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11-02-2019
विज्ञान के बल पर नहीं नैतिक और आध्यात्मिक शक्तियों से करें राज्य का विकास : ब्रह्माकुमार मृत्युजंय भाई

रायपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के अतिरिक्त महासचिव ब्रह्माकुमार मृत्युजंय भाई ने कहा कि छत्तीसगढ़ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परम्पराओं से अत्यन्त भरपूर राज्य है। इसका विकास विज्ञान के बल पर नहीं अपितु नैतिक और आध्यात्मिकता के आधार पर करने की जरूरत है। ताकि छत्तीसगढ़ पूरे देश के लिए रोल मॉडल बन सके। बता दें कि ब्रह्माकुमार मृत्युजंय भाई ब्रह्माकुमारी संगठन के राजनीतिक सेवा प्रभाग द्वारा विधानसभा रोड पर स्थित शान्ति सरोवर में मंत्रियों एवं विधायकों के लिए आयोजित सम्मान समारोह में अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि रविवार को उन्हें दिल्ली में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर आधारित ग्लोबल समिट में भाग लेने का अवसर मिला वहां उन्हें यह जानने को मिला कि टेक्नॉलाजी के क्षेत्र में देश ने बहुत तरक्की की है। उन्होंने लोगों के जीवन को मूल्यनिष्ठ बनाने पर जोर देते हुए कहा कि मनुष्य के मस्तिष्क को परिवर्तन करने के लिए नैतिक और आध्यात्मिक शिक्षा की आवश्यकता है। उन्होंने सभी विधायकों को पुन: माउण्ट आबू में आने का निमंत्रण दिया ताकि वहां से नवीन प्रेरणाएं प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि ब्रह्माकुमारी संगठन नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों की स्थापना की वहीं इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रही है। हम सभी इससे भली-भांति परिचित हैं। इसलिए इस संगठन की सेवाओं को दोहराने की जरूरत नहीं है। प्रथम विधानसभा के समय से तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल के समय से यह परंपरा बनी हुई है कि बजट सत्र के अवसर पर हम सभी ब्रह्मा भोजन के लिए यहां एकत्रित होते हैं। उसी परम्परा के निर्वहन के लिए हम यहां उपस्थित हैं।



 

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