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15-07-2019
आतंकवादी कोई हो, बख्शा नहीं जाएगा : शाह

नई दिल्ली। सरकार ने आतंकवाद को समूल नाश करने की प्रतिबद्धता जताते हुए लोकसभा में सोमवार को कहा कि आतंकवादी गतिविधियों के दोषी को बख्शा नहीं जायेगा, भले ही वह किसी भी जाति, धर्म, सम्प्रदाय या क्षेत्र का क्यों न हो। सरकार ने पाकिस्तान जैसे देश के बाज न आने पर सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट की तरह एयर स्ट्राइक के रास्ते भी अपनाने का संकल्प दोहराया। गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी संशोधन विधेयक 2019 पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए संबंधित विधेयक के कानून बनने के बाद दुरुपयोग की सदस्यों की आशंकाओं को निर्मूल करार देते हुए सदन को आश्वस्त किया कि प्रस्तावित कानून का दुरुपयोग उनकी सरकार कतई नहीं होने देगी।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद खत्म करना मोदी सरकार का सर्वोच्च लक्ष्य है और उसे भेदने की दिशा में वह हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि आतंकवादी गतिविधियों का जो भी दोषी पाया जायेगा उसे बख्शा नहीं जायेगा, भले ही वह किसी भी जाति, धर्म, सम्प्रदाय या क्षेत्र का क्यों न हो। आतंकवाद निरोधक कानून (पोटा) को निरस्त करने के विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए श्री शाह ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने वोट बैंक की खातिर पोटा को निरस्त किया था। पोटा ऐसा कानून था, जिससे आतंकवादी के मन में भय पैदा होता था, लेकिन 2004 में सत्ता में आते ही संप्रग सरकार ने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही उसे निरस्त करने का निर्णय लिया था।

13-07-2019
रिपोर्ट : गोद देने वाली संस्थाओं में अकेले यूपी में 124 की मौत

नई दिल्ली। गोद देने वाली संस्थाओं में अकेले उत्तर प्रदेश में 124 बच्चों समेत 776 बच्चों की मौत हुई है। महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में कहा आकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा बच्चों की मौत हुई है। यह सभी मौते राज्य के 19 बच्चा गोद देने वाली संस्थाओं में हुई है। गोद देने के लिए कानूनी कार्रवाई के बाद मुक्त बच्चों को विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी को देखभाल के लिए सौंपे जाते हैं। इन्हें सरकार और गैर सरकारी संगठन संचालित करते हैं। 

ईरानी ने कहा बाल दत्तक जानकारी और नियम प्रक्रिया के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक 2016-17 से 2019-20 के 8 जुलाई 2029 तक के आकड़ों के मुताबिक 776 बच्चों की मौत की सूचना है। इस संस्थाओं के खिलाफ अब तक कुल 10 शिकायतें भी मिली हैं। जिसमें इन संस्थाओं द्वारा दत्तक नियम पालन न करने से संबधित थी। इसके अलावा एक अन्य प्रश्न के जवाब में स्मृति ईरानी ने बताया कि राष्ट्रीय रिकार्ड ब्यूरों के मुताबिक  महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न स्कीमों के चलते  महिलाओं में आत्महत्या के आकड़े लगातार घट रहे है। 2013 में 44246 महिलाओं ने आत्म हत्या की। जबकि 2014 में 42521 महिलाओं ने 2015 में 42088 महिलाओं ने आत्महत्या की है।

जो गिरावट का संकेत है। स्मृति ईरानी ने बताया मंत्रालय द्वारा पिछले 5 सालों में महिलाओं के लिए किए गए कामों का परिणाम है कि महिलाओं की स्थितियों  में लगातार सुधार हो रहा है। इसमें हिंसा की शिकार महिलाओं की सहायता के लिए वन स्टॉप सेंटर, महिलाओं के लिए अस्थायी आश्रय गृह, पुलिस सहायता, मनोवैज्ञानिक सलाह भी निशुल्क उपलब्ध है। जिसका असर उनके मानसिक दबाव की स्थिति को सुधारने पर पड़ा है। 506 ऐसे केंद्र काम कर रहेहैं। जहां एक छत के नीचे महिलाओं को सभी सुविधाएं मिल रही हैं। दूसरे स्वयं सहायता समूह, जैविक खेती और रोजगार केअन्य अवसर भी उनकी आय अर्जन में सहायक हो रहेहैं। इसकेचलते समाज में महिलाओं में हताशा का वातावरण लगातार समाप्त हो रहा है।

