GLIBS
16-03-2019
जो न देते थे जवाब, उनके सलाम आने लगे, वक्त बदला तो दुश्मनों के भी पैगाम आने लगे

रायपुर। आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर प्रत्याशी चयन का दौर शुरू हो गया है। केंद्र में सत्ता में काबिज मोदी की सरकार छग में पिछले तीन लोकसभा चुनाव के परिणाम फिर प्राप्त करने की जुगत में है तो हाल ही में राज्य में अपार जनसमर्थन लेकर 15 साल बाद सत्ता में काबिज भूपेश बघेल सरकार उत्साहित है और सभी 11 लोकसभा सीटों पर विजयी होने का दावा कर रही है। हालांकि पिछले 3 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस केवल एक-एक सीट पर ही विजयी रही थी और भाजपा 10-10 सीटों पर अपनी जीत दर्ज करती रही है। यह बात और है कि कांग्रेस की टिकट पर जीतने वाले अजीत जोगी अभी कांग्रेस से बाहर है तो डॉ. चरणदास महंत विधानसभा अध्यक्ष है तो ताम्रध्वज साहू राज्य सरकार में मंत्री है। छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों में 11 लोकसभा क्षेत्र है। सभी लोकसभा क्षेत्रों में 8-8 विधानसभा क्षेत्र शामिल है केवल रायपुर-दुर्ग लोकसभा क्षेत्र में 9-9 विधानसभा क्षेत्र शामिल है। छत्तीसगढ़ में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में 68 सीटों पर जीत दर्ज कर कांग्रेस ने रिकार्ड बनाया है तो मात्र 15 सीटों पर ही भाजपा को संतोष करना पड़ा वही जोगी कांग्रेस -बसपा गठबंधन ने 7 सीटों पर जीत दर्ज की है। यदि विधानसभा चुनाव की तर्ज पर ही जनता ने मतदान किया तो कांग्रेस के खाते में 8-9 तथा भाजपा के खाते में 2 लोकसभा क्षेत्र आ सकते हैं वहीं जोगी बसपा गठबंधन भी खाता खोल सकती है पर विधानसभा-लोकसभा में मतदान के मुद्दे अलग अलग होते हैं। हालांकि अपने वादे (जुमले) पूरे नहीं करने के कारण मोदी सरकार की 2014 के लोकसभा के समय की स्थिति तो नहीं है पर 'सर्जिकल स्ट्राईकÓ तथा राष्ट्रवाद के नाम पर भाजपा उत्साहित है पर छग में उसका कितना असर होगा यह कहा नहीं जा सकता है। जिस तरह 15 साल तक प्रदेश में मुख्यमंत्री रहने का रिकार्ड बनाने वाले डॉ. रमन सिंह लोस चुनाव लडऩे से बच रहे हैं और नेता प्रतिपक्ष तथा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के पद पर पिटे मोहरों पर भाजपा ने दांव लगाया है उसका परिणाम 23 मई को लोस चुनाव की मतगणना के बाद दिख ही जाएगा। केवल एक जनाधार वाले तथा अजातशत्रु विधायक बृजमोहन अग्रवाल के पर काटने बतौर विधानसभा अध्यक्ष चुनाव लड़कर पराजित होने वाले, बतौर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष 15 सीटों पर भाजपा को पहुंचाने वाले धर्मलाल कौशिक को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया वहीं बतौर लोकसभा सदस्य, विधानसभा चुनाव में स्वयं पराजित तथा लोकसभा की सभी 8 विधानसभा में भाजपा प्रत्याशियों की पराजय का श्रेय मिलने पर भी विक्रम उसेंडी को भाजपा अध्यक्ष बनाया गया है उसका अच्छा संदेश भाजपा कार्यकर्ताओं में नहीं गया है यह तो तय है। बहरहाल छत्तीसगढ़ में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में लोकसभा वार परिणाम देखने से तो ही लगता है कि सभी 11 लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस भारी पड़ी है यदि विधानसभा वार ही लोकसभा चुनाव में मतदान छत्तीसगढ़ के मतदाताओं ने किया तो भाजपा की हालत काफी खराब हो सकती है। हालात बया कर रहे हैं कि हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के परिणाम के अनुसार रायपुर लोकसभा क्षेत्र में जहां देश के भाजपा के वरिष्ठ सांसद रमेश बैस जीतते रहे हैं वहां 91862 मतों की लीड कांग्रेस को है तो मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के पुत्र राजनांदगांव के सांसद, अभिषेक सिंह के क्षेत्र में कांग्रेस-भाजपा के बीच 1 लाख 53 हजार 49 मतों का अंतर है तो हाल ही प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बने कांकेर के सांसद विक्रम उसेंडी के क्षेत्र में कांग्रेस की लीड 2 लाख 38 हजार 304 मतों की है। वहीं दुर्ग लोस से 1,81,992, महासमुंद लोस से 1,09,245, बिलासपुर लोस 77,676, कोरबा लोस 55772, रायगढ़ लोस (भाजपा के सांसद जो मोदी सरकार में राज्यमंत्री है) से विष्णुदेव साय 2 लाख 2 हजार 759 मतों से विस चुनाव परिणाम में पीछे हैं। जांजगीर चांपा लोस से 94,732, सरगुजा लोस से 2,27,958 तथा बस्तर लोकसभा क्षेत्र से 1,09,245 मतों से कांग्रेस की लीड है। प्रदेश में कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार बनने के बाद किसानों की कर्ज माफी, धान पर बोनस, बिजली बिल हाफ करने सहित रोजगार के अवसर प्रदान करने सहित कुछ बड़े कदम उठाये गये हैं वहीं बस्तर में टाटा संयंत्र नहीं लगने पर अधिग्रहित जमीन की वापसी तथा नरवा, गरुवा, घुरवा और बाड़ी के संदर्भ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ब्रिटेन की संसद सम्मानित करने जा रही है। इसका भी लाभ कांग्रेस को आगामी लोकसभा चुनाव में मिल सकता है। उसके मुकाबले के केवल मोदी के नाम पर सर्जिकल स्ट्राईक के बूते पर 11 लोकसभा सीटें जीतने का दावा भाजपा नेता कैसे कर रहे हैं इसका कोई आधार तो नहीं दिख रहा है...।

