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17-07-2019
कमलनाथ कैबिनेट का फैसला, नहीं होगी दीनदयाल रसोई योजना बंद, बेचे जाएंगे शास. हेलीकॉप्टर 

भोपाल। मध्यप्रदेश में बधुवार को कैबिनेट की बैठक सीएम कमलनाथ की अध्यक्षता में हुई। इसमें कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। कैबिनेट बैठक में दीनदयाल रसोई योजना को बंद नहीं करने का फैसला लिया गया। इस योजना में पांच रुपए में गरीबों को भरपेट भोजन मिलता है। बैठक में कैबिनेट ने शासकीय हेलीकाप्टर बेल-430, उसके स्पेयर्स एवं स्पेयर्स इंजिन अधिकतम 2 करोड़ 80 लाख 71 हजार 953 रुपए का प्रस्ताव देने वाली संस्था मेसर्स थम्बी एविएशन प्रा.लि. केरला को बेचने का निर्णय लिया। इसी प्रकार शासकीय हेलीकाप्टर बेल-407 सीरियल नं.53540 एवं उसके स्पेयर्स को अधिकतम 6 करोड़ रुपए का प्रस्ताव देने वाली संस्था मेसर्स आक्सफोर्ड इंटरप्राइजेस प्रा.लि. पुणे को बेचने का निर्णय लिया।

कैबिनेट ने आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए, कौशल विकास रणनीति को दृष्टिगत और अत्यधिक कुशल जनशक्ति के पूल को बनाने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा उत्कृष्टता केन्द्र के लिए वित्तीय सहायता की एक योजना शुरू करने का निर्णय लिया। योजना अगले 5 वर्ष के लिये प्रभावशील होगी। योजना में न्यूनतम 85 प्रतिशत पूंजी निवेश आवेदक पात्र संस्था द्वारा तथा शेष अधिकतम 15 प्रतिशत वित्तीय भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में 188 विस्थापित परिवारों को लाभ देने और ओंकारेश्वर परियोजना के शेष अन्य 379 विस्थापित परिवारों को भी विभागीय प्रस्ताव अनुसार लाभ देने की मंजूरी दी। नर्मदा घाटी विकास विभाग में विस्थापितों को 182 लोगों को राशि देने का निर्णय लिया गया। बंद उद्योगों को लोन चुकाने की एक मुश्त पेमेंट करने की अवधि बढ़ाई गई। एससी-एसटी वर्ग के ऐसे बच्चों को अस्थाई जाति प्रमाण-पत्र जारी किए जाएंगे, जिनके जाति प्रमाण पत्र नहीं है।  इसके अलावा भोपाल, जबलपुर, रायसेन में तीन निजी विवि की स्थापना के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई।

08-07-2019
सीएम कमलनाथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मां बिंदेश्वरी देवी की निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करने आज आएंगे भिलाई 

रायपुर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ सिंह आज प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मां बिंदेश्वरी देवी की निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करने आज भिलाई -3 स्थित उनके निवास जाएंगे। आपको बता दें कि बिंदेश्वरी देवी पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहीं थी। जिसके चलते उनका उपचार राजधानी रायपुर के एक निजी चिकित्सालय में चल रहा था। जहां रविवार शाम 4 बजे उनका निधन हो गया।

04-07-2019
आमलोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए शुरू होगा जन अधिकार कार्यक्रम, सीएम कमलनाथ सुनेंगे शिकायत  

भोपाल। आमजनों की समस्याओं के निराकरण के लिए मध्यप्रदेश में जन अधिकार कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें सीएम कमलनाथ प्रदेश के जनसामान्य की शिकायतें सुनेंगे और उनका निराकरण करेंगे। जानकारी के अनुसार 9 जुलाई जन अधिकार कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। इसमें सीएम को प्राप्त होने वाली शिकायतें, सीएम हेल्पलाइन और जनशिकायत प्रकोष्ठ में से कुछ शिकायतें चयनित की जाएंगी। सीएम के जन अधिकार कार्यक्रम में कलेक्टर-एसपी सहित जिला स्तर के सभी अधिकारियों का मौजूद रहना अनिवार्य किया गया है।