12-07-2019
केंद्रीय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2019 को लोकसभा से मिली मंजूरी

नई दिल्ली। लोकसभा ने शुक्रवार को केंद्रीय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2019 को मंजूरी प्रदान कर दी जिसमें आंध्र प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय और आंध्र प्रदेश केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के नाम से एक जनजातीय विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है। निचले सदन में विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के क्रियान्वयन के तहत यह विधेयक लाया गया है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यह पहली बार हुआ है कि किसी नवगठित राज्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थान खोले गए हैं और यह मोदी सरकार में संभव हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी केंद्रीय संस्थानों में रिक्तियों को छह महीने के अंदर भर दिया जाएगा। निशंक ने कहा कि पहली बार हमारे तीन संस्थान दुनिया के शीर्ष संस्थानों की वैश्विक रैंकिंग में आए हैं और कई संस्थान इसमें शामिल होने के करीब पहुंच चुके हैं। यह सरकार देश की शिक्षा को शिखर पर ले जाने के लिये प्रतिबद्ध हैं। मंत्री के जवाब के बाद सदन ने सदस्यों के कुछ संशोधनों को खारिज करते हुए विधेयक को मंजूरी दे दी।

12-07-2019
रात 12 बजे तक बैठकर लोकसभा में रचा इतिहास : जोशी

नई दिल्ली। रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा के लिए गुरुवार आधीरात तक बैठकर लोकसभा ने इतिहास रच दिया। संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि 21वीं सदी में पहली बार सदन की कार्यवाही आधीरात तक चली है। जोशी ने कहा लोकसभा में इतिहास रचा है। मैं इसके लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रेल मंत्री पीयूष गोयल, रेल राज्य मंत्री सुरेश आंगड़ी, सदन के सभी सदस्यों, लोकसभा के कर्मचारियों और मीडिया का धन्यवाद करता हूं। उन्होंने कहा कि इससे पहले 1996 और वर्ष 2000 में लोकसभा की कार्यवाही रात 12 बजे या उसके बाद तक चली है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में ऐसा पहली बार हुआ है।

11-07-2019
लोकसभा में बोले राहुल गांधी, किसानों को धमकाना बंद करे आरबीआई

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और वायनाड के सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा में मोदी सरकार पर निशाना साधा। राहुल ने किसानों की हालत का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मेरे संसदीय क्षेत्र वायनाड में किसान आत्महत्या कर रहे हैं, यहां 8 हजार किसानों को बैंक लोन न चुकाने पर नोटिस भेजा गया है और केरल में 18 किसानों ने आत्महत्या की क्योंकि वह बैंकों का लोन नहीं चुका पाए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले 5 साल में सरकार ने किसानों को कम पैसा दिया जबकि अमीर कारोबारियों को ज्यादा पैसा दिया है, ये दोहरा रवैया क्यों, सरकार के लिए किसान अमीरों से ज्यादा जरूरी क्यों नहीं है। राहुल गांधी ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि वह आरबीआई को निर्देश दे और किसानों को धमकाना बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि देश में किसानों की हालत बहुत खराब है और सरकार इस पर आंख मूंदकर बैठी है।

 

10-07-2019
बजट में दिया गया हर आंकड़ा सही है : सीतारमण

नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2019-20 के लिए संसद में पिछले सप्ताह पेश बजट के आँकड़ों पर विपक्ष द्वारा उठाये गये सवालों को खारिज करते हुये वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण में बुधवार को कहा कि बजट में दिया गया हर आंकड़ा विश्वसनीय है और उन्हें लेकर किसी प्रकार की कयासबाजी की जरूरत नहीं है। लोकसभा में बजट पर तीन दिन में करीब 16 घंटे चली चर्चा का जवाब जवाब देते हुये सीतारमण ने कहा बजट में उल्लिखित आंकड़ों को लेकर कयासबाजी की आवश्यकता नहीं है। हर आंकड़ा विश्वसनीय है। सरकार परिवर्तनकारी बदलावों में विश्वास रखती है। बजट में हर क्षेत्र को महत्त्व दिया गया है।