उमा, विवेकानंद तथा अमित की उपलब्धि 

छत्तीसगढ़ में आईएफएस उमा देवी को भारत सरकार ने एडीशनल सेकेट्री के लिए इम्पेनल किया है। राज्य बनने के बाद यह पहला मौका है जब कोई वन अफसर एडीशनल सेकेट्री के लिए चयनित हुआ है। 87 बैच की आईएफएस उमादेवी छग काडर के आईएएस तथा इंटर स्टेट प्रतिनियुक्ति पर जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव बी.बी.आर सुब्रमणियम की धर्मपत्नी है। वैसे उमादेवी लंबे समय तक दिल्ली में पदस्थ रह चुकी है। बस्तर में पदस्थ पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद को भारत सरकार ने ज्वाईट सेकेट्री इम्पेनल किया है। 1996 बैच के आईपीएस 2016 में सेंट्रल डेपूटेशन से लौटे हैं। 96 बैच के 26 अफसरों में विवेकानंद को ज्वाईंट सेकेट्री इम्पेनल किया गया है। ज्ञात रहे कि पहले यह चर्चा थी कि बस्तर में आईजी रहे एस.आर. पी. कल्लूरी का नक्सल विरोधी मुहिम में कोई विकल्प नहीं है पर विवेकानंद ने वह क्रम तोड़ दिया है। बस्तर में बतौर आईजी उनका कार्यकाल अच्छा कहा जा सकता है। विस चुनाव सफलतापूर्वक कराने के बाद अब वे लोकसभा चुनाव कराने की तैयारी में है।
छत्तीसगढ़ काडर के आईपीएस अफसर अमित कुमार सीबीआई के संयुक्त संचालक बन चुके हैं। 98 बैच के आईपीएस अमित कुमार को भी भारत सरकार ने आईजी इम्पेनल घोषित कर दिया है। देश के 80 आईपीएस तथा प्रमोटी आईपीएस (कुल 125) में केंद्र सरकार ने 32 को आईजी इम्पेनल किया है जिसमें अमित कुमार भी शामिल है। उनके काम और सीआर को देखकर हालांकि सीबीआई ने उन्हें ज्वाईंट डायरेक्टर पदोन्नत भी कर दिया है। रायपुर, दुर्ग आदि में बतौर एसपी कार्य कर चुके अमित कुमार की हालांकि 5 साल की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त हो चुकी है पर सर्वोच्च न्यायालय में एक मामले में ओएसडी होने के कारण उन्हें छत्तीसगढ़ के लिए कार्यमुक्त नहीं किया गया है।

