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22-07-2019
अपना शेष जीवन भारत में ही बिताना चाहती हैं तस्लीमा नसरीन 

नई दिल्ली। पिछले 25 साल से बांग्लादेश से निर्वासित प्रख्यात लेखिका तस्लीमा नसरीन अपना बाकी सारा जीवन भारत में बिताना चाहती हैं। बता दें कि तस्लीमा स्वीडन की नागरिक हैं और अस्थायी परमिट पर भारत में रह रही हैं। वे भारतीय उपमहाद्वीप में दिल्ली को सबसे बेहतर शहर मानती हैं और यहीं बसना चाहती हैं। भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर उनका मानना है कि यहां दूसरे देशों की तुलना में काफी आजादी है। ज्ञात हो कि सरकार ने तस्लीमा नसरीन का परमिट एक साल के लिए बढ़ा दिया है। अपना रेसीडेंस परमिट एक साल के लिए बढ़ाए जाने से राहत महसूस कर रहीं बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार उन्हें लंबा या स्थायी परमिट देगी क्योंकि वह इस धरती की बेटी हैं और पिछले 16 साल से उनके साथ रह रही उनकी बिल्ली तक भारतीय है। नसरीन ने कहा  कि भारत मेरा घर है। मैं उम्मीद करती हूं कि मुझे पांच या दस साल का रेसीडेंस परमिट मिल जाए ताकि हर साल इसे लेकर चिंता नहीं करनी पड़े। नसरीन ने कहा कि मुझे विदेशी मानते हैं लेकिन मैं इस धरती की बेटी हूं। मैं उम्मीद करती हूं कि सरकार मुझे स्थायी या लंबी अवधि का परमिट देगी। मैं 25 साल से निष्कासन की जिंदगी जी रही हूं और हर साल मुझे अपना घर छिनने का डर सताता है। इसका असर मेरी लेखनी पर भी पड़ता है। उन्होंने दिल्ली में ही आखिरी सांस लेने की ख्वाहिश जताते हुए कहा कि मुझे लगता है कि उपमहाद्वीप में दिल्ली ही ऐसा शहर है जहां मैं सुकून से रह सकती हूं। मैं पूर्वी या पश्चिमी बंगाल में रहना चाहती थी लेकिन अब यह संभव नहीं है। मैं दिल्ली में बाकी जिंदगी बिताना चाहती हूं। अगर आप मुझे भारतीय नहीं मानते तो मेरी बिल्ली तो भारतीय है, जो मेरी बेटी की तरह है और पिछले 16 साल से मेरे साथ है। नसरीन ने कहा कि मेरा घर, मेरी किताबें, मेरे दस्तावेज, मेरे कपड़े सब कुछ यहां हैं। मेरा कोई दूसरा ठौर नहीं है। मैं यहां बस चुकी हूं और भारत छोडऩे के बारे में सोचना भी नहीं चाहती। उन्होंने कहा  कि मैं यूरोप की नागरिक हूं लेकिन यूरोप और अमेरिका को छोड़कर मैंने भारत को चुना।

17-07-2019
सिटी बस टकराई खड़े ट्रेक्टर से, 6 लोग हुए घायल

रायपुर। आमानाका स्थित भारत पेट्रोल पंप के पास बुधवार दोपहर सिटी बस खड़ी ट्रेक्टर से जा टकराई। इससे बस में सवार 6 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए एम्स अस्पताल में भर्ती किया गया है। 
बता दें कि सिटी बस क्रमांक सीजी 04 ई 2764 यात्रियों को लेकर कुम्हारी के तरफ जा रही थी तभी भारत पेट्रोल पंप के पास रोड किनारे खड़े ट्रेक्टर से जा टकराई। इससे ट्रेक्टर लुढक़ते हुए 100 मीटर तक गया। वहीं सिटी बस में सवार 6 यात्रियों को गंभीर चोटे आई है, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना पर आमानाका पुलिस ने बस चालक को हिरासत में ले लिया है।

