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12-02-2019
डॉ. चरणदास महंत ने बदला बस्तर की बेटी राजेश्वरी का जीवन, सरकारी नौकरी देकर खुशियों से भरी झोली

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मानव तस्करी का शिकार होकर लौटी बस्तर की बेटी राजेश्वरी सलाम का जीवन ही बदल दिया। डॉ महंत ने जब राजेश्वरी की पीड़ा सुनी तो भरे मन से उन्होंने मानव तस्करी को लेकर सख्त कानून बनाने की बात तो की ही, साथ ही तत्काल फैसला लेते हुए राजेश्वरी को छत्तीसगढ़ विधानसभा में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में नौकरी भी दे दी। इतना ही नहीं उन्होंने उदारता का परिचय कुछ इस तरह भी दिया कि राजेश्वरी भृत्य का काम नहीं करके सामाजिक जागरुकता जैसे विषय पर ही काम करेगी, ऐसी घोषणा भी की। 

इस मौके पर नई दिल्ली से पधारी जानी-मानी वरिष्ठ पत्रकार अमृता राय भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थीं। श्रीमती राय ने मानव तस्करी विषय पर सारगर्भित बात रखते हुए कहा कि इस समस्या को दूर करने के लिए समाज को सरकार के साथ आकर काम करना होगा। उन्होंने राजेश्वरी को गले से लगाते हुए उसे संबल भी प्रदान किया। 

कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने भी कहा कि मैं मानव तस्करी विषय पर प्रदेश के मुख्य सचिव से बात करूंगा और इसे रोकने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। इस मौके पर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता करुणा शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु द्वेदी, वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज, वैभव प्रकाशन के सुधीर शर्मा, डिजीआना ग्रुप के चैयनमेन तेजिंदर सिंह घुम्मन, विधानसभा के सचिव चंद्रशेखर गंगराडे समेत कई बुद्धिजीवी, साहित्यकार, पत्रकार मौजूद थे। 



 

 

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12-02-2019
आज होगी बीजेपी पदाधिकारियों की बैठक

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में पेश किए गए राज्य सरकार के बजट व लोकसभा चुनाव के अलावा 14 सूत्रीय कार्यक्रम को लेकर भाजपा पदाधिकारियों की बैठक मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे प्रदेश कार्यालय में रखी गई है। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह,संगठन मंत्री पवन साय, नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के अलावा अनुसांगिक संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों को भी बुलाया गया है।

 

11-02-2019
विधानसभा में भारी हंगामा, दिनभर के लिए कार्यवाही स्थगित

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को प्रमुख विपक्षी दल के विधायकों ने भारी हंगामा किया। हंगामा करते हुए विपक्षी पार्टी के विधायक वेल में पहुंच गए वेल में पहुंचते ही सभी विधायक स्वयं निलंबित हो गए। वहीं विधानसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित भी कर दिया गया। सोमवार को विधानसभा में विपक्ष स्थगन प्रस्ताव को लेकर चर्चा की मांग कर रहा था इस मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए विपक्षी दल के विधायक वेल पर पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। वेल पर पहुंचते ही विधायक स्वयमेव निलंबित हो गए। सभापति ने विपक्षी सदस्यों को बाहर नारेबाजी करने की सलाह दी पर नारेबाजी कर रहे सदस्य नहीं माने और नारेबाजी करते रहे। बाद में निलंबित विधायक विधानसभा परिसर स्थित गांधी प्रतिमा के सामने विरोध स्वरूप बैठ गए।

11-02-2019
विधानसभा में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोंक-झोंक

