GLIBS
10-06-2019
नहीं रहे वरिष्ठ नाटककार गिरीश कर्नाड

नई दिल्ली। वरिष्ठ अभिनेता और नाटककार गिरीश कर्नाड का सोमवार सुबह निधन हो गया। वह 81 साल के थे। गिरीश कर्नाड काफी समय से बीमार चल रहे थे। मिली जानकारी के अनुसार कर्नाड का जब निधन हुआ तब वह बेंगलुरु में थे। गिरीश कर्नाड के निधन से पूरा बॉलीवुड सदमे में है। बता दें, गिरीश कार्नाड का जन्म 19 मई 1938 को महाराष्ट्र के माथेरान में हुआ था। उन्हें भारत के जाने-माने समकालीन लेखक, अभिनेता, फिल्म निर्देशक और नाटककार के तौर पर भी जाना जाता था। गौरतलब है कि 1960 के दशक में उनके ‘यायाती’ (1961), ऐतिहासिक ‘तुगलक’ (1964) जैसे नाटकों को समालोचकों ने सराहा था, जबकि उनकी तीन महत्वपूर्ण कृतियां ‘हयवदना’(1971), ‘नगा मंडला’(1988) और ‘तलेडेंगा’ (1990) ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की।

कर्नाड को पद्मश्री और पद्म भूषण से नवाजा जा चुका है। सलमान खान की सुपरहिट फिल्म 'एक था टाइगर' और 'टाइगर जिंदा है' में गिरीश कर्नाड ने काम किया था। गिरीश कर्नाड की हिंदी के साथ-साथ कन्नड़ और अंग्रेजी भाषा पर भी अच्छी खासी पकड़ थी। गिरीश कर्नाड 1974-75 में एफटीआईआई पुणे के डायरेक्टर के पद पर भी काम कर चुके थे। साथ ही उन्होंने संगीत नाटक अकादमी और नेशनल अकादमी ऑफ पर्फाॅर्मिंग आर्ट्स के चेयरमैन भी रह चुके थे।

13-05-2019
दोपहर 12 से 3 बजे तक भारवाही पशुओं का उपयोग नहीं करने के निर्देश

धमतरी। जिले में भीषण गर्मी की वजह से दोपहर 12 से तीन बजे के बीच 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान लगातार बना रहता है। इस दौरान भारवाही पशुओं पर सामग्री रखकर, सवारी हेतु अथवा बैलगाड़ी, भैंसागाड़ी पर वजन ढोने के लिए उपयोग करने से पशु अधिक तापमान से बीमार हो सकते हैं अथवा 'लू' के कारण उनकी मृत्यु भी हो सकती है। इसके मद्देनजर कलेक्टर रजत बंसल ने पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण 'परिवहन एवं कृषिक पशुओं' पर क्रूरता निवारण नियम 1965 के नियम 6 (3) के अनुसार धमतरी जिले की सीमा के अंतर्गत आगामी 30 ेजून तक दोपहर 12 से तीन बजे के बीच पशुओं का उपयोग प्रतिबंधित किए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।

18-04-2019
जज्बे को सलाम, 65 साल की बीमार बसन्ती बाई पहले किया मतदान फिर गई अस्पताल

महासमुंद। पंजाबीपारा महासमुंद निवासी 65 वर्षीय बीमार बसन्ती बाई ने गजब का साहस दिखाते हुए पहले मतदान किया और फिर अस्पताल गई। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार वे फेफड़े में पानी भरने की बीमारी से जूझ रही है और उनका इलाज  पिछले 1 माह से चल रहा है। बीती रात उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें लगातार उल्टी और चक्कर आया। सुबह उनकी बेटी अस्पताल जाने को तैयार हुई। लेकिन बुजुर्ग बसंती बाई ने कहा कि पहले मैं वोट डालूंगी फिर अस्प्ताल जाउंगी। उनकी इस इच्छा को मानते हुए पुत्री ने पिटियाझर स्थित श्रीराम पाठशाला मतदान केंद्र क्रमांक 208 में सुबह 9 बजे बसंती बाई को मतदान कराया। मतदान के बाद वे स्थानीय नर्सिंग होम में भर्ती हुई, जहां उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह पर्व पांच साल में एक बार आता है तबियत तो खराब होती रहती है।।

 

11-01-2019
Korba: केक खाने से एक ही परिवार के चार सदस्य बीमार

कोरबा। आधी रात को बर्थडे पार्टी में केक काट कर सेलिब्रेशन मना रहे एक परिवार में उस उक्त हड़कंप मच गया, जब केक खाने के बाद एक परिवार के पांच लोगों को उल्टियां होने लगीं। घटना बाकीमोंगरा की है जहां मधु अपने बड़े भाई हरिहर दास के जन्मदिन पर निहारिका स्थित संतोष डेयरी से केक लेकर गया था। उसमें डीजल की गंध आ रही थी। संतोष डेयरी में केक की सप्लाई हरेंद्र करता है। उसने माना कि गलती हो गई है। ग्राहक ने इसकी शिकायत खाद्य विभाग से कर दी है। इस घटना में हरिहर दास, ममता दास, अलका दास व मधुसूदन दास पीडि़त हैं। इस मामले की जानकारी पीडि़त परिवार ने जब फूड विभाग को दी तो मौके पर पहुंची टीम ने आपसी समझौता कर लेने की बात कही।  विभाग द्वारा बिना शिकायत के कार्रवाई नहीं की गई।

Advertise, Call Now - +91 76111 07804