विजय माल्या छग का भी भगोड़ा...

देश के बैंकों से 9 हजार करोड़ का कर्ज लेकर विदेश भागने वाला उद्योगपति विजय माल्या छग का भी कर्जदार है। माल्या की कंपनी युवी इंजीनियरिंग के दुर्ग के औद्योगिक क्षेत्र बोरई में फेब्रिकेशन प्लांट स्थापित करने के लिए बैंकों और फायनेंस कंपनियों से 60 करोड़ से अधिक कर्ज लिया है। पिछले कुछ सालों से उसका संयंत्र भी बंद है वहीं वहां कार्य करने वाले 325 मजदूर और कर्मचारी बेरोजगार है उन्हें वेतन का भुगतान भी नही किया गया है। माल्या की कंपनी युवी इंजीनियरिंग ने 2010 में दुर्ग के बोरई क्षेत्र में 100 करोड़ की लागत से हैवी फैब्रिकेशन प्लांट स्थापित किया था। यूवी इंजीनियरिंग के सूत्र की माने तो इस यूनिट में विमान में उपयोग होने वाले पाट्स तैयार होना था। कंपनी ने बिना पर्यावरण की अनुमति के ही 2010 में उत्पादन भी प्रारंभ कर दिया था। 27 मार्च 2015 को विधानसभा में मामला भी उठा था। खैर 3 साल बाद कंपनी ने उत्पादन भी बंद कर दिया वहीं 18 एकड़ में फैले इस संयंत्र में अब कबाड़ ही बचा है। वैसे विजय माल्या की राजनांदगांव के रसमड़ा में एयरक्राफ्ट के कलपुर्जे बनाने की भी योजना थी, जमीन की तलाश भी की गई थी पर जमीन नहीं मिल सकी...। वैसे विजय माल्या के विदेश में फरार होने के बाद रायपुर से बैंक के लोग भी बोरई पहुंचकर नापजोख भी करने गये थे, औद्योगिक निगम के लोग भी अपनी जमीन के लिए चिंतित हैं...।

और अब बस...

0 एक मंत्री के अनुरोध पर थाना निरीक्षक को नहीं हटाने वाले पुलिस अधीक्षक को हटा दिया गया है।
0 मुख्यमंत्री बनने के बाद भूपेश बघेल आज तक नहीं समझ पाये कि बतौर कांग्रेस अध्यक्ष बैलगाड़ी लेकर प्रदर्शन करने पर टिकरापारा पुलिस किस धारा में बैल और गाड़ी को थाने में जप्त कर लिया था...।
0 पूर्व मुख्यमंत्री तथा राजनांदगांव के पूर्व सांसद डॉ. रमन सिंह खुद लोकसभा चुनाव क्यों नहीं लडऩा चाह रहे हैं।
0 कोरबा लोकसभा से अजीत जोगी लड़ेंगे या अमित..
0 डॉ. चरणदास महंत की पत्नी ज्योत्सना महंत की कोरबा लोस से टिकट पक्की बताई जा रही है।
0 बिलासपुर लोस से अमर अग्रवाल क्यों चुनाव लडऩा चाहते हैं।
0 विधानसभा चुनाव में डॉ. रमन सिंह को चुनौती देने वाली करूणा शुक्ला लोस चुनाव के समय क्यों अलग-थलग पड़ गई है।

Advertise, Call Now - +91 76111 07804