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Politics : यूपी में गठबंधन:सपा- बसपा 38-38 पर लड़ेगी चुनाव

विनेश दीक्षित  | 12 Jan , 2019 11:39 AM
Politics : यूपी में गठबंधन:सपा- बसपा 38-38 पर लड़ेगी चुनाव

लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर यूपी में बुआ-बबुआ की जोड़ी के गठबंधन का ऐलान हो गया है। गठबंधन 76 सीटों पर चुनाव लड़ेगा। शेष चार सीटों पर सहयोगी पार्टियां मैदान में होंगी। लखनऊ में आज हुई दोनों पार्टियों की प्रेस क्रांफ्रेंस में बसपा 38, सपा 38 पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया गया है । प्रदेश की दो सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ी गई हैं जबकि अमेठी और रायबरेली से गठबंधन का कोई प्रत्याशी चुनाव नहीं लड़ेगा। सपा अपने कोटे से निषाद पार्टी और पीस पार्टी को एक-एक सीट देगी। निषाद पार्टी गोरखपुर की सीट से चुनाव लड़ेगी और पीस पार्टी को खलीलाबाद लोकसभा सीट दिया जाएगा। 

मायावती ने ताज होटल में पत्रकारवार्ता के दौरान कहा कि यह नरेंद्र मोदी और अमित शाह की नींद उड़ाने वाली पत्रकारवार्ता है। उन्होंने कहा कि इससे इन गुरु और चेले की नींद उड़ जाएगी। जनता के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए सपा और बसपा के गठबंधन की जरूरत पड़ी। इसी लिए बसपा और सपा को गठबंधन करना पड़ा। ये सिर्फ चुनाव जीतने के लिए ही नहीं बल्कि राज्य के वंचितों, शोषितों, पिछड़ों, बेरोजगारों, व्यवसाइयों के हित के लिए इस गठबंधन की जरूरत पड़ी। ये गठबंधन  देश के लिए निहायत जरूरी है। इस गठबंधन की सरकार केंद्र में भाजपा की सरकार बनने से रोकेगी। इस गठबंधन से देश को बड़ी उम्मीदें हैं।

कांग्रेस को क्यों शामिल नहीं किया:

राज्य तथा केंद्र में ज्यादा समय तक कांग्रेस ने शासन किया है। इनके शासनकाल में बेरोजगारी और गरीबी चरम पर रही। काफी समय पहले कांग्रेस को बोफोर्स मामले में सत्ता गंवानी  पड़ी थी। अब राफेल घोटाले के कारण भाजपा सत्ता से बाहर होगी। यानि कांग्रेस और भाजपा की नीतियां एक जैसी हैं। इसी लिए इनको गठबंधन में शामिल नहीं किया गया।

23 साल की दुश्मनी भूलकर फिर साथ सपा-बसपा

2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को मात देने लिए 23 साल पुरानी दुश्मनी भुलाकर सपा-बसपा एक बार फिर गठबंधन का आधिकारिक ऐलान करने जा रहे है। 1993 में मुलायम-कांशीराम की जोड़ी ने बीजेपी को पटखनी दी थी। अब 2019 में बीजेपी को हराने के लिए अखिलेश-मायावती की जोड़ी तैयार है।