11-07-2019
वर्ल्ड शूटिंग में तालिका से बाहर रहा भारत

नई दिल्ली। आईएसएसएफ विश्व निशानेबाजी चैंपियनशिप में भारत का निराशाजनक प्रदर्शन रहा और वह पदक तालिका में जगह तक नहीं बना सका जबकि मेजबान इटली छह स्वर्ण सहित कुल 15 पदक लेकर शीर्ष पर रहा है।

इटली के शहर लोनाटा डेल गारदा में हुयी चैंपियनशिप में अमेरिका पांच स्वर्ण सहित 15 पदकों के साथ दूसरे नंबर पर रहा। चैंपियनशिप के फाइनल में महिला स्कीट स्पर्धा में पूर्व ओलंपिक चैंपियन इटली की डायना बकोसी ने स्वर्ण पदक जीता जबकि चेक गणराज्य के डेनिएल कोराक जूनियर पुरूष स्कीट स्पर्धा में चैंपियन बने।

भारतीयों में महिला स्कीट स्पर्धा में सानिया शेख खान का 112 अंकों के साथ 30वें स्थान पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। उनके अलावा स्कीट महिला स्पर्धा में अन्य भारतीय खिलाड़ियों में अरीबा खान 109 अंकों के साथ 47वें स्थान, कार्तिकी सिंह शेखावत 108 अंकों के साथ 50वें नंबर पर रहीं।

स्कीट पुरूष स्पर्धा में भारत के गुरनैल सिंह गारचा 109 अंकों के साथ 31वें, आयुष रूद्रराजू 107 अंकों के साथ 32वें नंबर पर, अर्जुन ठाकुर 104 अंकों के साथ 35वें नंबर पर रहे।

10-07-2019
भारत बनाम न्यूजीलैंड सेमीफाइनल : रिजर्व डे आज, 46.1 ओवर से आगे खेला जाएगा मुकाबला

नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मैनचेस्टर में खेले जा रहे क्रिकेट वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच को बारिश के चलते रोक दिया गया था। जिस समय बारिश के चलते मैच रोका गया उस समय तक न्यूजीलैंड ने 46.1 ओवर में पांच विकेट पर 211 रन बना लिए थे। ये मैच अब 10 जुलाई को रिजर्व डे के दिन भारतीय समयानुसार 3 बजे से शुरू होगा।

इस मुकाबले के टॉस का फैसला हो गया है, न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलयमसन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है। इस मैच में मार्टिन गप्टिल (1), हेनरी निकोल्स (28), केन विलियमसन (67) जेम्स नीशाम (12), कॉलिन डी ग्रैंडहोम (16) रन बनाकर आउट हुए। वहीं रॉस टेलर 67 और टॉम लाथम 3 रन बनाकर नाबाद क्रीज पर मौजूद हैं। भारत की ओर से भुवनेश्व कुमार, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या, रवींद्र जडेजा, युजवेंद्र चहल ने 1-1 विकेट झटका। अब तक क्रिकेट विश्व कप में न्यूजीलैंड और भारत के बीच 8 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें न्यूजीलैंड ने 4 और भारत ने 3 मैच जीते हैं।

