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26-06-2019
स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने ली समीक्षा बैठक, कहा-डीकेएस में सभी सेवाओं का होगा नया टेंडर 

रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बुधवार को मंत्रालय में समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं और नई योजनाएं को लेकर  अफसरों से चर्चा की। मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि डीकेएस पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट एवं रिसर्च सेंटर के व्यवस्थाओं को लेकर नया टेंडर किया जाएगा। उन्होंने स्वशासी समिति की बैठक में सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल के अनुरूप लोगों को इलाज उपलब्ध कराने और व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश अस्पताल प्रशासन को दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने  एजेंसियों के माध्यम से वहां ली जा रही सुविधाओं के लिए नया टेंडर जारी करने कहा। स्वशासी समिति की बैठक में चिरायु योजना के तहत ऑपरेशन के लिए डीकेएस अस्पताल को फस्र्ट रेफरल सेंटर के रूप में मान्यता देने का निर्णय लिया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में कहा कि डीकेएस अस्पताल में नई शुरुआत की जरूरत है। वहां सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने नए सिरे से काम करना होगा। सिंहदेव ने वहां पूर्व में बिना विभागीय अनुमोदन और प्रक्रिया के किए गए कार्यों को निरस्त करने कहा। उन्होंने इस संबंध में किसी भी तरह का भुगतान नहीं करने के निर्देश अस्पताल प्रबंधन को दिए। सिंहदेव ने डीकेएस अस्पताल के स्वशासी समिति की बैठक में मरीजों के परिजनों के रुकने के लिए तथा केन्द्रीय दवा भंडार के लिए नए भवन के निर्माण की स्वीकृति दी। डीकेएस पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट में व्याख्याताओं-प्राध्यापकों के रिक्त पदों पर भर्ती की मंजूरी भी दी गई।  स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में मानव संसाधन, उपकरण, जांच, दवाई और अन्य व्यवस्थाओं पर हर महीने होने वाले खर्च का ब्यौरा मांगा। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह, आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं भुवनेश यादव, संचालक चिकित्सा शिक्षा एवं डीकेएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एसएल आदिले, वित्त विभाग व जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्वशासी समिति के सदस्य मौजूद थे।

16-05-2019
Breaking : गोल बाजार थाने में बयान दर्ज कराने पहुंचे डॉ. पुनीत गुप्ता

रायपुर। डीकेएस मामले में जांच के दायरे में आए पूर्व अधीक्षक डॉ. पुनीत गुप्ता गुरुवार को बयान दर्ज कराने गोल बाजार थाने पहुंचे। बता दें कि उनपर डीकेएस में करोड़ रुपए का घोटाले का आरोप है। डॉ. पुनीत गुप्ता इस वक्त हाईकोर्ट से जमानत पर है। 

23-04-2019
डीकेएस की सराहनीय पहल : मरीजों व उनके परिजनों ने भी किया मतदान  

रायपुर। रायपुर में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान 23 अप्रैल को हुआ। इस अवसर पर डीकेएस में भर्ती मरीज और उनके परिजन मताधिकार से वंचित न रह जाए, इसे देखते हुए अस्पताल प्रबंधन की ओर से पहले से ही व्यवस्था की गई थी। अस्पताल अधीक्षक  डॉ. केके सहारे के मार्गदर्शन में मरीजों एवं उनके परिजनों को मतदान स्थल भेजा गया। जो भी मरीज और उनके परिजन मतदान करने के इच्छुक थे और अपना वोट देना चाहते थे, उन्हें अस्पताल की एबुंलेस से मतदान केन्द्र जाने की सुविधा मुहैया कराई गई।  मरीजों और उनके परिजनो ने अपनी इच्छानुसार लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी भागीदारी दर्ज  कराई। उनके साथ एबुंलेस स्टाफ  और अस्पताल कर्मचारी भी मौजूद थे। 

