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Vehicle: वाहन की नहीं दी बीमित राशि, डेढ़ लाख हर्जाना

शुभांकर रॉय  | 12 Feb , 2019 09:24 PM
Vehicle: वाहन की नहीं दी बीमित राशि, डेढ़ लाख हर्जाना

दुर्ग। बीमित कराया गया डिलीवरी वाहन चोरी हो गया और कबाड़ हालत में तालाब में पड़ा मिला था। वाहन का बीमा होने के बावजूद किसी न किसी बात को लेकर बीमा कंपनी की ओर से पूरी राशि देने में आनाकानी की जाती रही। परेशान परिवादी ने जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया था। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष जीएन जांगड़े, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये एवं लता चंद्राकर ने परिवादी के पक्ष में फैसला सुनाया। फोरम ने टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी रायपुर तथा महेन्द्रा शो रूम एवं वर्कशॉप की ओर से शिवनाथ आटोमोबाइल प्रालि सुपेला के अधिकारियों को आदेश दिया कि वह वाहन मालिक परिवादी गौरव रूंगटा को आटो की क्षतिपूर्ति के एवज में 25 हजार एवं वाद व्यय खर्च के 2 हजार रुपए अदा करें।
परिवादी दीपक नगर दुर्ग निवासी गौरव रूंगटा ने अपने जीविकोपार्जन के लिए महिन्द्रा शो रूम से महिन्द्रा जीटी डिलीवरी वाहन 27 नवंबर 2015 को 3,61,870 रुपए में खरीदा तथा टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस से शो रूम संचालक द्वारा इंश्योरेंस करवाया गया था। प्रीमियम की राशि 23,014 रुपए भी परिवादी से लिए गए थे। परिवादी ने 85,870 रुपए जमा कराये थे। बाकी रकम नागरिक सहकारी बैंक दुर्ग से फायनेंस करवाई गई थी। 30 जुलाई 2016 की मध्य रात्रि को परिवादी की वाहन केलाबाड़ी दुर्ग से चोरी हो गई थी। इसकी रिपोर्ट थाना में भी की गई थी। टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा बीमित राशि नहीं दी गई। इसी दौरान चोरी हुआ वाहन के कलपुर्जे चोरों ने निकालकर नाले में गाड़ी को धकेल दिए थे। इंश्योरेंस कंपनी द्वारा वाहन को नाले से निकालकर गैरेज में पहुंचाया गया था। इसके बाद अब तक वाहन को बनाकर नहीं दिया गया था।