30-06-2019
स्विस बैंक में भारत का नहीं, इस देश का जमा है सबसे ज्यादा धन 

नई दिल्ली। स्विट्जरलैंड स्थित बैंक द्वारा जारी आंकड़ों से पता चला कि स्विस बैंक में धन जमा करने के मामले में यूनाइटेड किंगडम पहले स्थान पर है। वहीं भारत को इस सूची में 74वां पायदान मिला है। बीते वर्ष भारत ने इस सूची में 15 पायदान की छलांग लगाई थी, जिसके बाद भारत 73वें स्थान पर था। स्विस नेशनल बैंक द्वारा जारी किए गए सालाना बैंकिंग आंकड़ों के नवीनतम विश्लेषण से पता चला कि स्विस बैंक में भारतीयों और भारतीय उपक्रमों द्वारा जमा राशि के मामले में भारत काफी पीछे है। स्विस बैंक में विदेशियों द्वारा जमा कुल धन का महज 0।07 फीसदी ही भारत के लोगों का है। बात अगर यूके की करें, तो 2018 के अंत तक इस बैंक में जमा कुल 26 फीसदी धन यूके के लोगों का था। यूके के बाद अमेरिका दूसरे स्थान पर है। तीसरे स्थान पर वेस्टइंडीज, चौथे स्थान पर फ्रांस और पांचवे स्थान पर हांगकांग है। स्विस बैंक में कुल जमा राशि का 50 फीसदी से ज्यादा धन इन्हीं पांच देशों के लोगों का है। वहीं बैंक में जमा दो तिहाई धन शीर्ष 10 देशों के लोगों का है। इन देशों में बहामास, जर्मनी, लक्जमबर्ग, कायमान आइलैंड्स और सिंगापुर शामिल हैं। स्विस बैंक में जमा लगभर 75 फीसदी धन शीर्ष 15 देशों के लोगों का है। वहीं 90 फीसदी धन शीर्ष 30 देशों के लोगों का है।  पाकिस्तान इस सूची में 82वें स्थान पर है। बांग्लादेश 89वें स्थान पर, नेपाल 109वें स्थान पर, श्रीलंका, 141वें स्थान पर, म्यांमार 187वें स्थान पर और भूटान 193वें पायदान पर है। इस मामले में ब्रिक्स देशों में भारत सबसे पीछे है। इनमें से रूस 20वें स्थान पर है। चीन 22वें स्थान पर, दक्षिण अफ्रीका 60वें स्थान पर और ब्राजील को 65वां पायदान मिला है। मॉरीशस को 71वां स्थान मिला है। न्यूजीलैंड 59वें, वेनेजुएला 52वें, थाईलैंड 39वें, कनाडा 36वें, तुर्की 30वें, इजरायल 28वें, सऊदी अरब 21वें पनामा 18वें, इटली 15वें और ऑस्ट्रेलिया 13वें स्थान पर है। +

 

 

26-06-2019
पीएम मोदी से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो, इन मुद्दों पर की चर्चा

 नई दिल्ली। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के साथ बुधवार को यहां हुई मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के लिए अपने दृष्टिकोण को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, रक्षा, आतंकवाद का मुकाबला और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों की पूर्ण संभावना हासिल करने के लिए अपनी मजबूत प्रतिबद्धता जाहिर की। पोम्पिओ ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ करने के लिए द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा है कि प्रधानमंत्री ने अमेरिका के साथ संबंधों में अपनी प्राथमिकता को दोहराया और अपनी सरकार के नए कार्यकाल में विश्वास की मजबूत बुनियाद और साझा हितों से आगे के अपने दृष्टिकोण को रेखांकित किया। इसमें कहा गया है कि पोम्पिओ ने भारत के साथ संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में और साझा दृष्टि व लक्ष्यों को साकार करने के लिए साथ मिल कर काम करने में अमेरिकी सरकार की दिलचस्पी जाहिर की। पोम्पिओ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को भेजा गया अभिवादन भी उन्हें दिया और चुनावी जीत पर उन्हें बधाई दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि रणनीतिक साझेदारी को और प्रगाढ़ करने के लिए मिल कर काम कर रहे हैं। पोम्पिओ ने भारत-अमेरिका संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा करने के लिए उनसे मुलाकात की। रवीश कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ओसाका में होने जा रहे जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे।

 