बता दें कि हर महीने के दूसरे मंगलवार की शाम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जन अधिकार कार्यक्रम होगा। सचिवालय का पत्र, नागरिक अधिकार शिकायत का समाधान सीएम सचिवालय की ओर से सभी एसीएस, पीएस और कमिश्नर-कलेक्टरों को जारी पत्र में कहा गया है कि प्रामाणिक शिकायत या समस्या का निराकरण प्राप्त करना हर व्यक्ति का नागरिक अधिकार है। समयसीमा में उसकी शिकायतों या समस्या का निराकरण होना चाहिए।

23-06-2019
सीएम कमलनाथ की हुई सफल सर्जरी, अस्पताल से हुए डिस्चार्ज, शिवराज सिंह ने किया ट्वीट 

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भोपाल के सरकारी हमीदिया अस्पताल में शनिवार को अपनी उंगली का ऑपरेशन कराया। उन्हें शनिवार देर रात अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। कमलनाथ ने कहा कि हाथ की उंगली में तकलीफ थी, जिसकी वजह से डॉक्टर्स ने सर्जरी की सलाह दी थी। डिस्चार्ज होने के बाद कमलनाथ ने चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया साथ ही लोगों को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि ‘सभी की शुभकामनाओं और दुआओं से मेरी सफल सर्जरी हुई, आप सभी का धन्यवाद।’

बता दें कि मुख्यमंत्री कमलनाथ की दाएं हाथ की अनामिका उंगली में जकड़न और दर्द था। इसी वजह से वो शुक्रवार को योग दिवस के कार्यक्रम में भी हिस्सा नहीं ले पाए थे। शुक्रवार को कमलनाथ ने हमीदिया अस्पताल में चेकअप कराया तो डॉक्टर्स ने ऑपरेशन की सलाह दी थी। मुख्यमंत्री कमलनाथ की उंगली की सर्जरी हमीदिया अस्पताल के हड्डी विभाग के अध्यक्ष डॉ. संजीव गौर और एनेस्थीसिया विभाग के अध्यक्ष डॉ. आदित्य अग्रवाल की टीम ने की। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ट्वीट कर कहा, ‘हमीदिया में अपना इलाज कराने का आपका फैसला प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा, मैं यह चाहता हूं कि जो सुविधा आपको वहां मिले, वही आमजन को भी मिले। उन्हें दर-दर भटकना न पड़े।

17-06-2019
केंद्रीय गृहमंत्री को पत्र लिखकर सीएम कमलनाथ ने मांगी 880 करोड़ रुपए की सहायता राशि

भोपाल। मध्यप्रदेश में अपराधों को रोकने के लिए अब सरकार नए तरह का प्लान तैयार कर रही है| सरकार एक सेट-अप बनाएगी, जिसमे जांच अधिकारी, कानूनी सलाहकार, अभियोजक और काउंसलर के अलावा डीएनए लेब और मोबाइल फोरेंसिक टीम शामिल होंगे। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सरकार के इस प्लान की जानकारी दी है, साथ ही उन्होंने सेटअप के लिए 880 करोड़ रुपए का बजट सहयोग भी मांगा है।

गृहमंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में सीएम कमलनाथ ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध एक संवेदनशील मुद्दा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से सख्ती से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए प्रस्तावित सेटअप में भारत सरकार से सहायता की जरूरत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों से निपटने के लिए महिलाओं के खिलाफ अपराधों की जांच, उपकरणों की खरीद, बल और डॉग स्क्वाड के पुनर्गठन के लिए एक सेल का गठन करना होगा। इसके लिए तकनीकी रूप से कुशल मानव संसाधन, गश्ती वाहनों और कार्यालय भवनों की आवश्यकता होगी।

