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दमिश्क प्रजाति के गुलाबों से महकेगा बस्तर और अमरकंटक 

आर पी सिंह  | 11 Feb , 2019 03:47 PM
दमिश्क प्रजाति के गुलाबों से महकेगा बस्तर और अमरकंटक 

रायपुर। बस्तर और अमरकंटक का इलाका अब जल्दी ही दमिश्क के गुलाबों की खुशबू से महकेगा। इसके तेल से किसानों को भी अच्छी आमदनी होगी। वैश्विक बाजार में इनकी कीमत 4 से 5 लाख रुपए प्रति किलो है।  इलाके से निर्यात भी बढ़ेगा। यहां हम ये भी बता दें कि दुनिया में दमिश्क के गुलाबों की बड़ी मांग  है। तो वहीं वेलेंटाइन डे जैसे मौकों पर इनकी डिमांड और भी ज्यादा हो जाती है।

7 हजार पौधे रोपे गए:

दमिश्क गुलाब वैसे तो गुलाब की उम्दा प्रजातियों में से एक है और प्रत्येक स्थान पर पाए जाते हैं, पर बस्तर में पहली बार इनकी खेती व्यापारिक दृष्टिकोण से की गई है। शुरुआत में इस प्रजाति के सात हजार पौधे रोपित किए गए हैं। धीरे -धीरे पूरे इलाके में किसानों को इसकी खेती से जोड़ा जाएगा। दमिश्क गुलाब की खेती की एक खासियत यह भी है कि इसकी खेती किसी प्रकार की मिट्टी में हो जाती है और पानी की आवश्यकता बहुत कम होती है। देहरादून क्षेत्र में किसान इसकी खेती को अपना चुके हैं और अच्छी आमदनी कर रहे हैं।

प्रति हेक्टेयर चार लाख की आमदनी :

दश्मिक गुलाब तेल ताजा फूलों के भाप आसवन द्वारा निकाला जाता है। गुलाब फूल 30 से 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होता है, जिसमें गुलाब तेल 750 ग्राम से एक किलोग्राम प्रति हेक्टेयर पैदा होता है। इसका मूल्य चार से पांच लाख रुपया है। इस तरह से किसान अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ कर सकते हैं।

उपलब्ध है विश्वव्यापी बाजार :

अच्छी गुणवत्ता के गुलाब के तेल की भारी मांग है । मां दंतेश्वरी हर्बल समूह ने विश्व की चुनिंदा कंपनियों के साथ इसे एक्सपोर्ट करने के करार किए हैं। निर्यात के क्षेत्र में अपनी बेहतरीन गुणवत्ता के कारण मां दंतेश्वरी हर्बल की अच्छी साख बनी हुई है।  कई कंपनियां आगे आकर दमिश्क के गुलाब के उत्पादों की खरीद हेतु करार करने को तैयार हैं।

वेलेंटाइन डे पर बढ़ जाती है मांग:

दमिश्क के सुगंधित गुलाबों की मांग वेलेंटाइन डे जैसे मौकों पर विदेशों के साथ ही साथ देश में भी बढ़ जाती है। इसके अलावा दरगाहों पर चढ़ाने और स्वागत समारोह में भी इनका जमकर उपयोग होता है। कुछ लोग इत्र भी बनाने के लिए इसका प्रयोग करते हैं।

औषधीय उपयोग भी :

गुलाब के पत्तों को मसलकर उसका गुलकंद भी बनाया जाता है। ये पौष्टिक होने के साथ ही साथ काफी फायदेमंद होता है।