जांच के आधार पर गलत बताया। चुनाव आयोग की तरफ से कहा गया कि मतदान में इस्तेमाल की गई ईवीएम और वीवीपैट मशीनें  स्ट्रांग रूम में पूरी तरह से सुरक्षित हैं। चुनाव आयोग ने मतदान में इस्तेमाल की गई मशीनें 23 मई को हो रही मतगणना से पहले नई मशीनों से बदलने के आरोपों और शिकायतों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताकर खारिज कर दिया। आयोग ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि मशीनों को मतगणना केंद्रों तक ले जाने में और उनके रखरखाव में गड़बड़ी की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए संबद्ध राज्यों के जिला निर्वाचन अधिकारियों से तत्काल जांच रिपोर्ट ली गई। जांच में पाया गया कि जिन मशीनों के बारे में शिकायत की गई है वे रिजर्व मशीनें थीं। इनका मतदान में इस्तेमाल नहीं किया गया था। मतदान के दौरान ईवीएम में तकनीकी खराबी होने पर उन्हें रिजर्व मशीनों से बदला जाता है। बता दें कि आयोग ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, चंदौली, डुमरियागंज और झांसी तथा बिहार की सारन सीट पर मतदान के बाद ईवीएम के दुरुपयोग की शिकायतों पर कार्रवाई के आधार पर किसी भी तरह की गड़बड़ी और दुरुपयोग की आशंका से इंकार किया। 

20-05-2019
तो साजिश थी सीजी, एमपी और राजस्थान में कांग्रेस की जीत...

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले एग्जिट पोल के जो नतीजे सामने आए हैं उसको लेकर समूचे विपक्ष में खलबली मच गई है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने इस पर बड़ा बयान दिया है कि अगर एग्जिट पोल के नतीजे सही साबित होते हैं तो इसका मतलब साफ है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में धांधली हुई है। उन्होंने कहा कि सभी एग्जिट पोल एकतरफा नतीजे दिखा रहे हैं, इसलिए हम उसपर भरोसा नहीं कर रहे हैं। एक इंटरव्यू में राशिद अल्वी ने कहा कि अगर एग्जिट पोल जैसे रिजल्ट आते हैं तो हमारा मानना है कि पिछले दिनों तीन राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान के चुनाव में कांग्रेस जीती है वह एक साजिश थी।

उन्होंने कहा कि तीन राज्यों में कांग्रेस की जीत के साथ ये भरोसा दिलाया गया कि ईवीएम सही है। इससे उन्होंने यह भी साबित करने की कोशिश की कि चुनाव आयोग पर सरकार का कोई दखल नहीं है। इसी के साथ राशिद अल्वी ने एग्जिट पोल करने वाली कंपनियों पर भी सवाल खड़ा किया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले दिनों इनमें से कई कंपनियों पर स्टिंग ऑपरेशन हुए थे जिससे यह साबित हुआ कि यह न्यूट्रल नहीं हैं। बता दें कि अभी तक जितने भी एग्जिट पोल सामने आए हैं, उनमें एक तरफा एनडीए को बहुमत मिलता दिख रहा है। कुछ एग्जिट पोल में तो भाजपा का गठबंधन 300 के आंकड़े को भी छू सकता है।

20-05-2019
मतगणना की निष्पक्षता के लिए विशेष इंतजाम करे चुनाव आयोग : भाजपा

नई दिल्ली। चुनाव पश्चात सर्वेक्षणों में स्पष्ट बहुमत मिलने के अनुमानों से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को विपक्षी दलों के शासन वाले राज्यों में मतगणना में हेरफेर की आशंका सताने लगी है। पार्टी ने सोमवार को चुनाव आयोग से आग्रह किया कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की सुरक्षा कड़ी की जाए और वोटों की गिनती का काम केन्द्रीय चुनाव आयोग की निगरानी में पारदर्शी एवं सुरक्षित ढंग से सुनिश्चित किया जाए। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल ने निर्वाचन सदन में मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य आयुक्तों से मिलने के बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल में सातों चरणों में हुई हिंसा के स्थानों का विवरण दिया है और वहां दोबारा मतदान कराने की मांग की है।

श्री गोयल ने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल के अनुभव के आधार पर आयोग से अनुरोध किया है कि इस राज्य के साथ-साथ ओडिशा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा केन्द्रीय बलों के अधीन की जाये, हर मतगणना केन्द्र की सुरक्षा केन्द्रीय बलों के हाथ में हो और वहां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में गिनती करायी जाये, अनधिकृत व्यक्ति को कतई नहीं आने दिया जाये और इसकी निगरानी उच्चाधिकारी करें। मतगणना की प्रक्रिया की निष्पक्षता और ईवीएम की सुरक्षा के लिए विशेष पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाए। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि पांचों राज्यों में मतगणना में कोई अप्रिय घटना न घटे और मतों की गिनती निष्पक्षता, पारदर्शिता से मतगणना कराने के लिए चुनाव आयोग सख्ती से काम करेगा।

19-05-2019
सिर से जुड़ी बहनों को मिला अलग-अलग वोट डालने का अधिकार

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने सिर से जुड़ी दो बहनों को अलग-अलग वोट डालने का अधिकार दे दिया है। बता दें कि सिर जुड़ा होने के कारण इनकी पहचान अभी तक एक के ही रूप में की जाती थी, लेकिन अब उन्हें जुड़वा होते हुए भी दो का दर्जा प्राप्त हो गया है और अब वो अलग-अलग वोट डाल पाएंगीं। 

बिहार की राजधानी पटना के समनपुरा इलाके में रहने वाली 23 साल की सबाह और फराह सिर से जुड़ी हुई हैं। दोनों अभी तक एक ही पहचान मिली हुई थी। इसी के चलते साल 2015 के विधानसभा चुनावों में उन्हें अलग ना मानते हुए एक ही मतदाता पहचान पत्र जारी किया था। यानि दोनों बहनों को एक ही वोट डालने का अधिकार प्राप्त था, लेकिन इस बार लोकसभा चुनावों में उन्हें अलग-अलग मतदाता के रूप में पहचान मिल गई है। अब दोनों बहनें अपने-अपने पसंदीदा प्रत्याशी के पक्ष में वोट डाल सकेंगी। दोनों बहनों का नाम पटना साहिब लोकसभा सीट के दीघा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज है। 

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