26-05-2019
सीएम कमलनाथ के एक-एक मंत्री पांच-पांच विधायकों पर रखेंगे नजर

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य में विधायकों को नई जिम्मेदारी सौंपी है। इस जिम्मेदारी के तहत मंत्री पांच-पांच विधायकों पर नजर रखेंगे और उनसे लगातार संवाद भी करेंगे। रविवार को कमलनाथ ने विधायकों की बैठक बुलाई है। कमलनाथ ने निर्दलीय विधायकों से खुद चर्चा करने का फैसला लिया है। दूसरी ओर  कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राज्य के हालातों पर दो बार मंथन किया। राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार और निगम मंडलों में नियुक्तियों पर भी सरकार जल्द फैसला लेगी। दरअसल, मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार के गिरने-गिराने की अटकलों के बीच एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कांग्रेस में अंतर्कलह की ओर इशारा किया। वहीं, दूसरी ओर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने विधायकों के बगावती तेवर की आशंका पर यह कदम उठाने का फैसला लिया है। चर्चा है कि मंत्रिमंडल के गठन के बाद से ही सरकार में जगह न पाने वाले पार्टी के वरिष्ठ विधायक और बाहर से सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों की नाराजगी समय-समय पर सामने आती रही है। मंत्रिमंडल में वरिष्ठ विधायकों में छह बार के विधायक केपी सिंह, बिसाहूलाल सिंह, एंदल सिंह कंसाना और राज्यवद्र्धन सिंह दत्तीगांव को जगह नहीं मिल पाई थी। वहीं निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह ठाकुर और केदार सिंह डाबर भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद जता रहे हैं। इधर बसपा विधायक संजीव सिंह कुशवाहा और सपा के राजेश शुक्ला को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा है।

26-05-2019
सीएम कमलनाथ ने कहा, मंत्री रहे विधायकों के संपर्क में

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रविवार को मंत्रालय में कैबिनेट बैठक ली। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि वे कांग्रेस एवं सहयोगी विधायकों के संपर्क में रहे और उनके फोन भी उठाएं।  बैठक के बाद मंत्री जीतू पटवारी ने बताया कि, मुख्यमंत्री ने हमारी योजनाओं की समीक्षा की। विभागवार समीक्षा की प्लानिंग की। हमारे वचन पत्र की घोषणाओं को कैसे काम किया जाए इस पर बात की गई। लोकसभा चुनाव में किस तरह भाजपा को जीत हासिल हुई उस पर भी चर्चा की गई। बता दें कि शाम को मुख्यमंत्री कांग्रेस विधायकों से चर्चा करेंगे। एक हफ्ते के भीतर मुख्यमंत्री पार्टी विधायकों के साथ दूसरी बार मुलाकात करने जा रहे हैं। 

26-05-2019
फूटा राहुल गांधी का गुस्सा, बेटों को टिकट दिलवाने पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की शनिवार को हुई बैठक में हार के कारणों पर मंथन किया गया। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी के बड़े नेताओं द्वारा अपने बेटों को टिकट दिलवाने को लेकर काफी नाराज दिखे। इसको लेकर बैठक में उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर भी की। बिना किसी नेता का नाम लिए हुए राहुल गांधी का गुस्सा इस बात पर फूटा कि पार्टी के कुछ नेता अपने बेटों को टिकट दिलवाने के लिए जी-जान से लगे रहे। इससे पार्टी का ही नुकसान हुआ, क्योंकि बेटों को टिकट मिलने से वो उन्हें जीत दिलवाने के लिए उसी सीट तक सीमित रह गए।

जिससे पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। बता दें कि इस बार कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम समेत कई नेताओं के बेटों को टिकट दिए थे। इसकी वजह से उनके प्रचार करने का दायरा काफी सीमित रहा।

26-05-2019
शिवराज सिंह चौहान से मिलने पहुंचें सीएम कमलनाथ और कैलाश विजयवर्गीय, व्यक्त की संवेदना 

भोपाल। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पिता प्रेमसिंह चौहान का शनिवार को मुंबई इलाज के दौरान निधन हो गया। शिवराज सिंह के पिता के निधन पर भाजपा सहित कांग्रेस के आला नेताओं ने शोक प्रकट किया। रविवार को भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय शिवराज प्रताप सिंह से मिलने पहुंचें और इस दुख की घड़ी में उनका ढांढस बंधाया और संवदेना और शोक प्रकट किया। मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मिलने पहुंचे और उनको दिलासा दिया। 

बता दें कि दिवगंत प्रेमसिंह चौहान का पार्थिव शरीर शनिवार रात 11:45 बजे भोपाल लाया गया। पार्थिव शरीर साकेत नगर स्थित निवास पर ले जाया गया। रविवार सुबह 9 बजे तक पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद गृहग्राम जैत ले जाया जाएगा, जहां शाम 4 बजे अंतिम संस्कार होगा।

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