24-06-2019
भारत बना रहा परमाणु शक्ति से लैस पनडुब्बियां, टिक नहीं पाएंगे पाक-चीन 

नई दिल्ली। चीन और पाकिस्तान द्वारा हिंद महासागर क्षेत्र में लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए भारतीय नौसेना ने अपनी रक्षा तैयारियों को तेज कर दिया है। नौसेना की ताकत में इजाफा करने के लिए छह परमाणु शक्ति चलित पनडुब्बियों को बनाने का काम शुरू हो गया है। इस परियोजना की लागत लगभग एक लाख करोड़ रुपए है। अगली पीढ़ी के परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों का निर्माण करने के लिए मिश्र धातु निगम एक विशेष प्रकार की धातु के परीक्षण की भी योजना बना रहा है। जिससे इन पनडुब्बियों को मजबूती मिलेगी। इससे भारतीय नौसेना के पानी के नीचे रहने की शक्ति में भारी इजाफा होगा। सरकार ने इसके पहले चरण के लिए 100 करोड़ की धनराशि को जारी भी कर दिया है। बता दें कि 2015 में मोदी सरकार ने भारतीय नौसेना के लिए बहुत समय से लंबित परियोजना को आगे बढ़ाते हुए छह परमाणु शक्ति चलित अटैक पनडुब्बियों के निर्माण को मंजूरी दी थी। इन पनडुब्बियों को नौसेना के डिजाइन निदेशालय द्वारा डिजाइन किया जाएगा और स्वदेशी रूप से विशाखापत्तनम में शिपबिल्डिंग सेंटर में बनाया जाएगा। भारतीय नौसेना इस समय कुल 15 पनडुब्बियों का संचालन कर रही है जिसमें आईएनएस अरिहंत और आईएनएस चक्र परमाणु शक्ति संचालित हैं। आईएनएस चक्र को रूस से 10 साल की लीज पर लिया गया है जबकि अरिहंत का निर्माण भारत में ही किया गया है। ये दोनों पनडुब्बियां परमाणु मिसाइल के द्वारा हमले को अंजाम दे सकती हैं।

 

24-06-2019
भारत के इस महाकाव्य रचयिता की नेपाल में बनेगी 108 फीट ऊंची मूर्ति 

नई दिल्ली। पश्चिमी नेपाल के तान्हु जिले के व्यास नगर निगम में महर्षि वेदव्यास की 108 फीट ऊंची प्रतिमा बनाने की योजना तैयार की गई है। बता दें कि महर्षि वेदव्यास को हिंदू धर्मग्रंथ वेद को चार श्रेणियों में वर्गीकृत करने का श्रेय दिया जाता है। माना जाता है कि उनका जन्म तान्हु जिले में हुआ था। कहा जाता है कि इसी क्षेत्र के व्यास गुफा में उन्होंने महाभारत की रचना की थी। प्रस्तावित प्रतिमा का निर्माण जिले के शिव पंच्यान मंदिर में किया जाएगा। इसका उद्देश्य भारत और नेपाल से धार्मिक पर्यटकों को आकर्षित करना है। व्यास नगर निगम की उप महपौर मीरा शर्मा ने बताया कि प्रतिमा के निर्माण के लिए 63 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। महर्षि वेदव्यास महाभारत के रचयिता थे। महर्षि वेदव्यास का जन्म त्रेता युग के अन्त में हुआ था और वह पूरे द्वापर युग तक जीवित रहे थे। हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार महर्षि व्यास त्रिकालज्ञ थे और उन्होंने दिव्य दृष्टि प्राप्त थी। महर्षि व्यास ने वेद का चार भागों में विभाजन कर दिया ताकि कम बुद्धि और कम स्मरणशक्ति रखने वाले भी वेदों का अध्ययन कर सकें। महर्षि वेदव्यास ने उन ग्रंथों का नाम रखा- ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। वेदों का विभाजन करने के कारण ही व्यास वेदव्यास के नाम से प्रसिद्ध हुए। वेद में निहित ज्ञान के अत्यन्त गूढ़ तथा शुष्क होने के कारण वेद व्यास ने पांचवें वेद के रूप में पुराणों की रचना की जिनमें वेद के ज्ञान को रोचक कथाओं के रूप में बताया गया है। पुराणों को उन्होंने अपने शिष्य रोम हर्षण को पढ़ाया। व्यास के शिष्यों ने अपनी अपनी बुद्धि के अनुसार उन वेदों की अनेक शाखाएं और उप शाखाएं बना दीं। व्यास ने महाभारत की भी रचना की। महर्षि वेदव्यास का जन्म आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को हुआ था। उनके जन्मदिवस को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता  है। गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु की पूजा का विधान है।

 

22-06-2019
पाक आतंकवादी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाये : भारत

