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03-06-2019
अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ  शिवसेना लामबंद 

जैजैपुर। जैजैपुर क्षेत्र के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही अघोषित बिजली कटौती ने राज्य सरकार के दावों की पोल खोलकर रख दी है। इस भीषण गर्मी में जहां एक पल भी बगैर कूलर व पंखे के रह पाना बहुत ही कठिन है। ऐसे में अघोषित बिजली कटौती किए जाने से क्षेत्र के लोगों का गुस्सा होना लाजिमी है। इसी अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ  शिवसेना जिलाध्यक्ष ठाकुर ओंकार सिंह गहलोत के निर्देशानुसार जिला सचिव ने  राज्यपाल के नाम तहसीलदार जैजैपुर को ज्ञापन सौंपा है। शिवसेना जिला सचिव चंदन धीवर ने अपने ज्ञापन में कहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने दावा किया था कि उनकी सरकार बनती है तो छत्तीसगढ़ में जीरो पावर कट होगा। साथ ही प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का बिजली बिल आधा कर दिया जाएगा। लोकसभा चुनाव के पहले विद्युत उपभोक्ताओं को कम बिजली बिल भेजा गया, लेकिन चुनाव के ठीक बाद फिर से अधिक बिजली बिल भेजा जा रहा है। इसी तरह शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती किए जाने से आम लोग त्रस्त हैं। इस तरह अघोषित बिजली कटौती से आम लोग जहां भीषण गर्मी में उबल रहे हैं, तो वहीं बिजली के बिना लोगों का व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने ज्ञापन में जरिए तत्काल बिजली कटौती बंद करते हुए वादे के अनुरूप बिजली बिल आधा करने का आग्रह किया है।

16-04-2019
CM Kamal Nath: विद्युत वितरण में लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त : सीएम कमलनाथ 

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विद्युत कटौती की मिल रही शिकायतों पर ऊर्जा मंत्री, प्रमुख सचिव ऊर्जा को निर्देशित किया है। उन्होंने प्रदेश में विद्युत उपलब्धता, वितरण और कटौती के बारे में पूरे प्रदेश की पिछले एक माह की रिपोर्ट देने उर्जा सचिव को कहा है। सीएम कमलनाथ ने कहा है कि अगर कटौती हुई है तो उसके कारण भी बताएं। 
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बिजली वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही और कोताही सहन नहीं होगी। ज़िम्मेदार अधिकारियों की जवाबदारी सुनिश्चित की जाये।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विद्युत वितरण के संबंध में प्राप्त हो रही शिकायतों के संबंध में उर्जा विभाग को सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि गर्मी का मौसम है। इसमें विद्युत सप्लाई में कोई बाधा नहीं होना चाहिए। कृषि कार्य के लिए भी किसानों को बिजली पर्याप्त उपलब्ध हो।मुख्यमंत्री ने बिजली कम्पनियों से इस बात का भी जवाब मांगा है कि जब बिजली सरप्लस में उपलब्ध है तब कटौती की शिकायतें क्यों आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इस बात का भी पता लगाया जाए कि चुनाव के समय ही कटौती की शिकायतों क्यों आ रही है? क्या इसके पीछे कुछ साज़िश-षड्यंत्र तो नहीं है? इसकी भी जानकारी ली जाये। कुछ स्थानों पर आँधी-बारिश से वितरण में व्यवधान की बात सामने आई है, जिसे तत्काल दुरुस्त भी कर लिया गया लेकिन जहां बिना कारण से अघोषित बिजली कटौती की शिकायतें आ रही है, वो गम्भीर मसला है। उस पर तत्काल ध्यान देवे। उन्होंने ऊर्जा विभाग से मांग और आपूर्ति के संबंध में भी जानकारी माँगी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि कटौती के संबंध में बिजली कर्मियों को संवेदनशील और तत्पर बनाने की आवश्यकता है। 
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से कहा कि इसके लिए अतिरिक्त संसाधन जरूरी हो तो वह भी बिजली महकमे को तत्काल उपलब्‍ध करवाएं जाये लेकिन आम उपभोक्ताओं को 24 घंटे और कृषि कार्य के लिए हर हाल में 10 घंटे बिजली मिले यह सुनिश्चित किया जाए।इसमें किसी प्रकार की शिकायत व लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों, विधायकों को भी निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बिजली वितरण पर सतत निगरानी रखें। किसी भी तरह की शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल बिजली कंपनियों के ज़िम्मेदार अधिकारियों से संपर्क कर वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाएं।

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