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन विपक्षी पार्टी भाजपा ने सदन में कार्यकर्ताओें को प्रताड़ित करने का लगाते हुए सदन को काम रोको प्रस्ताव की सूचना दी। वहीं भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार बदले की भावना के साथ काम कर रही है। जानबूझकर सरकार विपक्षी पार्टी को परेशान करने का काम कर रही है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ धरमजीत सिंह ने सदन में अन्तागढ़ टेपकाण्ड का मामला उठाते हुए कहा कि पूर्व सीएम अजित जोगी और उनके पुत्र अमित जोगी के खिलाफ गलत तरह से राज्य सरकार ने गलत तरीके से केस दर्ज किया है। उन्होंने पूरे मामले में काम रोककर चर्चा कराने की मांग की है।
नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने सत्तापक्ष पर विपक्ष के खिलाफ दमनात्मक कार्यवाई करने का आरोप लगाया है। सदन में मामले को लेकर जमकर हंगामा भी हुआ। विपक्ष इस पूरे मामले में काम रोककर चर्चा कराने की बात कहता रहा। बीजेपी विधायकों ने जमकर नारेबाजी की। पक्ष-विपक्ष में तीखी नोंक-झोंक चलती रही इस बीच विधानसभा की कार्यवाही 5 मिनट के लिए रोकनी पड़ी। 

11-02-2019
विधानसभा का शीत सत्र : पुलिस ने किराए के हेलीकॉप्टर पर फूंके 48 करोड़

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को माना कि पुलिस ने फिजुलखर्ची में 48 करोड़ रुपए फूंक दिए हैं। वहीं मुख्यमंत्री बघेल ने यह भी माना कि जितने पैसे में पुलिस विभाग हेलीकाप्टर किराए लिए थे उतने में चाहते तो नए हेलीकॉप्टर की खरीदी की जा सकती थी। कांग्रेस विधायक अरुण वोरा ने पूछा था कि 2016 से 18 तक किन-किन कंपनियों के हेलीकॉप्टर किराए पर लिए गए और उन्हें कितना भुगतान किए गए। प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि ढिल्लन एविएशन, पवनहंस, हेलिगे चार्टर लिमिटेड, इंडिया फलाई सेफ्टी एविएशन और थंबी एविएशन को हेलीकॉप्टर के लिए टेंडर दिया गया था। लेकिन, ढिल्लन को छोड़कर बाकी कंपनियों के शर्ते पूरी न करने की वजह से टेंडर निरस्त कर दिया गया था। वहीं सीएम बघेल ने बताया कि ढिल्लन एविएशन को 29 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। कांग्रेस विधायक मोहन मरकाम ने कहा कि इतने पैसे में नए हेलीकॉप्टर खरीदे जा सकते थे। इस पर सीएम ने कहा कि पुलिस विभाग ने किराए के हेलीकॉप्टर पर 48 करोड़ रुपए खर्च कर डाले हैं। उन्होंने माना कि यह फिजूलखर्ची है। इस पर हमारी सरकार कार्यवाही कर सकती है।

10-02-2019
प्रबोधन सत्र में आज दिग्विजय सिंह विधायकों को सिखा रहे संसदीय कार्य प्रणाली के हुनर 

रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रबोधन सत्र का आज दूसरा दिन है। आज मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह विधायकों को संसदीय कार्य प्रणाली के गुर सिखाएंगे। इस मौके पर  बड़ी तादाद में विधायक मौजूद हैं। प्रबोधन सत्र चल रहा है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत भी सदन में मौजूद हैं।

अपने आज के संबोधन में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि सभी विधायकों की ये नैतिक जिम्मेदारी है कि वे मतदाताओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरें। सदन में कोई भी ऐसा आचरण न करें जिससे सदन की गरिमा प्रभावित होती हो।   नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि, जब हम चुनाव क्षेत्र में रहते हैं तब पक्ष और विपक्ष की बात हो, मगर सदन में इससे ऊपर उठकर  काम करने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ की विधानसभा की यही खासियत इसको देश की बाकी विधानसभाओं  से अलग बनाती हैं।

सदन में ये लोग हैं मौजूद :

प्रबोधन में संसदीय कार्यमंत्री रविन्द्र चौबे, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, एकता परिषद के अध्यक्ष पीवी राजगोपाल, मध्य प्रदेश विधान सभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह तथा छत्तीसगढ़ विधान सभा के सचिव चन्द्र शेखर गंगराड़े मौजूद हैं।

