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Municipal Corporation : दुर्ग-भिलाई के 13 रैन बसेरों में लोग बेचैन, चैन में नगर निगम

शुभांकर रॉय  | 13 Jan , 2019 10:39 AM
Municipal Corporation : दुर्ग-भिलाई के 13 रैन बसेरों में लोग बेचैन, चैन में नगर निगम

दुर्ग। दूसरे शहरों और गांवों से दुर्ग-भिलाई आने वालों के लिए कभी रैन का चैन दिलाने के लिए बनाए गए रैन बसेरा की हालात बेहद खराब है। दोनों शहरों में कुल 13 रैन बसेरे हैं। इनमें भिलाई में 8 और दुर्ग में 5 रैन बसेरे संचालित हैं। यह सब धरातल पर तो हैं लेकिन गंदगी और अव्यवस्थाओं का ऐसा हाल कि गरीब से गरीब व्यक्ति यहां आकर ठहरने से बेहतर फुटपाथ को चुन लेगा। दोनों शहरों के ज्यादातर रैन बसेरों में सर्दी के दिनों में कंबल नहीं, गद्दे बदबूदार हैं तो तकियों का ख्याल तो आएगा ही नहीं। शौचालयों की पर्याप्त सफाई नहीं होती और पानी आता भी तो किसी-किसी में। हालांकि निगम प्रशासन द्वारा यहां केयर टेकर की व्यवस्था की गई। 

पहले बात करते हैं भिलाई क्षेत्र की। यहां कुल 8 रैन बसेरा हैं जिसमें आकाशगंगा सुपेला, नेहरू भवन सुपेला, वार्ड 12 कांट्रेक्टर कॉलोनी, पावर हाउस बस स्टैंड, खुसीर्पार मंगल भवन, प्रियदर्शिनी परिसर, ट्रांसपोर्ट नगर हथखोज, वैशालीनगर पानी टंकी शामिल हैं। वहीं दुर्ग में 5 रैन बसेरा संचालित हैं। इनकी हालत भी भिलाई के रैन बसेरों जैसे ही है।

10 लाख खर्च, सुविधाएं सिफर :

बाहरी शहरों से आए कमजोर आर्थिक स्थिति वाले लोगों को रात के समय आसरा देने के लिए बनाए गए रैन बसेरा अब खुद अपनी पहचान खो रहे हंै। रैन बसेरा में लोगों के मनोरंजन के लिए टीवी लगाने के लिए निर्देश दिए गए थे, लेकिन एक-दो छोड़ कहीं भी मनोरंजन के लिए टीवी नहीं है। कई रैन बसरा में हमेशा ताला लटका मिलता है। निगम प्रशासन इस ओर पूरी तरह उदासीन है। जानकारी के अनुसार भिलाई निगम क्षेत्र के इन सभी रैन बसेरों में व्यवस्था के लिए 10 लाख रुपए से अधिक निगम प्रशासन ने खर्च किया है। इसके बाद भी एक रैन बसेरे में भी पर्याप्त सुविधा नहीं है।

रैन बसेरों में होना चाहिए यह सुविधाएं :

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत रैन बसेरा में टीवी, केबल कनेक्शन, बिस्तर, पलंग, चादर, तकिया, रजाई के साथ ही पानी की व्यवस्था, शौचालय व सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध होना चाहिए। लेकिन भिलाई नगर निगम व दुर्ग नगर निगम के रैन बसेरों में इनमें से एक भी सुविधा बेहतर नहीं हैं। जो कुछ हैं वह काम चलाऊ। यहां तक की कहीं-कहीं सामान ही पूरा नहीं है। नगर निगम जोन 2 के भिलाई कार्यालय में नया रैनबसेरा बनाया गया है। इसमें भी ताला लगा हुआ है। इसका सारा सामान बरसात के पानी सड़ गया है। क्योंकि पुराने रैनबसेरा में पानी टपकता था। और सारा सामान आज भी पुराने भवन में रखा है।

महापौर का कहना :

आप के माध्यम से मुझे रैनबसेरों की अव्यवस्थाओं के बारे में पता चला। लोगों के लिए प्रशासन द्वारा सभी प्रकार की व्यवस्थाएं रैनबसेरों में कई गई हैं। मैं पता करवाता हूं।

देवेन्द्र यादव, विधायक व महापौर, नगर निगम भिलाई