16-04-2019
डीकेएस में लाखों का सोफा सेट और कुर्सियां खरीदी में भारी अनियमितता

रायपुर। रायपुर के दाऊ कल्याण सिंह हॉस्पिटल (डीकेएस) में अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। लाखों रुपये की लागत से दाऊ कल्याण सिंह हॉस्पिटल में सोफा सेट और कुर्सियों की खरीदी की गई है। अब इसकी जांच भी जल्द शुरू की जाएगी। बता दें कि प्रदेश के सुपरस्पेलिस्ट हॉस्पिटल दाऊ कल्याण सिंह में लगातार अनियमितताओं के नए-नए कारनामें सामने आ रहे हैं। कभी स्टूमेंट खरीदने में तो कभी दवाइयां और एबुलेंस अब तो यहां तक सोफा सेट और कुर्सियां खरीदी में नई अनियमितता समाने आ रही है। फिजुल खर्च करते हुए दाऊ कल्याण सिंह हॉस्पिटल में सामाग्री खरीदी गई है। डीकेएस के टॉप फ्लोर में लाखों रुपये की कुर्सियां और सोफा सेट खरीदी गई थी। यह जानकारी अस्पताल प्रबंधन को मिलते ही खरीदी की जांच करने के निर्देश दे दी गई है।

02-04-2019
सिर्फ मुँह से सांस लेने को मजबूर हो गया था 21 वर्षीय युवा, डीकेएस में सर्जरी से मिला नया जीवन

रायपुर। दाउ कल्याण सिंह (डीकेएस) सुपर-स्पेश्यलिटी अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर के प्लास्टिक सर्जरी विभाग की ओर से 25 साल के एक ऐसे युवक की सर्जरी कर नई जिंदगी दी गई, जिसकी नाक के छेद पूरी तरह से बंद थे। रायपुर के पास एक गांव में रहने वाला जितेंद्र (परिवर्तित नाम) जब 21 साल का था तब घर में हुए एक एक्सीडेंट में वो गैस से जल गया था। 25 जनवरी 2015 को हुए इस हादसे के बाद स्वस्थ लड़के की जिंदगी पूरी तरह बदल गई। घटना में मुंह के साथ ही उसके दोनों हाथ भी जल गए थे। इतना ही नहीं होंठ के उपर का हिस्सा नाक से जुड़ गया और उसकी नाक के दोनों छेद पूरी तरह से बंद हो गए। इसके बाद जितेंद्र (परिवर्तित नाम) सिर्फ मुंह से सांस लेने पर मजबूर हो गया। लगभग 4 साल तक इस परेशानी से जूझने के बाद लड़के ने एक

प्राइवेट अस्पताल में नाक की सर्जरी करवाई, जिसके बाद 15 दिन के लिए उसकी नाक खुली  लेकिन उसके बाद छेद फिर से बंद हो गए। जनवरी 2019 को जितेंद्र ने डीकेएस में प्लास्टिक सर्जरी एवं बर्न की ओपीडी में आकर डॉ. शाह को दिखाया। विभागाध्यक्ष डॉ. दक्षेश शाह ने अपनी टीम के साथ मिलकर जितेंद्र की सर्जरी करने का निर्णय लिया। सर्जरी के बाद अब जितेंद्र अपनी नाक से सांस लेने में सक्षम है और इलाज से संतुष्ट भी है। डॉ. शाह के अनुसार अब जितेंद्र को कुछ एक्सरसाइज करनी होंगी, जिससे की और बेहतर रिजल्ट मिल सके। जितेंद्र का पूरा इलाज आयुष्मान योजना के तहत हुआ, जिससे की उसको इलाज में कोई खर्च नहीं आया।

सर्जरी में शामिल रही विशेषज्ञों की टीम

सर्जरी प्लास्टिक सर्जरी एवं बर्न विभाग के द्वारा की गई। इसमें मुख्य रुप से विभागाध्यक्ष डॉ. दक्षेश शाह का योगदान रहा। उनके साथ उनकी टीम में डॉ. केएन ध्रुव, डॉ. दयाल, निश्चेतना विभाग से डॉ. दीपक सिंह, डॉ. भावना, डॉ. आरती यदु के साथ ही नर्सिंग स्टाफ में सिस्टर सरोज की टीम और टेक्नीशियन स्टाफ मौजूद रहा।

