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पसान में धड़ल्ले से किया जा रहा चरस-गांजे का कारोबार 

रितेश गुप्ता  | 19 Jun , 2019 10:31 PM
पसान में धड़ल्ले से किया जा रहा चरस-गांजे का कारोबार 

पसान । पसान में स्मैक का कारोबार धड़ल्ले से किया जा रहा है। शहर सहित गांवों में बिक रही नशीली वस्तुएं युवाओं की जिंदगी तबाह कर रही हैं।  नगर में जगह-जगह खुलेआम स्मैक की बिक्री हो रही है। गली मोहल्लों में गांजा और चरस आसानी से मुहैया हो रहा है, लेकिन प्रशासन बेखबर है। बीते एक साल से नशे के कारोबारियों पर प्रशासनिक चाबुक नहीं चला हैं। पसान व  आसपास ग्रामीण क्षेत्र में कई वर्षों से गांजे का अवैध कारोबार खुलेआम हो रहा है। जानकारी के अनुसार गांजे और चरस का कारोबार रसूखदार और इन नशे को अधिकतर युवा एवं छोटे तबके के लोग कर रहे हैं। शहर में अवैध रूप से बिक रहे गांजे और चरस लोगों को जगह-जगह मुहैया कराई जा रही है। यहां  पसान ग्राम  में  आसानी से खुलेआम गांजा और चरस बेची जा रही हैं। पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने से बेखौफ  कारोबारी नशे के नाम पर मौत के सामान को खुले तौर से बांट रहे हैं। जब  पसान शहर में पुलिसिया कार्रवाई की यह स्थिति है तो गांवों में क्या होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। जानकारी के अनुसार शहर सहित ग्रामीण इलाकों में प्रति माह  3 लाख से अधिक के गांजा का कारोबार हो रहा हैं। नशा कारोबारियों की मानें तो रोजाना लगभग 8 से 10 हजार का गांजा और चरस बिक रहा है। इतनी बिक्री का एकमात्र कारण यह है कि यह कारोबार या तो पुलिस के संरक्षण में फल-फूल रहा है, या फिर पुलिस को इसकी जानकारी नहीं है।