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18-04-2019
चिटफंड के नाम पर राजनीतिक चीटिंग कर रहे भूपेश बघेल : कौशिक

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष व भाजपा के वरिष्ठ नेता धरमलाल कौशिक ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के एक ट्वीट का प्रतिरोध करते हुए उनपर चिटफंड के नाम पर राजनीतिक चीटिंग करने का आरोप लगाया है। धरमलाल कौशिक ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार चिटफंड कंपनियों के खिलाफ  सख्ती बरतते हुए जनता का पैसा उसे वापस दिलाने की दिशा में कोशिश कर रही है। कौशिक ने यह भी आरोप लगाया कि भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार की जनहितैषी कार्यक्रमों का झूठा श्रेय लेने के लिए छत्तीसगढ़ में विज्ञापन तक दे दिए हैं। छत्तीसगढ़ में भाजपा शासनकाल में लागू जनहित की योजनाओं का श्रेय लूटने की कोशिश कर रहे हैं। कौशिक के अनुसार सीएम बघेल गरीब आदिवासियों की नमक-चना जैसी योजनाओं पर भी कुठाराघात कर रहे हैं। धरमलाल कौशिक ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस  सरकार आने के बाद से गरीब आदिवासी चावल, चना, नमक के लिए तरस रहे हैं। दूसरी ओर शराब, रेत और सीमेंट के जरिए चुनावी चंदा बटोर रहे हैं। कौशिक ने कहा कि भाजपा राज में हुए विकास कार्योंं पर भूपेश सरकार अपना ठप्पा लगाना चाहती है और केंद्र की हर पहल पर अपना नाम लिखवाना चाहती है। जैसे ही केंद्र सरकार ने चिटफंड कंपनियों पर सख्ती बरतते हुए पीडि़तों  को राहत देने के लिए कदम उठाया, वैसे ही भूपेश बघेल ने इसपर एक विज्ञापन देकर यह साबित करने की कोशिश की कि वह चिटफंड कंपनियों में डूबा जनता का धन वापस दिलाएंगे। कौशिक ने आरोप लगाया कि सत्ता में आते ही भूपेश बघेल और उनकी मंडली छत्तीसगढ़ की जनता को लूट रही है,  विकास के सारे काम ठप हैं,  राज्य आर्थिक दिवालियापन की स्थिति में है।  कानून व्यवस्था की ऐसी दुर्गति कि विकासगढ़ कहलाने वाला छत्तीसगढ़ अपराधगढ़ बन रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनता से झूठे वादे करके कांग्रेस सत्ता में जरूर आ गई है लेकिन अब उसका असली चेहरा आ चुका है। आने वाले दिनों में कांग्रेस को जनता से किए गए दोगलेपन का दंड अवश्य मिलेगा।

09-03-2019
सफल होने के लिए आध्यात्मिक शिक्षा भी जरूरी : डॉ. महंत  

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आज यहां श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी के वार्षिक उत्सव समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यहां के विश्वविद्यालय में भौतिक शिक्षा के अलावा आध्यात्मिक ज्ञान भी दिया जा रहा है। पढ़ाई के बाद का जीवन काल बहुत कठिन होता है। इस कठिन रास्ते पर सफल होने के लिए आध्यात्मिक शिक्षा भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी आध्यात्म के मार्ग को अपनाकर समाज को कल्याण की ओर ले जाए। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह विश्वविद्यालय का पहला वार्षिक उत्सव कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि संत  लोक कल्याण के लिए समाज को कुछ न कुछ देना चाहते है। समय-समय पर कठिनाई आने से किसी भी विद्यार्थियों को हताश और निराश होने की जरूरत नहीं है। कठिन परिश्रम और मेहनत से जीवन में सफलता अवश्य मिलेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने कहा कि वार्षिक उत्सव में विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका मिलता है। वार्षिक उत्सव समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अंकुर अरुण कुलकर्णी, श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी ट्रस्ट के उपाध्यक्ष डॉ. जेके उपाध्याय, कैम्पस डायरेक्टर अतुल तिवारी, अशोक भटनागर सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

27-02-2019
 हमारी विकास की परिभाषा है गांव, किसानों और मजदूरों के जीवन में सुधार लाना: सीएम भूपेश बघेल