नई दिल्ली। वित्तीय कार्रवाई कार्यदल (एफएटीएफ) द्वारा पाकिस्तान को आतंकवादियों को धन मुहैया कराने के आरोपों में संदेहास्पद देशों की सूची (ग्रे लिस्ट) में रखे जाने के निर्णय के बाद भारत ने उम्मीद जतायी है कि पाकिस्तान सितंबर तक की समयसीमा के भीतर अपने नियंत्रण वाली जमीन से संचालित होने वाली आतंकवादी गतिविधियों एवं उन्हें मिलने वाली वित्तीय मदद पर रोक लगाने के लिए ठोस एवं विश्वसनीय कदम उठायेगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा कि एफएटीएफ ने निर्णय लिया है कि पाकिस्तान को अनुपालन दस्तावेज (ग्रे लिस्ट) में बरकरार रखा जाये और उसे जनवरी और मई 2019 के लिए दी गयी कार्ययोजना के बिन्दुओं को पूरा करने के लिए निगरानी में रखा जाये। कुमार ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि पाकिस्तान एफएटीएफ की कार्ययोजना को सितंबर 2019 की समयसीमा के भीतर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करेगा और उसके नियंत्रण वाली जमीन से पनपने वाले आतंकवाद एवं आतंकवाद के वित्त पोषण से जुड़ी वैश्विक चिंताओं के समाधान के लिए विश्वसनीय, ठोस, अपरिवर्तनीय एवं साक्ष्यजनक कदम उठायेगा। काले धन को सफेद करने एवं आतंकवादियों के वित्तपोषण की निगरानी के लिए गठित अंतरसरकारी संगठन एफएटीएफ की शुक्रवार को अमेरिका के फ्लॉरिडा में हुई बैठक में पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के लिए सितंबर 2019 तक की अंतिम समयसीमा तय की गई है।

18-06-2019
संयुक्त राष्ट्र संघ ने रिपोर्ट में कहा, 2027 तक भारत की आबादी होगी चीन से अधिक 

नई दिल्ली। आबादी के मामले में भारत 2027 तक चीन से आगे होगा। उक्त जानकारी संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग के जनसंख्या खंड द्वारा प्रकाशित 'द वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट्स 2019 : हाईलाइट्स' शीर्षक वाली अध्यन रपट में कहा गया है कि अगले 30 सालों में दुनिया की आबादी दो अरब तक बढ़ कर मौजूदा 7.7 अरब से 2050 तक 9.7 अरब हो सकती है।
यह वैश्विक जनसांख्यकी पैटर्न और संभावनाओं का एक व्यापक परिदृश्य मुहैया कराती है। अध्ययन में कहा गया है कि दुनिया की आबादी मौजूदा सदी के अंत तक अपने शीर्ष पर पहुंच सकती है, जो लगभग 11 अरब के स्तर पर हो सकती है।
नए आबादी अनुमान में संकेत दिया गया है कि अब से और 2050 के बीच अनुमानित वैश्विक जनसंख्या वृद्धि का आधा से अधिक नौ देशों में होगी। इनमें भारत, नाईजीरिया, पाकिस्तान, कांगो, इथियोपिया, तंजानिया, इंडोनेशिया, मिस्र और अमेरिका शामिल हैं। इन देशों को अपेक्षित जनसंख्या वृद्धि के घटते क्रम में रखा गया है।

 

