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27-06-2019
गांवों में दी जाएंगी डिजिटल, संचार सुविधाएं : सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद

नई दिल्ली। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्रालय के ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत देश में अब तक 2.22 करोड़ लोगों को प्रशिक्षित कर दिया गया है। केंद्र सरकार इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए देश में एक लाख डिजिटल गांव बना रही है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी। रविशंकर प्रसाद ने बताया कि 24 जून 2019 तक इस अभियान के तहत 2.30 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को नामांकित किया जा चुका है और इनमें से 2.22 करोड़ प्रशिक्षित लोगों में 1.34 करोड़ लोगों का तीसरी पार्टी से प्रमाणन किया जा चुका है। 

डिजिटल साक्षरता अभियान में गड़बडिय़ों की शिकायतों से जुड़े पूरक प्रश्न के जवाब में प्रसाद ने बताया कि मंत्रालय इस तरह की शिकायतें मिलने पर इनकी सख्ती से जांच कर कठोर कार्रवाई करेगा। 
प्रसाद ने बताया कि संचार मंत्रालय और रेल मंत्रालय मिलकर ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क सभी ग्राम पंचायतों तक पहुंचाने की योजना पर भी काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम देश में एक लाख डिजिटल गांव बनाने जा रहे हैं। जहां पर गांवों में वाई फाई सहित अन्य डिजिटल एवं संचार सुविधाएं दी जाएंंगी।


 

20-05-2019
अजा बहुल गांवों का विकास कर जोड़ा जाएगा राष्ट्र की मुख्यधारा से 

रायपुर। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत प्रदेश के अनुसूचित जाति बहुल चयनित गांवों का समुचित विकास कर राष्ट्र की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय नई दिल्ली के सहयोग से आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा जिला स्रोत दल के सदस्यों का प्रशिक्षण सोमवार से शुरू हो गया है। निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान में जिला स्रोत दल के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 23 मई तक चलेगा।  प्रशिक्षण में आदिम जाति विभाग के सचिव सह-आयुक्त डीडी सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना का उद्देश्य राज्य के 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति की जनसंख्या वाले चयनित गांवों का एकीकृत विकास सुनिश्चित करना है। ऐसे गांवों का समुचित विकास कर राष्ट्र की मुख्यधारा से जोडऩा है। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए प्रशासनिक सहभागिता के साथ-साथ आम लोगों को जागरूक कर उन्हें भी इस कार्यक्रम में जोडऩे पर बल दिया।  सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अवर सचिव दीपक कुमार ने योजना के क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देशों में उल्लेखित प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रपत्रों के प्रारूप तथा उनमें दर्ज की जाने वाली प्रविष्ठियों के बारे में भी बताया। दीपक ने योजना की उपलब्धियों की जानकारी ऑनलाइन अपलोड करने के संबंध में सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों को भी तकनीकी जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में संकाय सदस्य आनंद रघुवंशी,  प्रज्ञान सेठ और संजय गौड़ ने भी योजना के बेहतर क्रियान्वयन के संबंध में अपने विचार रखे । 

 

25-04-2019
शहरों में 'पुलिस जनमित्र योजना' और गांवों में होगा 'ग्राम रक्षा समिति' का गठन 

रायपुर। प्रदेश के सभी जिलों में सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जनता एवं पुलिस के मध्य परस्पर नियमित संवाद स्थापित करने एवं जनता के मध्य पुलिस की विश्वसनीयता में अभिवृद्धि करने के उद्देश्य से सामुदायिक पुलिसिंग के तहत शहरी एवं अद्र्धशहरी क्षेत्रों में 'जनमित्र योजना' तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 'ग्राम रक्षा समिति' को पुनर्जीवित करने की योजना प्रारंभ की गई है। पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी द्वारा समस्त पुलिस अधीक्षकों को जारी निर्देश के अनुसार 'पुलिस जनमित्र योजना' के अंतर्गत यह व्यवस्था की गई है कि राज्य के शहरी एवं अद्र्धशहरी क्षेत्रों में थानों के क्षेत्रफल और जनसंख्या के अनुसार प्रत्येक थाना क्षेत्र को 30 से 40 सेक्टर में बांटकर थाना प्रभारी स्वयं उपस्थित होकर प्रत्येक सप्ताह में एक सेक्टर में वहां के निवासियों की बैठक लेंगे और नागरिकों से उनके क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी लेकर नागरिकों को पुलिस की अपेक्षा एवं आधुनिक अपराध जैसे साइबर क्राइम, ऑनलाइन ठगी, चिटफंड कंपनियों की ठगी, सोशल मीडिया से जुड़े अपराध, महिलाओं के विरुद्ध घटित होने वाले अपराध के तरीके तथा उससे बचने के उपाय बताएंगे। थाना क्षेत्र के सभी ग्रामों में ग्राम रक्षा समिति का गठन पूर्ण होने के उपरंात पुलिस अधीक्षक, थाना स्तर पर ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों का 01 दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित करेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिवार्य रूप से स्वयं उपस्थित होंगे एवं कुछ सम्मेलनों में अपने रेंज के पुलिस महानिरीक्षक को भी आमंत्रित करेंगे। 