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को 95 हजार 899 करोड़ रूपए के विनियोग विधेयक ‘छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक 2019‘ के प्रस्ताव को ध्वनिमत से स्वीकृत किया गया। इसके पहले विनियोग विधेयक पर अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बजट में वर्ष 2019-20 में कुल व्यय 90 हजार 910 करोड़ रूपए का है, जिसमें से राजस्व व्यय 78 हजार 595 करोड़ रूपए और पंूजीगत व्यय 12 हजार 110 करोड़ रूपए का है। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य का वित्तीय घाटा 10 हजार 880 करोड़ रूपए का है, जो निर्धारित सीमा अर्थात जीएसडीपी के तीन प्रतिशत की सीमा से कम है। 31 मार्च 2018 की स्थिति में राज्य शासन पर लोक ऋण भार 39 हजार 30 करोड़ रूपए का है। आरबीआई रिपोर्ट 2018 के अनुसार छत्तीसगढ़ एवं ऋण तथा ब्याज भुगतान की दृष्टि से देश में सबसे बेहतर स्थिति वाला राज्य है। राज्य का ऋणभार जीएसडीपी का 17.4 प्रतिशत है, जो सभी राज्यों के औसत 23.2 प्रतिशत से बहुत कम है। छत्तीसगढ़ में ऋणों के ब्याज भुगतान पर जीएसडीपी का 1.1 प्रतिशत भाग व्यय है, जबकि सभी राज्यों का औसत 1.7 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वित्तीय अनुशासन को बनाकर रखा गया है। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि हमारे लिए विकास की परिभाषा गांव, किसानों और मजदूरों के जीवन में सुधार लाना है, बिल्डिंग, पुल-पुलिया और कांक्रीट के जंगल खड़े करने के नाम पर आदिवासियों को उनकी जमीन से उजाड़ना नहीं है। हमारी सरकार ने किसानों और गांवों के कल्याण के लिए ऋण लिया है। राज्य में किसानों के अल्पकालिक कृषि ऋण को माफ किया गया और ढाई हजार रूपये प्रति क्विंटल की दर पर धान खरीदी की गई। इन फैसलों से गांव और किसान को लाभ मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि हमने कोल्हाननाला जैसे पुल को निर्माण के समय अनावश्यक रूप से ऊंचा उठाकर अधिक राशि व्यय करने या मोबाइल फोन बांटने जैसे कार्यों के लिए ऋण नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने शिक्षाकर्मियों के संविलियन का जो कार्य किया उसका भुगतान भी हमारी सरकार द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने रायपुर-बिलासपुर मार्ग को बनने में लगे वर्षों की अवधि के साथ-साथ स्काई वॉक योजना की प्रक्रिया में ली गई लम्बी अवधि की भी आलोचना की।

मुख्यमंत्री ने वन अधिकार पट्टों के संबंध में सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि वनवासियों और जंगलों में परपंरागत रूप से रहने वाले लोगों के अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा, उनका जो वाजिब अधिकार है उसे दिलाकर रहेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले सरकार के दौरान वन अधिकार पट्टों के लिए आठ लाख 55 हजार व्यक्तिगत दावे किए गए थे, जिनमें से चार लाख 51 हजार पट्टों के दावे को अमान्य कर दिया गया था। उनकी सरकार अमान्य किए गए चार लाख 51 हजार पट्टें दावों का फिर से परीक्षण कराएगी, जिससे जंगल में रहने वाले आदिवासी भाई-बहनों और परम्परागत रूप से वन में रहने वाले लोगों का हक उन्हें मिल सके। उन्होंने कहा कि वन अधिकार पट्टों के सामुदायिक दावों के रूप में केवल आंगनबाड़ी, स्कूल और मरघट के लिए पट्टे दिए गए। वास्तव में सामुदायिक दावों का और अधिक विस्तार हो सकता है। उनका भी परीक्षण कर सामुदायिक वन पट्टे दिलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार द्वारा वन पट्टों का वितरण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। सीतापुर, मैनपाट में हजारों लोगों को वन अधिकार पट्टे प्रदाए किए गए हैं। हाल ही में सांसद राहुल गांधी ने लोहाण्डीगुड़ा क्षेत्र में वन अधिकार पट्टे वितरित किए हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिटफंड कंपनियों में एजेंट के रूप में काम कर रहे छत्तीसगढ़ के युवाओं और नागरिकों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई, उन्हें जेल में डाल दिया गया। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के ऐसे युवाओं के विरूद्ध प्रकरणों को वापस लेने का निर्णय लिया है। जिन लोगों ने चिटफंड कंपनियों में पैसे लगाए थे, उनके पैसे वापस दिलाने के लिए राज्य सरकार सजग और तत्पर है। वर्तमान में पीएसीएल लिमिटेड के निवेशकों की धन वापसी के लिए एक मार्च से ऑनलाईन आवेदन लेने की प्रक्रिया राज्य में प्रारंभ की जा रही है। इसी तरह दूसरी चिटफंट कंपनियों के संबंध में भी कार्रवाई की जाएगी। 