कांग्रेस, तृणमूल तथा अन्य विपक्षी दलों की टोकाटाकी, हंगामा, नारेबाजी और बाद में बहिर्गमन के बीच करीब डेढ़ घंटे के अपने जवाब में वित्त मंत्री ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), मनरेगा, अनुसूचित जाति/जनजाति, महिलाओं, बच्चों, पूर्वोत्तर के राज्यों तथा सब्सिडी के लिए बजट में किये गये प्रावधानों का बचाव किया तथा बताया कि इनके लिए आवंटन बढ़ाये गये हैं; हालाँकि उन्होंने अधिकतर मामले में 2018-19 के बजट के मूल प्रावधान से 2019-20 के मूल प्रावधान की तुलना की तथा कुछ ही मामलों में 2018-19 के संशोधित अनुमान से तुलना की। उन्होंने बजट भाषण में कृषि क्षेत्र का उल्लेख नहीं होने के विपक्षी सदस्यों के आरोपों को गलत बताते हुये कहा कि उनके भाषण में यदि किसी एक क्षेत्र का सबसे ज्यादा उल्लेख हुआ है तो वह कृषि क्षेत्र है।

10-07-2019
एनपीए की स्थिति में सुधार का प्रयास : सीतारमण

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है और इसके लिए सबसे ज्यादा जोर गैर-निष्पादित परिसम्पत्तियों (एनपीए) की स्थिति में सुधार लाने पर दिया जा रहा है। सीतारमण ने लोकसभा में बुधवार को वित्त विधेयक पर 15 घंटे से अधिक समय तक चली चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि बैंकों के लिए एनपीए की स्थिति सबसे ज्यादा चिंता का विषय है और सरकार इस स्थिति को ठीक करने के उपाय कर इसमें सुधार का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इन उपायों का मकसद सिर्फ निवेश हासिल करना नहीं है बल्कि इसके माध्यम से पूरे बैंकिंग क्षेत्र में सुधार लाने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को केंद्र सरकार की तरफ से पूंजी उपलब्ध कराकर एनपीए को कम किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने बैंकों को 252982 हजार करोड़ रुपये दिए हैं जबकि बैंकों ने 66514 हजार करोड़ रुपये खुद जुटाए हैं। इस तरह से बैंकों के पास कुल राशि तीन लाख 19 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गयी है और यह प्रयास एनपीए कम करने में मददगार साबित होगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों में एनपीए की स्थिति ऋण डूबने, भ्रष्टाचार, अनुशासन की कमी, व्यवस्था बनाए रखने में असफल रहने, निर्धारित नियमों का ठीक तरह से पालन नहीं करने जैसी कई वजह से उत्पन्न हुई। सरकार ने भी इस स्थिति को समझा इसलिए रिजर्व बैंक ने इसके लिए दिसम्बर 2015 में एक समिति का गठन किया। उन्होंने कहा कि इन सब स्थितियों के बावजूद सरकार का प्रयास अब बैंकों के एनपीए में कमी लाने का है और इस इस दिशा में प्रभावी तरीके से काम किया जा रहा है।

10-07-2019
एनआरसी व्यवस्था पूरे देश में लागू करने की लोकसभा में मांग

नई दिल्ली। गैर-कानूनी तरीके से असम में रह रहे प्रवासियों की नागरिकता निरस्त करने संबंधी राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की व्यवस्था कर्नाटक सहित पूरे देश में लागू करने की मांग लोकसभा में आज उठी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तेजस्वी सूर्या ने शून्यकाल के दौरान यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि असम में एनआरसी लागू किये जाने के बाद से वहां अवैध तरीके से रह रहे बंगलादेशी कर्नाटक सहित देश के विभिन्न हिस्सों में फैलने लगे हैं। उन्होंने कहा कि बंगलादेशियों के इस तरह फैलाव के कारण देश की आतंरिक सुरक्षा खतरे में पड़ गयी है। उन्होंने बेंगलूर की कुछ घटनाओं का जिक्र किया, जिसमें बंगलादेशी घुसपैठियों की संलिप्तता का हवाला भी दिया।श्री सूर्या ने सरकार की मांग की कि वह एनआरसी व्यवस्था कर्नाटक सहित पूरे देश में शुरू करे।