08-03-2019
अपने परिवार के 17 लोगों को खोने वाले त्रिलोचन को मिली वार्ड ब्वाय की नौकरी 

रायपुर। गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा में दूषित पानी की वजह से अब तक 70 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें अपने परिवार के 17 लोगों को खो देने वाले त्रिलोचन सोनवानी को स्वास्थ्य मंत्री के कहने पर दाऊ कल्याण सिंह (डीकेएस) अस्पताल में वार्ड ब्वाय की सरकारी नौकरी दी गई है। बता दें कि सुपेबेड़ा में लंबे समय से दूषित पानी की सप्लाई होने और पीने के बाद अब तक 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। इसके बाद राज्य शासन की नींद खुली और दौरा किया। इसमें खुलासा हुआ कि दूषित पानी पीने से किडनी खराब हुई और इसी वजह से सुपेबेड़ा में मौत होने लगी थी। सुपेबेड़ा में अपने सगे 17 लोगों की जान गंवाने वाले त्रिलोचन सोनवानी को स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के कहने पर डीकेएस में वार्ड ब्याय की सरकारी नौकरी दी गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि त्रिलोचन सुपेबेड़ा समेत अन्य किडनी मरीजों की जान बचाने में सहयोग कर देखभाल करेंगे।

08-03-2019
डीकेएस में लापरवाह कंपनी को दिया गया ठेका, ठेकेदार पर होगी कार्रवाई - डॉ. सहारे 

रायपुर। रायपुर के दाऊ कल्याण सिंह सुपरस्पेलिस्ट हॉस्पिटल (डीकेएस) में काम करने वाले कंप्यूटर आपरेटर समेत अन्य स्टॉफ को विगत तीन महीने से वेतन नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर कर्मचारियों ने आज से आंदोलन शुरू कर दी है। वहीं कंपनी के सुपरवाइजर राज भोथरा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए काम बंद कर दिया है। इसे लेकर अस्पताल की व्यवस्था ठप हो गई है। पूरे मामले को लेकर डीकेएस के अधीक्षक डॉ. केके सहारे का कहना है कि कंपनी के ठेकेदार के  खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

बता दें कि डीकेएस अस्पताल में प्लेसमेंट के तहत कम्प्यूटर ऑपरेटर, लिफ्टमैन, सुरक्षा गार्ड समेत करीब सवा सौ कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। ये कर्मचारी प्लेटमेंट एजेंसी कॉल-मी सर्विस के माध्यम से नियुक्त होकर यहां काम कर रहे हैं। उन सभी को यहां दिसंबर से काम पर रखा गया है, लेकिन अभी तक वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। पूछने पर उन्हें कोई जवाब भी नहीं दिया जा रहा है, जिससे वे सभी परेशान हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि वे सभी प्लेसमेंट एजेंसी संचालक और अस्पताल प्रशासन से लगातार चर्चा कर रहे हैं, लेकिन तीन महीने के वेतन को लेकर उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में उन सभी ने एकजुट होकर हड़ताल पर हैं। इसकी जानकारी उन्होंने प्लेसमेंट एजेंसी के साथ अस्पताल प्रशासन को दे दी है। उनका चेतावनी देते हुए कहना है कि नौकरी पर रखने के बाद वेतन भुगतान न करना उनके साथ अन्याय है। वेतन नहीं मिलने पर वे सभी रणनीति बनाकर आगे कदम उठाने विवश होंगे।

26-02-2019
वेतन नहीं मिलने से नाराज सुरक्षाकर्मियों ने डीकेएस हॉस्पिटल मेें किया आंदोलन 