श्री बघेल ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार की आउटसोर्सिंग नीति ने आरक्षण की व्यवस्था को खत्म किया गया। इससे बस्तर के आदिवासियों का हित मारा गया। आउटसोर्सिंग में लगे लोगों को शासन द्वारा 18 हजार रूपए की राशि दी जाती थी, लेकिन उन्हें केवल 14 हजार या 10 हजार रूपए की राशि मिलती थी। उनकी सरकार का दर्शन है कि शासकीय खजाने से निकला पूरा पैसा हितग्राही को मिलना चाहिए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी की अवधारणा ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को मजबूती देने के लिए है। यह योजना ग्रामीण विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। विभिन्न विभागों जैसे कृषि, पशुपालन, वन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग आदि में इसके कार्यों के क्रियान्वयन के लिए पहले से ही बजट की राशि मौजूद है। विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने, कार्यों को सही दिशा देने और ईमानदार प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने कहा ग्रामीण परिवेश से कटा व्यक्ति ही ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों को मजाक में ले सकता है या उसका उपहास कर सकता है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेद की बात है कि वैज्ञानिक सोच के अभाव के कारण गांवों में जलस्त्रोत अवरूद्ध हो गए हैं। कॉन्क्रीटीकरण तथा पानी के आने वाले प्राकृतिक मार्ग बंद होने से हमारे तालाब भर नहीं पाते और जल्दी सूख जाते हैं। इसका असर खेती-किसानी पर पड़ा है, पिछले 15 सालों में राज्य पिछड़ गयी है, राज्य कांक्रीट का जंगल बन गया है और किसान आत्महत्या तक करने को मजबूर हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए हार्टीकल्चर यूनिवर्सिटी खोलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यानिकी फसलों के विस्तार को बढ़ावा देगी। छत्तीसगढ़ में जमीन की कमी नहीं है। हमारी नीति है कि यहां अच्छी खेती हो, कृषि आधारित उद्योग लगें जिससे यहां के युवाओं को रोजगार मिले। 

श्री बघेल ने कहा कि प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए पिछली सरकार द्वारा देश- विदेश में करोड़ों रूपए के एमओयू करने किए गए, लेकिन राज्य में उद्योग नहीं लगे। उन्होंने कहा कि जिन कम्पनियों के साथ एम ओ यू किए गए थे, किन्तु उद्योग नहीं लगाए गए, उनके साथ छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाने की दृष्टि से बैठक की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा उद्योगपतियों से सुझाव लेकर राज्य की नई उद्योग नीति 2019 बनायेगी। नई उद्योग नीति में कृषि आधारित उद्योगों पर जोर दिया जाएगा, जिससे किसानों की उनकी उपज का अच्छा लाभ मिले, आदिवासियों उजड़ने नहीं, क्षेत्र का विकास हो और स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित नेहरू ने उद्योगों को आधुनिक तीर्थ स्थल से सम्बोधित किया था। खेद की बात है कि बालको सार्वजनिक क्षेत्र के संयंत्र को निजी हाथों में बेच दिया। बस्तर का नगरनार संयंत्र जब लगभग 60 प्रतिशत बना था, तब इसे भी निजी हाथों में देने की चर्चा थी। जिसका उनके द्वारा विरोध किया गया था। श्री बघेल ने कहा कि हाल ही में लोहाण्डीगुड़ा क्षेत्र में किसानों को इस्पात संयंत्र नहीं बनने पर उनकी अधिग्रहित जमीन वापस की गई, लेकिन इसके साथ ही इसी कार्यक्रम में हमने कोण्डागांव में फूडपार्क मक्का प्रोसेसिंग संयंत्र के लिए भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां तक न्याय की बात है हमने झीरम घाटी की जांच के लिए एस आई टी का गठन किया है। राज्य सरकार की सहमति से ही केन्द्र सरकार की एनआईए ने जांच की है, लेकिन इसके जांच के बिन्दुओं में षड़यंत्र संबंधी जांच किए जाने का कोई बिन्दु नहीं है। एनआईए ने अपनी फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में जमा कर दी है, लेकिन एनआईए ने खुद माना है कि उसके द्वारा आधे से अधिक गवाहों से पूछताछ नहीं की गई है। उन्होंने कहा एसआईटी के गठन और एनआईए जांच में किसी प्रकार की टकराहट नहीं है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि घटना के तह तक जाएं। 

