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High Court : अल्टरनेटिव चिकित्सकों की एलोपैथिक प्रैक्टिस को लेकर हाईकोर्ट  ने किया राज्य शासन से जवाब तलब

आर पी सिंह  | 10 Jan , 2019 11:00 AM
High Court : अल्टरनेटिव चिकित्सकों की एलोपैथिक प्रैक्टिस को लेकर हाईकोर्ट  ने किया राज्य शासन से जवाब तलब

बिलासपुर। हाईकोर्ट की सीजे की डिविजनल बेंच ने 3 वर्षीय अल्टरनेटिव चिकित्सकों की प्रैक्टिश को लेकर 4 सप्ताह में जवाब मांगा है। बुधवार को ये नोटिस चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति अजय त्रिपाठी की डिविजनल बेंच ने जारी किया है।

क्या है पूरा मामला:

दरअसल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने एक जनहित याचिका दायर कर शिकायत की है। उसमें कहा गया है कि अल्टरनेटिव चिकित्सक एमबीबीएस चिकित्सकों की तरह एलोपैथी दवाइयां लिख रहे हैं जो नियम विरुद्ध है और आईएमए ने इस पर रोक लगाने की मांग की है।

याचिका में कहा गया है कि एलोपैथी दवाइयां लिखने का अधिकार सिर्फ एमबीबीएस डॉक्टर्स को है। सरकारी वकील के जवाब के बाद डिवीजन बेंच ने चार सप्ताह की मोहलत देते हुए शासन से गाइड लाइन की मांग की है।

कब हुई थी इसकी शुरुआत:

राज्य निर्माण के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा को बढ़ावा देने के लिए 3वर्षीय चिकित्सा पाठ्यक्रम की शुरुआत की थी। 3 वर्षीय अल्टरनेटिव प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों को बाद में शासकीय सेवा में ले लिया गया था। इस मामले में आईएमए ने कहा है कि अल्टरनेटिव चिकित्सक शासन के निर्देशों और गाइड लाइन का उल्लंघन कर रहे हैं। इसी याचिका पर उच्च न्यायालय ने ये नोटिस जारी किया है।