रायपुर। दाऊ कल्याण सिंह हॉस्पिटल (डीकेएस) में मंगलवार दोपहर सुरक्षाकर्मियों ने आंदोलन कर काम बंद कर दिया। इससे अस्पताल में आने-जाने वाले मरीज और उनके परिजनों को परेशानी का समाना करना पड़ा। सुरक्षाकर्मियों ने गेट बंद कर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि ठेकेदार की ओर से बीते एक महीने से वेतन नहीं दिया जा रहा है, इसी वजह से आंदोलन किया जा रहा है। 

दाऊ कल्याण सिंह सुपरस्पेलिस्ट हॉस्पिटल में इन दिनों लगातार आंदोलन हो रहे हैं। पहले तो कंप्यूटर कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जा रहा था, इसी वजह से कॉल मी सर्विसेस की ओर से मोर्चा खोला गया और आंदोलन किया गया। वहीं मंगलवार को गार्ड के ठेकेदार एसआईएसपीएल कंपनी की ओर से 175 सुरक्षाकर्मियों को वेतन नहीं दिया गया है। इसी वजह से आंदोलन किया गया। गार्ड के सुपरवाइजर ने बताया कि ठेकेदार नागपुर में हैं उनके आने के बाद कर्मचारियों को वेतन दिया जाएगा।

29-01-2019
डीकेएस के अधीक्षक ने डॉक्टरों की ली बैठक, कहा, मरीजों की काउंसलिंग कर करें बेहतर इलाज 

रायपुर। दाऊ कल्याण सिंह (डीकेएस) सुपर स्पेशलिटी अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर के अधीक्षक डॉ. केके सहारे ने मंगलवार को अस्पताल में सभी विभागध्यक्ष और डॉक्टरों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों को यह निर्देश दिया कि अस्पताल में किसी भी मरीज या उनके परिजनों को किसी भी तरह की तकलीफ नहीं होनी चाहिए। इसलिए सभी डॉक्टर्स को पेशेंट काउंसिलिंग कर बेहतर इलाज करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विभागाध्यक्ष अपने जूनियर डॉक्टर्स को ट्रेनिंग भी दें और उन्हें मरीजों की तकलीफ पता करने और इसके निराकरण के तरीके भी सिखाए। मरीजों व उनके परिजनों को अस्पताल में किसी प्रकार की परेशानी न हो। डॉ. केके सहारे ने बैठक में यह भी कहा कि सीनियर और जूनियर डॉक्टर तालमेल बिठाकर काम करें।

29-12-2018
DKS: गर्भाश्य का सफल आपरेशन कर डीकेएस के डॉक्टरों ने युवती को दी नई जिंदगी

रायपुर।  नया रायपुर निवासी एक युवती का गर्भाश्य और प्राइवेट पार्ट दोनों ही नहीं था। इसका आपरेशन रायपुर के डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में डॉक्टरों ने सफल आपरेशन कर जान बचाई है। साथ ही डॉक्टरों ने कहा कि महिला अब सेरेगेटी मां भी बन सकती है। 

बता दें कि रायपुर के डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में प्लाटिक सर्जरी द्वारा यह पहला आपरेशन कर एक मरीज की जान बचाई और उसे नई जिंदगी भी दी है। डीकेएस के प्लाटिक सर्जन डॉ. केएन ध्रुव ने बताया कि रायपुर के डीकेएस हॉस्पिटल में यह पहला ममाला आया था, जिसमें प्राइवेट पार्ट के साथ युवती का गर्भश्य भी नहीं था। इसका इलाज आयुष्मान योजना के तहत नि:शुल्क किया गया है। डॉक्टर ने मरीज और उनके परिजनों का काउंसलिंग किया गया इसके बाद आपरेशन किया गया है। युवती अब पहले जैसे जिंदगी जीकर एक जीवन साथी चुन सकता है। डॉक्टरों ने यह भी कहा कि युवती अब मां भी बन सकती है। पहले महावारी नहीं होने से परेशानी तो होती थी, लेकिन अब आपरेशन के बाद पूरा नार्मल हो चुका है।

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