16-06-2019
स्विट्जरलैंड की महिलाओं ने सड़क पर उतरकर जला दिए अंत:वस्त्र 

स्विट्जरलैंड। भारत के अलावा दुनियाभर में महिलाएं कई तरह की परेशानियों से जूझ रही हैं। स्विट्जरलैंड भी इस वक्त इन मुद्दों से अछूता नहीं है, जहां करीब 15 लाख महिलाएं गैर-बराबरी और अपने खिलाफ होने वाली हिंसा के विरोध में सड़क पर उतरी हुई हैं। दुनियाभर में महिलाएं गैर-बराबरी के साथ-साथ यौन हिंसा व उत्पीडऩ की शिकार हो रही हैं। दुनिया के 9वें सबसे संपन्न देश है स्विटजरलैंड। लैंगिक असमानता और कार्यस्थल पर भेदभाव से नाराज महिलाएं सड़त पर उतरी हुई हैं। पुरुष के समान ही वेतन व मौकों की मांग को लेकर स्विटजरलैंड में करीब 15 लाख महिलाएं सड़कों पर उतरी हुई हैं। रिपोट्र्स के मुताबिक स्विटजरलैंड में महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले तकरीबन 20 फीसदी कम वेतन मिलता है। इसके अलावा महिलाओं ने यौन उत्पीडऩ व हिंसा के खिलाफ भी यह मार्च निकाला हुआ है। वे अपने खिलाफ हो रहे हिंसा को लेकर जीरो टॉलरेंस का रवैया चाहती हैं। स्विटजरलैंड के 12 शहरों में महिलाएं अपनी मांग को लेकर सड़क पर उतरी हुई हैं। इस मार्च में सभी क्षेत्र में काम कर रही महिलाएं शामिल हैं। स्विटजरलैंड में यह 28 साल बाद महिलाओं का बड़ा प्रदर्शन रहा। शुक्रवार को हुए महिलाओं के प्रदर्शन को 'पर्पल वेव' नाम दिया गया, क्योंकि इस विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुई महिलाओं ने पर्पल रंग को चुना था।  लौसेन शहर में कड़ों की तादाद में महिलाएं इक_ा हुईं और फिर मार्च निकाला। यौन हिंसा के खिलाफ विरोध जताते हुए एक जगह उन्होंने लकडिय़ों में आग लगाई और फिर उसमें अपनी टाई और अंत:वस्त्रों को फेंक दिया।

16-06-2019
भारत और म्यांमार की संयुक्त सेना का कारनामा, तबाह किए आतंकियों के कई ठिकाने

नई दिल्ली। भारतीय सेना ने म्यांमार के साथ मिलकर बॉर्डर के पास आतंकी कैंपों को तबाह कर दिया है। डिफेंस से जुड़े सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। भारत और म्यांमार ने तीन हफ्ते की लंबी भागीदारी से बॉर्डर पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में मणिपुर, नागालैंड और असम के कई आतंकी संगठनों को निशाना बनाया गया। इससे पहले ऑपरेशन सनराइज को तीन महीने पहले इंडो-म्यांमार बॉर्डर के पास अंजाम दिया गया था जिसमें कई नॉर्थ ईस्ट के आतंकी समूहों को नष्ट किया गया था। बता दें कि म्यांमार भारत का रणनीतिक पड़ोसी है और वह नॉर्थ ईस्ट के राज्यों के साथ 1640 किलोमीटर का बॉर्डर साझा करता है। इसमें नागालैंड और मणिपुर भी शामिल हैं। बॉर्डर की सुरक्षा करने के लिए भारत, दोनों देशों की सेनाओं के साथ काम करने को लेकर जोर दे रहा है। सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन सनराइज 2 के दौरान दोनों देशों की सेनाओं ने केएलओ, द एनएससीएन(खपलांग), यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम और नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोरोलैंड  जैसे आतंकी समूहों को नष्ट किया। सूत्रों ने कहा कि 6 दर्जन आतंकियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कैंप खत्म किए गए। इस कार्रवाई में इंटेलीजेंस इनपुट और ग्राउंड की परिस्थिति का भी योगदान रहा। भारतीय सेना के अलावा असम रायफल्स के सैनिक भी इस ऑपरेशन का हिस्सा थे। जून 2015 में भी सेना ने एनएससीएन के खिलाफ इंडो-म्यांमार बॉर्डर पर ऑपरेशन चलाया था। यह ऑपरेशन इसलिए चलाया गया था क्योंकि आतंकियों ने मणिपुर में सेना के 18 जवानों को मार दिया था। ऑपरेशन सनराइज के पहले फेज में सेना ने अराकन आर्मी के सदस्यों को निशाना बनाया था जोकि म्यांमार में एक विद्रोही ग्रुप है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक म्यांमार में नॉर्थ ईस्ट में बीते साल तक 50 से ज्यादा आतंकी ग्रुप थे।  

 

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