05-07-2019
नीति आयोग में मुख्यमंत्री बघेल का विजन केन्द्रीय बजट का बना हिस्सा 

रायपुर। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा आज लोकसभा में प्रस्तुत किए गए अपने पहले बजट में सन् 2022 तक 'हर घर में बिजली' और सन् 2024 तक 'हर नल में पानी'
का जिक्र किया गया है। उनका यह कथन मुख्यमत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में 15 जून 2019 को नई दिल्ली में सम्पन्न हुई नीति आयोग की शासी परिषद् की पांचवीं बैठक में दिए गए वक्तव्य के एक अंश से हू-ब-हू मेल खाता है। उल्लेखनीय है कि नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री  बघेल ने सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देश में पेयजल की उपलब्धता की स्थिति का जिक्र करते हुए बताया था कि प्रदेश के शेष 37,549 जनजाति बहुल बसाहटें विरल श्रेणी की बसाहटें हंै, जिनमें सोलर आधारित नलजल प्रदाजय योजनाओं ं के माध्यम से पेयजल प्रदाय की योजना क्रियान्वित करनी होगी। इस हेतु लगभग  5,63,235.00 लाख की राशि की आवश्यकता चरणबद्ध रूप से होगी। नगरीय निकायों में कुल 2,86,225 घरो में से 1,59,068 घरों में नल कनेक्शन है। शेष 1,27,157 घरों में नल कनेक्शन दिया जाना शेष है। इस हेतु केन्द्र सरकार के शत-प्रतिशत अनुदान अपेक्षित है। बघेल ने राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में कहा था कि जिस प्रकार शत-प्रतिशत विद्युतीकरण को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास हुए हैं उसी प्रकार हर घर में पेयजल की व्यवस्था के लिए भी प्रयासों की जरूरत है। छत्तीसगढ़ के 85 आदिवासी बहुल विकासखण्डों में सौर ऊर्जा से पानी और बिजली की व्यवस्था पर जोर दिया जा सकता है। यह नीति हमारी जैसी परिस्थिति वाले हर प्रदेश के लिए लागू होनी चाहिए।  ताकि हम कह सकें -
''हर घर बिजली, हर घर पानी
सुखद हो सबकी जिन्दगानी।'' 

05-07-2019
इसी वर्ष 30 खरब डॉलर की होगी भारतीय अर्थव्यवस्था : सीतामरण

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में शुक्रवार को वर्ष 2019-20 का आम बजट पेश करते हुये कहा कि गांव, गरीब और किसान मोदी सरकार के केन्द्र बिन्दु हैं और देश की अर्थव्यवस्था इसी वर्ष 30 खरब डॉलर की हो जायेगी। सीतारमण ने 49 वर्षों के बाद एक महिला वित्त मंत्री के रूप में अपना पहला आम बजट पेश करते हुये कहा कि वर्ष 2014 में देश की अर्थव्यवस्था 1़5़ 8 खरब डॉलर की थी जो वर्ष 2019 में बढ़कर 2़7 खरब डॉलर की हो गयी है और इसी वर्ष यह 30 खरब डॉलर की हो जायेगी। अगले कुछ वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था के 50 खरब डॉलर के बनने की उम्मीद जताते हुये उन्होंने कहा कि 55 वर्षों में यह 10 खरब डॉलर पर पहुंची थी। पिछले कुछ वर्षों में अर्थव्यवस्था के विकास में जबरदस्त तेजी आयी है।

उन्होंने कहा कि 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुंचने का लक्ष्य, बुनियादी ढ़ांचे में भारी निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन ,नागरिकों की आशाओं, विश्वास और आकांक्षाओं से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गांव , गरीब और किसान इस सरकार की सभी योजनाओं के केन्द्र बिन्दु हैं और उन्हें ध्यान में रखते हुये की कार्ययोजनायें बनायी जा रही है। उन्होंने हर तरह की कनेक्टिविटी को अपनाये जाने का हवाला देते हुये कहा कि 80,250 करोड़ रुपये की लागत से 1.25 लाख किलोमीटर सड़क को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तीसरे चरण में उन्नत किया जायेगा। 97 प्रतिशत गाँवों को बारह-मासी सड़क से जोड़ा गया है, शेष गाँवों को इसी साल जोड़ने का लक्ष्य है। उन्होंने महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर अंत्योदय को सरकार का लक्ष्य बताते हुये कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 1.5 करोड़ मकान बने, 2019-20 से 2021-22 के बीच 1.95 करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