श्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विधायक निधि को पहले ही एक करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ रूपए कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने आज सदन में विधायकों की जनसम्पर्क निधि को भी तीन लाख रूपए से बढ़ाकर 10 लाख करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि शासकीय आयोजनों में क्षेत्रीय विधायकों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के मान-सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाएगा और प्रोटोकाल का पालन किया जाएगा।  

22-02-2019
अटल नगर सूना न रहे,निर्माण प्रतिबंध हटे, कमल विहार के किसानों को मिले मुआवजा,नंदन वन जीवित रहे

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा मे मंत्री मो.अकबर के प्रभार वाली आवास, पर्यावरण, खाद्य, नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान पूर्व मंत्री एवं रायपुर दक्षिण की विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने जोरदार ढंग से जन समस्याओं पर अपनी बात रखी और सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया।

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रायपुर शहर के मास्टर प्लान में बहुत सारी ऐसी सड़के हैं, जो पिछले 20-25 सालों से एमआर रोड के रूप में चिन्हांकित है। परंतु वह सड़कें नहीं बन रही है। और उन सड़कों के नहीं बनने के कारण लोगों को निर्माण का परमिशन भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने मास्टर प्लान की समीक्षा करने का आग्रह करते हुए कहा कि रायपुर शहर को स्मार्ट सिटी बनाना है तो उन सड़कों को बनाएं और सड़के नहीं बन सकती है या बजट में प्रावधान नहीं है तो उसे निरस्त करें। इससे रायपुर शहर के विकास का क्रम आगे बढ़ सके।

अटल नगर (नई राजधानी) सूनी न रहे...

विधायक बृजमोहन ने नई राजधानी यानी अटल नगर को लेकर अपनी बात रखी और सरकार से पूछा कि क्या वे इसके लिए कोई नई योजना लेकर आ रहे हैं? उन्होंने कहा कि अटल नगर में जो 42 गांव शामिल किए गए हैं वहां की लोगों की अलग-अलग मांगे व समस्याएं हैंं। इन जगहों पर कई तरह के प्रतिबंध लगे हुए हैं वहां के जमीन मालिकों को निर्माण का परमिशन दिया जाना चाहिए ताकि वहां की बसाहट बढ़ सकें। बृजमोहन ने कहा कि कोई भी देश-प्रदेश,शहर का विकास व आर्थिक उन्नति दो ही तरीकों से होती है या तो औद्योगिक उन्नति या फिर वहां पर बसाहट बढ़े, निर्माण के काम बढ़े। उन्होंने सवाल किया कि सरकार निर्माण की कोई नई पॉलिसी लाने जा रही है। क्या जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ में निर्माण की गतिविधियां फिर से उन्नत हो सके और यहां की अर्थव्यवस्था अच्छी बन सकें? इन दोनों मामलों में प्रयास करने की जरूरत है। मो. अकबर से उन्होंने कहा कि हम राजधानी रायपुर के निवासी हैं। प्रदेश की राजधानी को बेहतर सुव्यवस्थित सुसज्जित करना हमारा कर्तव्य है। इस समस्या पर हमारा प्रयास इमानदारी से होना चाहिए ताकि हमारा अटल नगर सूना न रहे।

कमल विहार के भू स्वामियों को मिले प्लॉट या मुआवजा.. 