 

 

15-04-2019
अमितेश ने किया गांवों में जनसंपर्क

महासमुंद । लोकसभा के कांग्रेस प्रत्याशी धनेंद्र साहू के प्रचार प्रसार के लिए राजिम विधायक अमितेश शुक्ला ने पांडुका जॉन के गांव का दौरा किया। इसमें उन्होंने ग्रामीणों से जनसंपर्क किया। ग्रामवासियों ने श्री शुक्ल का स्वागत किया। अमितेश शुक्ल ने ग्रामवासियों को संबोधित किया।

04-02-2019
Collector: कलेक्टर ने पिथौरा के विभिन्न गांवों का किया आकस्मिक निरीक्षण,ग्रामीणों से की चर्चा

महासमुंद। कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने सोमवार को जिले के पिथौरा विकासखंड के ग्राम गोड़बहाल, छिबर्रा, कोकोभाठ़ा एवं मुढ़ीपार ग्रामों का दौरा कर ग्रामीणों से रूबरू चर्चा की। इस दौरान उन्होंने शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  ऋतुराज रघुुवंशी, वनमंडलाधिकारी  आलोक तिवारी, पिथौरा के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पीसी एक्का, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रदीप कुमार प्रधान, तहसीलदार वनसिंह नेताम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर जैन ने गोड़बहाल पहुंचकर गांव के दुग्ध सहकारी समिति के पदाधिकारियों से मुलाकात कर चर्चा की। उन्होंने गांव में मिल्क चिलिंग प्लांट की व्यवस्थाओं जैसे दुग्ध की गुणवत्ता, उसमें उपलब्ध वसा तथा अन्य तत्वों के जांच करने के उपकरण एवं दुध की गुणवत्ता के आधार पर कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग के माध्यम से मूल्य निर्धारण कार्य सहित वन विभाग के रिक्त भूमि में पशु आहार के लिए नेपियर घास लगाने के कार्य का अवलोकन किया।
उल्लेखनीय है कि यह घास गांव के पशु पालकों द्वारा अपने पशुओं के चारे के रूप में उपयोग में लाई जाती है। पशुपालकों तथा दुग्ध उत्पादकों से बातचीत करते हुए कलेक्टर ने कहा कि दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए यह जरूरी है कि अधिक संख्या में पशु उपलब्ध हो, उन पशुओं की प्रजाति उन्नत हो और उन्हें अच्छा पशु आहार दिया जाए।
पशुपालकों ने बताया कि निजी कंपनियों की अपेक्षा छत्तीसगढ़ दुग्ध संघ द्वारा राशि का भुगतान समय पर समुचित ढंग से किया जाता है। इसके अलावा पशु- दाना और दुग्ध परिवहन के लिए राशि भी दी जाती है। उन्होंने बताया कि चिलिंग प्लांट की क्षमता बढ़ने से दुग्ध उत्पादन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। कलेक्टर ने मुढ़ीपार के वनऔषधि केन्द्र पहुंचकर मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण, वर्मी कम्पोस्ट जैविक खाद उत्पादन, नेपियर घास, मशरूम द्वारा बनाए गए आचार, पाउडर एवं कौशल विकास योजना के तहत युवाओं को मशरूम उत्पादन के प्रशिक्षण के बारे में भी जानकारी ली।
ग्राम कोकोभाठा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने हितग्राहियों से चर्चा कर शीघ्र ही आवास निर्माण कार्याे में गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा कराने को कहा। 

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