08-01-2019
संसदीय सचिवों के मुद्दे पर बोले सदन में रमन, नई सरकार कंफ्यूज

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में अनुपूरक बजट की चर्चा पर बोलते हुए कहा कि नई सरकार के मंत्री बिखरकर बोलते हैं। इससे तालमेल पता चलता है। संसदीय सचिव के मुद्दे पर बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा संसदीय सचिव के मुद्दे पर कोर्ट पहुचने वाली कांग्रेस के मंत्री संसदीय सचिव बनाने की बात कर रहे हैं। इसका जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री मो अकबर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के वर्डिक्ट के मुताबिक मैने कहा था। लेकिन आप तो इसमें ही खुश हो जाइए की तालमेल नहीं है। 

गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि मैंने कही पर नहीं कहा कि ट्रांसफर की मुझे जानकारी है। सामान्य प्रशासन विभाग मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। मुझको कहीं सफाई देने की जरूरत नहीं है।

08-01-2019
Assembly : राज्यपाल के अभिभाषण पर पहले चर्चा की मांग पर हंगामा, सदन में लगे नारे

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में चल रहे शीत सत्र के तीसरे दिन भाजपा विधायकों ने सदन में नारेबाजी की। विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महन्त ने जैसे ही अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए सदन को आमंत्रित किया। वैसे ही पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पहले राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करवाने की मांग की। इस बात को पर पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने जमकर हंगामा किया। 
भाजपा की तरफ से ननकीराम कवर, बृजमोहन अग्रवाल,शिवरतन शर्मा, नारायण चंदेल ने जमकर हंगामा किया। 

संसदीय कार्यमंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि अनुपूरक बजट पर चर्चा को रोकने का प्रयास हो रहा है। 16 लाख किसानों का मामला है। पहले भी अभिभाषण के पहले अनुपूरक बजट पर चर्चा हो चुकी है, फिर भाजपा विधायक क्यों अवरोध पैदा कर रहे हैं।

सदन में लगे नारे..

संसदीय कार्यमंत्री चौबे के जवाब में भाजपा विधायकों नारेबाजी शुरू कर दी। भाजपा विधायक राज्यपाल का अपमान नहीं चलेगा के नारे सदन में लगाये गए। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि परंपरा ना तोड़ी जाए। हम किसान विरोधी नहीं है, पर पहले अभिभाषण पर चर्चा होनी चाहिए।

विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महन्त ने व्यवस्था देते हुए पहले अनुपूरक बजट पर चर्चा की जाएगी। श्री महन्त ने कहा कि मैंने पहले ही दोनों विषयों के लिए तिथि तय कर दी थी। उसके मुताबिक ही सदन की कार्यवाही की जाएगी।

08-01-2019
सवर्णों को आरक्षण के मुद्दे पर सदन में हंगामा, बृजमोहन की मांग पर रविन्द्र चौबे ने जताई आपत्ति

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के तीसरे दिन केंद्र सरकार द्वारा सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण के मुद्दे पर गहमागहमी की स्थिति बन गयी। दरअसल पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने सदन से केंद्र को धन्यवाद प्रकट करने का निवेदन किया। लेकिन संसदीय कार्यमंत्री रविन्द्र चौबे समेत कांग्रेस विधायकों ने इसका विरोध किया।

राज्यपाल के अभिभाषण पर पहले चर्चा की मांग

विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महन्त ने जैसे ही अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए सदन को आमंत्रित किया। वैसे ही पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पहले राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करवाने की मांग की। इस बात को पर पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने जमकर हंगामा किया। 
भाजपा की तरफ से ननकीराम कवर, बृजमोहन अग्रवाल,शिवरतन शर्मा, नारायण चंदेल ने जमकर हंगामा किया। 
संसदीय कार्यमंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि अनुपूरक बजट पर चर्चा को रोकने का प्रयास हो रहा है।16 लाख किसानों का मामला है।

सदन में लगे नारे

संसदीय कार्यमंत्री चौबे के जवाब में भाजपा विधायकों नारेबाजी शुरू कर दी। भाजपा विधायक राज्यपाल का अपमान नहीं चलेगा के नारे सदन में लगाये गए। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि परंपरा ना तोड़ी जाए। हम किसान विरोधी नहीं है, पर पहले अभिभाषण पर चर्चा होनी चाहिए।