कमल विहार का मुद्दा उठाते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कमल विहार में जो किसानों से जो जमीन ली गई है उनको आज तक न प्लाट मिला है और न ही मुआवजा। आज 10 साल हो गए भू स्वामियों की स्थिति बदतर हो रही है। किसी के घर में शादी है तो किसी के परिवार की कई जरूरते है। भूस्वामी दर-दर भटकने मजबूर है। उन्होंने आग्रह करते हुए कहा कि उनका निराकरण कोई ठोस योजना बनाकर किया जाए। भू-स्वामियों को जिनकी जमीन ली गई है उन्हें कम से कम प्लाट मिल जाये इतनी व्यवस्था सरकार कर दे।

नंदन वन जीवित रहे

नंदनवन को लेकर अपनी बात रखते हुए पूर्व मंत्री बृजमोहन ने वहां के जानवरों को जंगल सफारी शिफ्ट किए जाने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि रायपुर सहित आसपास के गांव क्षेत्र के लोग जंगली जानवरों को देखने व पर्यटन के लिए नंदनवन वर्षों से पहुंचते रहे हैं।

परंतु नंदनवन की वर्तमान दशा चिंताजनक है। जानवरों की कोई कमी नहीं है जंगल सफारी के साथ-साथ नंदनवन भी जीवित रहे इस बात की चिंता करने की आवश्यकता है।

12-02-2019
डॉ. चरणदास महंत ने बदला बस्तर की बेटी राजेश्वरी का जीवन, सरकारी नौकरी देकर खुशियों से भरी झोली

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मानव तस्करी का शिकार होकर लौटी बस्तर की बेटी राजेश्वरी सलाम का जीवन ही बदल दिया। डॉ महंत ने जब राजेश्वरी की पीड़ा सुनी तो भरे मन से उन्होंने मानव तस्करी को लेकर सख्त कानून बनाने की बात तो की ही, साथ ही तत्काल फैसला लेते हुए राजेश्वरी को छत्तीसगढ़ विधानसभा में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में नौकरी भी दे दी। इतना ही नहीं उन्होंने उदारता का परिचय कुछ इस तरह भी दिया कि राजेश्वरी भृत्य का काम नहीं करके सामाजिक जागरुकता जैसे विषय पर ही काम करेगी, ऐसी घोषणा भी की। 

इस मौके पर नई दिल्ली से पधारी जानी-मानी वरिष्ठ पत्रकार अमृता राय भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थीं। श्रीमती राय ने मानव तस्करी विषय पर सारगर्भित बात रखते हुए कहा कि इस समस्या को दूर करने के लिए समाज को सरकार के साथ आकर काम करना होगा। उन्होंने राजेश्वरी को गले से लगाते हुए उसे संबल भी प्रदान किया। 

कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने भी कहा कि मैं मानव तस्करी विषय पर प्रदेश के मुख्य सचिव से बात करूंगा और इसे रोकने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। इस मौके पर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता करुणा शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु द्वेदी, वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज, वैभव प्रकाशन के सुधीर शर्मा, डिजीआना ग्रुप के चैयनमेन तेजिंदर सिंह घुम्मन, विधानसभा के सचिव चंद्रशेखर गंगराडे समेत कई बुद्धिजीवी, साहित्यकार, पत्रकार मौजूद थे। 



 

 

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12-02-2019
आज होगी बीजेपी पदाधिकारियों की बैठक

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में पेश किए गए राज्य सरकार के बजट व लोकसभा चुनाव के अलावा 14 सूत्रीय कार्यक्रम को लेकर भाजपा पदाधिकारियों की बैठक मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे प्रदेश कार्यालय में रखी गई है। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह,संगठन मंत्री पवन साय, नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के अलावा अनुसांगिक संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों को भी बुलाया गया है।

 

11-02-2019
विधानसभा में भारी हंगामा, दिनभर के लिए कार्यवाही स्थगित

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को प्रमुख विपक्षी दल के विधायकों ने भारी हंगामा किया। हंगामा करते हुए विपक्षी पार्टी के विधायक वेल में पहुंच गए वेल में पहुंचते ही सभी विधायक स्वयं निलंबित हो गए। वहीं विधानसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित भी कर दिया गया। सोमवार को विधानसभा में विपक्ष स्थगन प्रस्ताव को लेकर चर्चा की मांग कर रहा था इस मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए विपक्षी दल के विधायक वेल पर पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। वेल पर पहुंचते ही विधायक स्वयमेव निलंबित हो गए। सभापति ने विपक्षी सदस्यों को बाहर नारेबाजी करने की सलाह दी पर नारेबाजी कर रहे सदस्य नहीं माने और नारेबाजी करते रहे। बाद में निलंबित विधायक विधानसभा परिसर स्थित गांधी प्रतिमा के सामने विरोध स्वरूप बैठ गए।

11-02-2019
विधानसभा में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोंक-झोंक