02-07-2019
मॉबलिंचिंग और बंगाल में हिंसा को लेकर लोकसभा में नोकझोंक

नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को विपक्ष ने जहां देश के विभिन्न हिस्सों में पीट-पीटकर हो रही हत्याओं का मामला उठाया वहीं सत्ता पक्ष ने पश्चिम बंगाल में जारी हिंसा की घटनाओं का मुद्दा पुरजोर ढंग से उठाया जिसको लेकर दोनों पक्षों में काफी नोकझोंक हुई। शून्यकाल में समाजवादी पार्टी के शफीकुर्रहमान बर्क ने देश के विभिन्न हिस्सों में पीट-पीटकर हो रही घटनाओं का मामला उठाया और कहा कि इस तरह की घटनाओं से देश में भय का माहौल बन गया है। यह स्थिति देश के मुसलमानों के हित में नहीं है। बर्क ने जैसे ही यह मुद्दा उठाया सत्ता पक्ष के सदस्यों ने उनका विरोध शुरू कर दिया। सत्ता पक्ष की तरफ से कई लोग अपनी सीटों पर खड़े उठकर उनकी बात का विरोध करने लगे।
सत्ता पक्ष के सदस्यों के अपनी सीट से उठकर बर्क की बात का विरोध करने पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रविड मुनेत्र कषगम, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी तथा अन्य विपक्षी सदस्यों ने भी एकजुट होकर उनका विरोध शुरू कर दिया। दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक के बीच अध्यक्ष ओम बिरला ने अन्य सदस्य का नाम बोलने के लिए पुकारा और बर्क का माइक बंद कर दिया। बर्क इसके बावजूद बोलते रहे लेकिन उनकी आवाज सुनाई नहीं दी। विपक्षी सदस्यों ने अध्यक्ष से बर्क को बोलने देने का आग्रह किया लेकिन बिरला ने उनकी बात नहीं सुनी और तीसरे सदस्य को अपनी बात रखने के लिए पुकारा।
इसी तरह से भारतीय जनता पार्टी के दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल में हो रही हत्याओं का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि राज्य सरकार की शह पर हो रही हिंसा में कई लोग मारे गये हैं। उन्होंने खुद तथा अन्य सांसदों की जान को भी खतरा बताया और कहा कि वहां बाबुल सुप्रियो तथा रूपा गांगुली जैसे लोगों पर हमले हो रहे हैं। राज्य सरकार पर सवाल उठने के कारण तृणमूल कांग्रेस के सदस्य अपनी सीटों पर खड़े होकर शोर-शराबा करने लगे और घोष के आरोप को निराधार बताने लगे। इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई जिसके कारण सदन में कुछ देर तक जमकर शोर शराबा होता रहा।

28-06-2019
लोकसभा में शाह ने कश्मीर में राष्ट्रपति शासन को छह महीने बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया

नई दिल्ली। लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर बात कर रहे हैं। वह घाटी में राष्ट्रपति शासन को छह महीने के लिए बढ़ाने के प्रस्ताव पर अपनी बात रख रहे हैं। राज्यपाल शासन के दौरान आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई। कई सालों से पंचायत चुनाव नहीं हुए थे।

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले लोगों को इस आरक्षण से फायदा मिलेगा। पहले केवल नियंत्रण रेखा के वासियों को आरक्षण मिलता था। अमित शाह ने दूसरा प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर में आरक्षण प्रश्ताव में बदलाव का प्रस्ताव पेश किया। इस साल के अंत में जम्मू-कश्मीर में चुनाव होंगे। जम्मू-कश्मीर में बिना हिंसा के चुनाव हुए। पहले जम्मू लद्दाख के साथ भेदभाव होता था। सरकार ने आतंकवाद को खत्म करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। एक साल के अंदर वहां पंचायत चुनाव कराए गए। 40 हजार पंच और सरपंच बने हैं। हम 3 हजार करोड़ रुपए पंचायतों को देने के लिए तैयार हैं।

 

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