08-01-2019
Assembly : दस हज़ार 395 करोड़ के अनुपूरक बजट पर चर्चा, सबसे ज्यादा राशि आदिवासियों और किसानों के लिए

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीत सत्र के तीसरे दिन राज्य सरकार द्वारा पेश दस हज़ार 395 करोड़ 58 लाख 25 हज़ार चार सौ रुपये के अनुपूरक बजट पर चर्चा हुई। अनुपूरक बजट में सबसे ज्यादा राशि का अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए की गई है। इसके लिए 28 अरब 7 करोड़ 43 लाख 33 हज़ार 200 रु का प्रावधान किया गया है। दूसरा क्रम पर कृषि के लिए बड़ी राशि का प्रावधान किया है।

भूपेश सरकार द्वारा प्रस्तुत अनुपूरक बजट में 20 अरब 10 करोड़ 14 लाख 3 हज़ार रुपये आवंटित करने की सिफारिश की गई है। सहकारिता को भी विशेष महत्व दिया गया है। इसके लिए 15 अरब 2 करोड़ रु मांगे गए हैं। वहीं स्कूल शिक्षा में 5 अरब 75 करोड़ 90 लाख 40 हज़ार रुपये मांगे गए हैं।

अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए 7 अरब 30 करोड़ 95 लाख 96 हज़ार 100 रु का प्रावधान किया गया है। वित्त विभाग के लिए 12 अरब 23 करोड़ 54 लाख का, आदिम जाति कल्याण के लिए 6 अरब 76 करोड़ 21 लाख, नगरीय प्रशासन व पंचायतों के लिए 2-2 अरब रु की मांग की गई है। जनसंपर्क विभाग के लिए 25 करोड़ रु, सामान्य प्रशासन विभाग के लिए 7 करोड़ 30 लाख का प्रावधान किया गया।

08-01-2019
Chhattisgarh Assembly : छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीत सत्र, आज दिवगंतों को दी श्रद्धांजलि

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को दिवगंत नेताओं को याद किया गया। विधानसभा के शीत सत्र में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के दिवगंत नेताओं को सदन ने श्रद्धांजलि अर्पित की। लोकसभा के पूर्व सांसद स्वर्गीय मोहन भैया, पूर्व मंत्री प्रभुनारायण त्रिपाठी, छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व सदस्य शिवराज सिंह उसारे, पूर्व विधायक रामेश्वर प्रसाद कोसरिया व पुष्पेंद्र बहादुर सिंह को श्रद्धांजलि दी गयी। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के विधायक धरमजीत सिंह ने भी श्रद्धासुमन अर्पित की। धरमजीत सिंह ने स्वर्गीय पद्मश्री श्यामलाल चतुर्वेदी को भी श्रद्धांजलि दी।

विधानसभा अध्यक्ष चरणदास बघेल ने सभी की निधन की सूचना पढ़ी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी दिवगंत नेताओं के साथ बिताए पलों को याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने भी सदन में दिवगंत नेताओं के जीवनकाल  की घटनाओं को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

संसदीय कार्यमंत्री रविन्द्र चौबे और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के सुप्रीमो अजीत जोगी ने भी दिवगंत नेताओं के साथ बिताए पलों को याद किया। उनसे जुड़े किस्से सुनाए और अपनी संवेदनाएं जाहिर कीं।

07-12-2018
Assembly elections : राजस्थान और तेलंगाना में मतदान खत्म, 5 राज्यों में चुनाव खत्म, अब 11 को सभी जगह होगी मतगणना

राजस्थान। राजस्थान और तेलंगाना में मतदान खत्म हो गया है। बूथ में जितने मतदाता है अब वहीं मतदान कर सकेंगे। संभव शाम 6 से 7 बजे तक मतदान की प्रक्रिया चल सकती है। बताया जा रहा है कि शाम 4 बजे तक 72 फीसदी मतदान होने की खबर है। राजस्थान और तेलंगाना में चुनाव के साथ अब देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव समाप्त हो चुका है। बता दें कि इससे पहले छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, मिजोरम में चुनाव हो चुका है। अब इन सभी राज्यों में 11 दिसंबर को एक साथ मतगणना होगी। 

बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं, बीजेपी के रमन सिंह लगातार 3 बार से यहां मुख्यमंत्री हैं। 2013 के चुनाव में बीजेपी को 49 सीटें मिली थीं, वहीं प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस को 41 सीटों से संतोष करना पड़ा था। कांग्रेस इस बार आश्वस्त है कि एंटी इन्कंबेंसी की वजह से उसे सत्ता मिलेगी। दूसरी ओर, बीजेपी रमन सिंह के नाम पर ही दांव खेल रही है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी बसपा से गठबंधन कर दोनों का खेल बिगाड़ने में लगी है। नक्सलियों की वजह से यहां मतदान 2 चरणों- 12 नवंबर और 20 नवंबर को हुआ था। यहां भी मतगणना 11 दिसंबर को होगी।

वहीं मध्य प्रदेश में विधानसभा की 230 सीटें हैं। 2013 में हुए चुनाव में यहां बीजेपी को 168 सीटें मिली थीं और शिवराज सिंह चौहान तीसरी बार मुख्यमंत्री बने  थे। कांग्रेस को 58 सीटों से संतोष करना पड़ा था. इस बार कांग्रेस ने पूरा दम लगाया है। यहां कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम का दावेदार बताया जा रहा है, वहीं बीजेपी जीत के प्रति आश्वस्त है और शिवराज को ही सीएम के चेहरे के तौर पर पेश किया है। 2018 के चुनाव के लिए 28 नवंबर को वोट डाले गए थे। 

राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं, लेकिन चुनाव 199 सीटों के लिए हुए हैं। बता दें कि 2013 के चुनाव में बीजेपी को 163 सीटें मिलीं थीं और वसुंधरा राजे सिंधिया को मुख्यमंत्री बनाया गया था। यहां अशोक गहलोत के नेतृत्व में चल रही कांग्रेस की सरकार को बुरी तरह हार का मुंह देखना पड़ा था और कांग्रेस को केवल 21 सीटें मिली थीं। इस बार राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस ने जमीन पर संघर्ष किया है और पार्टी यह दावा कर रही है कि सत्ता परिवर्तन होगा, सचिन पायलट को सीएम पद का दावेदार माना जा रहा है। यहां 7 दिसंबर को वोट डाले गए। 

2014 के चुनाव के दौरान आंध्र प्रदेश और तेलंगाना एक ही राज्य थे। राज्य का बंटवारा होने के बाद तेलंगाना के हिस्से में 119 सीटें आई। इनमें तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) को 90 सीटें और कांग्रेस के हिस्से में 13 सीटें आईं. टीआरएस के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव को सीएम बनाया गया। यहां कांग्रेस और टीआरएस में लड़ाई है।

राज्य बनाने का श्रेय दोनों पार्टियां लेना चाहती हैं। इसे देखते हुए कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने केवल तेलंगाना में ही सभा भी की। कांग्रेस को लगता है कि केंद्र में यूपीए सरकार के दौरान उसने राज्य का निर्माण किया। चंद्रशेखर राव पहले तो कांग्रेस को श्रेय देते रहे, लेकिन बाद में उन्होंने इसका सारा श्रेय अपने नाम कर लिया. समय से पहले ही चंद्रशेखर राव ने विधानसभा भंग करने की सिफारिश भी कर दी. तेलंगाना में 7 दिसंबर को वोटिंग हुई। 

मिजोरम में विधानसभा की 40 सीटें हैं। 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 34 सीटों पर जीत दर्ज की थी। मिजो नेशनल फ्रंट के खाते में 5 और मिजो पीपुल्स पार्टी के खाते में 1 सीट आई थी। कांग्रेस के ललथनहवला को मुख्यमंत्री बनाया गया था। बीजेपी ने पूर्वोत्तर राज्यों में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए 2018 के चुनाव में पूरा जोर लगाया है। मिजोरम जैसे छोटे राज्य में भी प्रचार करने के लिए पीएम मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत पार्टी के बड़े नेता पहुंचे। मिजोरम में 28 नवंबर को वोट डाले गए, 11 दिसंबर को ही यहां के परिणाम भी घोषित किए जाएंगे।

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