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन विपक्षी पार्टी भाजपा ने सदन में कार्यकर्ताओें को प्रताड़ित करने का लगाते हुए सदन को काम रोको प्रस्ताव की सूचना दी। वहीं भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार बदले की भावना के साथ काम कर रही है। जानबूझकर सरकार विपक्षी पार्टी को परेशान करने का काम कर रही है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ धरमजीत सिंह ने सदन में अन्तागढ़ टेपकाण्ड का मामला उठाते हुए कहा कि पूर्व सीएम अजित जोगी और उनके पुत्र अमित जोगी के खिलाफ गलत तरह से राज्य सरकार ने गलत तरीके से केस दर्ज किया है। उन्होंने पूरे मामले में काम रोककर चर्चा कराने की मांग की है।
नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने सत्तापक्ष पर विपक्ष के खिलाफ दमनात्मक कार्यवाई करने का आरोप लगाया है। सदन में मामले को लेकर जमकर हंगामा भी हुआ। विपक्ष इस पूरे मामले में काम रोककर चर्चा कराने की बात कहता रहा। बीजेपी विधायकों ने जमकर नारेबाजी की। पक्ष-विपक्ष में तीखी नोंक-झोंक चलती रही इस बीच विधानसभा की कार्यवाही 5 मिनट के लिए रोकनी पड़ी। 

11-02-2019
विधानसभा का शीत सत्र : पुलिस ने किराए के हेलीकॉप्टर पर फूंके 48 करोड़

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को माना कि पुलिस ने फिजुलखर्ची में 48 करोड़ रुपए फूंक दिए हैं। वहीं मुख्यमंत्री बघेल ने यह भी माना कि जितने पैसे में पुलिस विभाग हेलीकाप्टर किराए लिए थे उतने में चाहते तो नए हेलीकॉप्टर की खरीदी की जा सकती थी। कांग्रेस विधायक अरुण वोरा ने पूछा था कि 2016 से 18 तक किन-किन कंपनियों के हेलीकॉप्टर किराए पर लिए गए और उन्हें कितना भुगतान किए गए। प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि ढिल्लन एविएशन, पवनहंस, हेलिगे चार्टर लिमिटेड, इंडिया फलाई सेफ्टी एविएशन और थंबी एविएशन को हेलीकॉप्टर के लिए टेंडर दिया गया था। लेकिन, ढिल्लन को छोड़कर बाकी कंपनियों के शर्ते पूरी न करने की वजह से टेंडर निरस्त कर दिया गया था। वहीं सीएम बघेल ने बताया कि ढिल्लन एविएशन को 29 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। कांग्रेस विधायक मोहन मरकाम ने कहा कि इतने पैसे में नए हेलीकॉप्टर खरीदे जा सकते थे। इस पर सीएम ने कहा कि पुलिस विभाग ने किराए के हेलीकॉप्टर पर 48 करोड़ रुपए खर्च कर डाले हैं। उन्होंने माना कि यह फिजूलखर्ची है। इस पर हमारी सरकार कार्यवाही कर सकती है।

10-02-2019
प्रबोधन सत्र में आज दिग्विजय सिंह विधायकों को सिखा रहे संसदीय कार्य प्रणाली के हुनर 

रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रबोधन सत्र का आज दूसरा दिन है। आज मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह विधायकों को संसदीय कार्य प्रणाली के गुर सिखाएंगे। इस मौके पर  बड़ी तादाद में विधायक मौजूद हैं। प्रबोधन सत्र चल रहा है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत भी सदन में मौजूद हैं।

अपने आज के संबोधन में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि सभी विधायकों की ये नैतिक जिम्मेदारी है कि वे मतदाताओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरें। सदन में कोई भी ऐसा आचरण न करें जिससे सदन की गरिमा प्रभावित होती हो।   नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि, जब हम चुनाव क्षेत्र में रहते हैं तब पक्ष और विपक्ष की बात हो, मगर सदन में इससे ऊपर उठकर  काम करने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ की विधानसभा की यही खासियत इसको देश की बाकी विधानसभाओं  से अलग बनाती हैं।

सदन में ये लोग हैं मौजूद :

प्रबोधन में संसदीय कार्यमंत्री रविन्द्र चौबे, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, एकता परिषद के अध्यक्ष पीवी राजगोपाल, मध्य प्रदेश विधान सभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह तथा छत्तीसगढ़ विधान सभा के सचिव चन्द्र शेखर गंगराड़े मौजूद हैं।

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