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Employing Railway : रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर 10 लाख की ठगी 

शेख इमरान  | 12 Jan , 2019 04:34 PM
Employing Railway : रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर 10 लाख की ठगी 

अभनपुर।  रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर कांकेर के एक बेरोजगार युवक से दस लाख पैंसठ हजार रुपए ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक की शिकायत पर पुलिस ने दो शातिरों के खिलाफ चार सौ बीसी का केस दर्ज किया है। फिलहाल आरोपियों को गिरफ्तारी नहीं की गई है।

ऐसा हुआ ठगी

अभनपुर थाना प्रभारी कुंज बिहारी नांगे ने बताया कि कांकेर जिले के नरहरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुर्रूभाट निवासी किसान महेश्वर साहू (65) ने बताया कि दो साल पहले एक आदमी ने मोबाइल पर कॉल किया। उसने कहा कि आप के गांव में कोई शिक्षित बेरोजगार नौकरी करना चाहता हो तो उसकी रेलवे में नौकरी लग सकती है।

मार्कशीट, जाति, निवास व रोजगार कार्यालय के पंजीयन की फोटो कॉपी और 10 हजार रुपए लेकर अभनपुर में मिलो। झांसे में आकर महेश्वर ने अपने बेरोजगार बेटे ताराचंद साहू की नौकरी के लिए उसे साथ लेकर अभनपुर गया। वहां फोन करने पर बस स्टैंड में प्रदीप सिंह ठाकुर और सलीम खान मिले।

उन्होंने सभी दस्तावेज लेकर कहा कि आपके बेटे का चयन रेलवे के जूनियर क्लर्क के लिए हो सकता है, इसके लिए 6 लाख रुपए लगेंगे। नौकरी नहीं लगने पर पूरी राशि ब्याज समेत वापसी की गारंटी है।

खेत बेचकर, कर्ज लेकर दिए पैसे 

गरीब किसान महेश्वर ने बताया कि इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था नहीं होने की बात कहने पर ठगों ने कहा कि केंद्र सरकार की नौकरी है, यह किस्मत वालों को मिलती है। उनके चक्कर में आकर महेश्वर ने गांव की तीन एकड़ खेत बेचने का सौदा कर 2 लाख रुपये एडवांस दिया।

बाकी पैसा बैंक से कर्ज लेकर कुल छह लाख रुपए की व्यवस्था की। ठगों ने किश्तों में छह लाख रुपए ले लिए। पूरे पैसे देने के बाद जब महेश्वर ने ज्वाइनिंग लेटर की कॉपी मांगी की तो ठगों ने छह महीने के ट्रेनिंग और तीन महीने आब्जरवेशन पर रहने के बाद जनवरी 2017 तक पदस्थापना कराने की बात कही। इसके बाद कभी तीन तो कभी छह माह का समय बढ़ाकर टालते रहे।

परेशान होकर महेश्वर ने पैसा वापस करने दबाव बनाया तो ठगों ने ताराचंद का सलेक्शन होने की जानकारी दी और कहा कि पहले वाले साहब का दूसरी जगह पर तबादला हो गया है। इसके कारण अब रेट बढ़कर 10 लाख 50 हजार रुपये हो गया है, जो देना पड़ेगा। पूरे पैसे न देने पर पूर्व में दिए गए छह लाख भी डूब जाएंगे। इस तरह से ठगों ने ब्लैकमेलिंग कर दबाव बनाया। पैसा डूबने के डर से महेश्वर ने 10 लाख 65 हजार रुपये उनके बताए गए बैंक खाते में जमा करा दिए। वही पुलिस सूत्रों ने बताया कि मूलत गरियाबंद जिले के राजिम क्षेत्र के ग्राम दुतकइया निवासी सलीम खान और प्रदीप सिंह ठाकुर ने कई बेरोजगारों के परिजनों से फोन पर संपर्क कर इसी तरह से रेलवे समेत अन्य विभागों में नौकरी दिलाने का लालच देकर लाखों रुपये ठगे हैं। हालांकि अभी तक ठगी के शिकार महेश्वर साहू ने ही थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 34 के तहत अभनपुर थाने अपराध कायम कर लिया है।